{
  "type": "article",
  "title": "अमेज़न का आकर्षक पैकेज ठुकराकर यूपीएससी में 3 बार असफल हुए विवेकानंद पासम, फिर कैट में लहराया परचम और पहुंचे आईआईएम बैंगलोर",
  "summary": "आईआईटी हैदराबाद से बीटेक करने वाले विवेकानंद पासम ने यूपीएससी के लिए अमेज़न का लाखों वाला जॉब ऑफर छोड़ दिया था। 3 लगातार असफलताओं के बाद उन्होंने कैट परीक्षा क्रैक कर आईआईएम बैंगलोर में एडमिशन हासिल किया।",
  "content": "देश के प्रतिष्ठित टेक और मैनेजमेंट संस्थानों से पढ़ाई करना लाखों युवाओं का सपना होता है, लेकिन जब लक्ष्य प्रशासनिक सेवा का हो तो बड़े से बड़ा कॉर्पोरेट पैकेज भी छोटा लगने लगता है। आईआईटी हैदराबाद से कंप्यूटर साइंस में बीटेक करने वाले विवेकानंद पासम की कहानी कुछ ऐसी ही है। उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए बहुराष्ट्रीय कंपनी अमेज़न का लाखों का सैलरी पैकेज ठुकरा दिया था। हालांकि यूपीएससी की कठिन डगर पर लगातार तीन बार असफलता मिलने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपनी रणनीति बदलकर प्रबंधन क्षेत्र की सर्वोच्च कैट परीक्षा क्रैक करते हुए आईआईएम बैंगलोर में जगह बना ली।\n\nआईआईटी हैदराबाद में प्लेसमेंट और अमेज़न का बड़ा ऑफर\nविवेकानंद पासम का शैक्षणिक सफर देश के शीर्ष इंजीनियरिंग संस्थानों में से एक आईआईटी हैदराबाद से शुरू हुआ। कंप्यूटर साइंस स्ट्रीम में बीटेक की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने अपनी बेहतरीन तकनीकी और विश्लेषणात्मक क्षमताओं का परिचय दिया। कैंपस प्लेसमेंट के दौरान दिग्गज वैश्विक टेक कंपनी अमेज़न ने उन्हें बेहद आकर्षक वेतन पैकेज पर जॉब का प्रस्ताव दिया। आम तौर पर बीटेक विद्यार्थियों के लिए यह एक स्वप्निल शुरुआत मानी जाती है, लेकिन विवेकानंद के मन में देश सेवा और प्रशासनिक अधिकारी बनने का जुनून था। अपने परिवार और सहयोगियों की भारी अपेक्षाओं के बावजूद उन्होंने एक साहसिक फैसला लिया और अमेज़न के उच्च वेतन वाले जॉब ऑफर को स्वीकार करने के बजाय पूर्णकालिक रूप से यूपीएससी की तैयारी में उतरने का मार्ग चुना।\n\nयूपीएससी में लगातार तीन असफलताएं और आत्ममंथन\nसिविल सेवा परीक्षा की राह जितनी आकर्षक नजर आती है, वास्तविक धरातल पर उसकी चुनौतियाँ उतनी ही कठिन होती हैं। विवेकानंद पासम ने पूरे समर्पण और दिन-रात की मेहनत के साथ यूपीएससी की तैयारी शुरू की। हालांकि कड़ी मेहनत के बावजूद किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया और एक के बाद एक तीन प्रयासों में उन्हें निराशा हाथ लगी। लगातार तीन बार असफल होने के बाद किसी भी अभ्यर्थी का मनोबल टूटना स्वाभाविक था। उनके मन में यह सवाल उठना भी लाजमी था कि क्या अमेज़न का शानदार करियर ऑफर छोड़ना एक गलत निर्णय था। इस मानसिक दबाव और निराशा के क्षणों में उन्होंने अपनी कमजोरियों और व्यावहारिक क्षमताओं का निष्पक्ष आकलन किया।\n\nरणनीति में बदलाव और कैट परीक्षा से नई दिशा\nयूपीएससी के झटकों से उबरने के बाद विवेकानंद पासम ने अपनी करियर रणनीति को नए सिरे से गढ़ा। उन्होंने पहचाना कि उनके पास गणितीय, विश्लेषणात्मक और समस्‍या-समाधान कौशल का मजबूत आधार मौजूद है। इसी आधार पर उन्होंने देश की सबसे प्रतिष्ठित और कठिन मैनेजमेंट प्रवेश परीक्षा कैट यानी कॉमन एडमिशन टेस्ट में शामिल होने का फैसला किया। यूपीएससी की लंबी तैयारी के दौरान बनी अनुशासित अध्ययन शैली तथा आईआईटी हैदराबाद के मजबूत शैक्षणिक बैकग्राउंड ने उन्हें कैट के पाठ्यक्रम को तेजी से समझने में बहुत सहायता प्रदान की।