प्राकृतिक स्रोतों से दवा खोजने वाली एन्वेडा ने जुटाए $311 मिलियन, मूल्यांकन पहुंचा $2 बिलियन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से पौधों और सूक्ष्मजीवों से नई दवाएं तैयार करने वाले बायोटेक स्टार्टअप एन्वेडा ने नई फंडिंग हासिल कर अपना मूल्यांकन दोगुना कर लिया है। प्राकृतिक दुनिया में छिपे औषधीय तत्वों को आधुनिक तकनीक से खोजने की दिशा में काम कर रहे बायोटेक स्टार्टअप एन्वेडा ने अपनी सीरीज़ ई फंडिंग राउंड में 311 मिलियन डॉलर जुटाए हैं। इस नए निवेश दौर के बाद कंपनी का कुल मूल्यांकन बढ़कर 2 बिलियन डॉलर के स्तर पर पहुंच गया है। कैटालियो कैपिटल मैनेजमेंट के नेतृत्व में पूरे हुए इस फंडिंग राउंड में आइकोनिक सहित कई अन्य निवेशकों ने भी भागीदारी निभाई। यह नया मूल्यांकन पिछले 12 महीनों में कंपनी के हासिल किए गए मूल्य से ठीक दोगुना है। लैब संश्लेषण के बजाय प्रकृति से दवा खोजने का मॉडल आमतौर पर फार्मास्युटिकल उद्योग में दवाओं को प्रयोगशालाओं के भीतर पूरी तरह से कृत्रिम रूप से संश्लेषित किया जाता है। इसके विपरीत, एन्वेडा का मुख्य आधार यह है कि सबसे असरदार दवाएं पौधों और सूक्ष्मजीवों के प्राकृतिक अणुओं से तैयार की जा सकती हैं। रिकर्शन फार्मास्युटिकल्स के शुरुआती कर्मचारियों में शामिल रहे विश्व कोल्लुरु ने 2019 में इस स्टार्टअप की नींव रखी थी। इसका प्राथमिक उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उन्नत कम्प्यूटेशनल तकनीकों की मदद से प्राकृतिक स्रोतों से नई दवाएं खोजने की प्रक्रिया को पहले से कहीं अधिक तेज बनाना है। क्लीनिकल परीक्षणों में आगे बढ़ते उम्मीदवार हालांकि स्वास्थ्य क्षेत्र में अब तक एआई द्वारा खोजी गई किसी भी दवा को एफडीए की अंतिम मंजूरी नहीं मिली है, लेकिन एन्वेडा उन चुनिंदा कंपनियों में शामिल हो चुकी है जो अपने एआई-आधारित ड्रग कैंडिडेट्स को इंसानी क्लीनिकल परीक्षणों के चरण तक ले जाने में सफल रही हैं। यह स्टार्टअप वर्तमान में मरीजों पर कई अलग-अलग दवाओं का परीक्षण कर रहा है। इनमें से एक दवा गंभीर त्वचा रोगों के इलाज पर केंद्रित है, जबकि दूसरी दवा जीएलपी-1 दवाओं को बंद करने के बाद मरीजों में घटे हुए वजन को दोबारा बढ़ने से रोकने में मदद करने के लिए बनाई गई है। इसका आप पर असर बायोटेक और एआई के इस तालमेल से आने वाले समय में गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए प्राकृतिक तत्वों पर आधारित नई दवाएं तेजी से उपलब्ध हो सकती हैं। • मरीजों के लिए विकल्प: प्राकृतिक स्रोतों से बनने वाली दवाएं उन लोगों के लिए नए इलाज ला सकती हैं जो लंबे समय से गंभीर त्वचा रोगों से जूझ रहे हैं। यह शोध सीधे तौर पर मौजूदा चिकित्सा पद्धतियों की कमियों को दूर करने पर केंद्रित है। • वजन प्रबंधन में मदद: मोटापा घटाने वाली जीएलपी-1 दवाओं को छोड़ने के बाद अक्सर वजन दोबारा बढ़ने की समस्या सामने आती है। एन्वेडा की परीक्षणधीन दवा सफल रहने पर ऐसे मरीजों को वजन नियंत्रित रखने का स्थायी समाधान दे सकती है। • दवा निर्माण की गति: कृत्रिम बुद्धिमत्ता के इस्तेमाल से वर्षों लगने वाली दवा खोज प्रक्रिया काफी कम समय में पूरी हो सकेगी। इससे दुर्लभ और जटिल बीमारियों के इलाज पहले की तुलना में तेजी से विकसित किए जा सकेंगे। • निवेश और रोजगार: बायोटेक उद्योग में भारी पूंजी प्रवाह से क्लिनिकल रिसर्च और स्वास्थ्य विज्ञान के क्षेत्र में नए तकनीकी अवसर खुलेंगे। इससे भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और अनुसंधान के दायरे में विस्तार