# पराग अग्रवाल: Twitter से निकाले जाने के बाद ऐसे खड़ी की 16 हजार करोड़ की AI कंपनी

> IIT बॉम्बे के पूर्व छात्र और Twitter के पूर्व CEO पराग अग्रवाल ने नौकरी खोने के बाद हार नहीं मानी और आज उनका AI स्टार्टअप 16 हजार करोड़ रुपये की वैल्यूएशन तक पहुंच गया है।

**Type:** article · **Category:** सक्सेस स्टोरी · **Published:** 2026-07-10 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/success-stories/parag-agrawal-twitter-se-nikale-jane-ke-bada-aise-khari-ki-16-hajara-karora-ki-ai-knpani-6578 · **Language:** Hindi
**Tags:** पराग अग्रवाल, स्टार्टअप, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सफलता की कहानी, IIT बॉम्बे, AI इंफ्रास्ट्रक्चर

भारत के लाखों छात्र हर साल भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) में प्रवेश लेने का सपना देखते हैं और उनके लिए JEE पास करना जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि जैसा होता है। हालांकि, IIT बॉम्बे के पूर्व छात्र पराग अग्रवाल का करियर यह साबित करता है कि प्रतिष्ठित कॉलेज में दाखिला लेना केवल एक शुरुआत है। JEE में उत्कृष्ट रैंक पाने और IIT बॉम्बे से पढ़ाई करने से लेकर अमेरिका में रिसर्च करने और फिर Twitter (जो अब X है) का CEO बनने तक, उनका सफर प्रेरणादायक रहा है। जब उन्हें अचानक एक बड़ी भूमिका से हटा दिया गया, तो उन्होंने हार मानने के बजाय अपना ध्यान AI की तरफ मोड़ा। आज उनका नया स्टार्टअप लगभग 2 अरब डॉलर यानी करीब 16 हजार करोड़ रुपये के मूल्यांकन के साथ खड़ा है।

## JEE में AIR 77 से IIT बॉम्बे का सफर
पराग अग्रवाल अपनी पढ़ाई के दौरान से ही बेहद कुशाग्र थे। उन्होंने JEE में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 77 हासिल की थी। यह सफलता उन्हें IIT बॉम्बे के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम में ले गई। अपनी बीटेक की डिग्री पूरी करने के बाद, उन्होंने उच्च अध्ययन के लिए अमेरिका का रुख किया और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में पीएचडी की डिग्री प्राप्त की।

## रिसर्च से मजबूत की तकनीकी नींव
स्टैनफोर्ड में अपनी पीएचडी के दौरान, उन्होंने Microsoft, Yahoo और AT&amp;T Labs जैसी वैश्विक दिग्गज कंपनियों में एक शोधकर्ता (रिसर्चर) के रूप में कार्य किया। इन संस्थानों में काम करने के दौरान उन्होंने बड़े पैमाने पर कंप्यूटिंग सिस्टम और अत्याधुनिक तकनीकों पर गहराई से काम किया। इस अनुभव ने उनकी तकनीकी समझ को बेहद परिष्कृत किया, जो आगे चलकर उनके करियर की सफलता का मुख्य आधार बनी।

## Twitter में तकनीकी नेतृत्व
साल 2011 में पराग अग्रवाल ने Twitter के साथ अपनी यात्रा शुरू की और एक डिस्टिंग्विश्ड सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में योगदान दिया। उस समय Twitter आज की तुलना में काफी छोटा प्लेटफॉर्म था और कंपनी में एक हजार से भी कम लोग काम करते थे। हालांकि, पराग ने अपनी मेहनत और कौशल से कंपनी के इंजीनियरिंग नेतृत्व में एक अहम जगह बनाई। उनकी कार्यक्षमता को देखते हुए 2017 में उन्हें कंपनी का चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर (CTO) बनाया गया। अंततः नवंबर 2021 में, उन्हें Twitter का चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) नियुक्त किया गया, जिससे वह दुनिया की सबसे प्रमुख टेक कंपनियों के सबसे कम उम्र के प्रमुखों में से एक बन गए।

