# पियरएक्स डेमो डे में निवेशकों को लुभाने वाले 5 नए स्टार्टअप, चिप डिजाइन से लेकर एआई एस्टेट प्लानिंग तक दिखा दम

> सैन फ्रांसिस्को में संपन्न हुए पियरएक्स के ताजा डेमो डे में शामिल 16 स्टार्टअप्स में से 5 कंपनियों ने हार्डवेयर, रोबोटिक्स और प्राइवेसी आधारित एआई नवाचारों से वेंचर कैपिटलिस्ट्स का विशेष ध्यान आकर्षित किया।

**Type:** article · **Category:** स्टार्टअप्स · **Published:** 2026-10-05 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/startups/pearx-demo-de-men-niveshakon-ko-lubhane-vale-5-nae-startaapa-chipa-dijaina-se-lekara-ai-esteta-planinga-taka-dikha-dama-43548 · **Language:** Hindi
**Tags:** पियरएक्स, पियर वीसी, स्टार्टअप्स, वेंचर कैपिटल, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर चिप, सिलिकॉन वैली, डेमो डे

शुरुआती दौर के स्टार्टअप्स को तराशने के लिए दुनिया भर में कई एक्सीलेटर कार्यक्रम सक्रिय हैं, लेकिन सिलिकॉन वैली के शीर्ष निवेशक चुनिंदा कार्यक्रमों पर ही नजर बनाए रखते हैं। प्री-सीड और सीड स्तर पर निवेश करने वाली फर्म पियर वीसी द्वारा संचालित पियरएक्स ऐसा ही एक जाना-माना मंच है। यह 12 सप्ताह लंबा कार्यक्रम अपने हर बैच में अधिकतम 20 स्टार्टअप्स को ही जगह देता है। सैन फ्रांसिस्को में आयोजित ताजा डेमो डे में शामिल 16 कंपनियों में से पांच नवाचार ऐसे रहे, जिन्होंने उद्योग के शीर्ष वेंचर कैपिटलिस्ट्स के बीच खास चर्चा बटोरी। इन स्टार्टअप्स ने 3डी वर्ल्ड मॉडल, ऑन-डिवाइस चिप आर्किटेक्चर, प्राइवेसी-केंद्रित पर्सनल असिस्टेंट, डिजिटल एस्टेट प्लानिंग और इंडस्ट्रियल 3डी डिजाइन सर्च जैसे क्षेत्रों में नई दिशाएं पेश की हैं।

## पियरएक्स मॉडल और पूर्व बैच की उपलब्धियां
पियरएक्स की पहचान सिर्फ चुनिंदा बैच साइज तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका ढांचा पारंपरिक एक्सीलेटरों से काफी अलग है। पारंपरिक रूप से मशहूर वाई कॉम्बिनेटर जैसे कार्यक्रमों में मानकीकृत नियम और निश्चित निवेश शर्तें होती हैं, जबकि पियरएक्स प्रत्येक कंपनी के अनुसार अलग शर्तें तय करता है। इस कार्यक्रम के तहत मिलने वाला निवेश 2 मिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। इसके अलावा, जहां अन्य मंचों पर चर्चा में रहने वाले स्टार्टअप कार्यक्रम समाप्त होने से पहले ही फंड जुटाने की घोषणा कर देते हैं, वहीं पियरएक्स अपने प्रतिभागियों की जानकारी डेमो डे तक पूरी तरह गोपनीय रखने का रुख अपनाता है।

इस मंच के पुराने प्रतिभागियों का ट्रैक रिकॉर्ड भी काफी मजबूत रहा है। हालिया बैचों से निकली कंपनियों में नोन शामिल है, जो वॉइस एआई की मदद से लोगों को आमने-सामने की मुलाकातों के लिए जोड़ती है और फोररनर वेंचर्स से फंडिंग हासिल कर चुकी है। वहीं दूसरी कंपनी एंडेरा है, जो कॉर्पोरेट ऑडिट और नियमों की निगरानी से जुड़े कामों को ऑटोमेट करती है। एंडेरा ने इस साल की गर्मियों में लाइटस्पीड से 37 मिलियन डॉलर का सीरीज ए फंड जुटाया था। इस सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए हालिया डेमो डे में भी निवेशकों की नजरें कुछ चुनिंदा नामों पर टिकी रहीं।