\n\nआईआईएम बैंगलोर में प्रवेश और युवाओं के लिए संदेश\nकैट परीक्षा के परिणामों ने यह साबित कर दिया कि सही दिशा में की गई मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती। शानदार स्कोर और शीर्ष परसेंटाइल हासिल करने के बाद विवेकानंद पासम को देश के सबसे प्रमुख बी-स्कूल आईआईएम बैंगलोर से एमबीए कार्यक्रम में प्रवेश का बुलावा मिल गया। वर्तमान में वे आईआईएम बैंगलोर से अपनी प्रबंधन की पढ़ाई पूरी कर रहे हैं और कॉर्पोरेट जगत में नेतृत्वकारी भूमिकाओं की ओर मजबूती से कदम बढ़ा रहे हैं। उनकी यह यात्रा देश के उन लाखों अभ्यर्थियों के लिए एक प्रेरक मिसाल है, जो किसी एक प्रतिस्पर्धी परीक्षा में असफल होने के बाद अपना भविष्य अंधकारमय मान लेते हैं। विवेकानंद का सफर सिखाता है कि सफलता पाने का केवल एक ही रास्ता नहीं होता, यदि आपमें चुनौतियों का सामना करने का जज्बा है तो एक दरवाजा बंद होने पर उससे भी बेहतर नया अवसर आपका इंतजार कर रहा होता है।\n\nइसका आप पर असर\nव्यावहारिक सीख और मार्गदर्शन:\n\n• भारत भर में: यह कहानी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को एक क्षेत्र में असफलता मिलने पर अवसाद से बचने और वैकल्पिक करियर योजनाओं (Plan B) पर ध्यान केंद्रित करने की प्रेरणा देती है।\n• इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट छात्रों के लिए: तकनीकी बैकग्राउंड के छात्र यूपीएससी की तैयारी के दौरान विकसित विश्लेषणात्मक क्षमताओं का उपयोग प्रबंधन प्रवेश परीक्षाओं (CAT) में सफलतापूर्वक कर सकते हैं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. विवेकानंद पासम ने किस आईआईटी से बीटेक किया था?\nविवेकानंद पासम ने आईआईटी हैदराबाद से कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया था।\n\n2. उन्हें कैंपस प्लेसमेंट के दौरान किस कंपनी से नौकरी का ऑफर मिला था?\nकैंपस प्लेसमेंट के दौरान दिग्गज टेक कंपनी अमेज़न ने उन्हें आकर्षक सैलरी पैकेज का जॉब ऑफर दिया था।\n\n3. उन्होंने अमेज़न का जॉब ऑफर क्यों ठुकराया था?\nउन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की फुल टाइम तैयारी करने के लिए अमेज़न का ऑफर ठुकरा दिया था।\n\n4. यूपीएससी परीक्षा में उन्हें कितनी बार असफलता मिली?\nयूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में उन्हें लगातार तीन प्रयासों में असफलता का सामना करना पड़ा।\n\n5. यूपीएससी में असफल होने के बाद उन्होंने क्या कदम उठाया?\nउन्होंने अपनी करियर रणनीति बदलकर कैट परीक्षा दी और टॉप परसेंटाइल हासिल करके आईआईएम बैंगलोर में एडमिशन लिया।\n\n6. विवेकानंद पासम वर्तमान में क्या कर रहे हैं?\nवर्तमान में वे देश के शीर्ष मैनेजमेंट संस्थान आईआईएम बैंगलोर से एमबीए कर रहे हैं।\n\nप्रेरणा और सबक\nविवेकानंद पासम की सफलता के 4 मुख्य सबक:\n\n• कमियों का वस्तुनिष्ठ आकलन: एक रास्ते पर बार-बार असफलता मिलने के बाद अपनी क्षमताओं का व्यावहारिक विश्लेषण करना जरूरी है।\n• लचीलापन और करियर पिवट: असफलता को अंत मानने के बजाय अपने कौशल का उपयोग दूसरे क्षेत्र में करने से नए रास्ते खुलते हैं।\n• पूर्व अनुभवों का लाभ: यूपीएससी की तैयारी में बनी अनुशासित दिनचर्या और पढ़ाई की आदतों ने कैट परीक्षा क्रैक करने में मदद की।\n• आकर्षक अवसरों का मोह छोड़ना: बड़े लक्ष्यों के लिए जोखिम लेना और असफलता के बाद भी खुद पर भरोसा बनाए रखना ही वास्तविक सफलता दिलाता है।",
  "url": "https://trendkia.com/success-stories/amazon-ka-akarshaka-paikeja-thukarakara-upsc-men-3-bara-asaphala-hue-vivekananda-pasam-phira-cat-men-laharaya-parachama-aura-pahun-16583",
  "category": "सक्सेस स्टोरी",
  "publishedAt": "2026-08-14",
  "tags": [
    "विवेकानंद पासम",
    "आईआईटी हैदराबाद",
    "आईआईएम बैंगलोर",
    "अमेज़न जॉब ऑफर",
    "यूपीएससी सिविल सेवा",
    "कैट परीक्षा",
    "आईआईएम एमबीए"
  ],
  "language": "hi",
  "site": "TrendKia"
}