बिना किसी ट्रेनिंग स्केच पेन से अद्भुत तस्वीरें बना रहीं जमुई की माही बरनवाल बिहार के जमुई जिले के सोनो प्रखंड की रहने वाली माही बरनवाल बिना किसी कोचिंग या ऑनलाइन ट्यूटोरियल के केवल स्केच पेन की मदद से शानदार आर्टवर्क तैयार कर रही हैं. कला किसी औपचारिक प्रशिक्षण की मोहताज नहीं होती और इस बात को बिहार के सुदूर ग्रामीण इलाके की एक छात्रा ने साबित कर दिखाया है. जमुई जिले के सोनो प्रखंड स्थित बटिया गांव की रहने वाली माही बरनवाल केवल स्केच पेन का उपयोग करके बेहद सूक्ष्म और सुंदर कलाकृतियां बना रही हैं. जिला मुख्यालय से लगभग 50 किलोमीटर दूर रहने के बावजूद माही ने अपनी अंतर्निहित कलात्मक प्रतिभा को पहचाना और लगातार अभ्यास के बल पर उसे नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है. बिना किसी कोचिंग या इंटरनेट ट्यूटोरियल के सीखा हुनर वर्तमान में स्नातक प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रहीं माही बरनवाल ने चित्रकारी का कोई औपचारिक पाठ नहीं पढ़ा है. उन्होंने कभी किसी कला विद्यालय में दाखिला नहीं लिया और न ही पेंटिंग की बारीकियां सीखने के लिए यूट्यूब या अन्य सोशल मीडिया मंचों की सहायता ली. माही के अनुसार उन्होंने चित्र बनाने की तकनीक पूरी तरह से स्व-अध्ययन और निरंतर प्रयास के जरिए खुद ही विकसित की है. उनका यह सफर स्कूली दिनों में साधारण रेखाचित्र बनाने से शुरू हुआ था जो समय के साथ एक गंभीर जुनून में बदल गया. 34 घंटे की कड़ी मेहनत और बारीक कारीगरी स्केच पेन से कलाकृति बनाने की प्रक्रिया बेहद कठिन और समय साध्य होती है. सामान्य तौर पर कलाकार ऐसी तस्वीरों के लिए वाटर कलर या अन्य रंगों का सहारा लेते हैं लेकिन माही यह पूरा काम सिर्फ स्केच पेन से करती हैं. उनकी कारीगरी इतनी अधिक बारीक और निर्बाध होती है कि कागज पर पेन की एक भी अलग रेखा नजर नहीं आती. देखने वालों को पहली नजर में ऐसा प्रतीत होता है मानो यह तस्वीर किसी डिजिटल प्रिंटर या मशीन द्वारा तैयार की गई हो. माही बताती हैं कि एक सिंगल आर्टवर्क को पूरा करने में उन्हें 32 से 34 घंटे का समय लग जाता है. वह अब तक कई दर्जन से अधिक उत्कृष्ट कलाकृतियां तैयार कर चुकी हैं. सोशल मीडिया पर मिली पहचान और व्यावसायिक राह स्कूली पढ़ाई के दौरान जब माही तस्वीरें बनाया करती थीं तब उन्हें अहसास हुआ कि वह इसी क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहती हैं. शुरुआत में उन्होंने अपने बनाए चित्रों को इंस्टाग्राम पर साझा करना शुरू किया. वहां लोगों से मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया और बढ़ते व्यूज ने उनके आत्मविश्वास को काफी बढ़ाया. पिछले 3 से 4 वर्षों से माही इस काम को पेशेवर रूप से कर रही हैं. अब इंस्टाग्राम के माध्यम से लोग उन्हें अपनी पसंद की तस्वीरें बनाने के ऑर्डर भी देने लगे हैं. परिवार का सहयोग और भविष्य के सपने माही की इस सफलता में उनके परिवार का पूरा समर्थन रहा है. परिजनों के प्रोत्साहन से ही वह अपने इस पैशन को पढ़ाई के साथ-साथ आगे बढ़ा पा रही हैं. माही का लक्ष्य कला की दुनिया में एक बड़ा नाम बनाना और अपनी पहचान को और व्यापक स्तर पर स्थापित करना है. सुदूर ग्रामीण क्षेत्र में रहने के बावजूद उनकी अनूठी कलाकारी की गूंज अब दूर-दराज के इलाकों तक पहुंचने लगी है. इसका आप पर असर भारत में: यह कहानी साबित करती है कि बिना किसी महंगे संसाधन या संस्थान के भी केवल कड़ी मेहनत से हुनर को निखारा जा सकता है. जमुई में: सोनो प्रखंड के सुदूर ग्रामीण इलाके की युवा प्रतिभाओं को अपने कौशल के बल पर आगे बढ़ने की नई प्रेरणा मिलेगी. सवाल-जवाब 1. माही बरनवाल किस जिले और गांव की निवासी हैं? माही बरनवाल बिहार के जमुई जिले के सोनो प्रखंड अंतर्गत बटिया गांव की रहने वाली हैं. 2. माही बरनवाल अपनी पेंटिंग्स बनाने के लिए किस माध्यम का उपयोग करती हैं? वह पेंटिंग या वाटर कलर के बजाय केवल साधारण स्केच पेन का उपयोग करके अपना आर्टवर्क बनाती हैं. 3. एक आर्टवर्क को तैयार करने में माही को कितना समय लगता है? माही के अनुसार एक सिंगल आर्टवर्क को पूरा करने में उन्हें 32 से 34 घंटे का समय लगता है. 4. क्या माही बरनवाल ने कला की कोई औपचारिक ट्रेनिंग ली है? नहीं, माही ने चित्रकारी की कोई ट्रेनिंग नहीं ली है और न ही यूट्यूब की मदद ली है; उन्होंने यह कला पूरी तरह खुद से सीखी है. 5. माही पेशेवर रूप से कितने समय से आर्टवर्क बना रही हैं? माही पिछले 3 से 4 वर्षों से पेशेवर रूप से आर्टवर्क बना रही हैं और इंस्टाग्राम के जरिए ऑर्डर प्राप्त कर रही हैं. प्रेरणा और सबक स्व-अध्ययन की शक्ति: बिना किसी कोचिंग या ऑनलाइन ट्यूटोरियल के केवल अभ्यास के बल पर जटिल कला में महारत हासिल की जा सकती है. धैर्य और निरंतरता: एक तस्वीर पर 32 से 34 घंटे का समय देना दर्शाता है कि महान परिणाम पाने के लिए लंबे समय तक एकाग्रता आवश्यक है. संसाधनों से ऊपर हुनर: महंगे रंगों के बजाय साधारण स्केच पेन से भी विश्वस्तरीय कलाकृति बनाई जा सकती है. डिजिटल मंचों का सही उपयोग: इंस्टाग्राम का उपयोग केवल मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि अपनी प्रतिभा को व्यापार में बदलने के लिए किया जा सकता है. https://trendkia.com/success-stories/jamui-ki-mahi-baranwal-bina-treninga-skecha-pena-se-bana-rahi-hain-shanadara-artavarka-16093 TrendKia — Har trend, sabse pehle.