# गुजरात कैडर में ट्रांसफर होकर पति संग सेवा देंगी राजस्थान की आईपीएस अन्नू टाटू

> असम-मेघालय कैडर छोड़कर करीब 2700 किलोमीटर दूर गुजरात कैडर पहुंचीं आईपीएस अन्नू टाटू, पति गौतम विवेकानंदन के साथ सेवा देने के लिए गृह मंत्रालय ने मंजूर किया ट्रांसफर।

**Type:** article · **Category:** सक्सेस स्टोरी · **Published:** 2026-10-19 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/success-stories/gujarat-kaidara-men-transaphara-hokara-pati-snga-seva-dengi-rajasthan-ki-ips-annu-tatu-49451 · **Language:** Hindi
**Tags:** आईपीएस अन्नू टाटू, गौतम विवेकानंदन, यूपीएससी, सिविल सेवा, गुजरात कैडर, राजस्थान

अखिल भारतीय सेवाओं में चयनित होने के बाद अफसरों को अक्सर गृह राज्य या पसंदीदा जगह से हजारों किलोमीटर दूर तैनाती मिलती है। ऐसा ही कुछ राजस्थान के ग्रामीण परिवेश से निकलकर भारतीय पुलिस सेवा में जगह बनाने वाली अन्नू टाटू के साथ भी हुआ था। उन्हें पूर्वोत्तर के असम-मेघालय कैडर में काम करने का अवसर मिला, मगर विवाह के बाद पारिवारिक जीवन और सेवा के बीच संतुलन साधने के लिए उन्होंने एक बड़ा फैसला लिया। केंद्रीय गृह मंत्रालय की आधिकारिक सहमति मिलने के बाद अब वह करीब 2700 किलोमीटर का सफर तय कर असम-मेघालय कैडर से गुजरात कैडर में स्थानांतरित हो गई हैं, ताकि अपने जीवनसाथी के साथ एक ही राज्य में रहकर देश की सेवा कर सकें।

## सपोटरा के छोटे से गांव से प्रशासनिक सेवा तक का सफर
आईपीएस अन्नू टाटू का जन्म 14 जनवरी 1998 को हुआ। वह राजस्थान के करौली जिले में आने वाली सपोटरा तहसील के भरतून गांव की रहने वाली हैं। ग्रामीण अंचल से ताल्लुक रखने के बावजूद उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा पर गहरा ध्यान दिया। उन्होंने राजधानी जयपुर के प्रतिष्ठित कनोडिया पीजी महिला महाविद्यालय में दाखिला लिया, जहां से उन्होंने पहले बीए की डिग्री हासिल की और उसके उपरांत अर्थशास्त्र विषय में एमए पूरा किया। उच्च शिक्षा हासिल करने के दौरान ही उनके मन में सिविल सेवा में जाने का मजबूत संकल्प तैयार हो गया था।

## बिना दिल्ली गए घर पर सेल्फ स्टडी से पाई सफलता
आमतौर पर देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए छात्र दिल्ली जैसे महानगरों के नामचीन कोचिंग संस्थानों का रुख करते हैं। अन्नू टाटू ने इस लीक से अलग रास्ता चुना। उन्होंने किसी महंगे कोचिंग संस्थान में दाखिला लेने के बजाय अपने घर पर ही रहकर स्वाध्याय करने का निर्णय लिया। वह नियमित रूप से खुद अपने नोट्स तैयार करती थीं और उनका निरंतर अभ्यास करती थीं।

इस पूरी तैयारी के दौरान उन्हें अपनी बड़ी बहन ज्योति मीणा से मजबूत मार्गदर्शन मिला, जो खुद भारतीय डाक सेवा यानी आईपीओएस में अधिकारी हैं। अपनी मेहनत, लगन और सही रणनीति के दम पर अन्नू टाटू ने साल 2021 की सिविल सेवा परीक्षा में अपने तीसरे प्रयास में ऑल इंडिया स्तर पर 591वीं रैंक प्राप्त की। अनुसूचित जनजाति वर्ग में उनकी रैंक 26वीं रही। परीक्षा में सफल होने के उपरांत उन्हें असम-मेघालय कैडर मिला, जिसके तहत उन्होंने शिवसागर सहित कई क्षेत्रों में अपनी पुलिस सेवाएं दीं।

