# पूर्व गूगल ब्रेन इंजीनियरों के एआई एजेंट स्टार्टअप मिंटिव ने जुटाए 1.1 करोड़ डॉलर

> पूर्व गूगल ब्रेन शोधकर्ताओं द्वारा स्थापित मिंटिव ने काउबॉय वेंचर्स और कोटु के नेतृत्व में कुल 1.1 करोड़ डॉलर की फंडिंग हासिल की है, जिसमें 70 लाख डॉलर का नया सीड राउंड शामिल है।

**Type:** article · **Category:** स्टार्टअप्स · **Published:** 2026-10-30 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/startups/purva-google-brain-injiniyaron-ke-ai-ejenta-startaapa-mintive-ne-jutae-1-1-karora-dolara-53377 · **Language:** Hindi
**Tags:** मिंटिव, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्टार्टअप फंडिंग, गूगल ब्रेन, एआई एजेंट, काउबॉय वेंचर्स

कॉर्पोरेट दफ्तरों में स्वायत्त सॉफ्टवेयर सहायकों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित और सुरक्षित करने के मकसद से शुरू हुए उद्यम मिंटिव ने उद्यम पूंजी बाजार में एक ठोस शुरुआत दर्ज कराई है। इस स्टार्टअप ने कुल मिलाकर 11 मिलियन डॉलर की वित्तीय सहायता जुटाई है, जिसके तहत 7 मिलियन डॉलर का नया सीड चरण भी संपन्न हुआ है। निवेश की इस नई खेप की अगुवाई काउबॉय वेंचर्स ने की है, जबकि कोटु, ऑपरेटर कलेक्टिव और हसल फंड जैसे प्रमुख संस्थानों ने भी अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। व्यक्तिगत स्तर पर पूंजी लगाने वाले एंजेल निवेशकों में ओक्टा के सह-संस्थापक फ्रेडरिक केरेस्ट, डिस्कवरी लूप के सह-संस्थापक व गूगल के पूर्व मुख्य वैज्ञानिक जेफ डीन, तथा ओपनएआई के सह-संस्थापक आंद्रेज कारपैथी शामिल हैं।

## गूगल ब्रेन और कोर्टसेरा के दिग्गजों ने संभाली कमान
इस तकनीकी प्लेटफॉर्म की नींव जिकुआन न्गियाम और विजय वासुदेवन ने रखी है। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी न्गियाम ऑनलाइन शिक्षण मंच कोर्टसेरा के पहले कर्मचारी और संस्थापक इंजीनियर रह चुके हैं, जिन्हें एंड्रयू एनजी ने अपनी टीम में शामिल किया था। बाद में उन्होंने गूगल ब्रेन के भीतर न्यूरल नेटवर्क तकनीकों पर गहन शोध कार्य किया। मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी विजय वासुदेवन भी गूगल ब्रेन में कार्यरत थे, जहाँ उन्हें टेंसॉरफ्लो के सह-निर्माता के रूप में व्यापक पहचान मिली, जो पाईटॉर्च से पहले कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रशिक्षण का सबसे लोकप्रिय बुनियादी ढांचा बना था।

## एंटरप्राइज एआई के लिए सुरक्षित नियंत्रण तंत्र
कंपनियों के भीतर सक्रिय एआई सहायकों के प्रबंधन, पहचान और पहुंच को नियंत्रित करने वाले इस सॉफ्टवेयर में कई विशेष खूबियां समाहित की गई हैं। मिंटिव का ढांचा एक मॉडल संदर्भ प्रोटोकॉल गेटवे पेश करता है, जिसके जरिए सूचना प्रौद्योगिकी विभाग यह तय कर सकते हैं कि कोई एजेंट किन क्लाउड सेवाओं को छू सकता है और उन पर क्या कार्रवाई कर सकता है। इसके साथ ही, अलग-अलग मॉडलों के बीच ट्रैफिक बांटने और खर्च की सीमा तय करने के लिए एक बड़ा भाषा मॉडल गेटवे भी उपलब्ध है।

