# स्मार्ट चश्मों और डेटा सेंटरों की चिप तकनीक चमकाने के लिए मॉर्फोटोनिक्स ने जुटाए 40 मिलियन यूरो

> डच नैनोइम्प्रिंट लिथोग्राफी स्टार्टअप मॉर्फोटोनिक्स ने अपने उत्पादन को बढ़ाने और सर्वरों में इस्तेमाल होने वाली ऑप्टिकल तकनीक के विस्तार के लिए 40 मिलियन यूरो की फंडिंग हासिल की है।

**Type:** article · **Category:** स्टार्टअप्स · **Published:** 2026-09-22 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/startups/smarta-chashmon-aura-deta-sentaron-ki-chipa-takanika-chamakane-ke-lie-morphotonics-ne-jutae-40-miliyana-yuro-36362 · **Language:** Hindi
**Tags:** मॉर्फोटोनिक्स, नैनोइम्प्रिंट लिथोग्राफी, स्मार्ट ग्लास, डेटा सेंटर, वेवगाइड्स, ऑप्टिकल चिप्स, फंडिंग

नीदरलैंड्स की सेमीकंडक्टर दुनिया में उन्नत चिप निर्माण तकनीकों की मांग बहुत तेजी से बढ़ रही है। चिप फैब्रिकेशन संयंत्रों में सिलिकॉन वेफर्स पर महीन सर्किट डिजाइन उकेरने के मामले में डच क्षेत्र पहले से ही दुनिया का नेतृत्व करता रहा है। उसी डच तकनीकी परिवेश से जुड़ी एक अन्य इनोवेटिव कंपनी मॉर्फोटोनिक्स अब इसी क्षेत्र के एक खास हिस्से नैनोइम्प्रिंट लिथोग्राफी यानी एनआईएल में नई क्रांति ला रही है। मॉर्फोटोनिक्स ने अपने उपकरणों और उत्पादन क्षमताओं का दायरा बढ़ाने के साथ ही डेटा सेंटरों के नए बाजार में कदम रखने के लिए 40 मिलियन यूरो का बड़ा फंड जुटाया है। यह पूंजी कंपनी के लंबे समय से चल रहे फंडिंग दौर का हिस्सा है और इससे वह स्मार्ट चश्मों के डिस्प्ले के साथ-साथ हाई-स्पीड ऑप्टिक्स का उत्पादन तेजी से कर सकेगी।

## सप्लाई चेन की मजबूती और नए निवेशकों का साथ
मॉर्फोटोनिक्स पिछले बारह वर्षों से इस विशिष्ट तकनीक को बिना ज्यादा प्रचार के लगातार विकसित कर रही थी। लिथोग्राफी उद्योग की मौजूदा डच आपूर्ति श्रृंखला और साझा वेंडरों के बुनियादी ढांचे से कंपनी को तकनीकी रूप से काफी लाभ मिला है। अब जब वैश्विक बाजार में ऑगमेंटेड रियलिटी और स्मार्ट वियरेबल्स की मांग तेजी से उछल रही है, तब कंपनी ने इस विकास यात्रा को गति दी है। इस 40 मिलियन यूरो के दौर में 3एम वेंचर्स, इनोवेशन इंडस्ट्रीज, बीओएम और इन्वेस्ट-एनएल जैसे बड़े निवेशकों ने हिस्सा लिया। इसके अलावा यूरोपियन इनोवेशन काउंसिल फंड, डच फैमिली ऑफिस एर्निज नेक्स्ट तथा यूरोपियन इनवेस्टमेंट बैंक ने भी इस राउंड में निवेश किया है।

## नैनोइम्प्रिंट लिथोग्राफी और वेवगाइड डिस्प्ले का काम
कंपनी का पूरा तकनीकी काम नैनोइम्प्रिंट लिथोग्राफी की कार्यप्रणाली पर निर्भर करता है। इस प्रक्रिया में एक खास किस्म की स्टैम्प यानी मोल्ड तैयार किया जाता है, जिसे रोशनी के प्रति संवेदनशील सामग्रियों पर दबाकर माइक्रोस्कोपिक पैटर्न तैयार किए जाते हैं। इस माध्यम से ऑगमेंटेड रियलिटी गॉगल्स से लेकर कारों की प्राइवेसी स्क्रीन तक विभिन्न प्रकार के डिस्प्ले बनाए जाते हैं। स्मार्ट चश्मों में यह प्रक्रिया वेवगाइड्स बनाने में बेहद कारगर साबित होती है। वेवगाइड्स असल में कांच या प्लास्टिक के बेहद पतले टुकड़े होते हैं, जो प्रकाश की किरणों को एक निश्चित दिशा में मोड़कर सीधे यूजर की आंखों के सामने स्पष्ट डिजिटल इमेज पेश करते हैं। इस तकनीक का उपयोग मेटा रे-बैन डिस्प्ले, इवन रियलिटी और मैजिक लीप जैसी डिवाइसों में भी किया जाता है।

