महज 100 रुपये से शुरू किया कारोबार, अब लाखों की कमाई कर रहे हैं मुरादाबाद के मोहम्मद फिरोज मुरादाबाद के मोहम्मद फिरोज ने 100 रुपये से कंबल और चादरों के कारोबार की शुरुआत की थी। आज वह अपने दम पर लाखों का बिजनेस चला रहे हैं और महीने के 50 से 60 हजार रुपये आसानी से कमाते हैं। मुरादाबाद में मजबूत इरादों और कड़ी मेहनत की एक ऐसी मिसाल सामने आई है, जहां एक साधारण व्यक्ति ने बेहद मामूली पूंजी से अपने सपनों को पंख दिए। अगर इंसान के भीतर कुछ कर दिखाने का जज्बा हो, तो छोटी से छोटी शुरुआत भी एक दिन बड़ी कामयाबी में बदल सकती है। यह कहानी मुरादाबाद के रहने वाले मोहम्मद फिरोज की है, जिन्होंने महज 100 रुपये की पूंजी से अपने कारोबार की नींव रखी थी और आज वह लाखों रुपये के व्यापार के मालिक बन चुके हैं। उनके इस सफर ने यह साबित कर दिया है कि लगन और ईमानदारी से किया गया काम कभी असफल नहीं होता है। कॉलेज के दिनों में आया व्यापार का विचार मोहम्मद फिरोज को इस क्षेत्र में काम करते हुए लगभग 16 साल का लंबा समय बीत चुका है। उन्होंने इस पूरे व्यवसाय की शुरुआत अपने दम पर बिल्कुल अकेले की थी। उनके जीवन में यह बदलाव कॉलेज के दिनों में आए एक विचार से आया था। उस दौर में उनके एक कॉलेज के दोस्त ने उन्हें सलाह दी थी कि अगर व्यापार की लाइन में आगे पढ़ा जाए और काम किया जाए, तो सोच का दायरा और भी अधिक विकसित होता है तथा व्यापारिक विषयों की गहरी जानकारी मिलती है। दोस्त की उसी एक बात ने उनके मन में स्वरोजगार का बीज बो दिया, जिसकी बदौलत आज वह एक सफल कारोबारी के रूप में जाने जाते हैं। 100 रुपये से खरीदी थीं दो चादरें शुरुआती दिनों को याद करते हुए मोहम्मद फिरोज बताते हैं कि उस समय 100 रुपये की कीमत बहुत हुआ करती थी और बाजार में उस राशि में काफी सामान मिल जाता था। उन्होंने सबसे पहले 100 रुपये खर्च करके सिंगल बेड की दो चादरें खरीदी थीं और वहीं से कॉटन के सामान के साथ अपने काम का श्रीगणेश किया था। आज की तारीख में वह कॉटन में हैंडलूम की चादरें तैयार करवाते हैं, जो विशेष रूप से हाथ की ब्लॉक प्रिंट वाली होती हैं। वह अंसारी समुदाय के लोगों से कच्चा कपड़ा लाते हैं और उसके बाद माल की फिनिशिंग और सफाई उनके पिता खुद अपने हाथों से करते हैं। कारोबार के कई हुनर उन्होंने अपने पिता से सीखे हैं, जिन्हें वह अब खुद भी बखूबी निभाते हैं। मुरादाबाद से बाहर तक फैला कारोबार आज मोहम्मद फिरोज का व्यापार सिर्फ मुरादाबाद तक सीमित नहीं है, बल्कि उनका सामान लखनऊ, शाहजहांपुर, हरदोई और पीलीभीत तक सप्लाई होता है। मुरादाबाद के स्थानीय बाजार में भी उनकी मजबूत पकड़ है, जहां उनकी अच्छी खासी जान-पहचान है और ग्राहक उनकी गुणवत्ता पर पूरा भरोसा करते हैं। उनके पास हर वर्ग के ग्राहकों के लिए उत्पाद उपलब्ध हैं। उन्होंने जानकारी दी कि उनके यहां कंबल की शुरुआती कीमत सिंगल बेड के लिए 400 रुपये से शुरू होती है, इसके बाद 600 रुपये और 700 रुपये तक के विकल्प मिलते हैं, जबकि ग्राहकों की मांग के अनुसार वह लगभग 3000 रुपये तक की प्रीमियम क्वालिटी के कंबल भी अपने पास रखते हैं। दूसरों को भी दे रहे हैं रोजगार मोहम्मद फिरोज आज केवल अपने लिए ही नहीं कमा रहे हैं, बल्कि वह अपने साथ कई अन्य युवाओं को भी रोजगार मुहैया करा रहे हैं। वह अपने यहां काम करने वाले लोगों को नियमित तौर पर सैलरी देते हैं। व्यवसाय के सभी प्रकार के खर्चों और लागत को निकालने के बाद भी उन्हें हर महीने 50 से 60 हजार रुपये की शुद्ध बचत आसानी से हो जाती है। इस प्रकार उन्होंने न केवल खुद को आर्थिक रूप से सक्षम बनाया है, बल्कि समाज के अन्य युवाओं के सामने एक बेहतरीन उदाहरण भी पेश किया है। उनका यह संदेश है कि युवा हिम्मत जुटाकर अपना खुद का स्टार्टअप शुरू कर सकते हैं और बेहतरीन मुनाफा कमा सकते हैं। सवाल-जवाब 1. मोहम्मद फिरोज ने अपने बिजनेस की शुरुआत कितने रुपये से की थी? उन्होंने सिर्फ 100 रुपये से अपने कारोबार की शुरुआत की थी। 2. फिरोज मुख्य रूप से किस चीज का व्यापार करते हैं? वह कंबल और कॉटन की हैंडलूम चादरों का व्यापार करते हैं। 3. फिरोज को इस कारोबार में कितने वर्ष हो चुके हैं? उन्हें इस क्षेत्र में काम करते हुए लगभग 16 साल हो गए हैं। 4. उनका कारोबार मुरादाबाद के अलावा किन शहरों में फैला है? उनका माल लखनऊ, शाहजहांपुर, हरदोई और पीलीभीत तक जाता है। 5. खर्चे निकालने के बाद फिरोज की मासिक बचत कितनी है? सभी खर्च निकालने के बाद वह महीने के 50 से 60 हजार रुपये बचा लेते हैं। प्रेरणा और सबक मोहम्मद फिरोज की यह यात्रा दर्शाती है कि सीमित संसाधनों के बावजूद कड़ी मेहनत और सही मार्गदर्शन से कैसे सफलता हासिल की जा सकती है। • छोटी शुरुआत: किसी भी बड़े काम को शुरू करने के लिए भारी-भरकम पूंजी की नहीं, बल्कि सही विचार और मजबूत इरादे की जरूरत होती है। • कौशल विकास: पैतृक कला और पारिवारिक अनुभवों को अपनाकर व्यापार को बेहतर ढंग से आगे बढ़ाया जा सकता है। • गुणवत्ता और विश्वास: ग्राहकों के साथ ईमानदारी और बेहतरीन उत्पाद क्वालिटी बनाए रखने से बाजार में लंबी पैठ बनती है। • रोजगार सृजन: एक सफल उद्यमी बनने के बाद दूसरों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना समाज को मजबूत बनाता है। https://trendkia.com/success-stories/how-moradabad-resident-mohammad-firoz-built-a-flourishing-business-starting-with-just-rs-100-57082 TrendKia — Har trend, sabse pehle.