# इंटरनेट के पुराने कोड पर मंडरा रहा बड़ा साइबर संकट, विशेषज्ञ ने दी कड़ी चेतावनी

> वेबसाइटों के पुराने ओपन सोर्स कोड में खामियां ढूंढने और उनका फायदा उठाने की रफ्तार अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता के चलते बहुत तेज हो गई है। हालिया सुरक्षा खामियों के बाद विशेषज्ञों का मानना है कि मैन्युअल पैचिंग के भरोसे रहना अब संभव नहीं होगा।

**Type:** article · **Category:** स्टार्टअप्स · **Published:** 2026-10-29 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/startups/intaraneta-ke-purane-koda-para-mndara-raha-bara-saibara-snkata-wiz-ke-tomer-schwartz-ne-di-chetavani-52836 · **Language:** Hindi
**Tags:** साइबर सुरक्षा, विज, गूगल, ओपनएआई, वेब डेवलपमेंट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस

ओपन सोर्स प्रोग्रामिंग भाषा में हाल ही में सामने आई दो गंभीर सुरक्षा कमियों ने दुनिया भर के तकनीकी तंत्र में हलचल पैदा कर दी है। दुनिया की लगभग 70 प्रतिशत वेबसाइटों को संचालित करने वाली इस भाषा में खामियां मिलने के बाद कई संगठनों को तत्काल अपने सिस्टम सुधारने पड़े, जबकि कुछ संस्थानों को सुरक्षा पैच लागू होने तक अपनी वेबसाइटों को अस्थायी रूप से बंद भी करना पड़ा। सुरक्षा तंत्र से जुड़े जानकारों का मानना है कि यह तो केवल शुरुआत है, क्योंकि आधुनिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता तकनीक अब नई सुरक्षा कमियों को खोजने और उनका दुरुपयोग करने की प्रक्रिया को पूरी तरह बदल रही है।

## संकट से निपटने की आंतरिक दौड़ और तकनीकी तालमेल
गूगल के स्वामित्व वाली कंपनी विज में एक्सपोजर मैनेजमेंट और ऐपसेक के सीटीओ तोमर श्वार्ट्ज इस तकनीकी संकट के समाधान में सीधे तौर पर शामिल रहे हैं। इस सुधार अभियान में ओपनएआई, शोध समूह कैलिफ तथा कोर डेवलपर्स की टीम ने एक साथ मिलकर दिन-रात काम किया ताकि इंटरनेट के बुनियादी ढांचे को बड़े नुकसान से बचाया जा सके। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि जब बुनियादी कोड में बड़े पैमाने पर कमजोरियां सामने आती हैं, तो उनसे निपटना कितना जटिल और समय लेने वाला काम बन जाता है।

## शुरुआती स्टार्टअप्स के लिए सुरक्षा रणनीति और पैचिंग की चुनौतियां
शुरुआती दौर के नए स्टार्टअप्स को अपने उत्पाद तैयार करते समय शुरुआत से ही सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखना अनिवार्य हो गया है। तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि कोड में आने वाली कमियों को इंसानी हाथों से एक-एक करके ठीक करने यानी मैन्युअल पैचिंग की पद्धति अब बड़े पैमाने पर काम नहीं कर सकती। चूंकि स्वचालित उपकरण और एआई मॉडल अब पुराने कोड की कमजोरियों को बहुत कम समय में भांप लेते हैं, इसलिए सॉफ्टवेयर सुरक्षा की रणनीति को भी उसी गति से आधुनिक और स्वचालित बनाना जरूरी हो गया है।

## इसका आप पर असर
इंटरनेट के बुनियादी ढांचे में सुरक्षा कमियों से वेबसाइट्स और उपयोगकर्ताओं के निजी डेटा पर सीधा असर पड़ सकता है।

- **वेबसाइट संचालकों के लिए:** पुराने सॉफ्टवेयर घटकों को तुरंत अपडेट करना अनिवार्य हो गया है। ऐसा न करने पर साइट्स पर हैकिंग या डेटा चोरी का खतरा बढ़ सकता है।
- **इंटरनेट उपयोगकर्ताओं के लिए:** कई प्रमुख ऑनलाइन सेवाएं सुरक्षा सुधार के चलते कुछ समय के लिए ऑफलाइन हो सकती हैं। उपयोगकर्ताओं को अपने महत्वपूर्ण खातों के पासवर्ड और सुरक्षा सेटिंग्स की निगरानी रखनी चाहिए।
- **सॉफ्टवेयर डेवलपर्स के लिए:** कोडिंग के दौरान मैन्युअल समीक्षा के बजाय स्वचालित सुरक्षा जांच अपनानी होगी। कोड लिखते समय पहले दिन से ही सुरक्षा मानकों को लागू करना जरूरी है।
- **तकनीकी स्टार्टअप्स के लिए:** सुरक्षा को बाद का विषय मानने के बजाय शुरुआती बजट में ही शामिल करना होगा। बुनियादी ढांचे की नियमित निगरानी न होने पर बाद में भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
इंटरनेट के एक बड़े हिस्से को चलाने वाले पुराने ओपन सोर्स कोड में हाल ही में दो गंभीर खामियां खोजी गईं। इन कमजोरियों के उजागर होने से पूरी दुनिया के सर्वर सिस्टम्स पर बड़ा साइबर खतरा पैदा हो गया था।

- **मूल कारण:** दुनिया की लगभग 70 प्रतिशत वेबसाइट्स को आधार देने वाली ओपन सोर्स प्रोग्रामिंग भाषा में दो गंभीर सुरक्षा कमियां मिलीं। इन कमियों की वजह से कई संगठनों को अपने सिस्टम्स तत्काल सुरक्षित करने पड़े।
- **एआई की बढ़ती भूमिका:** कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मदद से जटिल कोड की छिपी हुई कमजोरियों को ढूंढना और उनका दुरुपयोग करना पहले से कहीं ज्यादा तेज हो गया है। इसी कारण सुरक्षा तंत्र पर दबाव कई गुना बढ़ गया है।
- **सामूहिक बचाव प्रयास:** समस्या की गंभीरता को देखते हुए विज, ओपनएआई, शोध समूह कैलिफ और कोर तकनीकी टीम ने मिलकर सुधार कार्य किया। समय पर पैच जारी करके बड़े पैमाने पर इंटरनेट सेवाओं के ठप होने का जोखिम टाला गया।

## सवाल-जवाब

### 1. हालिया तकनीकी संकट की मुख्य वजह क्या थी?
दुनिया की लगभग 70 प्रतिशत वेबसाइटों को संचालित करने वाली ओपन सोर्स प्रोग्रामिंग भाषा में दो गंभीर सुरक्षा कमियां पाई गई थीं।

### 2. खामियां सामने आने के बाद संगठनों ने क्या कदम उठाए?
संगठनों ने अपने सिस्टम्स को तुरंत दुरुस्त किया और कुछ ने पैच लागू होने तक अपनी वेबसाइटों को अस्थायी रूप से ऑफलाइन रखा।

### 3. इस समस्या के समाधान में कौन से प्रमुख समूह शामिल रहे?
विज के तोमर श्वार्ट्ज, ओपनएआई, शोध समूह कैलिफ और कोर तकनीकी टीम ने मिलकर इन सुरक्षा कमियों को ठीक किया।

### 4. विशेषज्ञों के अनुसार मैन्युअल पैचिंग अब क्यों कारगर नहीं है?
एआई की मदद से सुरक्षा कमियां बहुत तेजी से खोजी जा रही हैं, जिससे इंसानी हाथों से एक-एक करके कोड ठीक करना व्यावहारिक नहीं रह गया है।

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