पूर्व ओपनएआई वैज्ञानिक केविन वीइल ने रोबोट से लैब काम ऑटोमेट करने के लिए वॉर्प साइंसेज की की शुरुआत ओपनएआई के पूर्व विज्ञान प्रमुख केविन वीइल ने नई एआई स्टार्टअप वॉर्प साइंसेज लॉन्च की है, जिसे 21 करोड़ 50 लाख डॉलर की फंडिंग मिली है। यह कंपनी दवा खोज के लिए रोबोट के जरिए प्रयोगशाला कार्यों को स्वचालित करने का काम करेगी। ओपनएआई के पूर्व विज्ञान प्रमुख केविन वीइल ने वॉर्प साइंसेज नाम से एक नए उपक्रम की स्थापना की है। यह अत्याधुनिक एआई स्टार्टअप चिकित्सा अनुसंधान और दवा खोज के क्षेत्र में प्रयोगशाला के कामों को स्वचालित बनाने पर केंद्रित है। इस नई कंपनी ने रोबोट को प्रशिक्षित करने की दिशा में काम शुरू किया है ताकि शोधकर्ताओं द्वारा चिन्हित किए गए आशाजनक यौगिकों को तैयार और परखा जा सके। केविन वीइल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस स्टार्टअप और उसकी फंडिंग की घोषणा करते हुए बताया कि कंपनी ने 86.5 करोड़ डॉलर के मूल्यांकन पर 21.5 करोड़ डॉलर की पूंजी जुटाई है। फंडिंग और निवेशकों की भूमिका इस बड़े निवेश दौर का नेतृत्व लाइट्सस्पीड ने किया, जिसमें कई अन्य प्रमुख निवेशकों ने भी हिस्सा लिया। इस फंडिंग में आईवीपी, प्रेमजी इन्वेस्ट और लक्स कैपिटल जैसी दिग्गज निवेश संस्थाओं ने भी अपनी भागीदारी दर्ज कराई है। इतनी बड़ी शुरुआती पूंजी मिलने से कंपनी को अपने तकनीकी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और रोबोटिक लैब सिस्टम के विकास में तेजी लाने में मदद मिलेगी। भू-राजनीतिक जोखिमों से बचाव और रीशोरिंग विगत कई वर्षों से जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्र की कंपनियां अणुओं के हजारों अलग-अलग रूपों को संश्लेषित करने जैसे अत्यधिक श्रम वाले कार्यों को चीन के अनुबंधित संस्थानों जैसे कि वूक्सी ऐपटेक को सौंपती आई हैं। वॉर्प साइंसेज के माध्यम से केविन वीइल का मुख्य उद्देश्य इस कार्यप्रणाली को वापस अपने देश लाना है। इस पहल से संपूर्ण दवा विकास प्रक्रिया को भू-राजनीतिक आपूर्ति श्रृंखला के संभावित जोखिमों से सुरक्षित किया जा सकेगा। कैमरों और सेंसर से रोबोटों को ट्रेनिंग इस नई प्रणाली में स्टार्टअप के मानव रसायनज्ञ विशेष कैमरे और सेंसर वाले दस्ताने पहनकर काम करेंगे। इन मानव विशेषज्ञों की गतिविधियों के आधार पर रोबोटों को विभिन्न प्रयोगशाला कार्यों को सटीकता से पूरा करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। गीली प्रयोगशाला के कार्यों को स्वचालित करके यह कंपनी चौबीसों घंटे बिना रुके काम करने वाले रोबोटों के माध्यम से नई दवाओं की खोज की प्रक्रिया को उल्लेखनीय गति देना चाहती है। इसका आप पर असर यह स्टार्टअप तकनीक वैश्विक दवा अनुसंधान और आपूर्ति श्रृंखला को गहराई से प्रभावित करेगी। • दवा विकास की गति: रोबोटिक ऑटोमेशन के कारण नई दवाओं के अनुसंधान और परीक्षण में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा। • आपूर्ति श्रृंखला सुरक्षा: दवा निर्माण कार्यों को घरेलू स्तर पर लाने से चीन जैसे देशों पर निर्भरता घटेगी और भू-राजनीतिक जोखिम कम होंगे। • लागत प्रभाव: दवा अनुसंधान की प्रक्रिया सुगम होने से आने वाले समय में स्वास्थ्य सेक्टर में लागत का दबाव कम हो सकता है। • वैश्विक निवेशकों का रुख: इस क्षेत्र में भारी निवेश से एआई और रोबोटिक्स आधारित अन्य स्टार्टअप्स के लिए फंडिंग के रास्ते खुलेंगे। ऐसा क्यों हुआ पारंपरिक प्रयोगशालाओं में दवा अनुसंधान का काम अत्यधिक श्रम-प्रधान और धीमा होता है, जिसे ऑटोमेट करने की जरूरत महसूस की जा रही थी। • श्रम की अधिकता: हजारों अणुओं के परीक्षण के लिए अत्यधिक मानव श्रम और समय की आवश्यकता होती है जिसे रोबोट तेजी से कर सकते हैं। • आपूर्ति श्रृंखला की निर्भरता: चीनी फर्मों पर अत्यधिक निर्भरता ने भू-राजनीतिक तनाव के समय दवा विकास को जोखिम में डाल दिया था। • ओपनएआई का प्रभाव: केविन वीइल के पूर्व अनुभव और स्टार्टअप के प्रति निवेशकों के भारी विश्वास ने इस बड़ी फंडिंग को संभव बनाया। सवाल-जवाब 1. वॉर्प साइंसेज के संस्थापक कौन हैं? ओपनएआई के पूर्व विज्ञान प्रमुख केविन वीइल ने वॉर्प साइंसेज की शुरुआत की है। 2. इस स्टार्टअप को कितनी फंडिंग मिली है? कंपनी ने 86.5 करोड़ डॉलर के मूल्यांकन पर 21.5 करोड़ डॉलर की फंडिंग जुटाई है। 3. इस फंडिंग दौर का नेतृत्व किसने किया? इस निवेश दौर का नेतृत्व लाइट्सस्पीड ने किया, जिसमें अन्य निवेशकों ने भी हिस्सा लिया। 4. कंपनी मुख्य रूप से क्या काम करेगी? यह स्टार्टअप दवा खोज के लिए रोबोट के जरिए प्रयोगशाला के कार्यों को स्वचालित करने का काम करती है। 5. रोबोटों को लैब का काम कैसे सिखाया जाता है? मानव रसायनज्ञ कैमरे और सेंसर वाले दस्ताने पहनकर रोबोटों को विभिन्न प्रयोगशाला कार्यों का प्रशिक्षण देते हैं। https://trendkia.com/startups/former-openai-science-lead-kevin-weil-launches-warp-sciences-to-automate-lab-work-with-robots-50699 TrendKia — Har trend, sabse pehle.