## स्पेरिडलैब्स: 3डी स्पेस के लिए वर्ल्ड मॉडल
रोबोटिक्स, वीडियो गेमिंग और स्पेशल इफेक्ट्स के क्षेत्र में बुनियादी 3डी मॉडल तैयार करने के उद्देश्य से स्पेरिडलैब्स ने मंच पर अपनी दावेदारी पेश की। जिस तरह लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स ने भाषा के उपयोग को पूरी तरह बदल दिया, उसी तर्ज पर यह स्टार्टअप 3डी स्पेस के लिए वर्ल्ड मॉडल विकसित कर रहा है। हालांकि इस दौड़ में रनवे, ओडिसी और गूगल का जेनी जैसे स्थापित नाम पहले से मौजूद हैं, लेकिन स्पेरिडलैब्स का तर्क है कि उन मॉडलों में बदलाव करना या उनसे सीधी पूछताछ करना आसान नहीं होता।

इस तकनीकी कमी को दूर करने के लिए कंपनी ने मुंडस नाम से एक सिस्टम तैयार किया है। स्टार्टअप इसे 3डी का मिडजर्नी बताता है, क्योंकि इसमें किसी हिस्से को बदलने पर भी पूरी ज्यामितीय संरचना स्थिर बनी रहती है। यह निरंतरता गेम डेवलपर्स और रोबोटिक्स इंजीनियरों को बिना ढांचा बिगड़े डिजिटल पर्यावरण को दोबारा डिजाइन करने की सुविधा देती है।

## साया: ऑन-डिवाइस इन्फरेंस के लिए नई चिप तकनीक
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की आधुनिक दौड़ में हार्डवेयर स्तर पर सबसे बड़ी चुनौती बिजली की भारी खपत और महंगे मेमोरी कंपोनेंट्स की किल्लत है। एनवीडिया के जीपीयू और गूगल के टीपीयू को ऐसी मेमोरी की जरूरत होती है जो बेहद खर्चीली और दुर्लभ है। इस समस्या से निपटने के लिए साया ने एक ऐसी चिप तैयार करने का दावा किया है जो पारंपरिक मेमोरी की जरूरत को खत्म कर सीधे फ्लैश स्टोरेज से एआई इन्फरेंस चलाती है।

कंपनी के अनुसार, उसका यह हार्डवेयर एनवीडिया के मशहूर स्थानीय एआई बोर्ड जेटसन की तुलना में चार गुना कम बिजली की खपत करता है, जबकि इसकी क्षमता आठ गुना अधिक है और गति भी काफी तेज है। केवल 20 वर्ष की आयु में संस्थापक अयान गोविल ने पियर वीसी की सह-संस्थापक मार हर्शेनसन को इस विचार में भागीदार बनने के लिए आश्वस्त किया। सर्किट डिजाइन में पीएचडी और सेमीकंडक्टर इंजीनियर रह चुकीं हर्शेनसन के समर्थन के साथ साया तेजी से आगे बढ़ रही है। कंपनी मेमोरी एकीकरण को लेकर सैमसंग से बातचीत कर रही है, अगले साल टेस्ट चिप्स के फैब्रिकेशन की योजना है और 2028 तक बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।

## रेन: प्राइवेसी और सुरक्षा पर केंद्रित पर्सनल एआई असिस्टेंट
स्मार्टफोन और डिजिटल जीवन में निजी सचिव की भूमिका निभाने वाले एआई टूल्स की संख्या लगातार बढ़ रही है। रेन इस बाजार में म्यूज और इंस्टिंक्ट जैसे मौजूदा विकल्पों के सामने एक अधिक सुरक्षित विकल्प बनकर उभरा है। इस स्टार्टअप का पूरा जोर उपयोगकर्ताओं की प्राइवेसी की सुरक्षा पर है। कंपनी का दावा है कि वह डेटा को जहां तक संभव हो ऑन-डिवाइस ही रखती है और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित प्राइवेट क्लाउड का इस्तेमाल करती है, जहां हर काम यूजर द्वारा तय की गई सख्त सीमाओं के तहत परखा जाता है।

इसके अलावा, रेन की एक और खासियत इसका वॉइस आर्किटेक्चर है। कई प्रतिस्पर्धी प्लेटफॉर्म फोन कॉल करने जैसे कामों के लिए इंसानी ऑपरेटरों की मदद लेते हैं, जिससे यूजर की निजी जानकारी लीक होने का जोखिम रहता है। इसके विपरीत रेन पूरी तरह से ऑटोमेटेड वॉइस सिस्टम पर काम करता है, जिससे इंसानी दखल पूरी तरह बाहर रहता है और प्राइवेसी बरकरार रहती है।

