# एंथनी एडमंडसन ने गड्ढे में लगाए 50 हजार पौधे, 40 साल बाद बना घना जंगल

> 80 के दशक में एंथनी एडमंडसन ने इंग्लैंड में एक गड्ढेनुमा बंजर जमीन खरीदी और वहां 50 हजार से ज्यादा पौधे लगा दिए, जो आज घने जंगल और वाइल्डलाइफ सेंचुरी में बदल चुकी है।

**Type:** article · **Category:** सक्सेस स्टोरी · **Published:** 2026-09-06 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/success-stories/anthony-edmondson-ne-gaddhe-men-lagae-50-hajara-paudhe-40-sala-bada-bana-ghana-jngala-28676 · **Language:** Hindi
**Tags:** बंजर जमीन, वाइल्डलाइफ सेंचुरी, एंथनी एडमंडसन, कॉट्सवोल्ड वाटर पार्क, जंगल लगाना, इंग्लैंड, पर्यावरण संरक्षण

कोई अपनी जिंदगीभर की कमाई घर बनाने में लगाता है, कोई बच्चों के नाम प्रॉपर्टी खरीदता है, लेकिन एंथनी एडमंडसन ने अपना सारा पैसा एक ऐसी जमीन में डाल दिया जिसे कोई खरीदने को तैयार नहीं था। 80 के दशक में लिया गया यह फैसला उस वक्त पागलपन जैसा लगता था, आसपास के लोग उनका मजाक तक उड़ाते थे। मगर आज उसी जमीन को देखने के लिए दुनियाभर से लोग पहुंचते हैं और यह छोटी सी शुरुआत धरती के लिए एक अनमोल तोहफा बन चुकी है।

## असल में जमीन नहीं, एक विशाल गड्ढा था
एंथनी ने जब इंग्लैंड में 130 एकड़ का यह टुकड़ा खरीदा, तो वह हरा-भरा मैदान नहीं बल्कि जगह-जगह गहरे गड्ढों वाला उजाड़ इलाका था। दरअसल यहां सालों तक बजरी की खुदाई होती रही थी, जिससे पूरी जमीन खोखली और बेकार पड़ी थी। यही वजह थी कि इस टुकड़े को खरीदने में किसी और की दिलचस्पी नहीं थी। एंथनी ने भी इसे खेती या किराए पर देकर कमाई का जरिया बनाने के बारे में नहीं सोचा। उन्होंने सीधे इसमें पेड़ लगाने की ठानी और अपनी पूरी बचत इसी काम में झोंक दी।

## 50 हजार पौधों से खड़ा हुआ जंगल
जमीन खरीदने के बाद एंथनी ने वहां करीब 50 हजार पौधे रोप दिए। उनका मकसद कोई बगीचा सजाना नहीं, बल्कि पूरा जंगल उगाना था, इसीलिए संख्या भी इतनी बड़ी रखी गई। उन्होंने ऐसी प्रजातियां चुनीं जिन्हें बार-बार पानी देने या खाद डालने की जरूरत नहीं पड़ती। झील किनारे सरकंडे जैसे पौधे लगाए गए, जबकि बाकी हिस्सों में स्थानीय जंगली पौधों को जगह दी गई। करीब चार दशक गुजरने के बाद यही नन्हे पौधे अब घने पेड़ों में बदल चुके हैं और पूरा इलाका सघन जंगल का रूप ले चुका है। इसी हरियाली की बदौलत यहां कई तरह के जानवरों ने भी अपना बसेरा बना लिया है, और यह जगह अब एक पूरी वाइल्डलाइफ सेंचुरी में तब्दील हो चुकी है।

## यूक्रेन की खदानों से मिली प्रेरणा
एंथनी को जंगल उगाने का ख्याल अचानक नहीं आया था। इंग्लैंड लौटने से पहले एंथनी का ज्यादातर वक्त यूक्रेन में चांदी निकालने वाली खदानों के आसपास गुजरता था, जहां फुर्सत मिलते ही वे जंगलों का रुख कर लेते थे। यहीं से उनके मन में हरियाली और जंगल के प्रति गहरा लगाव पैदा हुआ। जब वे यूक्रेन से वापस इंग्लैंड आए, तो उन्होंने ठान लिया कि इस बार वे किसी घर या दुकान में पैसा लगाने के बजाय एक जंगल खड़ा करेंगे। यही सोच उन्हें उस बंजर, गड्ढेदार जमीन तक ले आई जिसे बाद में उन्होंने अपनी जिंदगी का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट बना लिया।

## आज यहां छुट्टियां बिताने आते हैं लोग
यह जगह अब लॉग हाउस हॉलिडे के नाम से मशहूर है। यहां 8 हॉलीडे केबिन बनाए गए हैं, जो सीधे झील के किनारे तक जाते हैं यानी यहां ठहरने वाले मेहमान अपने कमरे से निकलकर सीधे झील तक पहुंच सकते हैं। मेहमानों के मनोरंजन के लिए यहां कई तरह की गतिविधियां भी उपलब्ध कराई जाती हैं। जो जगह कभी बंजर और बेकार समझी जाती थी, वह आज सुकून के पल तलाशने वालों का पसंदीदा ठिकाना बन चुकी है।