होगा। ऐसा क्यों हुआ पारंपरिक रासायनिक संश्लेषण की तुलना में प्राकृतिक दुनिया के जटिल रासायनिक अणुओं को डिकोड करने के लिए आधुनिक कम्प्यूटेशनल टूल्स की क्षमता बढ़ने से यह बड़ा निवेश संभव हुआ है। • प्रकृति की विशाल अप्रयुक्त क्षमता: पौधे और सूक्ष्मजीव सदियों से जैविक रूप से सक्रिय यौगिकों के समृद्ध स्रोत रहे हैं, लेकिन उनकी पहचान करना अत्यधिक जटिल काम था। एआई एल्गोरिदम अब इन प्राकृतिक अणुओं को रिकॉर्ड गति से छांटने और समझने में सक्षम हो गए हैं। • क्लीनिकल चरण में प्रगति: केवल सैद्धांतिक खोज तक सीमित रहने के बजाय कंपनी ने अपने उम्मीदवारों को वास्तविक इंसानी परीक्षणों तक पहुंचाया है। त्वचा रोग और वजन नियंत्रण जैसे उच्च मांग वाले क्षेत्रों में चल रहे परीक्षणों ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया। • मजबूत नेतृत्व और ट्रैक रिकॉर्ड: संस्थापक विश्व कोल्लुरु के पास पहले से स्थापित कम्प्यूटेशनल बायोलॉजी कंपनियों का अनुभव रहा है। इस विशेषज्ञता ने अग्रणी निवेश फर्मों को एक साल के भीतर कंपनी का मूल्यांकन दोगुना करने के लिए प्रेरित किया। सवाल-जवाब 1. एन्वेडा ने नए फंडिंग राउंड में कितनी राशि जुटाई है? कंपनी ने सीरीज़ ई फंडिंग राउंड में 311 मिलियन डॉलर की नई पूंजी जुटाई है। 2. इस नए निवेश के बाद कंपनी का कुल मूल्यांकन कितना हो गया है? नए फंडिंग राउंड के बाद एन्वेडा का मूल्यांकन दोगुना होकर 2 बिलियन डॉलर पहुंच गया है। 3. एन्वेडा दवा खोज के लिए किस तकनीक और स्रोत का उपयोग करती है? यह बायोटेक स्टार्टअप पौधों और सूक्ष्मजीवों से नई दवाएं खोजने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कम्प्यूटेशनल तकनीकों का उपयोग करता है। 4. कंपनी की स्थापना कब और किसने की थी? एन्वेडा की स्थापना 2019 में विश्व कोल्लुरु ने की थी, जो इससे पहले रिकर्शन फार्मास्युटिकल्स से जुड़े थे। 5. वर्तमान में कंपनी किन बीमारियों के इलाज के लिए दवाएं टेस्ट कर रही है? कंपनी मरीजों में गंभीर त्वचा रोगों और जीएलपी-1 दवाएं बंद करने के बाद वजन को स्थिर बनाए रखने के लिए दवाओं का परीक्षण कर रही है। 6. क्या किसी एआई-आधारित दवा को अब तक एफडीए की मंजूरी मिली है? स्वास्थ्य क्षेत्र में अब तक एआई द्वारा खोजी गई किसी भी दवा को एफडीए से अंतिम स्वीकृति नहीं मिली है। प्रेरणा और सबक पारंपरिक औषधीय ज्ञान को अत्याधुनिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता के साथ जोड़कर एक वैज्ञानिक और उद्यमी ने चिकित्सा अनुसंधान की दिशा बदल दी। • अन्वेषण की नई दृष्टि: प्रकृति में मौजूद समाधानों को नजरअंदाज करने के बजाय आधुनिक तकनीक से उनका विश्लेषण कर नए रास्ते तलाशे जा सकते हैं। पुरानी प्रणालियों को खारिज करने के बजाय उन्हें उन्नत उपकरणों के साथ पुनः परखना चाहिए। • सिद्धांत से क्रियान्वयन का सफर: सिर्फ सॉफ्टवेयर या एल्गोरिदम बनाना ही अंतिम मंजिल नहीं है, बल्कि शोध को वास्तविक दुनिया की समस्याओं के समाधान तक ले जाना जरूरी है। वास्तविक क्लीनिकल परीक्षणों में उतरना ही सच्ची प्रगति तय करता है। • दीर्घकालिक विजन पर अडिग रहना: कठिन और जोखिम भरे बायोटेक क्षेत्र में 2019 से लगातार काम करते हुए कंपनी ने अपनी क्षमता साबित की। धैर्य और निरंतरता से ही जटिल वैज्ञानिक चुनौतियों को व्यावसायिक सफलता में बदला जा सकता है। https://trendkia.com/startups/prakritika-sroton-se-dava-khojane-vali-enveda-ne-jutae-311-miliyana-mulyankana-pahuncha-2-biliyana-37756 TrendKia — Har trend, sabse pehle.