# करनाल के सुशांत ने अनोखे आचार और मोटे अनाज के स्नैक्स से खड़ा किया नया कारोबार, हर माह 40 हजार रुपये तक की बचत

> हरियाणा के करनाल निवासी सुशांत ने अपने पिता और भाई के साथ मिलकर प्राकृतिक खाद्य उत्पादों का उद्यम शुरू किया है, जिससे वे तमाम खर्चे काटकर हर महीने 35 से 40 हजार रुपये बचा रहे हैं।

**Type:** article · **Category:** सक्सेस स्टोरी · **Published:** 2026-10-29 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/success-stories/karnal-ke-sushant-ne-anokhe-achara-aura-mote-anaja-ke-snaiksa-se-khara-kiya-naya-karobara-hara-maha-40-hajara-rupaye-taka-ki-bacha-52853 · **Language:** Hindi
**Tags:** करनाल, पूषा एग्रो प्रोडक्ट्स, मिलेट वैगन, फ्रूटी अफेयर्स, अचार का बिजनेस, मोटे अनाज

हरियाणा के करनाल में एक स्थानीय परिवार ने पारंपरिक पाक कला और खाद्य प्रसंस्करण की अपनी समझ को एक सफल व्यावसायिक मॉडल में तब्दील कर दिया है। सुशांत नामक एक युवा उद्यमी ने अपने पिता और भाई के साथ मिलकर प्राकृतिक तरीके से खाद्य उत्पाद तैयार करने की एक नई पहल शुरू की है। यह संयुक्त प्रयास लगभग 6 महीने पहले अस्तित्व में आया, जब उन्होंने बाज़ार में मिलने वाले मिलावटी और सीमित विकल्पों से अलग हटकर सेहतमंद उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला ग्राहकों के सामने पेश करने का फैसला किया।

## मिलावट रहित प्राकृतिक उत्पादों की अनूठी श्रृंखला
बाज़ार में आम तौर पर बिकने वाले पैक्ड अचार और मुरब्बों में मिलावट या कृत्रिम रसायनों की भरमार देखी जाती है, वहीं इस परिवार ने बिना किसी मिलावट के पूरी तरह प्राकृतिक पद्धति से उत्पाद तैयार करने का नियम बनाया है। इनके उत्पादों में ऐसे कई दुर्लभ और सेहतमंद विकल्प शामिल हैं जो सामान्य बाज़ारों में आसानी से नहीं मिलते हैं। उदाहरण के तौर पर, इनके मेन्यू में चीकू का अचार, अमरूद से तैयार किए गए विशेष पापड़, तथा आंवला और इलायची के मेल से बने पौष्टिक लड्डू शामिल हैं। इन प्राकृतिक उत्पादों का नियमित सेवन करने वाले लोगों की सेहत भी अच्छी बनी रहती है और यह ग्राहकों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो रहे हैं।

## अंतरराष्ट्रीय मिलेट वर्ष से मिली प्रेरणा और ब्रांड की स्थापना
इस कारोबार को शुरू करने का विचार अचानक नहीं आया, बल्कि इसके पीछे एक विशेष अवसर का योगदान रहा। सुशांत को इस उद्यम की प्रेरणा तब मिली जब उन्होंने पिछले साल अंतरराष्ट्रीय मिलेट वर्ष में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया था। उस आयोजन के अनुभवों से प्रेरित होकर उन्होंने तय किया कि उन्हें अपने परिवार के साथ मिलकर खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में कुछ सार्थक काम शुरू करना चाहिए। परिवार के साथ विस्तृत चर्चा के बाद पिता और भाई ने भी इस विचार का पूरा समर्थन किया और सभी ने मिलकर एक ब्रांड की नींव रखी, जिसका नाम पूषा एग्रो प्रोडक्ट्स रखा गया।

## दो श्रेणियों में उत्पादों का विस्तार और मजबूत मुनाफा
अपने व्यवसाय को सुव्यवस्थित रूप से चलाने के लिए इस परिवार ने अपने ब्रांड पूषा एग्रो प्रोडक्ट्स को दो प्रमुख हिस्सों में विभाजित किया है। पहला खंड मिलेट वैगन के नाम से संचालित होता है, जिसके अंतर्गत मोटे अनाज से बने बिस्किट, चिप्स और अन्य पौष्टिक नमकीन स्नैक्स तैयार किए जाते हैं। वहीं दूसरा खंड फ्रूटी अफेयर्स नाम से शुरू किया गया है, जिसके तहत प्राकृतिक तरीके से तरह-तरह के अचार, मुरब्बे और चटनी का उत्पादन किया जाता है। सुशांत के अनुसार, शुरुआत में ही सभी खर्चे निकालने के बाद उन्हें हर महीने 35 हज़ार से 40 हज़ार रुपए तक की शुद्ध बचत हो जाती है। ग्राहकों के बीच इन नवाचारी और गुणवत्तापूर्ण उत्पादों को खूब पसंद किया जा रहा है, जिससे इस स्थानीय उद्यम का दायरा लगातार बढ़ रहा है।

## इसका आप पर असर
इस उद्यम से आम लोगों को घर बैठे मिलावट मुक्त प्राकृतिक खाद्य पदार्थ और मोटे अनाज के स्वास्थ्यवर्धक स्नैक्स प्राप्त हो रहे हैं।