## ग्लोबल मांग में तेजी और तेजी से बढ़ता बाजार
स्मार्ट ग्लास की बढ़ती लोकप्रियता ने इस डिस्प्ले तकनीक की मांग को बहुत बड़ा धक्का दिया है। चीन में इस साल के पहले आठ महीनों के दौरान ही स्मार्ट ग्लास की बिक्री दोगुनी दर्ज की गई है। इसके अलावा मार्केट रिसर्च फर्म आईडीसी का अनुमान है कि डिस्प्ले वाले स्मार्ट ग्लास की वैश्विक शिपमेंट 2030 तक 12.2 मिलियन यूनिट तक पहुंच जाएगी। इस बड़े विस्तार को देखते हुए हार्डवेयर निर्माता ऐसे उत्पादन उपकरणों की तलाश कर रहे हैं जो बड़े पैमाने पर इन जटिल डिस्प्ले को कुशलतापूर्वक बना सकें। मॉर्फोटोनिक्स का नया फंड इसी औद्योगिक मांग को पूरा करने में लगाया जा रहा है।

## टीम का विस्तार और 6 मिलियन वेवगाइड बनाने की तैयारी
साल 2024 में शुरू हुए इस फंडिंग दौर के तहत कंपनी ने अपनी कार्यक्षमता में भारी इजाफा किया है। सितंबर 2024 में जब सीईओ ह्यूगो दा सिल्वा कंपनी से जुड़े थे, तब कंपनी के पास लगभग 30 कर्मचारी थे, जो अब बढ़कर 60 से अधिक हो चुके हैं। मॉर्फोटोनिक्स का लक्ष्य अपनी टीम को 70 से 75 कर्मचारियों तक स्थिर करने का है। कंपनी का उत्पादन मुख्य रूप से एशिया के बाजारों पर केंद्रित है, जहां चीन, ताइवान, दक्षिण कोरिया और अमेरिका में स्थानीय टीमें काम कर रही हैं। दा सिल्वा के अनुसार कंपनी ग्राहकों को केवल मशीनें ही नहीं बेचती, बल्कि पूरी निर्माण प्रक्रिया सिखाती है और जरूरी केमिकल्स भी उपलब्ध कराती है ताकि डिस्प्ले निर्माता अपने प्लांट में आसानी से उत्पादन कर सकें। कंपनी द्वारा तैयार की जा रही अगली मशीन प्रति वर्ष 60 लाख से अधिक वेवगाइड्स का उत्पादन करने में सक्षम होगी और इसकी डिलीवरी अगले साल की शुरुआत में शुरू होने की उम्मीद है।

## डेटा सेंटरों के लिए को-पैकेजबल्ड ऑप्टिक्स की ओर कदम
डिस्प्ले निर्माण के अलावा कंपनी अपने पोर्टफोलियो को डेटा सेंटरों की नई जरूरत के अनुकूल ढाल रही है। इसके तहत को-पैकेज्ड ऑप्टिक्स पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस तकनीक में फोटोनिक इंटीग्रेटेड सर्किट्स का उपयोग होता है, जो बिजली के तारों के बजाय प्रकाश तरंगों का उपयोग करके कंप्यूटर सर्वरों और नेटवर्क हार्डवेयर के बीच डेटा ट्रांसफर करते हैं। कंपनी ने अभी तक इस सेगमेंट के लिए कमर्शियल मशीनें डिलीवर नहीं की हैं, लेकिन ग्राहकों ने उसकी तकनीक को जांचा और प्रमाणित कर दिया है। वर्तमान में कंपनी का 90 प्रतिशत रेवेन्यू हार्डवेयर बिक्री से आता है और दुनिया भर में उसके 10 से 15 सिस्टम काम कर रहे हैं। कंपनी अगले दो से तीन वर्षों में अपने इंस्टॉलेशन की संख्या 50 तक पहुंचाने की योजना बना रही है, जिससे सर्विस और लाइसेंसिंग से होने वाली कमाई में भी बड़ा उछाल आएगा।

## इसका आप पर असर
इस तकनीक के विस्तार से ऑगमेंटेड रियलिटी वाले चश्मों का बड़े पैमाने पर सस्ता उत्पादन संभव होगा और इंटरनेट डेटा सेंटरों की स्पीड में क्रांतिकारी बदलाव आएगा।

