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  "type": "article",
  "title": "स्मार्टफोन इस्तेमाल करने वाले आम लोग बन सकेंगे पेड क्रिएटर, मार्केटिंग प्लेटफॉर्म नॉइज़ ने जुटाए 55 लाख डॉलर",
  "summary": "मार्केटिंग प्लेटफॉर्म नॉइज़ फॉलोअर्स की शर्त के बिना साधारण सोशल मीडिया यूजर्स को ब्रांड्स के लिए वीडियो बनाने और व्यूज के आधार पर कमाई करने का मौका दे रहा है। कंपनी ने हाल ही में 55 लाख डॉलर का सीड फंड हासिल किया है।",
  "content": "सोशल मीडिया पर इन दिनों कंटेंट क्रिएटर बनने का सपना लगभग हर स्मार्टफोन यूजर देख रहा है, लेकिन बड़े इन्फ्लुएंसर्स की भीड़ में नए लोगों के लिए पहचान और कमाई हासिल करना बेहद मुश्किल होता जा रहा है। इसी अंतर को पाटने के लिए मार्केटिंग स्टार्टअप नॉइज़ ने एक खास मॉडल तैयार किया है, जिसके जरिए आम सोशल मीडिया यूजर बिना किसी बड़े फॉलोअर बेस के ब्रांड्स के साथ काम कर सकते हैं और अपनी वीडियो रीच के हिसाब से सीधे पैसे कमा सकते हैं। पारंपरिक कैंपेन या महंगे इन्फ्लुएंसर्स पर भारी भरकम बजट खर्च करने के बजाय कंपनियां इस प्लेटफॉर्म के जरिए हजारों आम लोगों की मदद से अपने उत्पाद और सेवाओं का प्रचार कर रही हैं।\n\nसीड राउंड में हासिल हुआ 55 लाख डॉलर का नया निवेश\nकंपनी ने अपने विस्तार अभियान को तेज करते हुए बुधवार को 55 लाख डॉलर के सीड फंडिंग राउंड की घोषणा की है। इस राउंड का नेतृत्व कैपिटल मिडवेस्ट, एम25 और ग्रिशिन रोबोटिक्स ने मिलकर किया है। इस नए निवेश के साथ ही कंपनी द्वारा जुटाई गई कुल पूंजी अब 72 लाख डॉलर तक पहुंच गई है। इस वित्तपोषण में कैपिटलाइज वीसी के साथ-साथ डोरडैश जैसी कंपनियों से जुड़े प्रमुख ऑपरेटरों ने भी अपनी हिस्सेदारी दर्ज कराई है। मिली हुई नई पूंजी का उपयोग कंपनी के तकनीकी टूल्स के विकास, नई प्रतिभाओं की भर्ती और प्लेटफॉर्म की क्षमताओं को तेजी से बढ़ाने के लिए किया जाएगा।\n\nनॉइज़ के संस्थापकों डिएगो काफ़ी, स्टू फेल्ड्ट और निक वेबर ने वर्ष 2025 में इस प्लेटफॉर्म की नींव रखी थी। इससे पहले इन तीनों ने करीब दो साल तक प्लेबाइट नाम के एक मोबाइल गेम ऐप पर साथ काम किया था। वर्तमान में इस नेटवर्क पर करीब 15 लाख कंटेंट क्रिएटर जुड़ चुके हैं और विभिन्न सोशल मीडिया मंचों पर सक्रिय हैं।\n\nफॉलोअर्स की बंदिश नहीं, सीधे व्यूज से तय होती है कमाई\nपारंपरिक विज्ञापन एजेंसियां जहां सिर्फ लाखों या करोड़ों फॉलोअर्स वाले चेहरों को काम देती हैं, वहीं नॉइज़ पर कोई भी सामान्य व्यक्ति मोबाइल ऐप डाउनलोड कर सीधा रजिस्टर कर सकता है। प्लेटफॉर्म पर जुड़ने के बाद यूजर्स को कई तरह के ब्रांड कैंपेन दिखाए जाते हैं। क्रिएटर अपनी पसंद के अनुसार टिकटॉक, इंस्टाग्राम, फेसबुक या यूट्यूब जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म्स के लिए वीडियो कंटेंट तैयार करते हैं।