# बाइक पर चक्की लगाकर घर-घर शुद्ध सत्तू पहुंचा रहे कोडरमा के पिंटू कुमार, मिलावट के दौर में शुरू किया अनोखा मॉडल

> झारखंड के कोडरमा में पिंटू कुमार ने केवल 30 हजार रुपये के निवेश से बाइक पर मिनी चक्की मिल का सेटअप तैयार किया है, जो 130 रुपये किलो में लोगों की आंखों के सामने ताजा चना सत्तू तैयार कर देता है।

**Type:** article · **Category:** सक्सेस स्टोरी · **Published:** 2026-07-27 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/success-stories/baika-para-chakki-lagakara-ghara-ghara-shuddha-sattu-pahuncha-rahe-koderma-ke-pintu-kumar-milavata-ke-daura-men-shuru-kiya-anokha--10717 · **Language:** Hindi
**Tags:** कोडरमा समाचार, सत्तू स्टार्टअप, पिंटू कुमार, चलती फिरती चक्की, झारखंड बिजनेस, शुद्ध सत्तू

खाद्य सामग्री में मिलावट की बढ़ती समस्याओं के बीच झारखंड के कोडरमा जिले में एक अनूठी और व्यावहारिक पहल सामने आई है। स्थानीय निवासी पिंटू कुमार ने आम लोगों को शुद्ध खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मोटरसाइकिल पर चलती-फिरती मिनी चक्की मिल की शुरुआत की है। यह अभिनव सेटअप गलियों और मोहल्लों में घूम-घूमकर ग्राहकों की मौजूदगी में ही भुने हुए चने को पीसकर ताजा सत्तू तैयार करता है।

## डोरस्टेप सर्विस और शुद्धता का भरोसा
इस अनूठे विचार के क्रियान्वयन से कोडरमा के लोगों को मिलावट रहित चना सत्तू आसानी से मिल पा रहा है। पिंटू कुमार रोजाना सुबह अपनी बाइक पर लगी मिनी चक्की के साथ अलग-अलग इलाकों में निकलते हैं। ग्राहक जब अपनी जरूरत के अनुसार सत्तू मांगते हैं, तो उनके सामने ही मशीन से भुना हुआ चना पीसा जाता है। सामने पिसने की वजह से ग्राहकों को मिलावट का कोई डर नहीं रहता और उन्हें शुद्धता की पूरी गारंटी मिलती है।

## 30 हजार रुपये का बजट और उच्च उत्पादन क्षमता
इस चलती-फिरती सत्तू मिल को तैयार करने में पिंटू कुमार को लगभग 30 हजार रुपये की लागत आई है। देखने में छोटी लगने वाली यह मिनी चक्की क्षमता के मामले में काफी कारगर साबित हो रही है। यह मशीन एक घंटे में 15 से 20 किलोग्राम तक चना सत्तू पीसने में सक्षम है। पिंटू कुमार ग्राहकों को 130 रुपये प्रति किलोग्राम की वाजिब दर पर बिल्कुल ताजा सत्तू उपलब्ध करा रहे हैं।

## पारंपरिक मिलों की परेशानियों से राहत
पहले लोगों को सत्तू बनवाने के लिए दूर-दराज स्थित चक्की मिलों तक जाना पड़ता था, जहां लंबी कतारों में घंटों अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता था। इसके अलावा अक्सर बिजली गुल हो जाने की वजह से लोगों को बिना काम कराए ही वापस लौटना पड़ता था। अब इस मोबाइल चक्की मिल के कारण ग्राहकों को न तो कहीं जाना पड़ता है और न ही बिजली आने-जाने का इंतजार करना पड़ता है। इससे लोगों का समय और श्रम दोनों बच रहे हैं।

## इसका आप पर असर
- **भारत में:** यह मॉडल साबित करता है कि कम पूंजी और अभिनव विचारों के जरिए स्थानीय स्तर पर रोजगार और डोरस्टेप सेवाएं शुरू की जा सकती हैं।
- **कोडरमा में:** स्थानीय निवासियों को बिना किसी परेशानी के 130 रुपये किलो में मिलावट-मुक्त, आंखों के सामने तैयार ताजा सत्तू मिल रहा है।

## सवाल-जवाब

### 1. कोडरमा में पिंटू कुमार किस दर पर ताजा सत्तू बेच रहे हैं?
पिंटू कुमार ग्राहकों को 130 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से शुद्ध और ताजा चना सत्तू उपलब्ध करा रहे हैं।

### 2. मोटरसाइकिल पर मिनी चक्की का सेटअप तैयार करने में कितनी लागत आई?
बाइक पर इस मिनी चक्की मिल का पूरा सेटअप तैयार करने में लगभग 30 हजार रुपये का खर्च आया है।

### 3. बाइक वाली मिनी चक्की की 1 घंटे में पिसने की क्षमता कितनी है?
यह मिनी चक्की मशीन एक घंटे में 15 से 20 किलोग्राम तक भुना हुआ चना आसानी से पीस सकती है।

### 4. इस चलती-फिरती सत्तू चक्की से ग्राहकों को क्या फायदा मिल रहा है?
ग्राहकों को उनके घर के बाहर ही आंखों के सामने पिसा हुआ मिलावट-रहित सत्तू मिलता है, जिससे उनका समय बचता है और मिलों की कतार में नहीं लगना पड़ता।

## प्रेरणा और सबक
- **समस्या में अवसर तलाशें:** खाद्य पदार्थों में मिलावट और मिलों की लंबी कतारों की समस्या का समाधान निकालकर नया बिजनेस शुरू किया।
- **कम लागत में बड़ी शुरुआत:** केवल 30 हजार रुपये का शुरुआती बजट लगाकर एक पोर्टेबल और उपयोगी सेटअप तैयार किया।
- **ग्राहक के विश्वास को प्राथमिकता:** आंखों के सामने प्रोसेसिंग करके बिना किसी विज्ञापन के ग्राहकों का अटूट भरोसा हासिल किया।

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