# डांस इंडिया डांस में तहलका मचाने वाला यह हैदराबादी अब समोसे तलकर परिवार का पेट भर रहा है

> हैदराबाद के 31 साल के श्यामनाथ गोस्वामी कभी डांस इंडिया डांस के मंच पर जजों को हैरान कर चुके थे, आज वे तेलंगाना हाईकोर्ट के पास समोसे-कचौरी का ठेला लगाकर परिवार चला रहे हैं.

**Type:** article · **Category:** सक्सेस स्टोरी · **Published:** 2026-09-07 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/success-stories/dansa-indiya-dansa-men-tahalaka-machane-vala-yaha-hyderabadi-aba-samose-talakara-parivara-ka-peta-bhara-raha-hai-29013 · **Language:** Hindi
**Tags:** डांस इंडिया डांस, श्यामनाथ गोस्वामी, हैदराबाद, समोसा स्टॉल, रियलिटी शो, संघर्ष की कहानी

हैदराबाद के 31 साल के श्यामनाथ गोस्वामी की कहानी बताती है कि हालात इंसान को उसके शौक से कितनी दूर ले जा सकते हैं. एक वक्त था जब वे देश के मशहूर रियलिटी शो डांस इंडिया डांस के मंच पर अपनी अदाओं से जजों को दंग कर चुके थे, लेकिन आज वे अपने घर का चूल्हा जलाने के लिए गरमागरम तेल में समोसे और कचौरी तलते नजर आते हैं.

## बचपन से ही थी डांस की दीवानगी
श्यामनाथ का बचपन हैदराबाद के एक छोटे से घर में गुजरा, जहां संसाधन सीमित थे लेकिन डांस के लिए जुनून बेहिसाब था. स्कूल से लौटने के बाद वे अक्सर इंटरनेट कैफे में घंटों डांस के वीडियो देखा करते थे और फिर रात को छत पर अकेले घंटों रियाज करते, कई बार यह सिलसिला रात के 2 बजे तक चलता रहता था. यही मेहनत आगे चलकर उनकी पहचान बनी.

## ऑडिशन में चुनी गई अनोखी शैली
19 साल की उम्र में श्यामनाथ ने बड़ा फैसला लिया, उन्होंने पढ़ाई बीच में छोड़ी और बिना किसी को बताए डांस इंडिया डांस के ऑडिशन में हिस्सा लिया. हजारों उम्मीदवारों के बीच उनकी टॉलीवुड अंदाज वाली डांस स्टाइल ने जजों को इतना प्रभावित किया कि हैदराबाद से सिर्फ उन्हीं का चयन हुआ.

## मुंबई पहुंचते ही टूटा मुश्किलों का पहाड़
चयन के बाद जब वे सपनों की नगरी मुंबई पहुंचे तो वहां हालात आसान नहीं रहे. स्टेशन पर ही उनका मोबाइल और सामान गायब हो गया, जिसके चलते कई रातें उन्हें बोरिवली स्टेशन पर ही गुजारनी पड़ीं. इन तमाम दिक्कतों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और शो के टीवी राउंड तक अपनी जगह बना ली.

## पहचान मिलने से पहले ही आया बड़ा झटका
लेकिन टीवी पर असली पहचान मिलने से ठीक पहले श्यामनाथ की जिंदगी ने अचानक ऐसा मोड़ ले लिया, जिसने सब कुछ बदल दिया. घर वापस लौटते ही पता चला कि उनके बड़े भाई का अचानक निधन हो गया है. पिता पहले से ही बीमार और कमजोर थे, ऐसे में पूरे परिवार को संभालने की जिम्मेदारी महज 19 साल की उम्र में श्यामनाथ के कंधों पर आ गई.

## डांसिंग शूज उतारकर थामा समोसों का ठेला
परिवार को टूटने से बचाने के लिए श्यामनाथ ने अपने सपनों को फिलहाल किनारे रख दिया और तेलंगाना हाईकोर्ट के गेट नंबर 6 के सामने पुराने शहर के इलाके में कचौरी, मिर्ची भजिया और समोसे का ठेला लगाना शुरू कर दिया. बीते 12 सालों से वे हर दिन दोपहर 2 बजे से लेकर आधी रात तक इसी ठेले पर मेहनत करते हैं, ताकि परिवार का खर्च चल सके.

## अंदर का कलाकार आज भी जिंदा
हालात ने भले ही श्यामनाथ को डांस फ्लोर से दूर कर दिया हो, लेकिन उनके भीतर छिपा कलाकार आज भी पूरी तरह जिंदा है. मौका मिलने पर वे आज भी स्थानीय कार्यक्रमों में कोरियोग्राफी करते हैं. उन्हें पूरा यकीन है कि आने वाले वक्त में उन्हें अपनी कला दुनिया के सामने रखने का मौका दोबारा जरूर मिलेगा.

## सवाल-जवाब

### 1. श्यामनाथ गोस्वामी कौन हैं?
वे हैदराबाद के 31 साल के एक शख्स हैं जिन्होंने रियलिटी शो डांस इंडिया डांस में हिस्सा लिया था और अब समोसे-कचौरी का ठेला चलाते हैं.

### 2. उन्होंने डांस इंडिया डांस का ऑडिशन कब दिया था?
19 साल की उम्र में उन्होंने कॉलेज छोड़कर बिना किसी को बताए डांस इंडिया डांस का ऑडिशन दिया था.

### 3. उन्हें डांस छोड़कर ठेला क्यों लगाना पड़ा?
टीवी राउंड के बाद घर लौटते ही उनके बड़े भाई का निधन हो गया और पहले से बीमार पिता की जिम्मेदारी भी उन पर आ गई, जिसके चलते उन्हें परिवार पालने के लिए ठेला लगाना पड़ा.

### 4. वे अभी कहां और क्या काम करते हैं?
वे तेलंगाना हाईकोर्ट के गेट नंबर 6 के सामने पुराने शहर में समोसे, कचौरी और मिर्ची भजिया का ठेला चलाते हैं.

### 5. वे कब से यह काम कर रहे हैं?
पिछले 12 सालों से वे रोजाना दोपहर 2 बजे से आधी रात तक इसी ठेले पर काम करते हैं.

### 6. क्या श्यामनाथ अब भी डांस से जुड़े हुए हैं?
हां, मौका मिलने पर वे आज भी स्थानीय कार्यक्रमों में कोरियोग्राफी करते हैं.

## प्रेरणा और सबक
श्यामनाथ की कहानी दिखाती है कि हालात कितने भी मुश्किल क्यों न हों, हिम्मत और जिम्मेदारी का रास्ता कभी बंद नहीं होता.

- **परिवार को प्राथमिकता देना:** भाई की मौत और पिता की बीमारी के बाद उन्होंने बिना देर किए परिवार की जिम्मेदारी उठाई, अपने बड़े सपने को टालकर भी.
- **लगातार मेहनत की आदत:** बीते 12 सालों से रोज दोपहर 2 बजे से आधी रात तक ठेले पर काम करना उनकी मेहनत और अनुशासन को दिखाता है.
- **जुनून को पूरी तरह न छोड़ना:** हालात बदलने के बावजूद उन्होंने डांस को पूरी तरह अलविदा नहीं कहा और मौका मिलने पर आज भी स्थानीय कार्यक्रमों में कोरियोग्राफी करते हैं.
- **उम्मीद बनाए रखना:** मुश्किल हालात में भी उन्हें भरोसा है कि भविष्य में उन्हें अपनी कला दिखाने का मौका फिर मिलेगा.

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