# 3 विषयों में फेल होने वाले पंकज यादव ने 30 की उम्र में छोड़ी इंजीनियरिंग की नौकरी, बिना कोचिंग निकालीं 7 PCS परीक्षाएं

> स्कूल में तीन विषयों में फेल होने पर शिक्षक का ताना झेलने वाले पंकज यादव ने 30 साल की उम्र में लाखों के पैकेज वाली इलेक्ट्रिकल इंजीनियर की नौकरी छोड़कर इतिहास रच दिया। उन्होंने बिना किसी कोचिंग या मॉक टेस्ट के 7 अलग-अलग स्टेट PCS परीक्षाओं में सफलता हासिल की।

**Type:** article · **Category:** सक्सेस स्टोरी · **Published:** 2026-08-28 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/success-stories/3-vishayon-men-phela-hone-vale-pankaj-yadav-ne-30-ki-umra-men-chhori-injiniyaringa-ki-naukari-bina-kochinga-nikalin-7-pcs-pariksha-23546 · **Language:** Hindi
**Tags:** पंकज यादव, पीसीएस परीक्षा, सफलता की कहानी, सिविल सर्विसेज, बिना कोचिंग सफलता, इंजीनियरिंग

जीवन में सफलता की राह न तो उम्र के बंधनों से तय होती है और न ही शुरुआती परिस्थितियों की मोहताज होती है। पंकज यादव की जीवन यात्रा इस बात का सबसे सटीक और प्रेरणादायक उदाहरण पेश करती है। अपने स्कूल के दिनों में एक समय तीन-तीन विषयों में एक साथ अनुत्तीर्ण होने वाले पंकज यादव ने बाद में न सिर्फ अपनी कक्षा में शीर्ष स्थान हासिल किया, बल्कि 30 साल की उम्र में एक बेहतरीन और उच्च वेतन वाली कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर इतिहास रच दिया। शादीशुदा जीवन और एक बच्चे के पिता होने की पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच, बिना किसी प्राइवेट कोचिंग संस्थान की मदद लिए, बिना किसी मॉक टेस्ट सीरीज में भाग लिए और बिना किसी विशेष उत्तर लेखन अभ्यास के, उन्होंने अपनी लगन से राज्य सिविल सेवा यानी PCS की 7 अलग-अलग परीक्षाएं उत्तीर्ण कर एक शानदार रिकॉर्ड कायम किया।

## स्कूल में तीन विषयों में असफलता और शिक्षक की चुनौती
पंकज यादव का शुरुआती स्कूली सफर बिल्कुल भी आसान नहीं रहा था। पढ़ाई के दौरान एक समय ऐसा आया जब वे तीन अलग-अलग विषयों में फेल हो गए। इस विफलता पर उनके स्कूल शिक्षक ने पूरी कक्षा के सामने उन्हें नीचा दिखाते हुए ताना मारा था। शिक्षक ने उन्हें चुनौती देते हुए कहा था कि यदि वे 60 प्रतिशत अंक भी हासिल कर लें, तभी जीवन में आगे चलकर कुछ हासिल करने की उम्मीद की जा सकती है। उस समय कक्षा में उपस्थित किसी भी व्यक्ति ने यह कल्पना भी नहीं की होगी कि ताना सुनने वाला वही छात्र आगे चलकर एक मिसाल कायम करेगा।

पंकज ने शिक्षक के इस अपमानजनक तंज को दिल पर ले लिया और निराश होने के बजाय इसे एक अवसर के रूप में स्वीकार किया। वे अपने पिता की दुकान पर पहुंचे और वहां बने स्टोर रूम की सफाई में जुट गए। स्टोर रूम में फर्श पर बिखरा हुआ गुड़ उन्होंने खुद साफ किया, जमीन पर एक बोरी बिछाई और वहीं एक साधारण टेबल तथा कुर्सी लगाकर अपनी पढ़ाई की जगह तैयार कर ली। उन्होंने दिन और रात एक करके पढ़ाई शुरू कर दी। इस कठोर परिश्रम का परिणाम यह रहा कि पंकज ने न केवल 60 प्रतिशत अंक प्राप्त करने की चुनौती पूरी की, बल्कि पूरे स्कूल में पहला स्थान हासिल करके टॉप भी किया।