- **भारत में:** यह पहल दर्शाती है कि स्थानीय संसाधनों और मोटे अनाज के जरिए कम लागत में स्वरोजगार के बेहतरीन अवसर तैयार किए जा सकते हैं। पारंपरिक ज्ञान से जुड़े युवा अपने खुद के उद्यम स्थापित करके आत्मनिर्भर बन सकते हैं।
- **करनाल में:** स्थानीय उपभोक्ताओं को चीकू का अचार, अमरूद के पापड़ और आंवला-इलाइची के लड्डू जैसे दुर्लभ प्राकृतिक उत्पाद बिना किसी मिलावट के मिल रहे हैं। इससे जिले के अन्य युवाओं और किसानों को भी फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र में आने का सीधा प्रोत्साहन मिल रहा है।
- **स्वास्थ्य के लिहाज से:** रसायन और मिलावट रहित होने के कारण ये उत्पाद नियमित खानपान में पाचन और पोषण की गुणवत्ता को बेहतर बनाते हैं। उपभोक्ता बाज़ार में मिलने वाले पैक्ड जंक फूड की जगह मोटे अनाज के चिप्स और बिस्किट का विकल्प चुन सकते हैं।
- **लघु उद्योग के क्षेत्र में:** छोटे स्तर पर परिवार के साथ मिलकर शुरू किए गए काम से भी हर माह 35 से 40 हजार रुपये की नियमित बचत की जा सकती है। इससे यह स्पष्ट होता है कि सही उत्पाद और गुणवत्ता के दम पर शुरुआती चरण में ही मुनाफ़ा कमाया जा सकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह उद्यम बाज़ार में पौष्टिक खाद्य विकल्पों की कमी और मोटे अनाज के प्रति बढ़ती वैश्विक जागरूकता के मेल से अस्तित्व में आया।

- **सीधा कारण:** अंतरराष्ट्रीय मिलेट वर्ष में भाग लेने के बाद सुशांत को अपने हुनर का उपयोग करते हुए खाद्य प्रसंस्करण का कार्य शुरू करने की प्रेरणा मिली। इसके बाद उन्होंने अपने परिवार को साथ जोड़कर प्राकृतिक उत्पादों के निर्माण की योजना बनाई।
- **बाज़ार में गुणवत्ता की कमी:** बाज़ारों में उपलब्ध अधिकांश व्यावसायिक आचार और मुरब्बे मिलावटी होते हैं और उनमें बहुत सीमित किस्में देखने को मिलती हैं। इस खालीपन को भरने के लिए परिवार ने शुद्ध और नए प्रकार के उत्पाद तैयार करने का निर्णय लिया।
- **पारिवारिक सहयोग:** पिता और भाई के सक्रिय समर्थन ने इस विचार को लगभग 6 महीने पहले एक व्यवस्थित ब्रांड में बदलने का मार्ग प्रशस्त किया। संयुक्त प्रयासों के चलते उत्पादों को दो अलग-अलग विशेष श्रेणियों में बांटकर शुरू किया जा सका।

## सवाल-जवाब

### 1. यह प्राकृतिक खाद्य व्यवसाय किसने और कहाँ शुरू किया है?
यह व्यवसाय हरियाणा के करनाल में सुशांत ने अपने पिता और भाई के साथ मिलकर शुरू किया है।

### 2. इस उद्यम को शुरू करने की प्रेरणा कहाँ से मिली?
सुशांत को यह विचार पिछले साल अंतरराष्ट्रीय मिलेट वर्ष में हिस्सा लेने के बाद आया था।

### 3. इस परिवार द्वारा बनाए गए ब्रांड का क्या नाम है?
इस परिवार ने अपने ब्रांड का नाम पूषा एग्रो प्रोडक्ट्स रखा है।

### 4. पूषा एग्रो प्रोडक्ट्स को किन दो भागों में बांटा गया है?
इसे मिलेट वैगन (बिस्किट, चिप्स आदि के लिए) और फ्रूटी अफेयर्स (चटनी, मुरब्बा, आचार के लिए) में बांटा गया है।

### 5. इनके पास कौन से अनोखे खाद्य उत्पाद उपलब्ध हैं?
इनके पास चीकू का अचार, अमरूद से बने पापड़ और आंवला-इलाइची के लड्डू जैसे अनोखे उत्पाद मौजूद हैं।

### 6. इस कारोबार से परिवार को हर महीने कितनी बचत हो रही है?
सभी खर्चे निकालने के बाद परिवार को शुरुआत में हर महीने 35 हज़ार से 40 हज़ार रुपये तक की बचत हो रही है।

## प्रेरणा और सबक
करनाल के इस परिवार का सफर दिखाता है कि किस तरह पारंपरिक हुनर और सही अवसरों की पहचान आम इंसान को एक सफल उद्यमी बना सकती है।

- **हुनर को पहचानें:** अपने शौक या पारिवारिक हुनर को केवल घर तक सीमित न रखकर उसे एक लाभकारी आजीविका में बदला जा सकता है।
- **परिवार का साथ:** जब घर के सदस्य एक साझा लक्ष्य के साथ काम करते हैं, तो नई चुनौतियों का सामना करना और कम लागत में व्यवसाय शुरू करना आसान हो जाता है।
- **नवाचार को अपनाएं:** लीक से हटकर नए प्रयोग, जैसे चीकू का अचार या अमरूद के पापड़, ग्राहकों को आकर्षित करने और बाज़ार में अपनी अलग पहचान बनाने में मदद करते हैं।
- **गुणवत्ता पर अडिग रहें:** मिलावट से दूर रहकर और शुद्ध प्राकृतिक सामग्री का उपयोग करके ग्राहक का भरोसा हासिल किया जा सकता है, जो दीर्घकालिक मुनाफे की नींव बनता है।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._