मुजफ्फरपुर की रश्मि राज ने मोमबत्ती के बिजनेस से बदली अपनी किस्मत, अमेज़न-फ्लिपकार्ट तक पहुंचा कारोबार मुजफ्फरपुर की रश्मि राज ने रील देखकर डिजाइनर मोमबत्तियों का कारोबार शुरू किया और सिर्फ 2000 रुपये की पूंजी से आज अमेज़न, फ्लिपकार्ट और मीशो जैसे प्लेटफॉर्म तक पहुंच बना ली है. बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में सरैया प्रखंड की गोपी धनवत पंचायत के हरपुर बेनी गांव की रहने वाली रश्मि राज ने मोबाइल पर महज एक रील देखकर अपनी जिंदगी की पूरी दिशा ही बदल दी. डिजाइनर मोमबत्तियां बनाने का यह छोटा-सा आइडिया देखते ही देखते इतना बड़ा रूप ले चुका है कि उनके हाथों से बनी रंग-बिरंगी कैंडल्स अब सिर्फ मुजफ्फरपुर तक सीमित नहीं, बल्कि आसपास के कई जिलों में भी धूम मचा रही हैं. इतना ही नहीं, उनके प्रोडक्ट्स अब अमेज़न, फ्लिपकार्ट, मीशो और इंडियामार्ट जैसी बड़ी ऑनलाइन शॉपिंग साइट्स पर भी बेचे जा रहे हैं, यानी एक गांव से शुरू हुआ यह कारोबार अब देशभर के ग्राहकों तक पहुंच चुका है. शिक्षा के साथ जीविका में की 16 साल नौकरी रश्मि राज ने बीआरए बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर से रूरल डेवलपमेंट यानी ग्रामीण विकास के विषय में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की है. खास बात यह है कि उन्होंने पढ़ाई के साथ-साथ काम करना 10वीं कक्षा पास करने के तुरंत बाद ही शुरू कर दिया था. पढ़ाई पूरी करने के साथ-साथ उन्होंने करीब 16 वर्षों तक जीविका में नौकरी भी की, यानी एक लंबे समय तक उनकी पहचान एक स्थायी नौकरी करने वाली महिला की रही. लेकिन साल 2022 में कुछ कारणों से यह नौकरी अचानक उनके हाथ से छूट गई, जिसके बाद वह कुछ समय के लिए पूरी तरह घर पर ही रहने लगीं. खाली समय में रील ने दिखाई कारोबार की नई राह नौकरी छूटने के बाद मिले इसी खाली समय में रश्मि सोशल मीडिया पर पहले से कहीं ज्यादा सक्रिय रहने लगीं. इसी दौरान एक दिन उनकी नजर एक रील पर पड़ी, जिसमें डिजाइनर मोमबत्तियां बनाने का पूरा तरीका दिखाया गया था. यह वीडियो देखकर उनके मन में खुद भी यह काम आजमाने का खयाल आया और धीरे-धीरे यह खयाल एक पक्के इरादे में बदल गया. उन्होंने तय कर लिया कि नौकरी जाने को वह रुकावट नहीं, बल्कि नए सिरे से कुछ शुरू करने का मौका मानेंगी और इसी क्षेत्र में अपना कारोबार खड़ा करेंगी. मुंबई में ट्रेनिंग, महज 2000 रुपये से किचन में हुई शुरुआत अपने इस विचार को हकीकत में बदलने के लिए रश्मि मुंबई में रहने वाली अपनी बहन के पास पहुंचीं. वहां उन्होंने डिजाइनर कैंडल बनाने का 10 दिनों का प्रोफेशनल प्रशिक्षण लिया, ताकि काम में कोई कमी न रह जाए. ट्रेनिंग पूरी करने के बाद जब वह वापस अपने गांव लौटीं, तो उन्होंने महज 2000 रुपये की शुरुआती पूंजी से अपने घर की किचन में ही डिजाइनर मोमबत्तियां बनाना शुरू कर दिया. उनके लिए सबसे बड़ी खुशी की बात यह रही कि पहले ही ऑर्डर में उन्हें लागत से चार गुना ज्यादा मुनाफा हो गया. इस शुरुआती बंपर सफलता ने उनका हौसला इतना बढ़ा दिया कि उन्होंने इस छोटे-से प्रयोग को एक बड़े व्यावसायिक स्तर पर ले जाने का फैसला कर लिया. गुलाब से लेकर रसमलाई तक, मिठाइयों जैसी दिखती हैं मोमबत्तियां आज रश्मि राज गुलाब के फूल, रसमलाई, काजू कतली, लड्डू और इमरती जैसी कई आकर्षक और अनोखी डिजाइनों में मोमबत्तियां तैयार करती हैं. पहली नजर में देखने पर ये मोमबत्तियां बिल्कुल असली मिठाइयों जैसी ही नजर आती हैं और लोग अक्सर धोखा खा जाते हैं कि यह मोमबत्ती है या असली मिठाई. दिवाली, छठ, नए साल और अन्य त्योहारों के मौसम में