अनुज अग्निहोत्री की यूपीएससी सफलता: 1997 के इस लोकप्रिय गाने ने ऐसे संभाला हौसला यूपीएससी परीक्षा में शानदार सफलता हासिल करने वाले अनुज अग्निहोत्री ने अपनी तैयारी के दिनों का एक दिलचस्प किस्सा साझा किया है। उन्होंने बताया कि किस तरह अदनान सामी का एक पुराना गाना उनके तनाव भरे पलों में सबसे बड़ा सहारा बना। नई दिल्ली। देश की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित मानी जाने वाली यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल करना हर साल लाखों युवाओं का सपना होता है। इस मुश्किल सफर में मुकाम तक वही पहुंच पाते हैं, जो विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य बनाए रखते हैं और कभी हिम्मत नहीं हारते। ऐसे ही एक प्रेरणादायक टॉपर हैं अनुज अग्निहोत्री, जिन्होंने अपनी कड़ी मेहनत, अटूट लगन और सकारात्मक सोच के दम पर इस कठिन परीक्षा में शानदार सफलता अर्जित की है। उनकी यह कामयाबी महज भारी-भरकम किताबों में उलझे रहने की दास्तान नहीं है, बल्कि इसमें अथक धैर्य और संगीत का एक अनोखा मेल भी शामिल है, जिसने उन्हें हर कदम पर ऊर्जा दी। तनाव के दौर में अदनान सामी का गाना बना संबल एक बातचीत के दौरान आईएएस अनुज अग्निहोत्री ने साझा किया कि इस लंबी और थका देने वाली तैयारी के दौरान कई ऐसे क्षण आते थे जब वे मानसिक रूप से काफी तनाव में या उदास महसूस करते थे। ऐसे कठिन दौर में उन्हें एक खास गाने से जबरदस्त मानसिक संबल मिलता था। वह गाना था प्रसिद्ध गायक अदनान सामी का साल 1997 का चर्चित और लोकप्रिय ट्रैक ‘मुझको भी तो लिफ्ट करा दे, थोड़ी सी तो लिफ्ट करा दे!’ उनका मानना था कि इस गाने के जोशीले बोल उनके मन को छू लेते थे और उन्हें दोगुनी ऊर्जा के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते थे। मनोबल टूटने पर संगीत ने दी नई ताकत यूपीएससी की तैयारी का रास्ता अमूमन लंबा, घुमावदार और तनाव से भरपूर होता है। लगातार कई महीनों तक बिना रुके पढ़ाई करने के बाद अक्सर परीक्षार्थियों के मन में आशंकाएं और असफलता का डर घर करने लगता है। आईएएस अनुज अग्निहोत्री के साथ भी कई बार ऐसी स्थितियां बनीं। उन्होंने बताया कि जब कभी उन्हें ऐसा महसूस होता था कि भरपूर प्रयास के बावजूद मनमुताबिक परिणाम नहीं मिल रहे हैं या अत्यधिक मानसिक थकान हावी हो रही है, तब वे राहत पाने के लिए संगीत का सहारा लेते थे। उनके लिए वह गाना सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं था, बल्कि एक ऐसी ऊर्जा थी जो उनके गिरते हुए मनोबल को संभालती थी। शॉर्टकट के बजाय गलतियों से सीखकर बनाई राह यूपीएससी 2025 में रैंक 1 हासिल करने वाले अनुज अग्निहोत्री का दृढ़ मत है कि इस परीक्षा में सफलता पाने का कोई भी जादुई या शॉर्टकट तरीका नहीं होता है। अपनी इस तैयारी के दौरान उन्हें कई ऐसे चुनौतीपूर्ण पड़ावों का सामना करना पड़ा जहां हालात उनकी उम्मीदों के विपरीत थे। हालांकि, उन्होंने परिस्थितियों से घबराकर हार मानने के बजाय अपनी गलतियों से सीख लेना बेहतर समझा। वे लगातार अपनी कमजोरियों का विश्लेषण करते रहे और समय के साथ अपनी रणनीति में जरूरी बदलाव करते रहे। उनकी इसी सकारात्मक और