बीकानेर की सास-बहू ने बदल दी अपनी दुनिया: घर की रसोई से शुरू किया सफल फूड स्टार्टअप बीकानेर में एक सास-बहू की जोड़ी ने अपनी आपसी तालमेल और मेहनत से 'अंजू बेन नू रसोड़ो' को एक सफल बिजनेस बना दिया है। घर के स्वाद और शुद्धता के कारण आज यह लोगों की पहली पसंद बन गया है। बीकानेर की रहने वाली अंजू बेन और उनकी बहू ऋतु ने उन सभी पुरानी धारणाओं को गलत साबित कर दिया है, जो अक्सर सास और बहू के बीच के रिश्तों को लेकर बनाई जाती हैं। इन दोनों ने न केवल एक-दूसरे का सहारा बनकर अपने घरेलू जीवन को खुशहाल बनाया है, बल्कि मिलकर 'अंजू बेन नू रसोड़ो' नाम से एक शानदार फूड स्टार्टअप भी खड़ा किया है। आज यह जगह अपने घर जैसे स्वादिष्ट भोजन और बेहतरीन गुजराती व फास्ट फूड विकल्पों के लिए शहर भर में मशहूर हो चुकी है। काम का विभाजन और आपसी तालमेल इस सफलता की नींव उनकी आपसी समझ और अटूट भरोसे पर टिकी है। अंजू बेन का मानना है कि जब उनके बेटे की शादी हुई थी, तभी उन्होंने यह तय कर लिया था कि वे ऋतु को एक बहू नहीं बल्कि बेटी के रूप में स्वीकार करेंगी। इसी सोच ने उनके काम के माहौल को भी खुशनुमा बना दिया है। आज दोनों महिलाएं रसोई का काम पूरी तरह से मिलकर संभालती हैं। उनके अनुसार, अगर उनमें से कोई एक भी मौजूद न हो, तो रसोई का काम संभालना बेहद मुश्किल हो जाता है। उन्होंने अपने काम को काफी सुव्यवस्थित तरीके से बांट रखा है, जिससे हर ऑर्डर समय पर और गुणवत्ता के साथ पूरा होता है। कैसे हुई स्टार्टअप की शुरुआत करीब पांच से छह साल पहले जब इन्होंने इस काम की शुरुआत की, तब उनके सामने कोई बड़ी योजना नहीं थी। कोरोना महामारी का दौर जब हर तरफ चुनौतियां लेकर आया था और लोग घरों में बंद थे, तब इन दोनों ने अपनी रसोई को ही आय का जरिया बनाने का साहसी फैसला लिया। घर से ही खाना बनाकर लोगों को उपलब्ध कराना शुरू किया। ग्राहकों को उनके हाथों के खाने में शुद्धता और स्वाद का जो मेल मिला, उसने धीरे-धीरे उनके काम का दायरा बढ़ा दिया। विभिन्न आयोजन और मेन्यू की खासियत आज स्थिति यह है कि ऋतु घर बैठे आने वाले ऑर्डर्स को संभालने के साथ-साथ खाना बनाने की जिम्मेदारी निभाती हैं। इसके अलावा, यह जोड़ी शहर के विभिन्न मेलों, प्रदर्शनियों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में अपने स्टॉल लगाकर अपने स्वाद का जादू बिखेरती है। 'अंजू बेन नू रसोड़ो' के मेन्यू में वड़ा पाव, दाबेली, पात्रा, सैंडविच, ढोकला, टिकला और खमण जैसे कई लोकप्रिय व्यंजन शामिल हैं। गुणवत्ता ही सफलता की कुंजी अंजू बेन कहती हैं कि उनके रसोड़े में सभी चीजें घर की तरह ही स्वच्छ माहौल में और ताजे मसालों का उपयोग करके बनाई जाती हैं। इसी ईमानदारी और मेहनत का नतीजा है कि एक बार जो ग्राहक उनका खाना चख लेता है, वह बार-बार ऑर्डर देने वापस आता है। आज यह सास-बहू की जोड़ी उन सभी महिलाओं के लिए एक प्रेरणा का स्रोत बन गई है, जो घर के कामों के साथ-साथ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होने की इच्छा रखती हैं। उन्होंने सिद्ध कर दिया है कि सकारात्मक सोच और परिवार के सहयोग से घर की रसोई से भी सफलता के बड़े द्वार खोले जा सकते हैं। इसका आप पर असर भारत में: यह स्टार्टअप दिखाता है कि छोटे स्तर पर घर से शुरू किया गया काम भी सही मैनेजमेंट और क्वालिटी से बड़े ब्रांड में बदल सकता है। बीकानेर में: स्थानीय निवासियों के लिए घर के स्वाद वाला भरोसेमंद भोजन विकल्प उपलब्ध होने से उन्हें शुद्ध और ताजा भोजन की सुविधा मिल रही है। सवाल-जवाब 1. अंजू बेन और ऋतु के स्टार्टअप का क्या नाम है? उनके स्टार्टअप का नाम 'अंजू बेन नू रसोड़ो' है। 2. यह स्टार्टअप कहां स्थित है? यह स्टार्टअप बीकानेर में स्थित है। 3. इनके मेन्यू में कौन-कौन से व्यंजन मिलते हैं? इनके मेन्यू में वड़ा पाव, दाबेली, पात्रा, सैंडविच, ढोकला, टिकला और खमण जैसे व्यंजन शामिल हैं। 4. इस स्टार्टअप की शुरुआत कब हुई थी? इस स्टार्टअप की शुरुआत करीब पांच से छह साल पहले हुई थी। प्रेरणा और सबक सफलता के मंत्र: • आपसी तालमेल: काम को सही तरीके से बांटने से कठिन कार्य भी आसान हो जाते हैं। • सकारात्मक दृष्टिकोण: रिश्तों में मधुरता बनाए रखने से व्यापारिक माहौल भी बेहतर होता है। • समय की मांग को समझना: संकट के समय में मिली चुनौती को अवसर में बदलने का साहस रखें। • गुणवत्ता से समझौता न करें: ग्राहकों का भरोसा जीतने के लिए ताजे मसालों और स्वच्छता को प्राथमिकता दें। https://trendkia.com/success-stories/bikaner-ki-sasa-bahu-ne-badala-di-apani-duniya-ghara-ki-rasoi-se-shuru-kiya-saphala-food-startup-3462 TrendKia — Har trend, sabse pehle.