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  "type": "article",
  "title": "झुंझुनूं की कनिका टेकड़ीवाल ने कैंसर को हराकर बनाई 420 करोड़ की कंपनी जेटसेटगो",
  "summary": "राजस्थान के झुंझुनूं जिले के बड़ागांव की रहने वाली कनिका टेकड़ीवाल ने मात्र 20 साल की उम्र में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को मात दी और 24 साल की उम्र में जेटसेटगो नाम की एविएशन कंपनी की नींव रखी। आज उनका यह कारोबार 420 करोड़ रुपए से अधिक का हो चुका है।",
  "content": "जिंदगी में आने वाली बड़ी से बड़ी बाधाएं भी हौसले के आगे दम तोड़ देती हैं, और इस बात को राजस्थान के झुंझुनूं जिले के बड़ागांव की रहने वाली कनिका टेकड़ीवाल ने पूरी तरह सच साबित कर दिखाया है। कम उम्र में घातक बीमारी का सामना करने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी मेहनत के बल पर देश की जानी-मानी महिला उद्यमियों की सूची में अपना नाम दर्ज कराया। आज वह एक विशाल एविएशन कारोबार की कमान संभाल रही हैं, जिसकी कुल कीमत करीब 420 करोड़ रुपए आंकी गई है।\n\nकैंसर को मात देकर शुरू किया कारोबार\nजब उनकी उम्र महज 20 वर्ष थी, तब डॉक्टरों ने उन्हें स्टेज-2 हॉजकिन लिंफोमा यानी कैंसर होने की पुष्टि की थी। यह किसी भी युवा के लिए एक बहुत बड़ा झटका था, लेकिन उन्होंने इस बीमारी को अपने जीवन के सपनों के आड़े नहीं आने दिया। इस मुश्किल दौर से सफलतापूक बाहर आने के बाद उन्होंने अपने सपनों को पंख देने की ठानी। वर्ष 2014 में जब उनकी उम्र सिर्फ 24 साल थी, तब उन्होंने जेटसेटगो की स्थापना की। उनकी यह कंपनी देश और दुनिया भर में प्राइवेट जेट और हेलिकॉप्टर चार्टर सेवाएं मुहैया कराती है। दिल्ली में मुख्यालय होने के कारण यह कंपनी हवाई यात्रा को अधिक पारदर्शी और सुगम बनाने का काम करती है। शुरुआती दौर में ग्राहकों को अपने साथ जोड़ने के लिए उन्होंने खुद काफी मेहनत की और अलग-अलग तरीकों से लोगों तक अपनी सेवाओं की जानकारी पहुंचाई। धीरे-धीरे लोगों का भरोसा जीता और कंपनी का दायरा लगातार बढ़ता चला गया।\n\nएविएशन सेक्टर में उतरने का सफर\nबचपन के दिनों से ही उन्हें विमानों और विमानन क्षेत्र से बहुत लगाव था। उनकी शुरुआती शिक्षा ऊटी के प्रसिद्ध लॉरेंस स्कूल में हुई और आगे की कॉलेज की पढ़ाई मुंबई से पूरी हुई। शुरुआत में उनका इरादा एक पायलट बनने का था, लेकिन जैसे-जैसे उन्होंने इस क्षेत्र को करीब से देखा, उन्हें समझ आया कि एविएशन इंडस्ट्री में केवल विमान उड़ाने के अलावा भी कई बड़े रास्ते मौजूद हैं। इसी सोच के साथ उन्होंने मुंबई की एक एविएशन फर्म में पार्ट-टाइम नौकरी भी की, जिससे उन्हें इस इंडस्ट्री की अंदरूनी कार्यप्रणाली को समझने में बड़ी मदद मिली। काम के दौरान उन्होंने महसूस किया कि भारत में आम लोगों के लिए प्राइवेट जेट बुक करना बेहद कठिन प्रक्रिया थी, जिसमें पारदर्शिता की भारी कमी थी। इसी समस्या को दूर करने के लिए उन्होंने तकनीक का इस्तेमाल कर प्रक्रिया को आसान बनाने का बीड़ा उठाया, जिससे इस सफल स्टार्टअप की शुरुआत हुई।