पटना में तीन बच्चों की मां ने जीता 'मिसेज बिहार' का ताज, पति की ना से शुरू हुई थी कहानी पटना में हुई विवाश्री 'मिसेज बिहार 2026' प्रतियोगिता में मुजफ्फरपुर की सोनी गुप्ता ने खिताब जीता, जबकि नेहा डेन और ज्योति पाठक क्रमश: फर्स्ट और सेकेंड रनर-अप रहीं. पटना के पनाश कौटिल्य होटल में आयोजित विवाश्री 'मिसेज बिहार 2026' प्रतियोगिता में मुजफ्फरपुर की सोनी गुप्ता ने बाजी मार ली. तीन बच्चों की मां सोनी ने बिहार के अलग अलग जिलों से आईं करीब 100 प्रतिभागियों को पीछे छोड़ते हुए यह प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम किया. शादी के 17 साल बाद मिली इस कामयाबी ने यह दिखा दिया कि महिलाओं के सपने पूरे करने की कोई तय उम्र नहीं होती. विजेता बनने पर सोनी को क्राउन के साथ साथ 50 हजार रुपये की पुरस्कार राशि भी दी गई. कौन हैं सोनी गुप्ता सोनी गुप्ता मुजफ्फरपुर की रहने वाली हैं और वहां के शांति निकेतन स्कूल में डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं. उनके पति पेशे से डॉक्टर हैं. घर, बच्चों और स्कूल की जिम्मेदारियों के बीच सोनी ने अपने लिए वक्त निकाला और खुद को पूरी तरह इस प्रतियोगिता के लिए तैयार किया. तीन बच्चों की परवरिश करते हुए इतनी बड़ी प्रतियोगिता जीतना आसान नहीं था, इसलिए कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने उनकी जमकर तारीफ की. पति ने पहले किया इनकार, फिर बने साथी सोनी को विवाश्री मिसेज बिहार प्रतियोगिता की जानकारी इंस्टाग्राम पर मिली थी. जानकारी मिलते ही उन्होंने प्रतियोगिता में उतरने की इच्छा अपने पति के सामने रखी. शुरुआत में पति इसके लिए राजी नहीं हुए और उन्होंने अनुमति देने से मना कर दिया. सोनी ने हार नहीं मानी और अपने पति को अपनी इच्छा तथा इस मंच के महत्व के बारे में विस्तार से समझाया. आखिरकार पति उनकी बात से सहमत हो गए और पूरा परिवार उनके साथ खड़ा हो गया. पहली बार पेजेंट, 15 दिन की कड़ी मेहनत यह सोनी के जीवन का पहला ब्यूटी पेजेंट था. तीन बच्चों की देखभाल, घर परिवार और स्कूल का काम संभालते हुए उन्होंने प्रतियोगिता की तैयारी में भी पूरी लगन झोंक दी. इसके लिए उन्होंने 15 दिनों का ग्रूमिंग सेशन जॉइन किया, जिसमें उन्होंने अपनी पर्सनैलिटी और कॉन्फिडेंस दोनों पर मेहनत की. कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने अलग अलग राउंड में अपनी प्रतिभा, व्यक्तित्व, आत्मविश्वास और सामाजिक मुद्दों पर अपनी सोच बेहद प्रभावशाली ढंग से पेश की. इन्हीं सभी कसौटियों पर सबसे बेहतर प्रदर्शन करने के चलते सोनी को विजेता चुना गया. नेहा डेन और ज्योति पाठक को मिला रनर-अप का खिताब करीब 100 प्रतिभागियों के बीच हुए इस कड़े मुकाबले में नेहा डेन फर्स्ट रनर-अप रहीं, जबकि ज्योति पाठक को सेकेंड रनर-अप का खिताब मिला. पूरे कार्यक्रम में तीनों विजेताओं के प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा. आगे क्या है सोनी की योजना खिताब जीतने के बाद सोनी गुप्ता का कहना है कि वे अब इस क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ना चाहती हैं. वे आने वाले समय में होने वाली ऐसी प्रतियोगिताओं में