\n\nइस पूरे सिस्टम में पेमेंट का तरीका भी बेहद अनोखा है। यहां क्रिएटर को कोई फिक्स्ड फीस देने के बजाय उनके वीडियो पर आने वाले व्यूज के हिसाब से भुगतान किया जाता है। मुख्य कार्यकारी अधिकारी काफ़ी के मुताबिक, प्लेटफॉर्म पर शीर्ष स्तर के कंटेंट क्रिएटर सालाना छह अंकों से ज्यादा की कमाई कर रहे हैं। जब किसी क्रिएटर का वीडियो दर्शकों तक पहुंचता है और तय व्यूज हासिल कर लेता है, तब ब्रांड द्वारा किए गए भुगतान में से प्लेटफॉर्म अपना कमीशन काटकर बाकी राशि क्रिएटर को सौंप देता है।\n\nकंपनियों को मिलता है आसान और किफायती प्रचार समाधान\nब्रांड्स के लिए यह प्लेटफॉर्म एक ऐसा ऑटोमेटेड ढांचा पेश करता है, जहां उन्हें सैकड़ों अलग-अलग लोगों से अलग-अलग बातचीत या अनुबंध करने की सिरदर्दी नहीं उठानी पड़ती। विज्ञापन देने वाली कंपनियां नॉइज़ पर जाकर अपनी कंटेंट ब्रीफ और बजट तय कर देती हैं। इसके बाद का पूरा ऑपरेशनल काम, अलग-अलग क्रिएटर्स को प्रोजेक्ट सौंपना और उनके पेमेंट्स का निपटारा करना प्लेटफॉर्म खुद संभालता है।\n\nकाफ़ी ने बताया कि उनके कई शीर्ष ब्रांड्स पूरी तरह ऑटोपायलट मोड में हजारों क्रिएटर्स के साथ एक साथ काम कर रहे हैं। वर्तमान में इस सेवा का सबसे ज्यादा उपयोग मोबाइल ऐप्स और शुरुआती दौर के स्टार्टअप्स कर रहे हैं, जिनके पास भारी-भरकम बजट नहीं होता लेकिन वे इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग का लाभ उठाना चाहते हैं। ऐसे व्यवसायों के लिए यह तरीका बेहद कारगर साबित हो रहा है क्योंकि वे आम लोगों की एक छोटी सेना तैयार कर लेते हैं, जो प्रामाणिक तरीके से उनके ऐप का प्रचार करती है। इससे कंपनियों को सामान्य मार्केटिंग रणनीतियों की तुलना में बेहद कम खर्च पर विविधता से भरा कंटेंट मिल जाता है। आगे चलकर कंपनी हर आकार के बड़े उद्यमों को अपने साथ जोड़ने की योजना बना रही है।\n\nप्लेबाइट के तजुर्बे से निकला नया बिजनेस मॉडल\nइस पूरे आइडिया का जन्म संस्थापकों के पुराने प्रोजेक्ट प्लेबाइट के दौरान हुआ था। अपने गेमिंग ऐप के प्रचार के लिए संस्थापकों ने कई तरह की रचनात्मक रणनीतियों पर काम किया था। जब उनके पास बड़े इन्फ्लुएंसर्स को हायर करने का बजट नहीं था, तो उन्होंने अपने ही गेमर्स को सोशल मीडिया पर पोस्ट बनाने की ट्रेनिंग देना शुरू किया।\n\nकाफ़ी ने बताया कि उन्होंने शुरुआत में पांच, दस, पच्चीस और फिर सौ लोगों को शामिल किया। इसके बाद नियमित रूप से साधारण गेमर्स ने टिकटॉक जैसे माध्यमों पर आकर्षक पोस्ट साझा करने शुरू किए, जिससे उनके ऐप के इंस्टॉल्स में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया। सामान्य लोगों को शुरुआत से ट्रेनिंग देकर कंटेंट तैयार कराने के कारण यह पूरा अभियान पारंपरिक विज्ञापनों के मुकाबले बेहद कम खर्च में पूरा हो गया। इसी प्रयोग की कामयाबी ने उन्हें नॉइज़ जैसा मुकम्मल प्लेटफॉर्म तैयार करने की प्रेरणा दी।