# सड़क पर आईएएस परी बिश्नोई ने खोले यूपीएससी के सीक्रेट, बोलीं- यह सिर्फ किताबों की जंग नहीं

> सिक्किम में एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात आईएएस परी बिश्नोई का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने यूपीएससी की तैयारी करने वाले युवाओं को मानसिक मजबूती और सही रणनीति का पाठ पढ़ाया है।

**Type:** article · **Category:** सक्सेस स्टोरी · **Published:** 2026-08-23 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/success-stories/ias-officer-pari-bishnoi-reveals-upsc-secrets-on-the-street-20552 · **Language:** Hindi
**Tags:** यूपीएससी, परी बिश्नोई, आईएएस, सिविल सेवा, सक्सेस टिप्स, वायरल वीडियो

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक दिलचस्प वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे मशहूर स्ट्रीट फोटोग्राफर अंकित कुमार ने शूट किया है। इस वीडियो में अंकित सड़क पर चलती दो कामकाजी महिलाओं से उनके पेशे के बारे में पूछते हैं, जिनमें से एक अपनी पहचान आईएएस परी बिश्नोई के रूप में देती हैं। वह वर्तमान में सिक्किम में एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के पद पर अपनी सेवाएं दे रही हैं। जब फोटोग्राफर ने उनसे देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए कुछ मार्गदर्शन मांगा, तो उन्होंने सड़क पर चलते-चलते ही ऐसी अनमोल बातें कह डालीं जिन्होंने लाखों अभ्यर्थियों का दिल जीत लिया है।

## किताबों के बोझ से ज्यादा मानसिक डर की चुनौती
देशभर में सिविल सेवा की तैयारी करने वाले लाखों उम्मीदवार अक्सर भारी-भरकम किताबों के बोझ से ज्यादा मुकाबले के खौफ से मानसिक रूप से टूट जाते हैं। दिल्ली के मुखर्जी नगर से लेकर प्रयागराज की तंग गलियों तक हर एस्पिरेंट के दिलो-दिमाग में एक ही डर बना रहता है कि देश भर के इतने प्रतिभाशाली लोग इस परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, ऐसे में उनका चयन कैसे संभव हो पाएगा। इस बीच, यूपीएससी परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 30 हासिल करने वाली आईएएस परी बिश्नोई ने इन युवाओं को एक बिल्कुल नया दृष्टिकोण दिया है। उनका साफ कहना है कि सिविल सेवा परीक्षा केवल किताबी ज्ञान का इम्तिहान नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह से मानसिक मजबूती और अपने ऊपर अटूट भरोसे की परीक्षा है।

## अपनी शुरुआती अनिश्चितता और झिझक का किया जिक्र
आईएएस परी बिश्नोई बताती हैं कि जब उन्होंने खुद यूपीएससी की तैयारी का सफर शुरू किया था, तो उनके मन में भी भारी अनिश्चितता और असमंजस की स्थिति थी। वह मानती हैं कि देश भर के शीर्ष विश्वविद्यालयों से आने वाले बेहद ब्रिलियंट अभ्यर्थियों को देखकर किसी का भी घबरा जाना बहुत स्वाभाविक है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि वह खुद एक बहुत ही सामान्य स्कूल और कॉलेज की पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखती हैं। जब उन्होंने अपनी तैयारी का आगाज किया, तो उनके जेहन में भी सबसे पहले यही ख्याल आया था कि इस अपार भीड़ में उनका नंबर आखिर कहां आएगा। हालांकि, इस शुरुआती झिझक और डर को उन्होंने अपने आत्मविश्वास पर हावी नहीं होने दिया और एक सही रणनीति के साथ अपनी पढ़ाई लगातार जारी रखी।

## असली मुकाबला भीड़ में नहीं बल्कि खुद के भीतर है
एस्पिरेंट्स के मन में बैठे हुए इस भ्रम को दूर करते हुए आईएएस परी बिश्नोई ने समझाया कि परीक्षा का दबाव कई बार छात्रों के दिमाग पर इस कदर हावी हो जाता है कि वे प्रतियोगिता के दायरे को बहुत ज्यादा बड़ा मान बैठते हैं। उनके अनुसार, सड़क पर जितनी बड़ी भीड़ नजर आती है, असलियत में उतने लोग पूरी गंभीरता के साथ मैदान में नहीं उतरे होते हैं। असली और गंभीर मुकाबला वास्तव में बहुत कम लोगों के बीच होता है। उन्होंने सलाह दी कि परीक्षा के माहौल और चारों तरफ की भीड़ के भारी दबाव में आकर कभी यह फैसला न करें कि एग्जाम कितना ज्यादा कठिन है। यदि आपकी तैयारी पुख्ता है और आपकी दिशा बिल्कुल सही है, तो इस अंधी भीड़ से डरने की आपको कभी कोई आवश्यकता नहीं है।

