प्रिज्मएमएल ने बोनसाई 2 मॉडल पेश कर फोन और कंप्यूटर पर एआई चलाने की राह खोली कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के शोधकर्ताओं द्वारा स्थापित प्रिज्मएमएल ने अलीबाबा के बड़े मॉडल को 5.9 जीबी में सिकोड़कर व्यक्तिगत उपकरणों पर चलाने लायक बना दिया है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई की दुनिया में बड़े लैंग्वेज मॉडल्स को चलाने के लिए आमतौर पर विशाल डेटा सेंटर्स और महंगे सर्वर हार्डवेयर की जरूरत होती है, लेकिन कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के शोधकर्ताओं द्वारा स्थापित स्टार्टअप प्रिज्मएमएल इस धारणा को पूरी तरह बदलने में जुटा है। कंपनी का मानना है कि उच्च क्षमता वाले और तर्क करने में सक्षम मॉडल्स का आकार में विशाल होना अनिवार्य नहीं है। इसी सोच के तहत कंपनी ने अपना नया मॉडल बोनसाई 2 27B पेश किया है, जो व्यक्तिगत कंप्यूटरों और उच्च श्रेणी के स्मार्टफोन्स पर सीधे काम करने की क्षमता रखता है। यह तकनीक उपयोगकर्ताओं के निजी उपकरणों पर बिना इंटरनेट या क्लाउड कनेक्टिविटी के आधुनिक एआई क्षमताएं उपलब्ध करा सकती है। मेमोरी में भारी कटौती और अलीबाबा के मॉडल का नया रूप प्रिज्मएमएल का नवीनतम रिलीज बोनसाई 2 27B वास्तव में चीनी कंपनी अलीबाबा के लोकप्रिय ओपन सोर्स मॉडल कवेन3.8 27B पर आधारित है। कंपनी की अत्याधुनिक तकनीक ने इस विशाल मॉडल को सिकोड़कर केवल 5.9 जीबी आकार का बना दिया है। मूल मॉडल की तुलना में यह मेमोरी खपत में 9 गुना से लेकर 10 गुना तक की भारी कमी दर्शाता है। आकार इतना कम हो जाने के कारण इसे अब सामान्य डेस्कटॉप कंप्यूटरों, लैपटॉप और संभवतः प्रीमियम श्रेणी के स्मार्टफोन्स की आंतरिक मेमोरी में भी आसानी से स्टोर और रन किया जा सकता है। इस तरह के ऑन-डिवाइस समाधान से क्लाउड प्रोसेसिंग पर निर्भरता काफी हद तक समाप्त हो सकती है। टर्नरी वेट्स तकनीक का विज्ञान और दक्षता मॉडल के आकार में इतनी व्यापक कटौती करने के पीछे प्रिज्मएमएल की खास टर्नरी वेट्स तकनीक शामिल है। किसी भी एआई मॉडल के निर्माण और ट्रेनिंग के दौरान जो जानकारी या सीख एकत्र होती है, उसे वेट्स कहा जाता है। सामान्य तौर पर प्रत्येक वेट को स्टोर करने के लिए कंप्यूटर सिस्टम 16 बिट्स मेमोरी का इस्तेमाल करता है। प्रिज्मएमएल की प्रणाली इसे सरल बनाकर केवल तीन संभावित मानों में समेट देती है, जिनमें +1, −1 या 0 शामिल हैं। प्रत्येक वेट के लिए बेहद छोटे मान सुरक्षित करने के कारण पूरा मॉडल बहुत कम स्टोरेज स्पेस में फिट हो जाता है। इस अभिनव प्रणाली का विवरण प्रोजेक्ट के हगिंग फेस पेज पर भी साझा किया गया है। परफॉर्मेंस में न्यूनतम गिरावट और बेंचमार्क आंकड़े आमतौर पर जब किसी मॉडल को कंप्रेस किया जाता है, तो उसकी सटीकता और कार्यक्षमता कम होने का जोखिम बना रहता है, लेकिन कंपनी के अनुसार यहां स्थिति बिल्कुल अलग है। बोनसाई 2 ने कवेन के समग्र बेंचमार्क अंकों की 98 प्रतिशत क्षमता बरकरार रखी है, यानी प्रदर्शन में केवल 2 प्रतिशत का मामूली अंतर देखा गया है। इससे पहले मार्च महीने में जारी किए गए पहले बोनसाई मॉडल ने मूल मॉडल के 95 प्रतिशत बेंचमार्क स्कोर की बराबरी की थी। इस तकनीक के शुरुआती मॉडल को उपयोगकर्ताओं द्वारा 1.1 करोड़ से अधिक बार डाउनलोड किया जा चुका है, जबकि कंपनी के अन्य छोटे मॉडल्स को अतिरिक्त 26 लाख बार डाउनलोड किया