## वेरोस: एआई आधारित ट्रस्ट और संपत्ति प्रबंधन
पारिवारिक ट्रस्ट बनाना और वसीयत या संपत्ति का कानूनी प्रबंधन करना हमेशा से एक महंगा और जटिल काम रहा है। सामान्य तौर पर इसमें वकीलों, वेल्थ मैनेजरों और ट्रस्ट प्रशासकों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इस लंबी प्रक्रिया को डिजिटल रूप से आसान बनाने के लिए वेरोस सामने आया है। यह स्टार्टअप एआई की मदद से ट्रस्ट के कानूनी ढांचे की सिफारिश करता है और संपत्ति के पूरे जीवनकाल में उसके प्रबंधन को सुव्यवस्थित करता है।

वर्तमान में वेरोस 250 मिलियन डॉलर की एसेट्स अंडर मैनेजमेंट संभाल रहा है। इसके साथ ही स्टार्टअप औपचारिक ट्रस्ट चार्टर हासिल करने की प्रक्रिया में भी लगा हुआ है, ताकि वह खुद एक अधिकृत और विनियमित ट्रस्ट कंपनी के रूप में कानूनी संचालन कर सके। इससे ग्राहकों को पारंपरिक वित्तीय संस्थानों की तुलना में कम लागत पर स्वचालित सेवाएं मिल सकेंगी।

## डेटम: इंडस्ट्रियल डिजाइन के लिए डिजिटल इंजीनियर
भौतिक उत्पादों के निर्माण और इंजीनियरिंग में नया मॉडल डिजाइन करते समय अक्सर पुरानी इंजीनियरिंग फाइलों को दोबारा खोजना एक बड़ी चुनौती होती है। डेटम किसी कंपनी की 3डी डिजाइन लाइब्रेरी को व्यवस्थित और इंडेक्स करके इस प्रक्रिया को तेज बनाना चाहता है। इसके जरिए इंजीनियर यह आसानी से ढूंढ सकते हैं कि उन्होंने या उनकी टीम ने अतीत में क्या तैयार किया था।

इस काम के लिए स्टार्टअप ने अपनी खास जियोमेट्रिक फिंगरप्रिंट तकनीक विकसित की है। यह तकनीक किसी भी पुर्जे या पार्ट को उसके भौतिक आकार के आधार पर तुरंत पहचान लेती है। इससे कंपनियों को दोबारा पहिया बनाने की जरूरत नहीं पड़ती और भारी उद्योगों में जटिल भौतिक डिजाइनों के विकास का समय और खर्च काफी घट जाता है।

## इसका आप पर असर
यह तकनीकी नवाचार दिखाता है कि एआई अब केवल चैटबॉट्स तक सीमित न रहकर भौतिक चिप्स, कानूनी ट्रस्ट और 3डी विनिर्माण के रोजमर्रा के खर्चों को कम करने की दिशा में बढ़ रहा है।

- **हार्डवेयर और डिवाइस पर असर:** साया जैसी कंपनियों के ऑन-डिवाइस चिप्स भविष्य के स्मार्टफोन्स और रोबोट्स में बिना महंगे क्लाउड सब्सक्रिप्शन के तेज एआई फीचर्स दे सकते हैं। इससे आने वाले वर्षों में व्यक्तिगत उपकरणों में डेटा प्रोसेसिंग सस्ती और तेज हो सकेगी।
- **डिजिटल प्राइवेसी में सुरक्षा:** रेन जैसे पूरी तरह ऑटोमेटेड असिस्टेंट्स से उपयोगकर्ताओं की निजी कॉल या डेटा पर किसी अज्ञात इंसान की नजर नहीं पड़ेगी। संवेदनशील कामों और शेड्यूल बुकिंग में प्राइवेसी उल्लंघन का खतरा खत्म होगा।
- **वित्तीय और कानूनी प्लानिंग:** वेरोस जैसे प्लेटफॉर्म्स के जरिए मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए ट्रस्ट और वसीयत बनाना सस्ता व सुलभ हो सकता है। वकीलों की भारी फीस चुकाए बिना संपत्ति का लंबे समय तक सुरक्षित प्रबंधन संभव होगा।
- **इंजीनियरिंग और विनिर्माण की लागत:** डेटम की 3डी खोज प्रणाली से औद्योगिक पुर्जों के दोबारा डिजाइन होने का समय बचेगा। इससे हार्डवेयर उपकरणों का निर्माण तेजी से होगा और उपभोक्ताओं तक नए उत्पाद कम लागत में पहुंच सकेंगे।