इन डिजाइनर कैंडल्स की मांग बाजार में कई गुना बढ़ जाती है. लोग इन्हें घर की सजावट के लिए, अपनों को गिफ्ट देने के लिए और पूजा-पाठ के दौरान इस्तेमाल करने के लिए बड़े चाव से खरीदते हैं. खुद आत्मनिर्भर बनीं, गांव की चार महिलाओं को भी दिया रोजगार रश्मि का यह छोटा-सा स्टार्टअप अब सिर्फ उनकी अपनी कमाई का जरिया नहीं रह गया है, बल्कि यह गांव की दूसरी महिलाओं के लिए भी रोजगार का एक भरोसेमंद माध्यम बन गया है. फिलहाल वह अपने गांव की चार महिलाओं को इस काम में रोजगार दे रही हैं. रश्मि का मानना है कि अगर महिलाएं आत्मनिर्भर बनने की ठान लें, तो बेहद छोटे स्तर से शुरू किया गया कोई भी काम आगे चलकर बड़ी कामयाबी की कहानी में बदल सकता है. नौकरी छूटने के बाद की उनकी यह यात्रा आज बिहार की ग्रामीण महिलाओं के लिए एक बड़ी मिसाल बन चुकी है. इसका आप पर असर • भारत में: यह कहानी दिखाती है कि नौकरी छूटने के बाद भी सोशल मीडिया से मिले आइडिया और छोटी पूंजी से नया कारोबार शुरू किया जा सकता है, और अमेज़न, फ्लिपकार्ट जैसे प्लेटफॉर्म से देशभर में ग्राहक जुटाए जा सकते हैं. • मुजफ्फरपुर में: स्थानीय स्तर पर रश्मि राज ने गांव की चार महिलाओं को सीधा रोजगार दिया है, जिससे हरपुर बेनी गांव और आसपास के इलाके में महिलाओं के लिए कमाई का नया जरिया बना है. सवाल-जवाब 1. रश्मि राज कहां की रहने वाली हैं? वह बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के सरैया प्रखंड की गोपी धनवत पंचायत के हरपुर बेनी गांव की रहने वाली हैं. 2. उन्होंने अपना कारोबार कितनी पूंजी से शुरू किया? उन्होंने महज 2000 रुपये की शुरुआती पूंजी से अपने घर की किचन में डिजाइनर मोमबत्तियां बनाना शुरू किया. 3. उनके प्रोडक्ट्स किन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर बिकते हैं? उनके प्रोडक्ट्स अमेज़न, फ्लिपकार्ट, मीशो और इंडियामार्ट पर बेचे जा रहे हैं. 4. उन्हें कारोबार का आइडिया कहां से मिला? सोशल मीडिया पर डिजाइनर कैंडल मेकिंग की एक रील देखकर उनके मन में यह आइडिया आया. 5. उन्होंने ट्रेनिंग कहां ली? उन्होंने मुंबई में अपनी बहन के पास रहकर 10 दिनों का प्रोफेशनल प्रशिक्षण लिया. 6. उनकी मोमबत्तियां किन आकारों में बनती हैं? वह गुलाब के फूल, रसमलाई, काजू कतली, लड्डू और इमरती जैसे आकारों में मोमबत्तियां बनाती हैं. 7. उन्होंने कितनी महिलाओं को रोजगार दिया है? वर्तमान में वह अपने गांव की चार महिलाओं को रोजगार दे रही हैं. 8. इससे पहले वह क्या काम करती थीं? वह करीब 16 वर्षों तक जीविका में नौकरी करती थीं, जो साल 2022 में छूट गई. प्रेरणा और सबक • नौकरी छूटना अंत नहीं, नई शुरुआत का मौका है: 2022 में नौकरी जाने के बाद रश्मि ने हार मानने की बजाय एक नया रास्ता चुना. • सीखने में निवेश करें: उन्होंने मुंबई जाकर 10 दिन की प्रोफेशनल ट्रेनिंग ली, जिससे उनके काम की क्वालिटी मजबूत हुई. • छोटी पूंजी से भी बड़ी शुरुआत संभव है: महज 2000 रुपये से घर की किचन में शुरू किया गया काम आज बड़े ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तक पहुंच गया. • पहली सफलता को आगे बढ़ाने का हौसला रखें: पहले ऑर्डर में मिले चार गुना मुनाफे ने रश्मि को कारोबार बड़ा करने का भरोसा दिया. • साथ में दूसरों को भी जोड़ें: रश्मि ने अपनी सफलता तक सीमित न रहकर गांव की चार अन्य महिलाओं को भी रोजगार दिया. https://trendkia.com/success-stories/mujaphpharapura-ki-rashmi-raj-ne-momabatti-ke-bijanesa-se-badali-apani-kismata-amazon-flipkart-taka-pahuncha-karobara-6336 TrendKia — Har trend, sabse pehle.