## एलन मस्क का अधिग्रहण और करियर में बदलाव
CEO बनने के महज एक साल बाद, अक्टूबर 2022 में एलन मस्क ने Twitter का अधिग्रहण पूरा किया। मस्क ने कमान संभालते ही शीर्ष प्रबंधन में व्यापक बदलाव किए और पराग अग्रवाल समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया। इस घटना ने वैश्विक स्तर पर चर्चा पैदा की, और कई लोगों को लगा कि पराग का करियर अब पीछे छूट जाएगा।

## AI क्षेत्र में नई शुरुआत और सफलता
नौकरी जाने के बाद, पराग अग्रवाल ने हताश होने के बजाय एक नए उद्यम की नींव रखी। 2023 में उन्होंने पारलेल वेब सिस्टम्स् (Parallel Web Systems) नाम से एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्टार्टअप की शुरुआत की। यह कंपनी AI एप्लिकेशन और बड़े कंप्यूटिंग सिस्टम के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। आज के AI के युग में, उनका यह काम भविष्य की तकनीक को अधिक शक्तिशाली बनाने के लिए तैयार है।

## 2 अरब डॉलर का मूल्यांकन
पराग अग्रवाल के स्टार्टअप ने बहुत ही कम समय में निवेशकों का भरपूर भरोसा जीता है। हालिया फंडिंग रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी का वैल्यूएशन 2 अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर चुका है। यह स्टार्टअप अब सिलिकॉन वैली के सबसे तेजी से बढ़ते AI उद्यमों में से एक बन गया है।

## असफलता से सीखना ही असली सफलता है
पराग अग्रवाल का जीवन उन युवाओं के लिए एक बड़ा सबक है जो यह मानते हैं कि केवल एक परीक्षा या एक नौकरी ही उनके भविष्य का पैमाना है। उनका करियर दिखाता है कि जीवन में रास्ते हमेशा सीधे नहीं होते। बड़ी सफलता के लिए हार का सामना करने के बाद भी फिर से शुरू करने का साहस और लगातार सीखते रहने की प्रवृत्ति जरूरी है। JEE और IIT से शुरू हुआ यह सफर यह सिखाता है कि करियर की दूरियां आपकी मेहनत और मुश्किल समय में खुद को संभालने की क्षमता से तय होती हैं, न कि किसी एक घटना से।

## इसका आप पर असर
**भारत में:** यह कहानी दिखाती है कि भारतीय प्रतिभाएं वैश्विक स्तर पर नेतृत्व और नवाचार (इनोवेशन) में अग्रणी हैं। **करियर के लिहाज से:** यह उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो मानते हैं कि करियर में असफलता ही अंत है, जबकि वास्तव में यह नई शुरुआत का मौका हो सकती है।

## सवाल-जवाब

### 1. पराग अग्रवाल की कंपनी का नाम क्या है?
पराग अग्रवाल की कंपनी का नाम पारलेल वेब सिस्टम्स् (Parallel Web Systems) है।

### 2. पराग अग्रवाल ने Twitter कब छोड़ा था?
अक्टूबर 2022 में एलन मस्क द्वारा Twitter का अधिग्रहण करने के बाद पराग अग्रवाल को कंपनी से हटा दिया गया था।

### 3. पराग अग्रवाल के स्टार्टअप का वैल्यूएशन क्या है?
पराग अग्रवाल का AI स्टार्टअप वर्तमान में लगभग 2 अरब डॉलर के वैल्यूएशन पर पहुंच चुका है।

### 4. पराग अग्रवाल ने अपनी पढ़ाई कहां से की है?
पराग अग्रवाल ने IIT बॉम्बे से बीटेक और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में पीएचडी की है।

## प्रेरणा और सबक
**सीख और प्रेरणा:**

- **कभी हार न मानें:** किसी बड़ी भूमिका से हटने के बाद भी, नए क्षेत्रों में अपनी विशेषज्ञता का उपयोग करना सफलता की कुंजी है।
- **निरंतर सीखना:** नई तकनीकों, जैसे AI, के साथ खुद को अपडेट रखना बदलते बाजार में आपकी प्रासंगिकता बनाए रखता है।
- **तकनीकी नींव:** अपनी बुनियादी शिक्षा और अनुभव का उपयोग करके जटिल समस्याओं का समाधान ढूंढना स्टार्टअप की नींव मजबूत करता है।
- **साहस:** कॉर्पोरेट बदलावों से विचलित हुए बिना, जोखिम उठाकर अपना खुद का काम शुरू करना बड़ी उपलब्धियों की ओर ले जाता है।

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