\n\nउपलब्धियां और भविष्य की योजनाएं\nउनकी इस असाधारण सफलता का प्रमाण इस बात से मिलता है कि कोटक प्राइवेट बैंकिंग और हुरुन द्वारा जारी भारत की सबसे अमीर महिलाओं की सूची में उनका नाम सबसे कम उम्र की महिला उद्यमियों में शामिल है। उनकी कुल संपत्ति का आंकड़ा 420 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है, और पिछले कुछ वर्षों में इसमें करीब 50 प्रतिशत की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उनकी इस मेहनत और ई-कॉमर्स क्षेत्र में दिए गए योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें नेशनल एंटरप्रेन्योरशिप अवार्ड से सम्मानित किया। इसके अलावा प्रतिष्ठित मैगजीन फोर्ब्स ने भी उन्हें एशिया की 30 अंडर 30 सूची में जगह दी। वर्ष 2022 में उनका विवाह शरत चंद्र रेड्डी के साथ हुआ। आने वाले समय में उनका पूरा फोकस देश के भीतर विमान प्रबंधन, लीजिंग, एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर और स्मार्ट मोबिलिटी तकनीक को और अधिक उन्नत बनाने पर है।\n\nइसका आप पर असर\nयह सफलता की कहानी उन सभी युवाओं और आकांक्षी उद्यमियों के लिए एक प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के साथ अपने सपनों को पूरा करना चाहते हैं।\n\n• भारत में: यह स्टार्टअप सेक्टर में युवाओं की भागीदारी को बढ़ावा देता है और दर्शाता है कि विपरीत परिस्थितियों में भी बड़े मुकाम हासिल किए जा सकते हैं।\n• झुंझुनूं में: स्थानीय युवाओं, विशेषकर युवतियों को शिक्षा और व्यवसाय के क्षेत्र में बड़े सपने देखने के लिए एक मजबूत प्रेरणा मिलती है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nकनिका टेकड़ीवाल के इस मुकाम तक पहुंचने के पीछे उनकी कड़ी मेहनत, दूरदर्शिता और बाजार की कमियों को दूर करने की जिद थी।\n\n• बाजार की कमी: भारत में प्राइवेट जेट बुकिंग की प्रक्रिया बेहद जटिल और अपारदर्शी थी, जिसे उन्होंने तकनीक के जरिए सुगम बनाया।\n• व्यक्तिगत संघर्ष: बेहद कम उम्र में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जंग जीतने के बाद उनके भीतर किसी भी चुनौती से पार पाने का दृढ़ संकल्प आ गया था।\n• शुरुआती प्रयास: कंपनी के शुरुआती दिनों में ग्राहकों से खुद व्यक्तिगत रूप से संपर्क करने और उनका भरोसा जीतने की रणनीति ने इसे तेजी से आगे बढ़ाया।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. कनिका टेकड़ीवाल किस कंपनी की संस्थापक हैं?\nकनिका टेकड़ीवाल जेटसेटगो कंपनी की संस्थापक और सीईओ हैं।\n\n2. जेटसेटगो की स्थापना किस वर्ष हुई थी?\nइस कंपनी की स्थापना वर्ष 2014 में की गई थी।\n\n3. कनिका टेकड़ीवाल किस जिले से संबंधित हैं?\nवह राजस्थान के झुंझुनूं जिले के बड़ागांव की रहने वाली हैं।\n\n4. उन्हें कितनी उम्र में कैंसर होने का पता चला था?\nमहज 20 साल की उम्र में उन्हें स्टेज-2 हॉजकिन लिंफोमा होने का पता चला था।\n\n5. उनकी कुल संपत्ति कितनी आंकी गई है?\nउनकी कुल संपत्ति करीब 420 करोड़ रुपए है।\n\nप्रेरणा और सबक\nकनिका टेकड़ीवाल के जीवन से मिलने वाली सीख और प्रेरणाएं:\n\n• कठिन समय में अडिग रहना: जीवन की सबसे बड़ी चुनौतियों या स्वास्थ्य समस्याओं के सामने कभी हार न मानें।\n• समस्या को अवसर बनाना: बाजार में मौजूद कमियों और जटिलताओं को पहचानकर उन्हें तकनीक की मदद से आसान बनाएं।\n• शुरुआती मेहनत से न डरना: किसी भी नए कारोबार की शुरुआत में खुद आगे बढ़कर ग्राहकों से जुड़ना और उनका भरोसा जीतना जरूरी है।",
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  "publishedAt": "2026-11-08",
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    "महिला उद्यमी",
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