जुझारू प्रवृत्ति ने उन्हें हर नाकामी से उबारा और सफलता के शीर्ष तक पहुंचाया। बेसिक किताबों और निरंतरता पर रहा पूरा जोर अपनी अध्ययन शैली के बारे में विस्तार से बताते हुए अनुज ने स्पष्ट किया कि उन्होंने हमेशा बुनियादी यानी बेसिक पुस्तकों और नियमित रिवीजन को अपनी तैयारी का मुख्य आधार बनाया। उन्होंने कभी भी बाजार से ढेर सारी नई किताबें इकट्टा करने की होड़ में अपना वक्त बर्बाद नहीं किया, बल्कि सीमित अध्ययन सामग्री पर ही भरोसा रखा और उसका बार-बार रिवीजन किया। इसके अलावा, उत्तर लेखन यानी आंसर राइटिंग का अभ्यास करना और मानसिक स्वास्थ्य को दुरुस्त रखना उनकी सफलता के सबसे बड़े स्तंभ साबित हुए। उनका यह साफ मानना है कि प्रतिदिन थोड़ी ही सही, लेकिन पूरी ईमानदारी के साथ की गई पढ़ाई ही आखिरकार सबसे बड़ा बदलाव लाती है। युवाओं के लिए आईएएस अनुज का खास संदेश देशभर में सिविल सेवा की तैयारी में जुटे लाखों महत्वाकांक्षी युवाओं को प्रेरित करते हुए आईएएस अनुज अग्निहोत्री सलाह देते हैं कि कभी भी अत्यधिक मानसिक तनाव को अपने ऊपर हावी न होने दें। पढ़ाई के साथ-साथ किसी ऐसी गतिविधि के लिए भी समय जरूर निकालें जो मन को शांति और सुकून दे, चाहे वह संगीत सुनना हो, खुली हवा में टहलना हो या फिर अपने दोस्तों और परिवार से बातचीत करना हो। अनुज की यह पूरी जीवन यात्रा इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि अगर आपके भीतर कुछ कर दिखाने का जुनून है और आप अपनी मंजिल के प्रति पूरी तरह समर्पित हैं, तो दुनिया की कोई भी रुकावट आपको रोक नहीं सकती। इसका आप पर असर • भारत में: सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने वाले लाखों युवाओं को मानसिक तनाव से निपटने और सकारात्मक रहने की प्रेरणा मिलती है। सवाल-जवाब 1. यूपीएससी 2025 में किसने रैंक 1 हासिल की? अनुज अग्निहोत्री ने यूपीएससी 2025 में रैंक 1 हासिल की है। 2. तैयारी के दौरान अनुज अग्निहोत्री कौन सा गाना सुनते थे? तनाव के क्षणों में अनुज अग्निहोत्री अदनान सामी का 1997 का गाना 'मुझको भी तो लिफ्ट करा दे' सुनते थे। 3. अनुज अग्निहोत्री ने अपनी सफलता का मुख्य आधार किसे बताया है? उन्होंने बेसिक किताबों, नियमित रिवीजन, उत्तर लेखन के अभ्यास और मानसिक फिटनेस को अपनी सफलता का मुख्य आधार बताया है। 4. यूपीएससी अभ्यर्थियों के लिए अनुज का क्या संदेश है? उनका संदेश है कि तनाव को दिमाग पर हावी न होने दें और पढ़ाई के साथ मन को शांत रखने वाली गतिविधियों के लिए समय निकालें। प्रेरणा और सबक • सकारात्मक सोच रखें: असफलता या कठिन समय आने पर घबराने के बजाय अपनी गलतियों से सीखकर रणनीति में सुधार करें। • बेसिक किताबों पर भरोसा: बहुत सारी किताबें इकट्टा करने के बजाय चुनिंदा बेसिक सामग्री का बार-बार रिवीजन करें। • मानसिक संतुलन बनाएं: पढ़ाई के साथ संगीत सुनने या टहलने जैसी गतिविधियों के लिए समय निकालकर तनाव को दूर रखें। • निरंतरता जरूरी: हर दिन थोड़ी लेकिन पूरी ईमानदारी से की गई पढ़ाई अंत में बड़े परिणाम देती है। https://trendkia.com/success-stories/anuj-agnotri-upsc-success-1997-hit-song-15258 TrendKia — Har trend, sabse pehle.