भी हिस्सा लेने की तैयारी में हैं. इसके अलावा उनकी इच्छा फिल्मों और विज्ञापनों में काम करने की भी है. सोनी का सपना अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करना है और वे इसके लिए पूरी मेहनत के साथ आगे बढ़ने की तैयारी कर रही हैं. इसका आप पर असर • भारत में: यह कहानी उन महिलाओं को हौसला देती है जो घर, बच्चों और नौकरी की जिम्मेदारियां संभालते हुए भी अपने शौक और सपनों को पूरा करना चाहती हैं. • मुजफ्फरपुर और पटना में: स्थानीय स्तर पर ऐसी प्रतियोगिताएं महिलाओं को मंच देने का काम कर रही हैं, जिससे आने वाले समय में और महिलाएं इनमें हिस्सा लेने के लिए आगे आ सकती हैं. सवाल-जवाब 1. सोनी गुप्ता कौन हैं? सोनी गुप्ता मुजफ्फरपुर की रहने वाली हैं और शांति निकेतन स्कूल में डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं, जिन्होंने मिसेज बिहार 2026 का खिताब जीता. 2. मिसेज बिहार 2026 प्रतियोगिता कहां आयोजित हुई? यह प्रतियोगिता पटना के पनाश कौटिल्य होटल में आयोजित हुई. 3. सोनी गुप्ता को कितनी पुरस्कार राशि मिली? उन्हें क्राउन के साथ 50 हजार रुपये की पुरस्कार राशि दी गई. 4. प्रतियोगिता में फर्स्ट और सेकेंड रनर-अप कौन रहीं? नेहा डेन फर्स्ट रनर-अप और ज्योति पाठक सेकेंड रनर-अप रहीं. 5. सोनी को इस प्रतियोगिता की जानकारी कैसे मिली? उन्हें इसकी जानकारी इंस्टाग्राम के जरिए मिली थी. 6. सोनी के पति ने शुरुआत में क्या रुख अपनाया? उनके पति ने शुरुआत में प्रतियोगिता में हिस्सा लेने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था, बाद में वे राजी हो गए. 7. सोनी गुप्ता पेशे से क्या करती हैं? वे मुजफ्फरपुर के शांति निकेतन स्कूल में डायरेक्टर हैं. 8. खिताब जीतने के बाद सोनी की आगे की योजना क्या है? वे भविष्य में भी ऐसी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेंगी, फिल्मों-विज्ञापनों में काम करना चाहती हैं और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने का सपना रखती हैं. प्रेरणा और सबक सोनी गुप्ता की कहानी बताती है कि जिम्मेदारियां कितनी भी बड़ी क्यों न हों, अपने लिए सपने देखना और उन्हें पूरा करना कभी देर नहीं होती. • उम्र या समय कोई बाधा नहीं: शादी के 17 साल बाद भी सोनी ने पहला ब्यूटी पेजेंट जीता, जो दिखाता है कि सपनों की कोई तय उम्र नहीं होती. • परिवार को साथ लेकर चलना: पति के शुरुआती इनकार के बावजूद सोनी ने बातचीत और भरोसे से उन्हें मनाया, जिससे पूरा परिवार उनके साथ खड़ा हो गया. • जिम्मेदारियों के बीच तैयारी: तीन बच्चों, घर और स्कूल की नौकरी संभालते हुए भी उन्होंने 15 दिन का ग्रूमिंग सेशन पूरा किया और खुद पर मेहनत की. • पहला मौका मिलते ही झिझक नहीं: इंस्टाग्राम पर जानकारी मिलते ही उन्होंने बिना देर किए प्रतियोगिता में हिस्सा लेने की ठानी. • जीत से नहीं रुकीं: खिताब जीतने के बाद भी वे आगे की प्रतियोगिताओं और बड़े मंचों की तैयारी में जुट गई हैं. https://trendkia.com/success-stories/patana-men-tina-bachchon-ki-man-ne-jita-mrs-bihar-ka-taja-pati-ki-na-se-shuru-hui-thi-kahani-4923 TrendKia — Har trend, sabse pehle.