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  "type": "article",
  "title": "मेजर गरिमा यादव बनीं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल की पहली महिला एडीसी, जानिए मॉडलिंग से सेना तक का सफर",
  "summary": "मेजर गरिमा यादव उत्तर प्रदेश के राजभवन में पहली महिला एडीसी नियुक्त की गई हैं। आईएएस बनने का सपना छूटने और मॉडलिंग का बड़ा मौका ठुकराकर उन्होंने भारतीय सेना में यह मुकाम हासिल किया है।",
  "content": "कठिन परिश्रम और देश सेवा की मजबूत इच्छाशक्ति हो तो हर बड़ी मंजिल को हासिल किया जा सकता है। इस बात को सच साबित कर दिखाया है मेजर गरिमा यादव ने, जिन्होंने उत्तर प्रदेश के राजभवन में इतिहास रचते हुए एक नया आयाम गढ़ा है। भारतीय सेना की आर्मी सर्विस कॉर्प्स की अधिकारी मेजर गरिमा यादव को उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का पहला महिला एडीसी नियुक्त किया गया है, जो सूबे के इतिहास में पहली बार हुआ है।\n\nग्लैमर की दुनिया छोड़ चुनी सेना की वर्दी\nब्यूटी पेजेंट जीतने से लेकर आईएएस बनने के प्रयास तक और फिर भारतीय सेना में ऑल इंडिया रैंक 2 हासिल करने तक का मेजर गरिमा यादव का सफर बेहद प्रेरणादायक रहा है। उन्होंने नवंबर 2017 में इंडियाज मिस चार्मिंग फेस का खिताब अपने नाम किया था। इस जीत के बाद उन्हें इटली में होने वाली एक अंतरराष्ट्रीय ब्यूटी प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने का शानदार मौका मिला था, लेकिन उन्होंने ग्लैमर की दुनिया को चुनना सही नहीं समझा। इसके बजाय उन्होंने देश सेवा को प्राथमिकता देते हुए चेन्नई स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी में कठिन सैन्य प्रशिक्षण का मार्ग चुना और 9 मार्च 2019 को भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में कमीशन प्राप्त किया।\n\nएडीसी के रूप में क्या होती हैं जिम्मेदारियां\nएडीसी यानी एइडे-डेल-कैंप एक बेहद प्रतिष्ठित और उत्तरदायित्व से भरा हुआ सैन्य पद होता है। देश के संवैधानिक प्रमुख यानी राष्ट्रपति या राज्यपाल के साथ एक सैन्य अधिकारी को बतौर एडीसी तैनात किया जाता है। वर्तमान में मेजर गरिमा यादव लखनऊ स्थित राजभवन में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के सभी आधिकारिक दौरों, सैन्य कार्यक्रमों और प्रशासनिक समन्वय की अहम जिम्मेदारी निभा रही हैं। इसके तहत वह राज्यपाल के सभी प्रोटोकॉल और सुरक्षा प्रबंधन को बेहद कुशलता से संभालती हैं। इसका एक उदाहरण 21 जुलाई 2026 को देखने को मिला, जब मेरठ स्थित मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय के निरीक्षण के दौरान वह राज्यपाल के साथ हर कदम पर मौजूद थीं और पूरी प्रशासनिक व्यवस्था का समन्वय कर रही थीं।\n\nआईएएस का सपना और सीडीएस में सफलता\nमेजर गरिमा यादव की शुरुआती शिक्षा दागशाई स्थित आर्मी पब्लिक स्कूल से पूरी हुई। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित सेंट स्टीफेंस कॉलेज से अर्थशास्त्र में ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की। अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद उनका मुख्य सपना आईएएस अधिकारी बनने का था। इसके लिए उन्होंने यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा भी दी, लेकिन वे मुख्य परीक्षा यानी मेंस क्लियर नहीं कर पाईं। हालांकि हार मानने के बजाय उन्होंने अपनी दिशा बदली और कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज 2017 की परीक्षा में भाग लिया। अपनी मेहनत के दम पर उन्होंने पहले ही प्रयास में इस परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 2 हासिल की और एसएसबी इंटरव्यू को भी पहली बार में ही क्रैक कर लिया।\n\nआर्मी सर्विस कॉर्प्स और सैन्य जीवन का सफर\nभारतीय सेना में कमीशन मिलने के बाद मेजर गरिमा यादव को आर्मी सर्विस कॉर्प्स यानी एएससी में शामिल किया गया। एएससी भारतीय सेना का एक बेहद महत्वपूर्ण लॉजिस्टिकल अंग है जो युद्धक्षेत्र हो या शांति काल, सेना के लिए आपूर्ति, ईंधन, परिवहन और रसद की तमाम व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संभालता है। पिछले कुछ वर्षों के दौरान उन्होंने कई ऑपरेशन्स और प्रशासनिक भूमिकाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इसी के परिणामस्वरूप उन्हें 14 सितंबर 2025 को राजभवन में उत्तर प्रदेश की पहली महिला आर्मी एडीसी के रूप में नियुक्त किया गया।