\n\nऑर्गेनिक वीडियो को सीधे पेड विज्ञापनों में बदलने की सुविधा\nप्लेटफॉर्म ने हाल ही में ऑर्गेनिक्स टू ऐड्स नाम से एक नया फीचर भी लॉन्च किया है। इसके अंतर्गत ब्रांड्स नॉइज़ के क्रिएटर्स द्वारा बनाए गए स्वाभाविक वीडियो को मेटा और टिकटॉक पर प्रायोजित विज्ञापन के रूप में चला सकते हैं। इससे क्रिएटर का पोस्ट उनके सोशल अकाउंट पर तो रहता ही है, साथ ही ब्रांड्स अतिरिक्त पैसे लगाकर उस वीडियो को और बड़े दर्शक वर्ग तक पहुंचा सकते हैं।\n\nकम भुगतान के आरोपों पर काफ़ी का कहना है कि यहां ब्रांड्स अपनी दरें तय करते हैं और क्रिएटर के पास उस ऑफर को स्वीकार करने या ठुकराने की पूरी आजादी होती है। प्लेटफॉर्म का मुख्य उद्देश्य आम लोगों को प्रशिक्षण देकर नए क्रिएटर में तब्दील करना है। नए यूजर्स के जुड़ने पर उन्हें विशेष ट्रेनिंग मॉड्यूल पूरे करने होते हैं, जिससे वे ब्रांड्स की जरूरत के मुताबिक वीडियो बनाना सीख सकें। जैसे-जैसे क्रिएटर अधिक ट्रेनिंग लेते हैं और बेहतर काम करते हैं, उन्हें ज्यादा कमाई वाले प्रोजेक्ट मिलने लगते हैं। स्मार्टफोन रखने वाले हर व्यक्ति के लिए क्रिएटर बनने का रास्ता खोलकर यह मॉडल कंपनियों का मार्केटिंग खर्च कम करने के साथ आम लोगों को इंटरनेट से पहली कमाई करने का जरिया दे रहा है।\n\nइसका आप पर असर\nइस नए प्लेटफॉर्म के विस्तार से आम स्मार्टफोन यूजर्स को बिना फॉलोअर्स के सोशल मीडिया से कमाई करने का सीधा मौका मिल रहा है।\n\n• आम सोशल मीडिया यूजर्स: अब वीडियो बनाने के लिए लाखों फॉलोअर्स होने की जरूरत नहीं रह गई है। कोई भी व्यक्ति ऐप पर ट्रेनिंग पूरी करके ब्रांड्स के लिए वीडियो बना सकता है और व्यूज के आधार पर अपनी पहली ऑनलाइन कमाई शुरू कर सकता है।\n• छोटे व्यवसायों और स्टार्टअप्स के लिए: कम बजट वाली कंपनियों को महंगे इन्फ्लुएंसर्स की जगह किफायती मार्केटिंग विकल्प मिल रहा है। वे हजारों आम लोगों की मदद से सीधे अपने टार्गेट ग्राहकों तक बेहद कम खर्च में पहुंच सकते हैं।\n• पारंपरिक इन्फ्लुएंसर्स के लिए: बड़े सोशल मीडिया चेहरों के लिए ब्रांड विज्ञापनों में प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है। कंपनियां अब महंगे अनुबंधों के बजाय ज्यादा व्यापक रीच देने वाले माइक्रो और नैनो क्रिएटर्स की तरफ रुख कर रही हैं।\n• डिजिटल विज्ञापन उद्योग: विज्ञापन एजेंसियों को अब मैन्युअल क्रिएटर मैनेजमेंट के बजाय ऑटोमेटेड प्लेटफॉर्म्स को अपनाना होगा। इससे कैंपेन का संचालन तेज होगा और व्यूज के आधार पर भुगतान का चलन तेजी से बढ़ेगा।\n\nऐसा क्यों हुआ\nइन्फ्लुएंसर मार्केटिंग की बढ़ती लागत और युवाओं में क्रिएटर बनने की भारी मांग ने इस बिजनेस मॉडल को जन्म दिया है।\n\n• पारंपरिक इन्फ्लुएंसर्स की भारी फीस: बड़े सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को हायर करना छोटे और मध्यम स्टार्टअप्स के बजट से बाहर हो चुका था। इसलिए कंपनियों को कम लागत में ज्यादा डायवर्सिटी वाला कंटेंट हासिल करने के लिए नए तरीके की जरूरत थी।\n• प्लेबाइट ऐप का पुराना प्रयोग: संस्थापकों ने अपने पिछले मोबाइल गेमिंग ऐप को प्रमोट करने के लिए साधारण गेमर्स को वीडियो बनाना सिखाया था। उस अभियान की जबरदस्त कामयाबी ने साबित किया कि आम लोग भी प्रभावी ब्रांड प्रमोटर बन सकते हैं।