चौथी बार में SDM बने जमुई के सचिन, BPSC इंटरव्यू में भ्रष्टाचार वाले सवाल का ऐसे दिया जवाब जमुई के सचिन ने 70वीं बीपीएससी में 104वीं रैंक हासिल करके एसडीएम का पद पाया है. चौथे प्रयास में मिली इस सफलता से पहले उन्होंने तीन सरकारी नौकरियां छोड़ी थीं और इंटरव्यू में भ्रष्टाचार से जुड़े एक कठिन सवाल का ईमानदारी से सामना किया था. 104वीं रैंक और एसडीएम का पद 70वीं बीपीएससी का परिणाम 20 जून को जारी हुआ और इसमें जमुई जिले के खैरा प्रखंड के रहने वाले सचिन ने 104वीं रैंक हासिल की. इस रैंक के साथ वह अब एसडीएम बन गए हैं. TrendKia से बात करते हुए उन्होंने अपना पूरा सफर साझा किया और बताया कि यह मुकाम हासिल करना बिल्कुल आसान नहीं था. पहले दो प्रयासों में प्रारंभिक परीक्षा भी नहीं निकली सचिन ने बताया कि पहले और दूसरे प्रयास में वह बीपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा तक नहीं पास कर पाए. हालांकि उन्होंने हिम्मत नहीं हारी. तीसरी कोशिश में वह बीपीएससी उत्तीर्ण करने में कामयाब रहे और उन्हें राजस्व अधिकारी का पद मिला. इसके बाद वह बेगूसराय जिले के बखरी में बतौर राजस्व अधिकारी पदस्थापित हो गए. लोको पायलट समेत तीन नौकरियां ठुकराईं इस मुकाम तक पहुंचने से पहले सचिन लोको पायलट सहित तीन अलग-अलग सरकारी नौकरियां पा चुके थे, लेकिन उन्होंने इन सभी पदों को छोड़ दिया. उनकी एकमात्र चाहत सिविल सर्विसेज में जाने की थी और इसी जुनून ने उन्हें चौथी बार परीक्षा में बैठने के लिए प्रेरित किया. इंटरव्यू में भ्रष्टाचार पर उठा तीखा सवाल सचिन ने बताया कि बीपीएससी के इंटरव्यू में उनसे एक ऐसा सवाल पूछा गया जिसे सुनकर वह पल भर के लिए चौंक गए. चूंकि वह उस समय राजस्व अधिकारी के पद पर थे, इसलिए इंटरव्यूअर ने सीधे पूछ लिया कि अंचल कार्यालय को भ्रष्टाचार का स्वर्ग क्यों कहा जाता है. सचिन ने बताया कि उन्होंने बिना कोई बनावटी जवाब दिए सच बोला. उन्होंने इंटरव्यूअर से कहा कि इस पद पर उन्हें अभी केवल छह महीने हुए हैं और वह खुद ट्रेनिंग में हैं, इसलिए इस विषय में उनके पास कोई जानकारी नहीं है. यह ईमानदार जवाब उनके लिए कारगर साबित हुआ और वह इंटरव्यू पास कर एसडीएम बन गए. UPSC है अगला लक्ष्य, टीना डाबी से मिलती है प्रेरणा एसडीएम बनने के बाद सचिन की महत्वाकांक्षाएं यहीं नहीं रुकतीं. उन्होंने बताया कि वह यूपीएससी की परीक्षा पास करना चाहते हैं. इसके लिए उन्हें टीना डाबी की सफलता से प्रेरणा मिलती है. इसका आप पर असर • बिहार में: 70वीं बीपीएससी के परिणाम घोषित होने से हजारों अभ्यर्थियों की प्रतीक्षा समाप्त हुई है और उन्हें अपनी रैंक व पदस्थापना की जानकारी मिल गई है. • जमुई में: जिले को एक नया एसडीएम मिला है, जिससे स्थानीय प्रशासनिक कार्यों पर सीधा असर पड़ेगा. सवाल-जवाब 1. सचिन को 70वीं बीपीएससी में कौन सी रैंक मिली? सचिन को 104वीं रैंक मिली है. 2. 70वीं बीपीएससी का परिणाम कब जारी हुआ? परिणाम 20 जून को जारी किया गया. 3. सचिन कहां के रहने वाले हैं? वह जमुई जिले के खैरा प्रखंड के रहने वाले हैं. 4. सचिन ने कितने प्रयासों में बीपीएससी में सफलता पाई? उन्होंने चौथे प्रयास में यह सफलता हासिल की. 5. पहले दो प्रयासों में सचिन का क्या हुआ? पहले दो प्रयासों में वह बीपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा भी पास नहीं कर सके. 6. एसडीएम बनने से पहले सचिन कहां काम कर रहे थे? वह बेगूसराय जिले के बखरी में राजस्व अधिकारी के रूप में पदस्थापित थे. 7. इंटरव्यू में सचिन से कौन सा सवाल पूछा गया था? इंटरव्यूअर ने उनसे पूछा कि अंचल कार्यालय को भ्रष्टाचार का स्वर्ग क्यों कहा जाता है. 8. सचिन ने उस सवाल का क्या जवाब दिया? उन्होंने कहा कि इस पद पर उन्हें केवल छह महीने हुए हैं और वह अभी ट्रेनिंग में हैं, इसलिए इस विषय में उनके पास कोई जानकारी नहीं है. 9. सचिन का अगला लक्ष्य क्या है? वह यूपीएससी की परीक्षा पास करना चाहते हैं और टीना डाबी से उन्हें प्रेरणा मिलती है. https://trendkia.com/success-stories/chauthi-bara-men-sdm-bane-jamui-ke-sachin-bpsc-intaravyu-men-bhrashtachara-vale-savala-ka-aise-diya-javaba-2168 TrendKia — Har trend, sabse pehle.