# 11 साल की नौकरी छोड़ पॉलीहाउस में उगाई खीरे की बंपर फसल, जानें राजस्थान के किसान शाकिर खान की सफलता की कहानी

> राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले के शाकिर खान ने 11 साल की निजी नौकरी छोड़कर सवा बीघा पॉलीहाउस में खीरे की उन्नत खेती शुरू की है। वे तीन महीने की फसल चक्र में 40 टन पैदावार हासिल कर स्थानीय मंडियों के जरिए शानदार कमाई कर रहे हैं।

**Type:** article · **Category:** सक्सेस स्टोरी · **Published:** 2026-08-27 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/success-stories/11-sala-ki-naukari-chhora-polihausa-men-ugai-khire-ki-bnpara-phasala-janen-rajasthan-ke-kisana-shakir-khan-ki-saphalata-ki-kahani-23074 · **Language:** Hindi
**Tags:** शाकिर खान, खीरे की खेती, पॉलीहाउस खेती, खैरथल तिजारा, राजस्थान किसान, कृषि नवाचार

राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले के दयालपुर गांव में एक युवा किसान ने परंपरागत कृषि की सीमाओं से आगे बढ़कर आधुनिक तकनीक के बल पर शानदार सफलता हासिल की है। ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के बाद 11 वर्षों तक एक निजी कंपनी में कार्यरत रहे शाकिर खान ने नौकरी छोड़कर खीरे की व्यावसायिक खेती अपनाने का फैसला किया। आज वे सवा बीघा जमीन पर बने पॉलीहाउस के जरिए बंपर पैदावार ले रहे हैं और स्थानीय मंडियों में अपना उत्पाद बेचकर बेहतर मुनाफा कमा रहे हैं।

## कृषि कंपनी के अनुभव और यूट्यूब से मिली प्रेरणा
दयालपुर निवासी शाकिर खान ने वर्ष 2014 से 2024 तक लगातार एक खाद और बीज निर्माता कंपनी में सेवाएं दीं। इस 11 साल के लंबे कार्यकाल के दौरान उन्हें क्षेत्र के सैकड़ों किसानों से सीधे संवाद करने और आधुनिक खेती के नए तौर-तरीकों को निकट से समझने का अवसर मिला। नौकरी में रहते हुए ही उन्होंने इंटरनेट और यूट्यूब का सहारा लेकर विभिन्न फसलों के उत्पादन लागत और लाभ के गणित का गहन अध्ययन किया। वे इस बात की तलाश में थे कि कम जमीन में कौन सा कृषि मॉडल सबसे अधिक लाभदायक सिद्ध हो सकता है।

## जयपुर के बसेड़ी में पॉलीहाउस मॉडल का निरीक्षण
अपने अध्ययन को व्यावहारिक रूप देने के लिए शाकिर खान ने जयपुर जिले के बसेड़ी क्षेत्र का दौरा किया। वहां उन्होंने लगभग 250 से 300 पॉलीहाउस का प्रत्यक्ष अवलोकन किया और वहां कार्यरत किसानों से उत्पादन तकनीकों तथा वित्तीय रिटर्न के संबंध में विस्तृत जानकारी जुटाई। इस दौरे के दौरान पॉलीहाउस में खीरे की रिकॉर्ड पैदावार और उससे होने वाले लाभ को देखकर उन्हें यह भरोसा हो गया कि संरक्षित खेती ही भविष्य का सबसे मजबूत व्यापारिक विकल्प है। इसके बाद वर्ष 2024 में उन्होंने अपनी नियमित नौकरी को अलविदा कह दिया और अपने गांव लौटकर खुद का कृषि उद्यम शुरू करने का संकल्प लिया।

## सवा बीघा में पॉलीहाउस और उच्च गुणवत्ता वाली किस्म का चयन
शाकिर खान ने अपने खेत में लगभग सवा बीघा जमीन पर अत्याधुनिक पॉलीहाउस स्थापित किया। फसल के लिए उन्होंने उन्नत तकनीक वाले 'रेट्रो सीड कुकू 3D' किस्म के खीरे के बीजों का चयन किया। पॉलीहाउस की नियंत्रित परिस्थितियों के कारण पौधे तेजी से विकसित हुए और बीज रोपण के ठीक 36वें दिन से खीरे की पहली तुड़ाई आरंभ हो गई। इस तकनीक की मुख्य विशेषता यह है कि यह प्रतिकूल मौसम और कीटों के प्रकोप से फसल की रक्षा करती है, जिससे फलों की गुणवत्ता और चमक बाजार की मांग के अनुरूप बनी रहती है।

