# 49 की उम्र में बेटे को देखकर थामी राइफल, बेगूसराय के डॉक्टर ने राज्य चैंपियनशिप में जीता गोल्ड

> बेगूसराय के डॉक्टर अजय कुमार ने 49 साल की उम्र में 36वीं बिहार राज्य शूटिंग चैंपियनशिप-2026 के 50 मीटर प्रोन पीप साइट मास्टर इवेंट में गोल्ड मेडल जीता। शूटिंग की प्रेरणा उन्हें अपने बेटे से मिली, जो एक राष्ट्रीय स्तर के निशानेबाज हैं।

**Type:** article · **Category:** सक्सेस स्टोरी · **Published:** 2026-06-25 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/success-stories/49-ki-umra-men-bete-ko-dekhakara-thami-raiphala-begusarai-ke-doctor-ne-rajya-chainpiyanashipa-men-jita-golda-2935 · **Language:** Hindi
**Tags:** बेगूसराय शूटिंग, बिहार राज्य शूटिंग चैंपियनशिप, डॉ अजय कुमार, 50 मीटर प्रोन इवेंट, गोल्ड मेडल, प्रेरणादायक कहानी

उम्र को कभी किसी सपने के आड़े नहीं आने देना चाहिए, यह बात बिहार के बेगूसराय के एक डॉक्टर ने सच कर दिखाई है। पेशे से चिकित्सक डॉ. अजय कुमार ने 49 साल की उम्र में निशानेबाजी की दुनिया में वह मुकाम हासिल किया है, जिसके लिए कई युवा शूटर सालों तक मेहनत करते रहते हैं। उन्होंने 36वीं बिहार राज्य शूटिंग चैंपियनशिप-2026 के 50 मीटर प्रोन पीप साइट मास्टर इवेंट में गोल्ड मेडल अपने नाम कर बेगूसराय ही नहीं, पूरे बिहार को गौरवान्वित किया है। दिलचस्प बात यह है कि इस खेल की तरफ उनका रुझान किसी कोच या दोस्त से नहीं, बल्कि अपने ही बेटे को देखकर पैदा हुआ, जो एक राष्ट्रीय स्तर के निशानेबाज हैं। आज वे सिर्फ एक कामयाब डॉक्टर नहीं, बल्कि एक बेहतरीन शूटर के तौर पर भी जाने जाने लगे हैं।

## करीब 50 प्रतिभागियों को पीछे छोड़ा
यह चैंपियनशिप पटना के अख्तियारपुर मंझौली, विक्रम स्थित साकेत सिंह शूटिंग एकेडमी में आयोजित हुई थी। यहां 50 मीटर प्रोन पीप साइट एकल मास्टर इवेंट में डॉ. अजय कुमार ने हिस्सा लिया और करीब 50 प्रतिभागियों को पीछे छोड़ते हुए गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया। उनके बेटे को बेगूसराय का पहला जूनियर नेशनल शूटर होने का गौरव हासिल है। बेटे को अलग-अलग प्रतियोगिताओं में लेकर जाते समय अजय कुमार ने गौर किया कि उनकी ही उम्र के कई लोग भी निशानेबाजी में कमाल का प्रदर्शन कर रहे हैं। बस यहीं से उनके मन में भी इस खेल को आजमाने की चाहत जगी और उन्होंने राइफल थाम ली।

## हर सुबह दो घंटे का अभ्यास और आधा घंटा योग
डॉक्टर होने की वजह से उनकी दिनचर्या बेहद व्यस्त रहती है, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने शूटिंग के लिए वक्त निकालने का रास्ता खोज ही लिया। वे रोज सुबह करीब दो घंटे बेगूसराय शूटिंग रेंज में अभ्यास करते थे। इसके अलावा रोजाना आधा घंटा योग भी उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन गया, जिससे उन्हें एकाग्रता और शरीर का संतुलन बनाए रखने में काफी मदद मिली। लगभग एक महीने की लगातार मेहनत के बाद उन्होंने राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में सोने का तमगा जीतकर अपने सपने को हकीकत में बदल दिया।

## कोच को दिया जीत का श्रेय
अपनी इस कामयाबी का पूरा श्रेय डॉ. अजय कुमार अपने कोच मोहम्मद इमाम आजम को देते हैं। मोहम्मद इमाम आजम बैंक ऑफ इंडिया, बेगूसराय में कार्यरत हैं और लंबे समय से निशानेबाजों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। अजय कुमार बताते हैं कि उनके कोच ने तकनीक के हर बारीक पहलू पर ध्यान देकर मार्गदर्शन किया और हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाते रहे। इसी का नतीजा रहा कि वे यह उपलब्धि हासिल कर सके।