\n• क्रिएटर बनने की भारी चाहत: आंकड़ों के मुताबिक 57 प्रतिशत युवा सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बनना चाहते हैं। नॉइज़ ने इसी विशाल आबादी की महत्वाकांक्षा को पहचानकर उन्हें सीधे ब्रांड्स के साथ जोड़ने का मंच प्रदान किया।\n• ऑटोमेशन और एआई टूल्स की उपलब्धता: सॉफ्टवेयर के जरिए हजारों लोगों के वीडियो, कॉन्ट्रैक्ट और पेमेंट्स को एक साथ मैनेज करना अब आसान हो गया है। तकनीक ने ब्रांड्स के लिए बिना किसी अतिरिक्त प्रशासनिक सिरदर्दी के बड़े पैमाने पर काम करना संभव बनाया।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. नॉइज़ प्लेटफॉर्म क्या काम करता है?\nयह एक मार्केटिंग प्लेटफॉर्म है जो आम स्मार्टफोन यूजर्स को ब्रांड्स के लिए सोशल मीडिया वीडियो बनाने और व्यूज के आधार पर कमाई करने की सुविधा देता है।\n\n2. नॉइज़ ने सीड राउंड में कितनी फंडिंग जुटाई है?\nकंपनी ने सीड राउंड में 55 लाख डॉलर का फंड जुटाया है, जिसके बाद इसकी कुल जुटाई गई पूंजी 72 लाख डॉलर हो गई है।\n\n3. क्या नॉइज़ पर काम करने के लिए ज्यादा फॉलोअर्स की जरूरत होती है?\nनहीं, कोई भी सामान्य यूजर बिना किसी फॉलोअर लिमिट के ऐप डाउनलोड करके और बेसिक ट्रेनिंग पूरी करके काम शुरू कर सकता है।\n\n4. क्रिएटर्स को भुगतान किस आधार पर किया जाता है?\nक्रिएटर्स को फिक्स्ड फीस के बजाय उनके वीडियो पर आने वाले व्यूज के हिसाब से पैसे दिए जाते हैं।\n\n5. इस प्लेटफॉर्म की स्थापना किसने और कब की थी?\nइसकी शुरुआत डिएगो काफ़ी, स्टू फेल्ड्ट और निक वेबर ने वर्ष 2025 में की थी।\n\n6. ऑर्गेनिक-टू-ऐड्स फीचर क्या है?\nइस फीचर की मदद से ब्रांड्स क्रिएटर्स द्वारा बनाए गए वीडियो को मेटा और टिकटॉक पर स्पॉन्सर्ड विज्ञापन के रूप में चला सकते हैं।\n\nप्रेरणा और सबक\nसंसाधनों की कमी के बावजूद नए प्रयोगों के दम पर एक सफल प्लेटफॉर्म खड़ा करने की यह एक प्रेरक यात्रा है।\n\n• बजट की कमी को नवाचार में बदलना: बड़े इन्फ्लुएंसर्स को हायर करने का पैसा न होने पर संस्थापकों ने अपनी मौजूदा ऑडियंस को ही क्रिएटर बना दिया। अपनी मजबूरियों से हार मानने के बजाय नए रास्ते तलाशना ही सफलता की कुंजी है।\n• छोटे स्तर से शुरुआत कर मॉडल को परखना: संस्थापकों ने सीधे बड़ा रिस्क लेने के बजाय पहले पांच, फिर दस और फिर सौ लोगों के साथ प्रयोग किया। किसी भी विचार को बड़े पैमाने पर ले जाने से पहले उसकी जमीनी जांच करना जरूरी है।\n• दूसरों को सशक्त बनाकर आगे बढ़ना: आम लोगों को डिजिटल माध्यम से पहली कमाई करने का मौका देकर नॉइज़ ने एक टिकाऊ बिजनेस बनाया। जब आपका उत्पाद दूसरों के जीवन में आर्थिक मूल्य जोड़ता है, तो आपकी अपनी प्रगति आसान हो जाती है।",
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  "category": "स्टार्टअप्स",
  "publishedAt": "2026-09-19",
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