## 30 साल की उम्र में कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ने का बड़ा फैसला
स्कूल में टॉपर बनने के बाद पंकज यादव ने अपनी शिक्षा को आगे बढ़ाते हुए इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिग्री प्राप्त की। इसके बाद उन्हें एक प्रतिष्ठित कंपनी में इलेक्ट्रिकल इंजीनियर के पद पर बेहद आकर्षक सैलरी वाली नौकरी मिल गई। जब वे 30 वर्ष के हुए, तब तक वे पूरी तरह से अपने करियर में स्थापित हो चुके थे। वे शादीशुदा थे और एक छोटे बेटे के पिता भी बन चुके थे। बाहर से देखने पर उनका जीवन हर लिहाज से एकदम व्यवस्थित और सफल दिखाई दे रहा था, लेकिन उनके भीतर सिविल सर्विसेज में जाने का सपना लगातार बना हुआ था।

जब पंकज ने अपनी इस मोटी सैलरी वाली प्राइवेट नौकरी को छोड़कर सरकारी नौकरी और सिविल सेवाओं की तैयारी करने का निर्णय लिया, तो उनके करीबियों और दोस्तों ने इसका विरोध किया। कई लोगों ने 30 की उम्र में इस तरह का जोखिम उठाने पर उन्हें पागल तक कह दिया। हालांकि, पंकज अपने फैसले पर पूरी तरह अडिग रहे और उन्होंने किसी की बातों से प्रभावित हुए बिना अपनी इंजीनियरिंग की नौकरी से त्यागपत्र दे दिया।

## बिना कोचिंग और मॉक टेस्ट के 7 PCS परीक्षाओं में सफलता
नौकरी छोड़ने के बाद पंकज यादव ने सिविल सेवा की तैयारी में अपना पूरा ध्यान केंद्रित कर दिया। उन्होंने शुरुआत में संघ लोक सेवा आयोग यानी UPSC की सिविल सेवा परीक्षा दी, लेकिन उसमें वे सफल नहीं हो सके। इस परिणाम से निराश होकर रुकने के बजाय उन्होंने अपनी रणनीति बदली और अपना ध्यान स्टेट सिविल सर्विसेज यानी PCS परीक्षाओं पर केंद्रित कर दिया।

अपनी तैयारी के दौरान पंकज ने किसी भी प्राइवेट कोचिंग संस्थान की मदद नहीं ली। उन्होंने बाजार की टेस्ट सीरीज या स्पेशल राइटिंग प्रैक्टिस में भाग नहीं लिया। वे केवल सेल्फ स्टडी और सख्त अनुशासन के बल पर आगे बढ़े। इस रणनीति के दम पर उन्होंने एक-एक करके 7 अलग-अलग स्टेट PCS एग्जाम क्रैक करके इतिहास रच दिया। पंकज यादव का यह सफर साबित करता है कि यदि संकल्प मजबूत हो और भटकाव से दूरी बनाई जाए, तो मंजिल तक पहुंचने में कोई भी चुनौती आड़े नहीं आ सकती।

## इसका आप पर असर
यह कहानी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों और करियर में बदलाव चाह रहे युवाओं के लिए एक व्यावहारिक मार्गदर्शिका प्रदान करती है:

