# हार्डवेयर निर्माण की धीमी रफ्तार को बदलने आ रही है अन्ना गोल्डी और अजलिया मिर्होसेनी की कंपनी रिकर्सिव इंटेलिजेंस

> गूगल डीपमाइंड की पूर्व वैज्ञानिकों द्वारा शुरू की गई रिकर्सिव इंटेलिजेंस चिप डिजाइन प्रक्रिया को हफ्तों में समेटने की तैयारी में है। इस स्टार्टअप ने कम समय में ही भारी-भरकम फंडिंग हासिल कर ली है।

**Type:** article · **Category:** स्टार्टअप्स · **Published:** 2026-09-26 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/startups/techcrunch-disrupt-2026-ricursive-intelligence-ke-anna-goldie-aura-azalia-mirhoseini-on-jaba-ai-khuda-dijaina-kare-hardaveyara-39056 · **Language:** Hindi
**Tags:** रिकर्सिव इंटेलिजेंस, चिप डिजाइन, अन्ना गोल्डी, अजलिया मिर्होसेनी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एनवीडिया, स्टार्टअप

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक को लगातार अधिक शक्तिशाली और उन्नत प्रोसेसर की आवश्यकता होती है। हालांकि, इन अत्याधुनिक चिप्स को तैयार करने की प्रक्रिया बेहद जटिल, महंगी और लंबी होती है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या कृत्रिम बुद्धिमत्ता खुद ही इस निर्माण कार्य का एक हिस्सा अपने हाथ में ले सकती है?

 

## चिप डिजाइनिंग की प्रक्रिया को तेज करना

यही वह मुख्य विचार है जिसके आधार पर रिकर्सिव इंटेलिजेंस की नींव रखी गई है। यह नया स्टार्टअप ऐसा सॉफ्टवेयर और तकनीक विकसित कर रहा है जो खुद चिप्स के डिजाइन तैयार कर सके, हर प्रक्रिया से सीख सके और अगले प्रोजेक्ट को और बेहतर ढंग से बना सके। यदि यह प्रयास सफल होता है, तो भविष्य में हार्डवेयर निर्माण की रफ्तार कई गुना बढ़ सकती है और एआई सिस्टम्स का विकास भी तेजी से हो सकेगा।

 मौजूदा समय में किसी एक चिप को पूरी तरह डिजाइन करने में दो से तीन साल का लंबा समय लग जाता है। लेकिन रिकर्सिव इंटेलिजेंस इस समयसीमा को घटाकर मात्र कुछ हफ्तों तक लाने का लक्ष्य लेकर चल रही है, जिससे तकनीक बाजार में बदलाव की रफ्तार काफी तेज हो जाएगी।

 

## संस्थापकों का पुराना और मजबूत अनुभव

अन्ना गोल्डी और अजलिया मिर्होसेनी पहले ही यह साबित कर चुकी हैं कि चिप निर्माण में एआई एक बड़ी और निर्णायक भूमिका निभा सकता है। रिकर्सिव इंटेलिजेंस की स्थापना करने से पहले दोनों ने गूगल में अल्फाचिप का सह-नेतृत्व किया था। यह एक ऐसा एआई सिस्टम था जो कुछ ही घंटों में चिप लेआउट तैयार कर सकता था, जबकि इंसानी डिजाइनरों को इसमें बहुत अधिक समय लगता था। उनके उस काम की मदद से गूगल के टेंसर प्रोसेसिंग यूनिट्स की कई पीढ़ियों को डिजाइन करने में मदद मिली थी।

 दोनों ने गूगल की एमएल फॉर सिस्टम्स टीम की भी सह-स्थापना की थी। इसके अलावा, दोनों एंथ्रोपिक में शुरुआती कर्मचारियों के रूप में जुड़ी रही हैं और गूगल डीपमाइंड में सीनियर स्टाफ रिसर्च साइंटिस्ट के पद पर काम कर चुकी हैं।

 

## शैक्षणिक पृष्ठभूमि और स्टार्टअप की शुरुआत

अन्ना गोल्डी रिकर्सिव की फाउंडर और सीईओ हैं। उन्होंने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में पीएचडी की है और उन्हें एमआईटी टेक्नोलॉजी रिव्यू की 35 इनोवेटर्स अंडर 35 सूची में भी शामिल किया जा चुका है। वहीं, अजलिया मिर्होसेनी कंपनी की फाउंडर और सीटीओ हैं। वह स्टैनफोर्ड में कंप्यूटर साइंस की असिस्टेंट प्रोफेसर हैं और वहां स्केलिंग इंटेलिजेंस लैब की संस्थापक भी हैं।

 इन दोनों ने मिलकर साल 2025 के अंत में इस स्टार्टअप की शुरुआत की थी। बाजार के निवेशकों ने इस विचार पर बहुत तेजी से भरोसा जताया और कंपनी ने महज चार महीने के भीतर 4 अरब डॉलर के वैल्यूएशन पर 33.5 करोड़ डॉलर जुटा लिए, जिसमें 30 करोड़ डॉलर की सीरीज ए फंडिंग भी शामिल है। इस निवेश दौर में एनवीडिया भी एक प्रमुख निवेशक के रूप में शामिल है।

 

## हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर का अनूठा चक्र

रिकर्सिव का मकसद चिप डिजाइनिंग के हर चरण को स्वचालित बनाना है, जिसमें कंपोनेंट प्लेसमेंट से लेकर डिजाइन वेरिफिकेशन तक के सभी काम शामिल हैं। इसके साथ ही यह सिस्टम विभिन्न चिप्स पर काम करते हुए सीखता है ताकि एक चिप के अनुभव से दूसरे को और बेहतर बनाया जा सके।