\n\nयुवा लड़कियों के लिए एक बड़ी मिसाल\nअपनी इस शानदार सफलता का श्रेय मेजर गरिमा यादव अपनी मां के अटूट समर्थन को देती हैं। एक ब्यूटी क्वीन बनने से लेकर राजभवन के इतिहास में अपना नाम दर्ज कराने तक का उनका यह सफर देश की उन तमाम युवतियों के लिए एक बहुत बड़ी सीख है जो छोटी-छोटी असफलताओं से निराश हो जाती हैं। यदि कोई अन्य युवती भी उनकी तरह भारतीय सेना में अफसर बनने की इच्छा रखती है, तो वह ग्रेजुएशन के बाद सीडीएस या एनसीसी स्पेशल एंट्री के माध्यम से इसके लिए आवेदन कर सकती हैं।\n\nइसका आप पर असर\nयह नियुक्ति देश की युवा युवतियों के लिए सेना में करियर बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रोत्साहन साबित होती है।\n\n• उत्तर प्रदेश में: राजभवन की कार्यप्रणाली में प्रशासनिक समन्वय और सुरक्षा प्रबंधन अब एक महिला सैन्य अधिकारी के नेतृत्व में संचालित हो रहा है। लखनऊ और मेरठ जैसे क्षेत्रों में प्रशासनिक दौरों के दौरान सुरक्षा और प्रोटोकॉल की व्यवस्थाओं में यह बदलाव स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।\n• देश भर में: जो युवतियां सिविल सेवा या अन्य असफलताओं के बाद निराश हो जाती हैं, उनके लिए यह सफलता असफलता से सीख लेकर नई दिशा चुनने की प्रेरणा देती है। ग्रेजुएशन के बाद सीडीएस या एनसीसी एंट्री के जरिए सेना में जाने की चाह रखने वाली छात्राओं के लिए अवसर और मार्ग स्पष्ट होते हैं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. मेजर गरिमा यादव को किस पद पर नियुक्त किया गया है?\nमेजर गरिमा यादव को उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का पहला महिला एडीसी नियुक्त किया गया है।\n\n2. मेजर गरिमा यादव किस सैन्य कोर से ताल्लुक रखती हैं?\nवह भारतीय सेना की आर्मी सर्विस कॉर्प्स यानी एएससी की अधिकारी हैं।\n\n3. उन्होंने किस कॉलेज से ग्रेजुएशन किया था?\nउन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के मशहूर सेंट स्टीफेंस कॉलेज से अर्थशास्त्र में ऑनर्स की पढ़ाई की थी।\n\n4. उन्होंने कौन सा ब्यूटी पेजेंट जीता था?\nउन्होंने नवंबर 2017 में इंडियाज मिस चार्मिंग फेस का खिताब अपने नाम किया था।\n\n5. कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज परीक्षा में उनकी क्या रैंक थी?\nउन्होंने सीडीएस 2017 की परीक्षा में पहले ही प्रयास में ऑल इंडिया रैंक 2 हासिल की थी।\n\n6. उन्हें राजभवन में महिला एडीसी के रूप में कब नियुक्त किया गया?\nउन्हें 14 सितंबर 2025 को राजभवन में यूपी की पहली महिला आर्मी एडीसी बनाया गया था।\n\nप्रेरणा और सबक\nमेजर गरिमा यादव का जीवन संघर्ष और सफलता की एक ऐसी कहानी है जो युवाओं को बिना थके आगे बढ़ने की सीख देती है।\n\n• असफलता से न घबराएं: आईएएस परीक्षा के मेंस में असफलता मिलने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी तैयारी की दिशा बदलकर सीडीएस में ऑल इंडिया रैंक 2 हासिल की।\n• लक्ष्य के प्रति समर्पण: इटली में इंटरनेशनल ब्यूटी पेजेंट में देश का प्रतिनिधित्व करने के बड़े और ग्लैमरस मौके को छोड़कर उन्होंने देश सेवा और सेना की वर्दी को प्राथमिकता दी।\n• परिजनों का साथ: जीवन के हर मुश्किल मोड़ पर परिवार और विशेषकर माता का अटूट समर्थन कठिन लक्ष्यों को साधने में सबसे बड़ी ताकत बनता है।\n• कड़ी मेहनत का फल: चेन्नई स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी में कठिन शारीरिक और मानसिक प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा कर उन्होंने अपनी क्षमता साबित की।",
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  "category": "सक्सेस स्टोरी",
  "publishedAt": "2026-10-18",
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    "यूपी राज्यपाल",
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    "भारतीय सेना"
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