- **सरकारी नौकरी के अभ्यर्थियों के लिए:** यह साबित होता है कि परीक्षाओं को पास करने के लिए महंगे कोचिंग संस्थानों या टेस्ट सीरीज पर वित्तीय निर्भरता अनिवार्य नहीं है।
- **करियर बदलने वाले पेशेवरों के लिए:** 30 वर्ष की आयु के बाद भी पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ सिविल सेवाओं जैसे नए क्षेत्रों में कदम रखा जा सकता है।
- **कमजोर पृष्ठभूमि वाले विद्यार्थियों के लिए:** शुरुआती अकादमिक असफलताएं कभी भी भविष्य की सफलता का अंतिम पैमाना नहीं तय करती हैं।
- **आत्म-अनुशासन की ताकत:** किसी भी परीक्षा में निरंतरता और भटकाव से दूरी ही सफलता की मुख्य कुंजी होती है।

## सवाल-जवाब

### 1. पंकज यादव ने स्कूल में क्या चुनौती झेली थी?
स्कूल के दिनों में पंकज यादव तीन विषयों में फेल हो गए थे, जिसके बाद उनके शिक्षक ने पूरी क्लास के सामने उन्हें 60% अंक लाने का ताना दिया था।

### 2. शिक्षक के ताने के बाद पंकज ने क्या कदम उठाया?
उन्होंने अपने पिता की दुकान के स्टोर रूम में गुड़ की सफाई की, जमीन पर बोरी बिछाई और टेबल-कुर्सी लगाकर कठिन पढ़ाई की, जिससे वे स्कूल टॉपर बने।

### 3. पंकज यादव ने किस उम्र में कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ी?
पंकज यादव ने 30 साल की उम्र में एक नामी कंपनी में इलेक्ट्रिकल इंजीनियर के रूप में कार्यरत रहते हुए अपनी उच्च वेतन वाली नौकरी छोड़ दी थी।

### 4. क्या पंकज यादव सिविल सेवा की तैयारी के दौरान शादीशुदा थे?
हाँ, जब पंकज ने सरकारी नौकरी की तैयारी के लिए निजी नौकरी छोड़ी, तब वे शादीशुदा थे और एक बेटे के पिता थे।

### 5. पंकज यादव ने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कैसे की?
उन्होंने किसी भी प्राइवेट कोचिंग, मॉक टेस्ट या स्पेशल राइटिंग प्रैक्टिस के बिना सिर्फ सेल्फ स्टडी और कड़े अनुशासन के दम पर तैयारी की।

### 6. पंकज यादव ने कुल कितनी PCS परीक्षाएं क्रैक कीं?
UPSC में सफलता न मिलने के बाद उन्होंने अपना ध्यान राज्य सिविल सेवाओं पर केंद्रित किया और 7 अलग-अलग स्टेट PCS एग्जाम पास किए।

## प्रेरणा और सबक
पंकज यादव के जीवन और सिविल सर्विसेज के सफर से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवा कई महत्वपूर्ण सबक सीख सकते हैं:

- **तानों को प्रेरणा में बदलना:** जब शिक्षक ने कक्षा में नीचा दिखाया, तो पंकज ने निराश होने के बजाय उस चुनौती को स्वीकार किया और कठोर परिश्रम से स्कूल टॉपर बने।
- **दृढ़ संकल्प और आत्म-विश्वास:** 30 साल की उम्र में शादीशुदा और एक बच्चे के पिता होने के बावजूद, लोगों की बातों की परवाह किए बिना अपनी इच्छा के लिए बड़ा जोखिम उठाया।
- **आत्म-अध्ययन का महत्व:** बिना किसी कोचिंग संस्थान या टेस्ट सीरीज के केवल अनुशासित सेल्फ स्टडी के दम पर 7 परीक्षाएं पास करके साबित किया कि दिशा सही हो तो महंगी कोचिंग की जरूरत नहीं होती।
- **असंतोष को लक्ष्य में बदलना:** एक असफलता (UPSC) के बाद हिम्मत हारने की जगह अपने फोकस को स्टेट PCS पर स्थानांतरित किया और बड़ी सफलता हासिल की।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._