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  "type": "article",
  "title": "फैक्ट्री छोड़ खेत थामा, अब सुरेंद्र राम कमाते हैं भिंडी से रोज 3,000 से ज्यादा",
  "summary": "बिहार के छपरा जिले के गरखा प्रखंड के सुरेंद्र राम पहले पंजाब और दिल्ली की फैक्ट्रियों में काम करते थे, लेकिन मेहनत के बाद भी परिवार का खर्च नहीं चलता था। अब वे एक एकड़ में सेमरीज भिंडी उगाकर रोजाना करीब 5 क्विंटल उत्पादन से 3,000 रुपये से ज्यादा कमा रहे हैं।",
  "content": "जब शहर की मेहनत घर का खर्च नहीं उठा पाई\nबिहार के सारण जिले में किसानों की एक नई पीढ़ी पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर नगदी फसलों की तरफ तेजी से रुख कर रही है। गरखा प्रखंड के सुरेंद्र राम इसी बदलाव की एक जीती-जागती मिसाल हैं। उन्होंने ग्रेजुएशन तक पढ़ाई की, लेकिन डिग्री मिलने के बाद भी नौकरी नहीं मिली। रोजगार की तलाश में वे पंजाब और दिल्ली निकल गए और वहां फैक्ट्री में काम करने लगे। घंटों की मेहनत के बावजूद हालत यह थी कि परिवार का खर्च ठीक से नहीं चल पाता था।\n\nगांव लौटना बन गया जिंदगी का सबसे अहम फैसला\nजब शहरी जिंदगी ने उम्मीद के मुताबिक साथ नहीं दिया, तो सुरेंद्र राम ने बाहर रहने की बजाय अपने गांव लौटने और खेती को अपनाने का फैसला किया। यह कदम उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ। आज वे छपरा जिले के उन किसानों में गिने जाते हैं जो हरी सब्जियों की खेती से बेहतरीन कमाई कर रहे हैं। खेती की इस आमदनी से न सिर्फ घर का खर्च चल रहा है, बल्कि बच्चों की पढ़ाई-लिखाई का बोझ भी आसानी से उठाया जा रहा है।\n\nएक एकड़, सेमरीज किस्म और रोज 5 क्विंटल उत्पादन\nTrendKia से बातचीत में सुरेंद्र राम ने बताया कि उन्होंने फिलहाल एक एकड़ जमीन पर सेमरीज वैरायटी की भिंडी लगाई है। यह किस्म उत्पादन के मामले में काफी बेहतर साबित हो रही है। वे हर दिन लगभग 5 क्विंटल भिंडी तोड़कर बाजार में बेचते हैं, जिससे रोजाना 3,000 रुपये से ज्यादा की आमदनी होती है। भिंडी के साथ-साथ उन्होंने बैंगन, मिर्च, नेनुआ और लौकी की खेती भी की है, जिससे एक ही खेत से कई सब्जियों के जरिए कमाई का रास्ता खुला हुआ है।\n\nरोज 3 से 4 घंटे खेत में, और कमाई हर रोज पक्की\nसुरेंद्र राम की दिनचर्या बेहद सीधी है। वे रोजाना 3 से 4 घंटे खेत में काम करते हैं, भिंडी तोड़ते हैं और उसे बाजार पहुंचाते हैं। उनका साफ कहना है कि फैक्ट्री में 8 घंटे खटने से कहीं बेहतर है कि खेत में 4 से 5 घंटे की मेहनत की जाए, क्योंकि यहां आय ज्यादा है। नगदी फसलों में पारंपरिक खेती के मुकाबले कहीं ज्यादा लाभ होता है और भिंडी इस मामले में सबसे आगे है।\n\nसारण जिले में तेज हो रहा है सब्जी खेती का चलन\nसुरेंद्र राम की यह सफलता सिर्फ एक व्यक्ति की कहानी नहीं है। सारण जिले के कई इलाकों में बड़े पैमाने पर किसान हरी सब्जियों की खेती अपना रहे हैं। पारंपरिक फसलों की जगह नगदी फसलें उगाने का यह रुझान तेजी से बढ़ रहा है, क्योंकि इससे आमदनी में लगातार और टिकाऊ बढ़ोतरी हो रही है।\n\nभिंडी की खेती क्यों है सबसे फायदेमंद चुनाव\nसुरेंद्र राम के मुताबिक, कम लागत में ज्यादा मुनाफा देने वाली सब्जियों में भिंडी सबसे ऊपर है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे पूरे साल उगाया जा सकता है, जिससे किसानों को हर मौसम में आमदनी का मौका मिलता रहता है। नियमित तुड़ाई की वजह से बाजार से पैसा हर दिन आता है, जो दूसरी फसलों के मुकाबले एक बड़ा फायदा है। उनकी सलाह है कि अगर किसान बड़े पैमाने पर भिंडी की खेती करें तो आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।\n\nइसका आप पर असर\n• भारत में: जो ग्रेजुएट युवा और प्रवासी मजदूर शहरों में कम तनख्वाह पर काम कर रहे हैं, उनके लिए सब्जी की खेती एक व्यावहारिक और ज्यादा फायदेमंद विकल्प हो सकती है।\n• छपरा और सारण में: स्थानीय किसान सेमरीज जैसी उन्नत किस्म की भिंडी लगाकर एक एकड़ से रोज 3,000 रुपये से अधिक कमा सकते हैं, जो पारंपरिक फसलों से कहीं ज्यादा मुनाफा है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. सुरेंद्र राम कौन हैं और वे कहां के रहने वाले हैं?\nसुरेंद्र राम बिहार के छपरा जिले के गरखा प्रखंड के किसान हैं, जो पहले पंजाब और दिल्ली में फैक्ट्री में काम करते थे।\n\n2. उन्होंने खेती को अपनाने का फैसला क्यों किया?\nग्रेजुएशन के बाद नौकरी नहीं मिली और फैक्ट्री में काम करने के बावजूद परिवार का खर्च नहीं चल पा रहा था, इसलिए वे गांव लौटे और खेती शुरू की।\n\n3. सुरेंद्र राम रोज कितनी भिंडी तोड़कर बेचते हैं?\nवे प्रतिदिन लगभग 5 क्विंटल भिंडी की तुड़ाई करके बाजार में बेचते हैं।\n\n4. भिंडी की खेती से उन्हें रोज कितनी कमाई होती है?\nसुरेंद्र राम भिंडी बेचकर रोजाना 3,000 रुपये से अधिक कमाते हैं।\n\n5. उन्होंने कितनी जमीन पर भिंडी लगाई है और कौन सी किस्म उगाते हैं?\nउन्होंने एक एकड़ जमीन पर सेमरीज वैरायटी की भिंडी की खेती की है।\n\n6. क्या वे केवल भिंडी उगाते हैं या कोई और सब्जियां भी हैं?\nभिंडी के अलावा उन्होंने बैंगन, मिर्च, नेनुआ और लौकी की भी खेती की है।\n\n7. वे खेत में रोज कितने घंटे काम करते हैं?\nसुरेंद्र राम रोजाना 3 से 4 घंटे खेत में काम करते हैं।\n\n8. भिंडी को इतना फायदेमंद फसल क्यों माना जाता है?\nभिंडी की नियमित तुड़ाई से किसान को हर दिन आमदनी होती है, इसे सालभर उगाया जा सकता है और लागत कम होने के बावजूद मुनाफा ज्यादा होता है।",
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  "category": "सक्सेस स्टोरी",
  "publishedAt": "2026-06-21",
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    "भिंडी की खेती",
    "छपरा किसान",
    "नगदी फसल",
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  "site": "TrendKia"
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