- **स्मार्ट ग्लास खरीदारों के लिए:** आने वाले समय में डिस्प्ले वाले एआर चश्मे काफी पतले, हल्के और किफायती दामों में उपलब्ध हो सकेंगे। उत्पादन बढ़ने से 2030 तक बाजार में लाखों नए डिवाइस पेश किए जाएंगे जिससे सामान्य यूजर्स तक यह तकनीक तेजी से पहुंचेगी।
- **इंटरनेट और क्लाउड यूजर्स पर:** डेटा सेंटरों में प्रकाश आधारित चिप्स लगने से भारी ट्रैफिक वाले ऑनलाइन काम और एआई प्रोसेसिंग काफी तेज हो जाएगी। सर्वरों के बीच तेजी से डेटा ट्रांसफर होने की वजह से क्लाउड सेवाएं और इंटरनेट सेवाएं पहले के मुकाबले कम बिजली की खपत में चलेंगी।
- **टेक उद्योग और मैन्युफैक्चरिंग पर:** डिस्प्ले निर्माताओं को अपने कारखानों में महंगे सिलिकॉन प्रोसेस के बजाय नैनोइम्प्रिंट स्टैम्पिंग अपनाने का मौका मिलेगा। इससे लाखों की तादाद में वेवगाइड्स का स्थानीय स्तर पर उत्पादन करना आसान हो जाएगा।
- **रोजगार और अनुसंधान के क्षेत्र में:** ऑप्टिकल हार्डवेयर और फोटोनिक्स के क्षेत्र में तकनीकी विशेषज्ञों तथा ऑपरेशंस इंजीनियरों की भारी मांग पैदा होगी। कई एशियाई देशों और पश्चिमी बाजारों में इसके उत्पादन को लेकर स्थानीय टीमें तैयार की जा रही हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
स्मार्ट चश्मों की बिक्री में अचानक आए वैश्विक उछाल और एआई डेटा सेंटरों में भारी बिजली खपत की चुनौतियों के कारण मॉर्फोटोनिक्स को यह पूंजी जुटाने का अवसर मिला।

- **स्मार्ट ग्लासेज की भारी मांग:** चीन में 2024 के शुरुआती आठ महीनों में स्मार्ट चश्मों की बिक्री दोगुनी हो गई और भविष्य में इसके करोड़ों यूनिट्स बिकने के अनुमान हैं। इस मांग को पूरा करने के लिए मौजूदा डिस्प्ले उत्पादन संयंत्रों को बड़े पैमाने पर उत्पादन करने वाली नई मशीनों की जरूरत थी।
- **डेटा सेंटरों में बिजली और स्पीड की सीमा:** पारंपरिक तांबे के तारों और बिजली आधारित सर्किट्स पर एआई डेटा लोड के कारण सर्वर बहुत ज्यादा गर्म होते हैं और बिजली फूंकते हैं। फोटोनिक इंटीग्रेटेड सर्किट्स प्रकाश की मदद से डेटा भेजते हैं, जिससे स्पीड कई गुना बढ़ जाती है और बिजली की भारी बचत होती है।
- **तकनीकी परिपक्वता और सत्यापन:** मॉर्फोटोनिक्स ने पिछले बारह वर्षों में नैनोइम्प्रिंट तकनीक को पूरी तरह तैयार कर लिया है और प्रमुख ग्राहकों ने डेटा सेंटर ऑप्टिक्स में इसे जांच कर हरी झंडी दे दी है। इस तकनीकी सत्यापन के बाद ही 3एम वेंचर्स और यूरोपीय निवेश बैंकों ने उत्पादन बढ़ाने के लिए 40 मिलियन यूरो का निवेश किया।

## सवाल-जवाब

### 1. मॉर्फोटोनिक्स ने हाल ही में कितना फंड जुटाया है?
मॉर्फोटोनिक्स ने अपने उत्पादन को बढ़ाने और नए बाजारों में विस्तार के लिए 40 मिलियन यूरो की फंडिंग हासिल की है।

### 2. कंपनी की तकनीक का मुख्य इस्तेमाल किस काम में होता है?
कंपनी की नैनोइम्प्रिंट लिथोग्राफी तकनीक स्मार्ट चश्मों के वेवगाइड डिस्प्ले और कारों की प्राइवेसी स्क्रीन बनाने में काम आती है।

### 3. मॉर्फोटोनिक्स डेटा सेंटरों के लिए किस तकनीक पर काम कर रही है?
कंपनी को-पैकेज्ड ऑप्टिक्स पर काम कर रही है, जहां प्रकाश की मदद से सर्वरों के बीच डेटा का हाई-स्पीड ट्रांसफर किया जाता है।

### 4. कंपनी की नई मशीन की उत्पादन क्षमता क्या होगी?
तैयार की जा रही नई मशीन प्रति वर्ष 60 लाख से अधिक वेवगाइड्स का उत्पादन करने में सक्षम होगी।

### 5. स्मार्ट ग्लास बाजार को लेकर क्या अनुमान जताया गया है?
आईडीसी के अनुसार डिस्प्ले वाले स्मार्ट ग्लास की वैश्विक शिपमेंट 2030 तक 12.2 मिलियन यूनिट तक पहुंचने की उम्मीद है।

### 6. मॉर्फोटोनिक्स में कर्मचारियों की संख्या कितनी हो गई है?
कंपनी के कर्मचारियों की संख्या 30 से बढ़कर 60 हो चुकी है और इसे 70 से 75 तक पहुंचाने का लक्ष्य है।

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