जमशेदपुर के नीलाभ सेनगुप्ता ने जीती जंग: यूक्रेन से लौटकर एफएमजीई परीक्षा में मारी बाजी जमशेदपुर के नीलाभ सेनगुप्ता ने कोरोना और युद्ध जैसी विपरीत परिस्थितियों का सामना करते हुए अपनी मेडिकल की पढ़ाई पूरी की और एफएमजीई परीक्षा में सफलता हासिल की। जमशेदपुर के रहने वाले नीलाभ सेनगुप्ता का सफर उन सभी युवाओं के लिए एक मिसाल है जो विपरीत हालात में भी अपने सपनों को जीने का साहस रखते हैं। नीलाभ ने बचपन से ही एक डॉक्टर बनने का दृढ़ संकल्प लिया था। उनके माता-पिता, निलय सेनगुप्ता और नीला सेनगुप्ता, हमेशा से चाहते थे कि उनका बेटा चिकित्सा के क्षेत्र में जाकर समाज की बेहतरी के लिए काम करे। मेधावी छात्र होने के नाते नीलाभ ने अपने माता-पिता के इस सपने को ही अपना ध्येय बना लिया था। यूक्रेन में मेडिकल शिक्षा और अनिश्चितता का दौर नीलाभ ने जमशेदपुर के लोयोला स्कूल से अपनी शुरुआती पढ़ाई पूरी की। 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उन्होंने नीट परीक्षा दी और अपनी मेडिकल की पढ़ाई के लिए यूक्रेन चले गए। शुरुआत में सब कुछ व्यवस्थित चल रहा था, लेकिन वैश्विक स्तर पर फैली कोरोना महामारी और बाद में उपजे युद्ध के हालातों ने विदेश में रह रहे छात्रों के भविष्य पर सवालिया निशान लगा दिए। उस समय कई छात्र पढ़ाई बीच में ही छोड़कर घर लौट आए, लेकिन नीलाभ ने अपने लक्ष्य से पीछे न हटने का फैसला लिया। जॉर्जिया में शिक्षा और एफएमजीई की चुनौती विकट परिस्थितियों का सामना करते हुए नीलाभ ने अपनी शिक्षा जारी रखने का रास्ता निकाला और जॉर्जिया स्थानांतरण ले लिया। अपनी कड़ी मेहनत और अटूट संकल्प के कारण उन्होंने अपनी मेडिकल की पढ़ाई को सफलतापूर्वक पूरा किया। मार्च 2026 में जमशेदपुर वापस लौटने के बाद, उन्होंने विदेशी मेडिकल स्नातकों के लिए आयोजित की जाने वाली कठिन एफएमजीई परीक्षा में अपना भाग्य आजमाया। इस परीक्षा में करीब 36 हजार छात्र शामिल हुए थे, जिसमें से सफलता का प्रतिशत केवल 12 प्रतिशत ही रहा। इतने कड़े मुकाबले के बीच नीलाभ ने 168 अंक अर्जित कर खुद को साबित किया। भविष्य की योजनाएं और समाज सेवा डॉक्टर बनने का यह सफर केवल यहीं रुकने वाला नहीं है। नीलाभ अब ऑर्थोपेडिक्स के क्षेत्र में पोस्ट ग्रेजुएशन करना चाहते हैं और आगे चलकर एक कुशल हड्डी रोग विशेषज्ञ के रूप में समाज की सेवा करने की इच्छा रखते हैं। अपनी पढ़ाई के दिनों में, उन्होंने विभिन्न गांवों और सुदूर इलाकों में आयोजित स्वास्थ्य शिविरों में सक्रिय रूप से भाग लिया। इन शिविरों में उन्होंने लोगों को बीमारियों, सही उपचार और दवाओं के महत्व के बारे में जागरूक किया, क्योंकि उनका मानना है कि आज भी समाज में चिकित्सा को लेकर कई भ्रांतियां फैली हुई हैं जिन्हें दूर करना बेहद जरूरी है। बहुमुखी प्रतिभा के धनी नीलाभ की पहचान केवल एक डॉक्टर के रूप में नहीं, बल्कि एक बहुमुखी प्रतिभा वाले व्यक्ति के रूप में भी है। वे संगीत के क्षेत्र में तबला वादन में नेशनल स्कॉलर रह चुके हैं। इसके अतिरिक्त, वे एक बेहतरीन तैराक भी हैं और झारखंड स्तर पर स्वर्ण पदक अपने नाम कर चुके हैं। उन्हें फोटोग्राफी का भी काफी शौक है। नीलाभ का यह संघर्ष भरा जीवन इस बात का प्रमाण है कि यदि इंसान का लक्ष्य स्पष्ट हो और वह सच्ची मेहनत करे, तो कोई भी मुश्किल उसे मंजिल तक पहुँचने से नहीं रोक सकती है। इसका आप पर असर भारत में: यह मामला उन हजारों छात्रों के लिए एक उदाहरण है जो विदेश में शिक्षा के दौरान किसी संकट का सामना कर रहे हैं, जो दृढ़ संकल्प के साथ अपनी पढ़ाई पूरी कर सकते हैं। जमशेदपुर में: जमशेदपुर के युवाओं के लिए यह कहानी एक प्रेरणा है कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद स्थानीय स्तर पर कड़ी मेहनत से प्रतिष्ठित चिकित्सा परीक्षाओं में सफल हुआ जा सकता है। सवाल-जवाब 1. नीलाभ सेनगुप्ता ने अपनी मेडिकल की पढ़ाई कहां से शुरू की थी? नीलाभ सेनगुप्ता ने अपनी मेडिकल की पढ़ाई यूक्रेन से शुरू की थी। 2. एफएमजीई परीक्षा में सफलता दर क्या थी? इस परीक्षा में सफलता का प्रतिशत मात्र 12 प्रतिशत था। 3. नीलाभ ने एफएमजीई परीक्षा में कितने अंक प्राप्त किए? नीलाभ ने एफएमजीई परीक्षा में 168 अंक हासिल किए। 4. नीलाभ की अगली शैक्षणिक योजना क्या है? नीलाभ आगे चलकर ऑर्थोपेडिक्स में पोस्ट ग्रेजुएशन करना चाहते हैं। प्रेरणा और सबक सीख और प्रेरणा: • दृढ़ संकल्प: विपरीत परिस्थितियों में भी हार न मानना सफलता की पहली सीढ़ी है। • अनुकूलनशीलता: यूक्रेन से जॉर्जिया जैसे स्थानांतरण का निर्णय समय पर लेना भविष्य सुरक्षित करने के लिए जरूरी है। • बहुमुखी प्रतिभा: पढ़ाई के साथ-साथ संगीत और खेल में रुचि रखने से व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास होता है। • सामाजिक जिम्मेदारी: केवल डिग्री लेना काफी नहीं है, समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करना एक जागरूक डॉक्टर का कर्तव्य है। https://trendkia.com/success-stories/jamshedpur-ke-nilabh-sengupta-ne-jiti-jnga-ukraine-se-lautakara-fmge-pariksha-men-mari-baji-7049 TrendKia — Har trend, sabse pehle.