## 40 टन बंपर पैदावार और स्थानीय मंडियों में बिक्री
खीरे की यह फसल लगातार तीन महीने तक चलती है। इस चक्र के दौरान हर महीने लगभग 15 दिनों तक खीरे की तुड़ाई की जाती है। पूरी तीन महीने की अवधि में इस सवा बीघा पॉलीहाउस से लगभग 35 से 40 टन खीरे की कुल पैदावार प्राप्त होती है। शाकिर खान अपने इस ताजा उत्पाद को किशनगढ़ बास और तिजारा की स्थानीय कृषि उपज मंडियों में सीधे बेचते हैं। स्थानीय बाजारों में मांग अधिक होने के कारण उन्हें उपज का उचित मूल्य मिल जाता है, जिससे उनकी आय में कई गुना बढ़ोतरी हुई है।

## इसका आप पर असर
शाकिर खान की यह कृषि सफलता देश और स्थानीय स्तर पर किसानों तथा नौकरीपेशा युवाओं के लिए महत्वपूर्ण दिशा दिखाती है।

- **भारत में:** पारंपरिक खेती छोड़कर पॉलीहाउस जैसी संरक्षित कृषि तकनीकों को अपनाकर देश भर के छोटे किसान कम जमीन में बहुगुणा मुनाफा कमा सकते हैं।
- **राजस्थान में:** खैरथल-तिजारा और अलवर क्षेत्र के स्थानीय किसान किशनगढ़ बास तथा तिजारा की मंडियों में मांग के अनुरूप व्यावसायिक फसलें उगाकर अपनी आय बढ़ा सकते हैं।
- **युवाओं के लिए:** नौकरी के साथ-साथ डिजिटल माध्यमों से कृषि मॉडल सीखकर युवा कृषि-उद्यम में कदम रख सकते हैं।
- **उपभोक्ताओं के लिए:** स्थानीय स्तर पर पॉलीहाउस उत्पादन से आसपास के शहरों में ग्राहकों को साल भर तरोताजा और उच्च गुणवत्ता वाला खीरा मिलता है।

## सवाल-जवाब

### 1. शाकिर खान कहां के निवासी हैं?
शाकिर खान राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले के किशनगढ़ बास क्षेत्र स्थित दयालपुर गांव के निवासी हैं।

### 2. शाकिर खान ने कितने समय तक नौकरी करने के बाद खेती शुरू की?
उन्होंने वर्ष 2014 से 2024 तक लगभग 11 वर्षों तक एक खाद-बीज कंपनी में नौकरी की, जिसके बाद 2024 में खेती का व्यवसाय शुरू किया।

### 3. पॉलीहाउस में खीरे की तुड़ाई कितने दिनों में शुरू हो जाती है?
बीज रोपण के बाद 36वें दिन से पॉलीहाउस में खीरे की पहली तुड़ाई शुरू हो जाती है।

### 4. सवा बीघा पॉलीहाउस से कुल कितना खीरे का उत्पादन होता है?
तीन महीने के पूरे फसल चक्र में लगभग 35 से 40 टन खीरे की कुल पैदावार प्राप्त होती है।

### 5. शाकिर खान खीरे की कौन सी किस्म की खेती कर रहे हैं?
वे 'रेट्रो सीड कुकू 3D' किस्म के खीरे की खेती कर रहे हैं।

## प्रेरणा और सबक
**सफलता के मुख्य सूत्र और प्रेरणादायक पाठ:**

- **पूर्व अनुभव का लाभ उठाएं:** शाकिर खान ने खाद-बीज कंपनी में 11 वर्षों के कार्य अनुभव का उपयोग आधुनिक कृषि पद्धतियों को समझने में किया।
- **तकनीकी शोध और डिजिटल शिक्षण:** नौकरी के दौरान ही उन्होंने यूट्यूब और इंटरनेट के माध्यम से विभिन्न फसलों की लागत और लाभ का गहन विश्लेषण किया।
- **मैदानी निरीक्षण और प्रत्यक्ष अवलोकन:** केवल ऑनलाइन जानकारी पर निर्भर न रहकर वे जयपुर के बसेड़ी पहुंचे और 250 से 300 पॉलीहाउस का प्रत्यक्ष अध्ययन किया।
- **नियंत्रित जोखिम और सही किस्म का चयन:** उन्होंने अपने खेत में सवा बीघा पॉलीहाउस लगाकर 'रेट्रो सीड कुकू 3D' जैसी उन्नत किस्म चुनी, जिससे 36वें दिन से तुड़ाई शुरू हुई और 40 टन तक पैदावार मिली।

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