## प्रशासनिक और चिकित्सा अफसरों से भरा परिवार
अन्नू टाटू का परिवार उच्च शिक्षा और राष्ट्र सेवा की एक अनूठी मिसाल पेश करता है। उनके पिता जीआर मीणा जयपुर की सरस डेयरी में बतौर सहायक प्रबंधक अपनी सेवाएं दे चुके हैं। परिवार के अन्य सदस्य भी प्रशासनिक और चिकित्सा क्षेत्र में उच्च पदों पर आसीन हैं। उनकी बड़ी बहन ज्योति मीणा आईपीओएस अधिकारी हैं, जबकि उनके जीजा शैलेंद्र बामणिया भी भारतीय पुलिस सेवा में अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। इसके अतिरिक्त उनकी एक अन्य बहन चिकित्सा अधिकारी हैं और उनके सबसे छोटे भाई ऋषिकेश भी पेशे से डॉक्टर हैं। इस तरह पूरे परिवार ने अपने-अपने क्षेत्रों में उच्च उपलब्धियां हासिल की हैं।

## आईपीएस गौतम विवेकानंदन के साथ नया अध्याय
अन्नू टाटू ने यह अंतर-कैडर स्थानांतरण अपने पति आईपीएस गौतम विवेकानंदन के पास जाने के लिए लिया है। गौतम का जन्म 6 नवंबर 1998 को हुआ था और वह मूल रूप से गुजरात राज्य के वलसाड जिले के रहने वाले हैं। गौतम ने भी संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा 2022 में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया था। उन्होंने देश भर में 211वीं रैंक हासिल की थी और उन्हें गृह राज्य गुजरात कैडर आवंटित किया गया था। शादी के बाद दोनों अधिकारियों के कार्यक्षेत्र अलग-अलग राज्यों में होने की वजह से गृह मंत्रालय के समक्ष अंतर-कैडर स्थानांतरण का आवेदन प्रस्तुत किया गया था, जिसे आधिकारिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।

## इसका आप पर असर
सिविल सेवा अभ्यर्थियों और अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों के लिए सेवा नियमों और तैयारी की रणनीति की दृष्टि से यह महत्वपूर्ण जानकारी है।

- **तैयारी की दिशा:** महंगे कोचिंग संस्थानों के बिना भी घर पर स्वाध्याय और सही मार्गदर्शन से यूपीएससी में सफलता प्राप्त की जा सकती है। अभ्यर्थी दिल्ली जाने के बजाय अनुशासित अध्ययन और निरंतर पुनरावृत्ति पर भरोसा कर सकते हैं।
- **कैडर ट्रांसफर नियम:** अखिल भारतीय सेवाओं में विवाहित दंपतियों को एक ही राज्य में सेवा देने के लिए गृह मंत्रालय के नियमानुसार इंटर-कैडर ट्रांसफर की सुविधा मिलती है। इसके लिए निर्धारित प्रशासनिक प्रक्रियाओं और नियमों के तहत आवेदन करना होता है।
- **पारिवारिक स्थिरता:** अलग-अलग राज्यों में तैनात प्रशासनिक अधिकारियों को गृह मंत्रालय की अनुमति से एक ही कैडर में साथ रहने का अवसर मिलता है। इससे कार्यकुशलता और व्यक्तिगत जीवन में संतुलन बना रहता है।
- **ग्रामीण युवाओं के लिए प्रेरणा:** छोटे गांवों और साधारण पृष्ठभूमि के छात्रों के लिए यह सफलता प्रशासनिक सेवाओं में आने का आत्मविश्वास बढ़ाती है। सही योजना और निरंतर प्रयास से राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में उत्कृष्ट रैंक हासिल की जा सकती है।