## ऐसा क्यों हुआ
यह रुझान इसलिए सामने आया है क्योंकि वेंचर कैपिटल निवेशक अब सामान्य भाषा मॉडल से हटकर उन समस्याओं पर दांव लगा रहे हैं जहां मौजूदा बुनियादी ढांचा कम पड़ रहा है। महंगे जीपीयू की कमी, प्राइवेसी से जुड़े खतरे और अत्यधिक कानूनी व इंजीनियरिंग खर्च ने इन विशिष्ट समाधानों की मांग पैदा की है।

- **मेमोरी और चिप की भारी किल्लत:** एनवीडिया और गूगल के बड़े चिप्स महंगी मेमोरी पर निर्भर हैं, जिसकी बाजार में सीमित आपूर्ति है। इसी वजह से साया जैसे स्टार्टअप्स ने फ्लैश स्टोरेज से सीधे एआई चलाने का वैकल्पिक मार्ग चुना है।
- **डेटा सुरक्षा की बढ़ती चिंताएं:** मौजूदा पर्सनल असिस्टेंट्स में कई बार कॉल्स के लिए मानव ऑपरेटरों की मदद ली जाती है, जिससे डेटा गोपनीयता पर सवाल उठते हैं। रेन ने इस सुरक्षा खामी को खत्म करने के लिए पूरी तरह ऑटोमेटेड मॉडल तैयार किया।
- **3डी स्पेस में एडिट की कमी:** मौजूदा वर्ल्ड मॉडल वीडियो तो बना लेते हैं लेकिन उनमें किसी हिस्से को बदले बिना पूरा सीन स्थिर रखना संभव नहीं था। स्पेरिडलैब्स ने इसी तकनीकी रुकावट को दूर करने के लिए मुंडस विकसित किया।
- **पारंपरिक सेवाओं की ऊंची फीस:** ट्रस्ट बनाना और औद्योगिक डिजाइन का पुराना डेटा खोजना बहुत धीमा और खर्चीला काम रहा है। वेरोस और डेटम ने इन पुराने तौर-तरीकों को ऑटोमेशन से हल करने का व्यावहारिक रास्ता अपनाया।

## सवाल-जवाब

### 1. पियरएक्स कार्यक्रम क्या है और यह दूसरों से कैसे अलग है?
पियरएक्स पियर वीसी द्वारा संचालित एक 12 सप्ताह का स्टार्टअप एक्सीलेटर है, जिसमें अधिकतम 20 कंपनियां शामिल होती हैं। यह 2 मिलियन डॉलर तक का लचीला निवेश देता है और डेमो डे तक प्रतिभागियों को गोपनीय रखता है।

### 2. साया चिप की मुख्य तकनीकी खासियत क्या है?
साया पारंपरिक महंगी मेमोरी के बजाय सीधे फ्लैश स्टोरेज से एआई चलाती है। यह एनवीडिया के जेटसन की तुलना में चार गुना कम बिजली की खपत और आठ गुना अधिक क्षमता देने का दावा करती है।

### 3. स्पेरिडलैब्स का मुंडस सिस्टम अन्य 3डी मॉडलों से अलग क्यों है?
रनवे या गूगल जेनी जैसे प्रतिस्पर्धियों के विपरीत, मुंडस में किसी भी हिस्से को बदलने पर उसकी पूरी ज्यामितीय संरचना स्थिर रहती है और इसमें आसानी से बदलाव किए जा सकते हैं।

### 4. रेन पर्सनल असिस्टेंट प्राइवेसी की रक्षा कैसे करता है?
रेन डेटा को ऑन-डिवाइस या सुरक्षित प्राइवेट क्लाउड में रखता है और फोन कॉल जैसे कामों के लिए इंसानी ऑपरेटरों के बजाय पूरी तरह ऑटोमेटेड वॉइस सिस्टम का उपयोग करता है।

### 5. वेरोस स्टार्टअप क्या काम करता है?
वेरोस एआई की मदद से ट्रस्ट और एस्टेट प्लानिंग की जटिल कानूनी प्रक्रियाओं को आसान बनाता है। यह वर्तमान में 250 मिलियन डॉलर की संपत्ति प्रबंधित कर रहा है।

### 6. डेटम की जियोमेट्रिक फिंगरप्रिंट तकनीक क्या करती है?
डेटम कंपनियों की पुरानी 3डी डिजाइन फाइलों को उनके आकार के आधार पर तुरंत पहचानता है, जिससे इंजीनियरों को नए पुर्जे दोबारा डिजाइन करने में समय बर्बाद नहीं करना पड़ता।

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