## खनन बंद हुआ तो कुदरत ने भी दिया साथ
एंथनी की मेहनत के साथ-साथ प्रकृति ने भी इस बदलाव में बड़ी भूमिका निभाई। जिस जगह पहले बजरी खोदी जाती थी, वहां खनन रुकने के बाद गड्ढों में धीरे-धीरे बारिश और भूजल का पानी भरने लगा। इसी से यहां कई प्राकृतिक झीलें बन गईं। इन झीलों के पानी ने आसपास लगाए गए पौधों को पनपने के लिए भरपूर नमी और सहारा दिया, जिससे जंगल तेजी से फैल सका। आज इस पूरे इलाके की देखरेख कॉट्सवोल्ड वाटर पार्क ट्रस्ट करता है।

सबसे खास बात यह है कि इस जंगल ने सिर्फ इंसानों को ही सुकून नहीं दिया, यहां रहने वाले पशु-पक्षी भी अब खुद को प्रकृति के बेहद करीब महसूस करते हैं। एक शख्स के अकेले लिए गए फैसले ने आज पूरी एक इकोसिस्टम को जन्म दे दिया है।

## इसका आप पर असर
यह कहानी सीधे किसी सरकारी नियम या पैसे से नहीं जुड़ी, लेकिन प्रकृति प्रेमियों, यात्रा के शौकीन लोगों और अपनी जमीन को कुछ बेहतर बनाने की सोच रखने वालों के लिए इसमें सीखने लायक कई बातें हैं।

- **घूमने की नई जगह:** जो लोग शांत और प्रकृति से जुड़ी छुट्टियां बिताना चाहते हैं, उनके लिए यह जगह एक विकल्प बन सकती है। यहां 8 हॉलीडे केबिन झील के किनारे बने हैं, जहां ठहरने और कई एक्टिविटी करने का मौका मिलता है।
- **बेकार जमीन का इस्तेमाल:** जिनके पास बंजर या बेकार पड़ी जमीन है, वे इससे सीख सकते हैं कि सही पौधों के चुनाव से ऐसी जमीन को भी सालों में जंगल या इकोसिस्टम में बदला जा सकता है। इसके लिए महंगी देखभाल नहीं, बल्कि सही प्रजाति और धैर्य चाहिए।
- **वन्यजीवों को नया ठिकाना:** ऐसे प्रोजेक्ट स्थानीय वन्यजीवों को रहने की नई जगह देते हैं, इसलिए वन्यजीव फोटोग्राफी और बर्ड वॉचिंग के शौकीनों के लिए भी यह जगह दिलचस्प हो सकती है।
- **लंबी अवधि की सोच:** यह कहानी बताती है कि किसी निवेश का नतीजा तुरंत नहीं, बल्कि दशकों बाद भी मिल सकता है, इसलिए बड़े और अलग तरह के फैसले लेने से पहले धैर्य रखना जरूरी है।

## सवाल-जवाब

### 1. एंथनी एडमंडसन कौन हैं?
वे वही शख्स हैं जिन्होंने 80 के दशक में अपनी पूरी कमाई से 130 एकड़ बंजर जमीन खरीदकर वहां जंगल उगाया।

### 2. उन्होंने कितने पौधे लगाए थे?
उन्होंने करीब 50 हजार पौधे लगाए थे।

### 3. जमीन कैसी थी जब उन्होंने खरीदी?
वह समतल जमीन नहीं बल्कि 130 एकड़ में फैला एक गड्ढा था, जहां पहले बजरी खनन होता था।

### 4. यह जगह अब किस नाम से जानी जाती है?
इसे अब लॉग हाउस हॉलिडे के नाम से जाना जाता है, जहां 8 हॉलीडे केबिन हैं।

### 5. यहां की झीलें कैसे बनीं?
बजरी खनन बंद होने के बाद गड्ढों में पानी भर गया, जिससे प्राकृतिक झीलें बन गईं।

### 6. इस जगह की देखभाल अब कौन करता है?
इसकी देखभाल अब कॉट्सवोल्ड वाटर पार्क ट्रस्ट करता है।

### 7. एंथनी को यह विचार कहां से आया?
इंग्लैंड लौटने से पहले वे यूक्रेन में खदानों के आसपास वक्त बिताते हुए वहां के जंगलों में जाया करते थे, यहीं से उन्हें प्रेरणा मिली।

## प्रेरणा और सबक
एंथनी एडमंडसन की कहानी से कुछ अहम सबक सीखे जा सकते हैं।

- **मजाक की परवाह न करना:** शुरुआत में लोग उनके फैसले पर हंसते थे, फिर भी उन्होंने अपने भरोसे पर काम जारी रखा।
- **पूरी पूंजी एक मकसद पर लगाना:** उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी की कमाई एक ही सोच में लगा दी, बजाय इसे कई जगह बांटने के।
- **धैर्य से मिला नतीजा:** नतीजा एक दिन में नहीं, बल्कि करीब 40 साल की मेहनत और इंतजार के बाद सामने आया।
- **प्रकृति को समय देना:** उन्होंने सही पौधे चुनकर बाकी काम प्रकृति और झीलों के पानी पर छोड़ दिया, जिससे जंगल खुद-ब-खुद फैलता गया।

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