## अब निगाहें राष्ट्रीय मंच पर
गोल्ड जीतने के बाद अब डॉ. अजय कुमार का अगला लक्ष्य राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करना है, ताकि वे बिहार का नाम पूरे देश में चमका सकें। बता दें कि इस चैंपियनशिप में बिहार के अलग-अलग जिलों से करीब 300 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। ऐसे में इतनी बड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच मिली इस जीत ने उन्हें जिले के गौरव और एक प्रेरणास्रोत के रूप में स्थापित कर दिया है।

## इसका आप पर असर
- **हर पाठक के लिए:** यह कहानी बताती है कि किसी भी खेल या लक्ष्य को अपनाने की कोई तय उम्र नहीं होती, व्यस्त दिनचर्या में भी रोज थोड़ा समय निकालकर बड़ी उपलब्धि पाई जा सकती है।
- **बेगूसराय में:** स्थानीय युवाओं और शूटिंग में रुचि रखने वालों के लिए बेगूसराय शूटिंग रेंज एक भरोसेमंद अभ्यास स्थल साबित हो रहा है, जहां तैयारी कर राज्य स्तर तक पहुंचा जा सकता है।

## सवाल-जवाब

### 1. डॉ. अजय कुमार ने कौन सा मेडल और किस इवेंट में जीता?
उन्होंने 36वीं बिहार राज्य शूटिंग चैंपियनशिप-2026 के 50 मीटर प्रोन पीप साइट मास्टर इवेंट में गोल्ड मेडल जीता।

### 2. जीत के समय उनकी उम्र कितनी थी?
जीत के समय डॉ. अजय कुमार की उम्र 49 साल थी।

### 3. उन्हें शूटिंग की प्रेरणा कहां से मिली?
शूटिंग की प्रेरणा उन्हें अपने बेटे से मिली, जो एक राष्ट्रीय स्तर के निशानेबाज हैं और बेगूसराय के पहले जूनियर नेशनल शूटर हैं।

### 4. चैंपियनशिप कहां आयोजित हुई थी?
यह चैंपियनशिप पटना के अख्तियारपुर मंझौली, विक्रम स्थित साकेत सिंह शूटिंग एकेडमी में आयोजित हुई थी।

### 5. इस प्रतियोगिता में कितने खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था?
इस चैंपियनशिप में बिहार के अलग-अलग जिलों से करीब 300 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था, और उनके इवेंट में करीब 50 प्रतिभागी थे।

### 6. उन्होंने अभ्यास कैसे और कहां किया?
वे रोज सुबह करीब दो घंटे बेगूसराय शूटिंग रेंज में अभ्यास करते थे और प्रतिदिन आधा घंटा योग भी करते थे।

### 7. उन्होंने अपनी जीत का श्रेय किसे दिया?
उन्होंने अपनी जीत का श्रेय अपने कोच मोहम्मद इमाम आजम को दिया, जो बैंक ऑफ इंडिया, बेगूसराय में कार्यरत हैं।

### 8. अब उनका अगला लक्ष्य क्या है?
उनका अगला लक्ष्य राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर बिहार का नाम पूरे देश में रोशन करना है।

## प्रेरणा और सबक
- **उम्र को बाधा न बनने दें:** 49 साल की उम्र में राइफल थामकर अजय कुमार ने दिखाया कि नई शुरुआत के लिए कभी देर नहीं होती।
- **प्रेरणा कहीं से भी मिल सकती है:** उन्हें यह राह अपने बेटे को प्रतियोगिताओं में ले जाते समय मिली, यानी खुली नजर रखें तो प्रेरणा अपने ही आसपास से मिल जाती है।
- **व्यस्तता बहाना नहीं:** डॉक्टरी की भागदौड़ के बीच भी रोज दो घंटे अभ्यास के लिए निकालना अनुशासन और प्राथमिकता तय करने की मिसाल है।
- **शरीर और मन दोनों साधें:** रोजाना आधा घंटा योग को रूटीन में जोड़ने से उन्हें एकाग्रता और संतुलन मिला, जो किसी भी लक्ष्य के लिए जरूरी है।
- **सही मार्गदर्शन की कीमत समझें:** उन्होंने अपनी जीत का श्रेय कोच को देकर बताया कि अच्छे गुरु और लगातार हौसलाअफजाई कामयाबी की रफ्तार बढ़ा देती है।

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