स्टार्टअप कर्मचारियों को जल्द शेयर बेचने का मौका देने के लिए कार्टा और न्यूव्यू ने मिलाया हाथ न्यूव्यू कैपिटल और कार्टा ने एक साझेदारी की है ताकि निजी स्टार्टअप्स के लिए कर्मचारियों और निवेशकों को टेंडर ऑफर्स के जरिए अपने शेयर बेचना आसान हो सके। निजी क्षेत्र की कंपनियां अब लंबे समय तक शेयर बाजार से दूर रह रही हैं, जिसकी वजह से उनके कर्मचारियों के सामने एक बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। कर्मचारियों को मिलने वाले मुआवजे का एक बड़ा हिस्सा स्टॉक के रूप में होता है, जिसे वे आसानी से बेच नहीं पाते हैं और शुरुआती दौर में नकदी हासिल करने की उनकी उम्मीदें टूट जाती हैं। टेंडर ऑफर्स का बढ़ता चलन इस समस्या से पार पाने के लिए कई बड़ी और उन्नत स्तर की कंपनियां अब अपने कर्मचारियों के लिए टेंडर ऑफर्स की व्यवस्था कर रही हैं। इन विशेष व्यवस्थाओं के तहत कर्मचारियों और शुरुआती निवेशकों को यह छूट मिलती है कि वे अपने कुछ शेयरों को एक तय कीमत पर किसी स्वीकृत निवेशक को बेच सकें। नई साझेदारी और उसका उद्देश्य इस पूरी प्रक्रिया को ज्यादा से ज्यादा सरल और सहज बनाने के लिए न्यूव्यू कैपिटल ने कार्टा के साथ मिलकर काम करने का फैसला किया है। इस रणनीतिक गठजोड़ के जरिए न्यूव्यू के पास मौजूद शेयर बाजार से जुड़ी डील तैयार करने का अनुभव और कार्टा का मजबूत इक्विटी प्लेटफॉर्म एक साथ आ गए हैं। न्यूव्यू के संस्थापक और प्रबंध साझेदार रवि विश्वनाथन का मानना है कि इससे कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को लिक्विडिटी प्रोग्राम शुरू करने में खासी मदद मिलेगी। रवि विश्वनाथन ने कहा कि इस साझेदारी से मुख्य कार्यकारी अधिकारियों और कंपनियों के लिए ऐसे ऑफर लाना बेहद आसान हो जाएगा। उनका यह भी कहना था कि कर्मचारियों को समय से पहले नकद राशि उपलब्ध कराना कामगारों, फर्मों और निवेशकों तीनों के लिए ही एक बेहतरीन और फायदेमंद सौदा साबित होता है। अध्ययन के आंकड़े और बाजार का रुख न्यूव्यू और कार्टा द्वारा किए गए हालिया अध्ययन से पता चलता है कि सीरीज सी और उसके बाद के दौर में पहुंचने वाली कंपनियों के बीच ऐसे ऑफर्स पिछले तीन वर्षों के दौरान तीन गुना तक बढ़ चुके हैं। इसके अलावा, केवल ओपनएआई, डेटाब्रिक्स या आंदुरिल जैसी चुनिंदा और सबसे महंगी निजी कंपनियां ही ऐसे ऑफर्स का इस्तेमाल नहीं कर रही हैं, बल्कि इसका दायरा अब लगातार व्यापक हो रहा है। इसका एक बेहतरीन उदाहरण मार्केटिंग कस्टमाइजेशन स्टार्टअप हाइटच है, जो न्यूव्यू का ही एक पोर्टफोलियो उद्यम है और जिसने पिछले साल एक अरब तीस करोड़ डॉलर के मूल्यांकन पर ऐसा ऑफर आयोजित किया था। बाजार में अभी भी कम है हिस्सेदारी इसके बावजूद, दोनों संस्थानों के आंकड़ों के मुताबिक इस तरह के ऑफर्स को अपनाने वाली कंपनियों का कुल हिस्सा अभी भी काफी कम है, क्योंकि साल 2026 के शुरुआती छह महीनों में कुल 44 बार ही ऐसी डील्स को अंजाम दिया गया है। यही वजह है कि रवि विश्वनाथन अन्य कंपनियों को भी इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं और इन्हें कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाने तथा उन्हें जोड़े रखने का एक शानदार जरिया बता रहे हैं. उनका यह भी कहना था कि एक दौर ऐसा था जब यूनिकॉर्न का दर्जा मिल जाना ही प्रतिभाओं को अपनी ओर खींचने के लिए काफी होता था, लेकिन आज के समय में जब ऐसे अनगिनत संगठन मौजूद हैं, तो केवल यह तमगा ही काफी नहीं रह गया है। कई बड़ी कंपनियों ने उठाए कदम हाल के दिनों में जिन उद्यमों ने इस तरह के ऑफर्स की पेशकश की है, उनमें एआई कस्टमर सपोर्ट स्टार्टअप डिकैगन, स्वचालित वाहन तकनीक विकसित करने वाली कंपनी वेव और एआई वॉयस जनरेटर एलेवेनलैब्स जैसी फर्म शामिल हैं, जिसने एक साल से भी कम समय में ऐसे दो आयोजनों को पूरा किया है। रवि विश्वनाथन ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि ये उद्यम अब बारह से पंद्रह