## मानसिक खेल है यूपीएससी की पूरी लंबी यात्रा
आईएएस अधिकारी ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि सिविल सर्विसेज की पूरी यात्रा केवल ज्ञान मापने का जरिया नहीं है, बल्कि यह एक विशुद्ध मेंटल गेम है। यह परीक्षा इंसान के धैर्य, उसकी मानसिक स्थिरता और खुद पर रखे जाने वाले अटूट विश्वास की कड़ी परीक्षा लेती है। यदि आप विपरीत परिस्थितियों में भी मानसिक रूप से मजबूत बने रहते हैं और किसी भी तरह की नकारात्मक सोच को अपने ऊपर हावी नहीं होने देते हैं, तो आप आधी जंग तो वैसे ही जीत लेते हैं। परी बिश्नोई की यह बेहद साधारण लेकिन अत्यधिक व्यावहारिक सलाह अभ्यर्थियों को इस बात का अहसास कराती है कि अपनी तुलना लगातार दूसरों से करने के बजाय केवल अपनी खुद की तैयारी पर ध्यान केंद्रित करना ही सफलता हासिल करने की एकमात्र सच्ची कुंजी है।

## वायरल वीडियो पर अभ्यर्थियों की आई जबरदस्त प्रतिक्रियाएं
इंटरनेट पर आते ही यह वीडियो जंगल में आग की तरह फैल गया और सोशल मीडिया पर एस्पिरेंट्स इस पर खुलकर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कई यूजर्स ने लिखा कि लाखों रुपये खर्च करके बड़ी-बड़ी कोचिंग संस्थानों में भी जो मार्गदर्शन आसानी से नहीं मिल पाता, वह इस महिला अधिकारी ने दो मिनट की बहुत ही सहज बातचीत में समझा दिया। एक यूजर ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए लिखा कि इस वीडियो को देखने के बाद उनका आधा तनाव छूमंतर हो गया है और उन्हें अपनी स्टडी टेबल पर दोबारा बैठकर पढ़ने की हिम्मत मिल गई है। वहीं, एक अन्य यूजर ने टिप्पणी की कि जब एआईआर 30 लाने वाली अफसर खुद यह कह रही हैं कि असली कॉम्पिटिशन सिर्फ हमारे दिमाग के अंदर होता है, तो अब डरना बिल्कुल बंद करना है और अपनी पढ़ाई पर पूरा फोकस करना है।

## इसका आप पर असर
यूपीएससी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए यह वीडियो एक मानसिक संबल देता है कि भारी भीड़ और डर से घबराने के बजाय अपनी व्यक्तिगत तैयारी पर फोकस करना ज्यादा महत्वपूर्ण है।

## सवाल-जवाब

### 1. आईएएस परी बिश्नोई वर्तमान में किस पद पर तैनात हैं?
आईएएस परी बिश्नोई वर्तमान में सिक्किम में एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात हैं।

### 2. यूपीएससी परीक्षा में परी बिश्नोई की ऑल इंडिया रैंक क्या थी?
यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में परी बिश्नोई ने ऑल इंडिया रैंक 30 हासिल की थी।

### 3. वीडियो में परी बिश्नोई ने यूपीएससी की तैयारी के बारे में क्या मुख्य बात कही?
उन्होंने कहा कि यूपीएससी सिर्फ किताबों या ज्ञान की परीक्षा नहीं है, बल्कि यह मानसिक मजबूती और खुद पर भरोसे का एक मेंटल गेम है।

### 4. यह वायरल वीडियो किसके द्वारा शूट किया गया था?
यह वायरल वीडियो मशहूर स्ट्रीट फोटोग्राफर अंकित कुमार द्वारा शूट किया गया था।

## प्रेरणा और सबक
- **आत्मविश्वास बनाए रखें:** सामान्य शैक्षणिक पृष्ठभूमि से आने पर भी खुद को कम न आंकें और अपनी मेहनत पर पूरा भरोसा रखें।
- **मानसिक मजबूती जरूरी:** परीक्षा सिर्फ ज्ञान का नहीं बल्कि धैर्य और मानसिक संतुलन का खेल है, इसलिए नकारात्मकता से दूर रहें।
- **भीड़ से न डरें:** परीक्षा में दिखने वाली भारी भीड़ से घबराने के बजाय अपनी सही रणनीति और पुख्ता तैयारी पर ध्यान दें।
- **तुलना से बचें:** अपनी तैयारी की तुलना दूसरों की क्षमताओं से करने के बजाय अपनी खुद की प्रगति पर फोकस करें।

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