जमशेदपुर की रेशमा बिहानी ने 'मालबेरी क्लोज़ेट' से महिलाओं के लिए बदल दी डेनिम फैशन की दुनिया जमशेदपुर की उद्यमी रेशमा बिहानी ने अपने स्टार्टअप 'मालबेरी क्लोज़ेट' के जरिए महिलाओं को कस्टमाइज्ड डेनिम परिधान उपलब्ध कराने की नई राह खोली है। ₹3,500 से ₹7,000 की किफायती रेंज में प्रीमियम फैशन देकर वह बाजार के बड़े ब्रांड्स को चुनौती दे रही हैं। जमशेदपुर की उद्यमी रेशमा बिहानी ने यह सिद्ध कर दिखाया है कि जब पारिवारिक अनुभव और मौलिक सोच एक साथ काम करें, तो बाजार में एक नई और टिकाऊ पहचान बनाई जा सकती है। उनका स्टार्टअप 'मालबेरी क्लोज़ेट' आज महिलाओं के बीच कस्टमाइज्ड डेनिम परिधानों के लिए एक भरोसेमंद नाम बनता जा रहा है। पारिवारिक कारोबार से मिली प्रेरणा रेशमा बताती हैं कि उनका परिवार पिछले करीब 20 वर्षों से कपड़ा व्यापार में सक्रिय है। यह कारोबार इंपोर्ट-एक्सपोर्ट पर आधारित है और यूरोप सहित कई देशों तक इसकी पहुंच है। बचपन से फैब्रिक, डिजाइन और फैशन के माहौल में रहने की वजह से उनके मन में महिलाओं के लिए कुछ खास और व्यक्तिगत बनाने की चाहत पैदा हुई। इसी इरादे से उन्होंने 'मालबेरी क्लोज़ेट' की नींव रखी, जिसका मकसद महिलाओं को स्टाइलिश, आरामदायक और किफायती कस्टमाइज्ड परिधान देना है। महिलाओं की पसंद के मुताबिक बनते हैं कपड़े इस ब्रांड की सबसे बड़ी खूबी यही है कि यहां हर परिधान ग्राहक की जरूरत और पसंद के हिसाब से तैयार किया जाता है। कलेक्शन में डेनिम को-ऑर्ड सेट, स्कर्ट, जींस, शर्ट और कई अन्य फैशनेबल परिधान शामिल हैं। डेनिम के अलावा कॉटन और प्योर कॉटन फैब्रिक का भी इस्तेमाल होता है, जिससे कपड़े सुंदर दिखने के साथ-साथ पहनने में भी बेहद सुकून देते हैं। यही वजह है कि युवतियों और कामकाजी महिलाओं के बीच 'मालबेरी क्लोज़ेट' के डिजाइन तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। हर मौसम के लिए ताज़ा कलेक्शन रेशमा की नजर में फैशन अब महज दिखावे की चीज नहीं रही, बल्कि यह किसी की भी पहचान और व्यक्तित्व का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। इसी सोच के आधार पर वह हर मौसम के लिए अलग डिजाइन और कलेक्शन तैयार करती हैं। गर्मियों में हल्के और सांस लेने वाले फैब्रिक को तरजीह दी जाती है, जबकि सर्दियों में ट्रेंडी और स्टाइलिश डेनिम आउटफिट्स बनाए जाते हैं। उनकी कोशिश यही रहती है कि हर सीजन में ग्राहकों को कुछ नया और अनूठा पहनने को मिले। ₹3,500 से ₹7,000 में प्रीमियम फैशन 'मालबेरी क्लोज़ेट' के परिधान ₹3,500 से लेकर ₹7,000 तक की रेंज में उपलब्ध हैं। इस कीमत में ग्राहकों को कस्टमाइज्ड डिजाइन, बेहतर क्वालिटी और प्रीमियम फिनिश मिलती है, जो बाजार के कई महंगे ब्रांड्स को कड़ी टक्कर देती है। रेशमा का दृढ़ मानना है कि अच्छा फैशन हर किसी की पहुंच में होना चाहिए, इसलिए वह अपने उत्पादों को किफायती बनाए रखने की दिशा में लगातार काम करती हैं। रेशमा बिहानी की यह पहल केवल एक सफल स्टार्टअप की कहानी नहीं है। यह इस बात का प्रमाण है कि नई सोच और जज्बे के साथ एक जाने-पहचाने क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। 