यह मंच मानवीय कर्मियों से स्वतंत्र रहकर एआई सहायकों की विशिष्ट डिजिटल पहचान और अधिकारों की अलग व्यवस्था करता है। पूरे संस्थान में काम कर रहे सभी एजेंटों पर लगातार नजर रखने के लिए एक समर्पित निगरानी प्रणाली भी जोड़ी गई है, ताकि लंबी अवधि तक स्वायत्त रूप से चलने वाले जटिल कार्यों को सुरक्षित वातावरण में संचालित किया जा सके।

## प्रतिस्पर्धी बाजार में तेज तैनाती की रणनीति
एजेंट निगरानी का यह तकनीकी क्षेत्र इस समय अत्यधिक प्रतिस्पर्धी बना हुआ है। अमेज़न, माइक्रोसॉफ्ट, ओपनएआई और एंथ्रोपिक जैसी वैश्विक तकनीकी कंपनियां अपने स्वयं के नियंत्रण ढांचे पेश कर रही हैं। इनके अलावा लैंगचेन, न्यू रेलिक और रिपलिंग जैसी स्थापित सॉफ्टवेयर कंपनियां भी ऐसे समाधान बेच रही हैं, जबकि वाई कॉम्बिनेटर के चालीस से अधिक शुरुआती स्टार्टअप इसी दिशा में प्रयासरत हैं।

कड़े मुकाबले के बीच न्गियाम का तर्क है कि उनके मंच की सबसे बड़ी ताकत बेहद सुगम और त्वरित तैनाती है, जिसे कुछ बटनों के जरिए ही सक्रिय किया जा सकता है। न्गियाम के अनुसार, ग्राहक यह देखकर बेहद चकित रह जाते हैं कि इस प्रणाली को लागू करना कितना आसान और तेज है। उपयोगकर्ताओं को अलग से सुरक्षित सैंडबॉक्स या अतिरिक्त मेमोरी आवंटन की चिंता नहीं करनी पड़ती, क्योंकि सभी जटिल तकनीकी परतें पृष्ठभूमि में स्वतः संभाल ली जाती हैं।

## वैल्यूएशन की दौड़ से अलग टिकाऊ विस्तार
फरवरी में उत्पाद के औपचारिक पदार्पण के बाद से अब तक पचास से अधिक संस्थागत ग्राहक इस प्रणाली से जुड़ चुके हैं। इनमें कोर्टसेरा, स्टैबिलिटी एआई, रो, मॉडर्न ट्रेजरी, अपैक्स और मिशिगन विश्वविद्यालय जैसे नाम शामिल हैं। काउबॉय वेंचर्स की प्रबंध भागीदार एलीन ली संस्थापकों के व्यावहारिक अनुभव से खासी प्रभावित हुईं।

ली का मानना है कि एआई भले ही असाधारण क्षमताओं को शक्ति दे रहा है, लेकिन उद्योग को एक ऐसे बुनियादी ढांचे की तत्काल आवश्यकता है जो नियंत्रण और स्पष्ट दृश्यता प्रदान कर सके। कई प्रतिस्पर्धी कंपनियां भारी मूल्यांकन पर अत्यधिक पूंजी जुटा रही हैं, जैसे कि प्राइम इंटेलेक्ट ने 1 अरब डॉलर के मूल्यांकन पर अपनी सीरीज ए में 130 मिलियन डॉलर जुटाए थे। इसके विपरीत, मिंटिव ने सतर्क रहकर सीमित पूंजी के साथ ठोस और टिकाऊ बुनियाद तैयार करने का रास्ता चुना है।

## इसका आप पर असर
कॉर्पोरेट दफ्तरों में एआई टूल्स का उपयोग करने वाले कर्मचारियों और तकनीकी विभागों के लिए सुरक्षा व बजट नियंत्रण के नए रास्ते खुलेंगे।