 यह एक ऐसा चक्र तैयार करता है जहां बेहतर एआई अधिक उन्नत हार्डवेयर बनाने में मदद करता है और वह बेहतर हार्डवेयर आगे की और शक्तिशाली एआई प्रणालियों को विकसित करने का मार्ग प्रशस्त करता है। अन्ना गोल्डी और अजलिया मिर्होसेनी का मानना है कि इस प्रक्रिया के तेज होने से नए चिप आर्किटेक्चर के द्वार खुलेंगे और अंततः अधिक सक्षम तथा ऊर्जा-कुशल एआई का विकास संभव हो सकेगा।

## इसका आप पर असर
चिप निर्माण के क्षेत्र में इस तकनीक के आने से पूरी तकनीक और एआई उद्योग पर गहरा प्रभाव पड़ेगा।

- **हार्डवेयर की कीमतों में बदलाव:** चिप डिजाइनिंग की प्रक्रिया तेज होने से भविष्य में एआई हार्डवेयर के उत्पादन की लागत में कमी आ सकती है। इससे उपभोक्ताओं और कंपनियों को सस्ते प्रोसेसर मिल सकेंगे।

- **तकनीक का विकास:** नए चिप्स कम समय में बनने से स्मार्टफोन, लैपटॉप और डेटा सेंटर्स की कार्यक्षमता और बैटरी लाइफ में तेजी से सुधार देखने को मिलेगा।

- **बाजार की गति:** हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के विकास का अंतराल कम होने से एआई मॉडल्स को नई क्षमताओं के साथ बाजार में उतरने में कम समय लगेगा।

- **निवेशकों के अवसर:** सेमीकंडक्टर और एआई इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े स्टार्टअप्स में वेंचर कैपिटल और निवेशकों की दिलचस्पी और ज्यादा बढ़ जाएगी।

## ऐसा क्यों हुआ
चिप निर्माण और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बीच की इस पहल के पीछे तकनीक की बढ़ती मांग और पारंपरिक इंजीनियरिंग की सीमाएं मुख्य कारण हैं।

- **बढ़ती कंप्यूटिंग मांग:** आधुनिक एआई मॉडल्स के आकार और क्षमता में भारी वृद्धि हुई है, जिसके कारण पारंपरिक हार्डवेयर विकास चक्र अब तेजी से बदलती जरूरतों को पूरा करने में असमर्थ साबित हो रहे हैं।

- **मानवीय सीमाओं का समाधान:** मानव इंजीनियरों द्वारा चिप के लेआउट और घटक व्यवस्था को तय करने में महीनों और साल लग जाते हैं, जिसे मशीन लर्निंग के जरिए काफी हद तक स्वचालित किया जा सकता है।

- **पूर्व शोध का विस्तार:** संस्थापकों ने पहले गूगल में अल्फाचिप पर काम करते हुए यह साबित कर दिया था कि एआई चिप डिजाइन के कठिन चरणों को घंटों में पूरा कर सकता है।

- **भारी वित्तीय समर्थन:** निवेशकों द्वारा अल्पकालिक अवधि में 33.5 करोड़ डॉलर की बड़ी पूंजी उपलब्ध कराने से इस स्टार्टअप को अपनी तकनीक तेजी से विकसित करने का संसाधन मिल गया है।

## सवाल-जवाब

### 1. रिकर्सिव इंटेलिजेंस क्या करती है?
यह स्टार्टअप ऐसी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक विकसित कर रहा है जो चिप्स को डिजाइन करने, उनसे सीखने और अगली प्रक्रिया को सुधारने में मदद करती है।

### 2. इस स्टार्टअप की स्थापना किसने की है?
इसकी स्थापना अन्ना गोल्डी और अजलिया मिर्होसेनी ने की है, जो पहले गूगल और एंथ्रोपिक में काम कर चुकी हैं।

### 3. चिप डिजाइनिंग का समय कितना घटाने का लक्ष्य है?
रिकर्सिव इस पूरी प्रक्रिया को दो से तीन साल से घटाकर मात्र कुछ हफ्तों तक लाना चाहती है।

### 4. कंपनी ने कितनी फंडिंग जुटाई है?
कंपनी ने लॉन्च होने के चार महीने के भीतर 4 अरब डॉलर के मूल्यांकन पर 33.5 करोड़ डॉलर जुटाए हैं।

### 5. इस स्टार्टअप में कौन सी बड़ी कंपनी निवेशक है?
एनवीडिया इस कंपनी के निवेशकों में शामिल है।

## प्रेरणा और सबक
अन्ना गोल्डी और अजलिया मिर्होसेनी की यह व्यावसायिक यात्रा तकनीकी क्षेत्र में काम करने वाले नए उद्यमियों और शोधकर्ताओं के लिए प्रेरणादायक है।

- **विशेषज्ञता का लाभ उठाएं:** किसी क्षेत्र की गहरी समझ और वर्षों का शोध आपको अपने खुद के स्टार्टअप में बड़ी समस्याओं का समाधान करने की ताकत देता है।

- **जटिल समस्याओं को चुनें:** उद्योग की सबसे बड़ी और धीमी प्रक्रियाओं को पहचानकर उन्हें स्वचालित करने वाले विचार निवेशकों और बाजार का ध्यान तुरंत आकर्षित करते हैं।

- **मजबूत नेटवर्क बनाएं:** गूगल और एंथ्रोपिक जैसी अग्रणी कंपनियों में शुरुआती स्तर पर काम करने से मिलने वाला अनुभव बड़े उद्यम खड़े करने में सहायक होता है।

- **तेजी से निर्णय लें:** सही दृष्टिकोण और मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड होने पर निवेशक शुरुआती चरणों में भी बड़े पैमाने पर पूंजी का समर्थन करने के लिए तैयार रहते हैं।

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