## ऐसा क्यों हुआ
आईपीएस अन्नू टाटू का असम-मेघालय से गुजरात कैडर में स्थानांतरण उनके विवाह और सेवा नियमों के अंतर्गत हुआ है। दोनों अधिकारियों की अलग-अलग राज्यों में पोस्टिंग होने के कारण यह प्रशासनिक कदम उठाया गया।

- **विवाह के आधार पर ट्रांसफर:** अन्नू टाटू का विवाह गुजरात कैडर के आईपीएस अधिकारी गौतम विवेकानंदन से हुआ है। दोनों की तैनाती एक-दूसरे से करीब 2700 किलोमीटर दूर अलग-अलग राज्यों में थी, जिस कारण कैडर बदलाव का अनुरोध किया गया।
- **प्रशासनिक सेवा नियम:** अखिल भारतीय सेवा नियमों के तहत यदि दो अधिकारी आपस में विवाह करते हैं, तो वे एक साथ सेवा देने के लिए कैडर ट्रांसफर का आवेदन कर सकते हैं। केंद्र सरकार का गृह मंत्रालय ऐसे मामलों की समीक्षा कर मंजूरी प्रदान करता है।
- **गृह मंत्रालय की आधिकारिक स्वीकृति:** नियमानुसार आवेदन की जांच के उपरांत केंद्रीय गृह मंत्रालय ने स्थानांतरण को मंजूरी दे दी। इसके परिणामस्वरूप अन्नू टाटू को असम-मेघालय कैडर से कार्यमुक्त कर गुजरात कैडर में पदस्थापित किया गया।

## सवाल-जवाब

### 1. आईपीएस अन्नू टाटू मूल रूप से कहां की रहने वाली हैं?
वह राजस्थान के करौली जिले की सपोटरा तहसील के भरतून गांव की रहने वाली हैं।

### 2. अन्नू टाटू ने यूपीएससी परीक्षा में कौन सी रैंक हासिल की थी?
उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2021 में अपने तीसरे प्रयास में ऑल इंडिया 591वीं रैंक और एसटी श्रेणी में 26वीं रैंक प्राप्त की थी।

### 3. अन्नू टाटू का कैडर असम-मेघालय से गुजरात क्यों बदला गया?
उनका विवाह गुजरात कैडर के आईपीएस अधिकारी गौतम विवेकानंदन से हुआ है, जिसके बाद उन्होंने साथ सेवा देने के लिए गृह मंत्रालय से इंटर-कैडर ट्रांसफर लिया।

### 4. आईपीएस गौतम विवेकानंदन ने यूपीएससी में कौन सी रैंक प्राप्त की थी?
गौतम विवेकानंदन ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2022 में ऑल इंडिया 211वीं रैंक हासिल की थी।

### 5. अन्नू टाटू ने कॉलेज की पढ़ाई कहां से पूरी की?
उन्होंने जयपुर के कनोडिया पीजी महिला महाविद्यालय से बीए और फिर अर्थशास्त्र में एमए की डिग्री प्राप्त की।

## प्रेरणा और सबक
आईपीएस अन्नू टाटू की सफलता साबित करती है कि संसाधनों के अभाव और दूरी के बावजूद दृढ़ संकल्प से बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।

- **आत्मनिर्भर अध्ययन:** बड़े शहरों के महंगे कोचिंग संस्थानों के पीछे भागने के बजाय अपनी मेहनत और व्यवस्थित सेल्फ स्टडी पर भरोसा करना सबसे बड़ी ताकत है।
- **असफलता से न घबराना:** शुरुआती प्रयासों में मनचाहा परिणाम न मिलने पर भी लगातार अभ्यास और कमियों को सुधारते हुए तीसरे प्रयास में सफलता हासिल की जा सकती है।
- **पारिवारिक मार्गदर्शन का महत्व:** परिवार के अनुभवी सदस्यों की सलाह और निरंतर सहयोग तैयारी के कठिन दौर में मनोबल बनाए रखने में निर्णायक साबित होता है।
- **स्पष्ट लक्ष्य निर्धारण:** छोटे गांव से निकलकर भी बड़े प्रशासनिक सपने देखना और उन्हें पूरा करने के लिए बिना भटके निरंतर जुटे रहना सफलता की कुंजी है।

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