वर्षों तक शेयर बाजार से दूर रहते हैं और यह स्थिति बदलने वाली नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस बीच उच्च गुणवत्ता वाले उपक्रमों से कर्मचारियों का मोहभंग न हो और वे सार्वजनिक क्षेत्र की प्रतिद्वंद्वी कंपनियों की तरफ न भागें, इसके लिए उनके हाथों में समय पर नकदी पहुंचना बहुत जरूरी है। इसका आप पर असर यह साझेदारी उन कर्मचारियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है जो निजी स्टार्टअप्स में काम करते हैं और अपने पास मौजूद स्टॉक को जल्दी भुनाना चाहते हैं। • कर्मचारियों को फायदा: इस नई व्यवस्था से कर्मचारियों को अपनी कंपनियों के शेयर बेचकर तय समय से पहले नकदी हासिल करने का अवसर मिलेगा। इससे उनकी वित्तीय जरूरतें आसानी से पूरी हो सकेंगी। • कंपनियों की स्थिति: स्टार्टअप्स के लिए अपने बेहतरीन कर्मचारियों को लंबे समय तक रोके रखना आसान हो जाएगा क्योंकि उन्हें नौकरी छोड़ने की जरूरत नहीं पड़ेगी। • बाजार का दायरा: अब केवल सबसे बड़ी और अरबों डॉलर वाली कंपनियां ही नहीं, बल्कि मध्यम स्तर के स्टार्टअप्स भी इस सुविधा का लाभ अपने कर्मचारियों को दे सकेंगे। • निवेशकों की भूमिका: शुरुआती निवेशकों और चुनिंदा खरीदारों के लिए भी शेयरों की खरीद-फरोख्त की पूरी प्रक्रिया काफी सरल और पारदर्शी बन जाएगी। ऐसा क्यों हुआ निजी क्षेत्र की कंपनियां अब शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने से बच रही हैं और लंबे समय तक निजी बनी रहना चाहती हैं, जिससे कर्मचारियों के पास अपने शेयरों को बेचने का कोई जरिया नहीं बचता था। इस समस्या के समाधान के लिए ही दोनों कंपनियों ने यह कदम उठाया है। • लंबा निजी कार्यकाल: आजकल के स्टार्टअप्स शेयर बाजार में जाने के बजाय बारह से पंद्रह साल तक निजी रूप से काम करना पसंद कर रहे हैं, जिससे कर्मचारियों का पैसा लंबे समय तक फंस जाता है। • कर्मचारियों का पलायन रोकना: नकदी न मिलने के कारण बेहतरीन प्रतिभाएं सार्वजनिक कंपनियों की तरफ रुख कर रही थीं, जिसे रोकने के लिए समय पर शेयर बेचना जरूरी हो गया है। • मांग में बढ़ोतरी: पिछले कुछ वर्षों में सीरीज सी और उसके बाद के दौर की कंपनियों में टेंडर ऑफर्स की मांग तीन गुना तक बढ़ चुकी है, जिससे इस क्षेत्र में एक नए मंच की जरूरत महसूस हुई। • प्रक्रिया का सरलीकरण: न्यूव्यू के पास डील स्ट्रक्चरिंग का अनुभव है और कार्टा के पास इक्विटी प्लेटफॉर्म है, जिससे दोनों ने मिलकर इस जटिल प्रक्रिया को आसान बना दिया है। सवाल-जवाब 1. कार्टा और न्यूव्यू कैपिटल की साझेदारी का मुख्य उद्देश्य क्या है? इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य निजी स्टार्टअप्स के लिए कर्मचारियों और शुरुआती निवेशकों द्वारा टेंडर ऑफर्स के जरिए अपने शेयर बेचना और लिक्विडिटी प्रोग्राम चलाना आसान बनाना है। 2. रवि विश्वनाथन कौन हैं? रवि विश्वनाथन न्यूव्यू कैपिटल के संस्थापक और प्रबंध साझेदार हैं। 3. हालिया अध्ययन के अनुसार टेंडर ऑफर्स में पिछले तीन वर्षों में कितनी वृद्धि हुई है? अध्ययन के अनुसार सीरीज सी और उसके बाद के चरण के स्टार्टअप्स के लिए टेंडर ऑफर्स पिछले तीन वर्षों में तीन गुना बढ़ गए हैं। 4. साल 2026 के शुरुआती छह महीनों में कितनी बार टेंडर ऑफर्स को अंजाम दिया गया? डेटासेट के अनुसार साल 2026 की पहली छमाही में कुल 44 टेंडर ऑफर्स को निष्पादित किया गया। 5. हाइटच स्टार्टअप ने किस मूल्यांकन पर अपना टेंडर ऑफर आयोजित किया था? हाइटच ने पिछले साल एक अरब तीस करोड़ डॉलर के मूल्यांकन पर अपना टेंडर ऑफर आयोजित किया था। 6. किन अन्य कंपनियों ने हाल ही में टेंडर ऑफर्स की पेशकश की है? डिकैगन, वेव और एलेवेनलैब्स जैसी कंपनियों ने हाल ही में ऐसे ऑफर्स पूरे किए हैं। https://trendkia.com/startups/startaapa-karmachariyon-ko-jalda-sheyara-bechane-ka-mauka-dene-ke-lie-carta-aura-newview-ne-milaya-hatha-52022 TrendKia — Har trend, sabse pehle.