'मालबेरी क्लोज़ेट' आज महिलाओं के लिए सिर्फ एक फैशन ब्रांड नहीं, बल्कि उनके आत्मविश्वास और निजी शैली को व्यक्त करने का एक जीवंत मंच बन रहा है। इसका आप पर असर • भारत में: जो महिलाएं किफायती दाम पर कस्टमाइज्ड और क्वालिटी डेनिम फैशन की तलाश में हैं, उनके लिए 'मालबेरी क्लोज़ेट' जैसे स्टार्टअप ₹3,500 से ₹7,000 में प्रीमियम विकल्प देते हैं जो बड़े ब्रांड्स के मुकाबले कहीं सुलभ हैं। • जमशेदपुर में: स्थानीय महिलाओं के पास अब एक ऐसा ब्रांड है जो उनकी पसंद और जरूरत के मुताबिक कपड़े तैयार करता है, बिना किसी बड़े मेट्रो शहर की दुकान पर निर्भर हुए। सवाल-जवाब 1. मालबेरी क्लोज़ेट स्टार्टअप किसने शुरू किया? जमशेदपुर की उद्यमी रेशमा बिहानी ने 'मालबेरी क्लोज़ेट' स्टार्टअप की शुरुआत की। 2. रेशमा बिहानी के परिवार का कपड़ा व्यापार कितने साल पुराना है? उनके परिवार का कपड़ा व्यापार करीब 20 वर्षों से चला आ रहा है। 3. मालबेरी क्लोज़ेट के परिधानों की कीमत क्या है? इस ब्रांड के परिधान ₹3,500 से लेकर ₹7,000 तक की रेंज में उपलब्ध हैं। 4. इस ब्रांड में कौन-कौन से परिधान मिलते हैं? मालबेरी क्लोज़ेट में डेनिम को-ऑर्ड सेट, स्कर्ट, जींस, शर्ट और अन्य फैशनेबल परिधान मिलते हैं। 5. मालबेरी क्लोज़ेट कौन से फैब्रिक का उपयोग करता है? ब्रांड डेनिम के साथ-साथ कॉटन और प्योर कॉटन फैब्रिक का भी इस्तेमाल करता है। 6. क्या यह ब्रांड हर मौसम के लिए अलग कलेक्शन तैयार करता है? हां, गर्मियों में हल्के फैब्रिक को तरजीह दी जाती है जबकि सर्दियों में ट्रेंडी डेनिम आउटफिट्स तैयार किए जाते हैं। 7. रेशमा के परिवार का कारोबार किन देशों तक फैला है? उनके परिवार का इंपोर्ट-एक्सपोर्ट कारोबार यूरोप सहित कई देशों में फैला हुआ है। प्रेरणा और सबक रेशमा बिहानी की उद्यमिता की यह कहानी उन सभी के लिए ठोस प्रेरणा है जो अपने आसपास के माहौल से सीखकर कुछ नया और अर्थपूर्ण बनाना चाहते हैं। • परिवार का अनुभव ही सबसे बड़ी पूंजी है: रेशमा ने 20 साल के पारिवारिक कारोबारी ज्ञान को अपनी ताकत बनाया और उसे एक नई, खुद की दिशा दी, जो उनकी अपनी सोच से उपजी थी। • बाजार की खाली जगह को अवसर मानें: रेडीमेड कपड़ों की भीड़ में कस्टमाइज्ड फैशन की कमी को उन्होंने एक समस्या नहीं, बल्कि एक मौके के रूप में देखा और उसी गैप को अपना बाजार बना लिया। • किफायती और उच्च गुणवत्ता साथ-साथ हो सकते हैं: ₹3,500 से ₹7,000 की रेंज में प्रीमियम डिजाइन देकर उन्होंने साबित किया कि सस्ते और बेहतरीन में से एक ही नहीं चुनना पड़ता। • ग्राहक की जरूरत को हमेशा केंद्र में रखें: हर मौसम में नया कलेक्शन और हर ग्राहक की पसंद के अनुसार डिजाइन बनाने की नीति ने उनके ब्रांड को भीड़ से अलग और यादगार बनाया। https://trendkia.com/success-stories/jamshedpur-ki-reshma-bihani-ne-malberryy-closet-se-mahilaon-ke-lie-badala-di-denima-phaishana-ki-duniya-2402 TrendKia — Har trend, sabse pehle.