गया है। चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर बाबक हसीबी का कहना है कि कंप्रेशन का कुछ न कुछ असर तो हमेशा रहता ही है, हालांकि वास्तविक उपयोग में 2 प्रतिशत के अंतर से मॉडल की दैनिक दक्षता पर कोई खास नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता है। सैकड़ों अरब पैरामीटर्स वाले विशाल मॉडल्स पर अगला लक्ष्य स्टार्टअप की अगली योजना इस संपीड़न तकनीक को और भी बड़े मॉडल्स पर लागू करने की है। बाबक हसीबी ने स्पष्ट किया कि आने वाले कुछ महीनों में कंपनी सैकड़ों अरब पैरामीटर्स की श्रेणी वाले मॉडल्स जारी करने की तैयारी कर रही है, जहां बुद्धिमत्ता को बरकरार रखना अपेक्षाकृत अधिक सरल होगा। उनका विश्लेषण है कि मॉडल का आकार जितना बड़ा होता है, उसकी बुद्धिमत्ता गंवाए बिना उसे सिकोड़ने की गुंजाइश उतनी ही बढ़ जाती है, जिससे बड़े स्तर के मॉडल्स में 100 प्रतिशत समानता प्राप्त करना आसान हो जाता है। कंपनी को खोसला वेंचर्स, सेर्बेरस कैपिटल और कैलटेक का वित्तीय समर्थन प्राप्त है, जिसने शुरुआती सीड राउंड में 2.225 करोड़ डॉलर की पूंजी जुटाई है। निजी उपकरणों पर मुफ्त और सुरक्षित एआई का भविष्य प्रिज्मएमएल की सलाहकार टीम में डेटाब्रिक्स के सह-संस्थापक और बर्कले की स्काई कंप्यूटिंग लैब के निदेशक आयन स्टोइका भी शामिल हैं। आयन स्टोइका का मानना है कि यह तकनीक आधुनिक मॉडल्स को उपयोगकर्ताओं के निजी उपकरणों पर सीधे चलाने की आजादी देती है। उन्होंने कहा कि बुद्धिमत्ता सीधे उंगलियों पर होगी और यह पूरी तरह मुफ्त होगी क्योंकि यह पहले से खरीदे गए डिवाइस पर चलेगी, साथ ही डेटा को क्लाउड पर भेजने की आवश्यकता न होने से पूर्ण प्राइवेसी भी सुरक्षित रहेगी। बाजार में स्पेन के डोनोस्टिया इंटरनेशनल फिजिक्स सेंटर से जुड़े प्रोफेसर द्वारा स्थापित मल्टीवर्स कंप्यूटिंग जैसी अन्य कंपनियां भी इस क्षेत्र में सक्रिय हैं, लेकिन प्रिज्मएमएल की न्यूनतम नुकसान वाली तकनीक व्यक्तिगत कंप्यूटिंग में एआई के उपयोग का नया अध्याय लिख सकती है। इसका आप पर असर यह नई संपीड़न तकनीक भविष्य में आम उपभोक्ताओं के व्यक्तिगत कंप्यूटर और स्मार्टफोन पर सीधे उच्च स्तर का एआई चलाने की सुविधा देगी। • डेटा प्राइवेसी: आपकी निजी बातचीत, दस्तावेज और सवाल किसी तीसरे पक्ष के क्लाउड सर्वर पर नहीं भेजे जाएंगे। सारा डेटा केवल आपके अपने डिवाइस में सुरक्षित रहेगा जिससे जानकारी लीक होने का जोखिम खत्म हो जाएगा। • इंटरनेट खर्च की बचत: ऑन-डिवाइस एआई मॉडल बिना इंटरनेट कनेक्टिविटी या वाई-फाई के भी निरंतर काम करने में सक्षम होंगे। इससे उपयोगकर्ताओं को महंगे डेटा पैक और क्लाउड बेस्ड एआई टूल्स के मासिक सब्सक्रिप्शन शुल्क से राहत मिलेगी। • हार्डवेयर आवश्यकताएं: 5.9 जीबी जैसे छोटे मॉडल साइज के कारण भारी-भरकम रैम और महंगे ग्राफिक्स कार्ड वाले सिस्टम की जरूरत घट जाएगी। एक औसत लैपटॉप या भविष्य के प्रीमियम फोन में यह तकनीक बिना सिस्टम धीमा किए काम करेगी। • तेज प्रतिक्रिया समय: सर्वर से डेटा आदान-प्रदान में लगने वाला नेटवर्क लैग पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। उपयोगकर्ताओं को सवालों के जवाब और जटिल गणनाएं तुरंत अपनी स्क्रीन पर देखने को मिलेंगी। ऐसा क्यों हुआ यह विकास इसलिए संभव हुआ क्योंकि मौजूदा एआई मॉडल्स को चलाने के लिए भारी मात्रा में कंप्यूटर मेमोरी और महंगे सर्वर