- **आईटी टीमों के लिए:** कार्यालयों में काम करने वाले स्वायत्त एआई एजेंटों पर सख्त सुरक्षा प्रतिबंध लगाना अब बेहद सरल हो जाएगा। तकनीकी अधिकारी क्लाउड डेटा के दुरुपयोग और अनधिकृत पहुंच को आसानी से रोक सकेंगे।
- **लागत प्रबंधन पर:** विभिन्न बड़े भाषा मॉडलों के इस्तेमाल पर वित्तीय सीमाएं तय करना संभव होगा। इससे कंपनियों के मासिक क्लाउड और एपीआई बिल बजट से बाहर नहीं जाएंगे।
- **संस्थागत सुरक्षा:** कर्मचारियों और सॉफ्टवेयर एजेंटों के पासवर्ड व एक्सेस अधिकार अलग रखे जाएंगे। यदि कोई रोबोटिक एजेंट समझौताग्रस्त होता है तो वास्तविक कर्मचारियों के खाते सुरक्षित रहेंगे।
- **रोजमर्रा के कामकाज में:** लंबे समय तक चलने वाले जटिल व्यापारिक कार्य स्वतः पूरे हो सकेंगे। पेशेवरों को बार-बार कंप्यूटर स्क्रीन पर नजर रखने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

## ऐसा क्यों हुआ
उद्यमों में स्वायत्त एआई सहायकों के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल ने कंपनियों के समक्ष डेटा सुरक्षा और वित्तीय नियंत्रण की गंभीर चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। इन्हीं समस्याओं के समाधान और सुरक्षित ढांचा तैयार करने के लिए इस पूंजीकरण को अंजाम दिया गया है।

- **अनियंत्रित एजेंटों का जोखिम:** कार्यालयों में कई तरह के एआई एजेंट लगातार सक्रिय रहते हैं, जिनकी पहुंच को सीमित करना बेहद जटिल कार्य बन चुका था। कंपनियों को एक ऐसे केंद्रीय सुरक्षा गेटवे की आवश्यकता थी जो उन्हें मानवीय कर्मचारियों की तरह पूरी आजादी देने से रोके।
- **अनुभवी संस्थापकों का प्रभाव:** टेंसॉरफ्लो और कोर्टसेरा जैसी बुनियादी प्रणालियों को तैयार करने वाले पूर्व गूगल ब्रेन इंजीनियरों के अनुभव ने बड़े निवेशकों का भरोसा जीता। निवेशकों ने अनावश्यक मूल्यांकन के बजाय ठोस उत्पाद तैयार करने वाले दल पर दांव लगाया।
- **अत्यधिक प्रतिस्पर्धी माहौल:** वैश्विक स्तर पर दिग्गज टेक कंपनियां और दर्जनों नए स्टार्टअप इसी क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने और शुरुआती 50 ग्राहकों के आधार को तेजी से बढ़ाने के लिए यह फंडिंग जरूरी थी।

## सवाल-जवाब

### 1. मिंटिव कंपनी ने अब तक कुल कितनी फंडिंग जुटाई है?
मिंटिव ने कुल 11 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाई है, जिसमें 7 मिलियन डॉलर का नया सीड राउंड शामिल है।

### 2. इस स्टार्टअप के संस्थापक कौन हैं और उनका क्या अनुभव है?
इसकी स्थापना जिकुआन न्गियाम और विजय वासुदेवन ने की है, जो पूर्व में गूगल ब्रेन में शोधकर्ता थे और टेंसॉरफ्लो व कोर्टसेरा के विकास से जुड़े रहे हैं।

### 3. मिंटिव सॉफ्टवेयर का मुख्य काम क्या है?
यह कंपनियों में काम करने वाले एआई एजेंटों की पहचान, सुरक्षा अनुमतियों, लागत और क्लाउड पहुंच का केंद्रीय प्रबंधन करता है।

### 4. इस स्टार्टअप के प्रमुख निवेशकों में कौन शामिल हैं?
प्रमुख निवेशकों में काउबॉय वेंचर्स, कोटु, हसल फंड, ऑपरेटर कलेक्टिव के अलावा जेफ डीन, आंद्रेज कारपैथी और फ्रेडरिक केरेस्ट जैसे एंजेल निवेशक शामिल हैं।

### 5. कंपनी के पास वर्तमान में कितने कॉर्पोरेट ग्राहक हैं?
फरवरी में अपनी शुरुआत के बाद से कंपनी ने कोर्टसेरा और स्टैबिलिटी एआई सहित 50 से अधिक कॉर्पोरेट ग्राहक बनाए हैं।

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