हार्डवेयर की जरूरत पड़ रही थी, जिससे इनका व्यापक उपयोग सीमित हो रहा था। • मेमोरी संपीड़न की आवश्यकता: पारंपरिक एआई मॉडल्स के प्रत्येक वेट को स्टोर करने में 16 बिट्स मेमोरी खर्च होती है, जिससे संपूर्ण मॉडल का आकार दर्जनों गीगाबाइट हो जाता है। प्रिज्मएमएल ने टर्नरी वेट्स का उपयोग कर हर मान को केवल तीन सरल विकल्पों में बदलकर 9 से 10 गुना स्पेस की बचत की है। • प्रदर्शन और सटीकता की निरंतरता: आमतौर पर मॉडल को छोटा करने पर उसकी तर्क क्षमता और बेंचमार्क स्कोर तेजी से गिर जाते हैं। कंपनी ने एल्गोरिदम में सुधार करके बोनसाई 2 को मूल कवेन मॉडल के 98 प्रतिशत बेंचमार्क स्कोर के स्तर पर बनाए रखने में सफलता पाई। • तकनीकी अनुसंधान और अनुभव: कैलटेक के विशेषज्ञों और बर्कले की स्काई कंप्यूटिंग लैब के अनुभवी शोधकर्ताओं के साझा तकनीकी ज्ञान ने इस जटिल इंजीनियरिंग को हकीकत में बदला है। निवेशकों द्वारा उपलब्ध कराए गए 2.225 करोड़ डॉलर के सीड फंड ने इस शोध को व्यावसायिक स्तर पर पहुंचाने में मदद की। सवाल-जवाब 1. बोनसाई 2 27B मॉडल क्या है? यह प्रिज्मएमएल द्वारा विकसित एक कंप्रेस्ड एआई मॉडल है, जो अलीबाबा के कवेन3.8 27B मॉडल पर आधारित है और केवल 5.9 जीबी स्टोरेज स्पेस लेता है। 2. इस मॉडल का आकार कितना घटाया गया है? कंपनी की टर्नरी वेट्स तकनीक की मदद से मूल मॉडल की तुलना में मेमोरी की आवश्यकता 9 से 10 गुना तक कम हो गई है। 3. क्या आकार छोटा होने से मॉडल की क्षमता कमजोर हुई है? नहीं, बोनसाई 2 ने मूल मॉडल के समग्र बेंचमार्क स्कोर की 98 प्रतिशत क्षमता बरकरार रखी है, यानी इसमें केवल 2 प्रतिशत का मामूली अंतर आया है। 4. प्रिज्मएमएल की स्थापना किसने की है? इस स्टार्टअप की स्थापना कैलटेक के शोधकर्ताओं के एक समूह ने की है और इसका नेतृत्व कैलटेक के प्रोफेसर बाबक हसीबी कर रहे हैं। 5. कंपनी को अब तक कितना निवेश मिला है? प्रिज्मएमएल ने खोसला वेंचर्स, सेर्बेरस कैपिटल और कैलटेक के सहयोग से अपने सीड राउंड में 2.225 करोड़ डॉलर जुटाए हैं। 6. कंपनी का अगला तकनीकी लक्ष्य क्या है? कंपनी आने वाले महीनों में सैकड़ों अरब पैरामीटर्स वाले विशाल मॉडल्स को इसी तकनीक से सिकोड़ने की तैयारी कर रही है। प्रेरणा और सबक प्रिज्मएमएल की यह उपलब्धि दिखाती है कि केवल संसाधनों की होड़ में भागने के बजाय तकनीकी समस्याओं को मौलिक वैज्ञानिक सोच से कैसे हल किया जा सकता है। • कुशलता पर ध्यान: सबसे बड़ा मॉडल बनाने के बजाय मौजूदा मॉडल को अधिक दक्ष और सुलभ बनाना नवाचार का नया मानक बन सकता है। किसी भी क्षेत्र में संसाधनों की बर्बादी रोकने के नए तरीके खोजना बड़ी सफलता दिला सकता है। • निरंतर सुधार की आदत: पहले संस्करण में 95 प्रतिशत क्षमता हासिल करने के बाद टीम रुकी नहीं और अगले ही रिलीज में इसे 98 प्रतिशत तक पहुंचाया। लगातार सीखते रहने और अपने काम को बेहतर बनाने से ही श्रेष्ठ परिणाम सामने आते हैं। • आम लोगों के लिए समाधान: उच्च तकनीक को केवल बड़ी कंपनियों के सर्वर तक सीमित रखने के बजाय आम नागरिक के फोन और पीसी तक पहुंचाना ही वास्तविक तकनीकी क्रांति है। जब तकनीक जनसाधारण के हाथ में पहुंचती है, तभी उसका मूल्य कई गुना बढ़ जाता है। https://trendkia.com/startups/prismml-ne-bonsai-2-modala-pesha-kara-phona-aura-knpyutara-para-ai-chalane-ki-raha-kholi-33568 TrendKia — Har trend, sabse pehle.