# प्राइवेट नौकरी को कहा अलविदा, खेत में उगाईं 12 फसलें; बुरहानपुर का यह किसान हर साल कमा रहा लाखों

> बुरहानपुर के शाहपुर गांव के किसान किशोर देशमुख ने एमकॉम के बाद प्राइवेट नौकरी छोड़कर 40 एकड़ में मिक्स खेती शुरू की और आज सालाना 6 से 7 लाख रुपए कमा रहे हैं, साथ ही 10 से 15 लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं।

**Type:** article · **Category:** सक्सेस स्टोरी · **Published:** 2026-06-25 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/success-stories/praiveta-naukari-ko-kaha-alavida-kheta-men-ugain-12-phasalen-burhanpur-ka-yaha-kisana-hara-sala-kama-raha-lakhon-2900 · **Language:** Hindi
**Tags:** बुरहानपुर किसान, मिक्स खेती, किशोर देशमुख, मध्य प्रदेश खेती, खेती से कमाई, सफल किसान, शाहपुर गांव

मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में खेती की तस्वीर अब तेजी से बदल रही है। जहां पहले किसान एक ही तरह की परंपरागत फसल पर टिके रहते थे, वहीं अब युवा पीढ़ी मिक्स खेती को अपनाकर लाखों रुपए की कमाई कर रही है। ऐसी ही एक मिसाल हैं जिला मुख्यालय से करीब 8 किलोमीटर दूर शाहपुर गांव के किसान किशोर देशमुख, जिनकी मेहनत और सूझबूझ की चर्चा आज पूरे इलाके में हो रही है।

किशोर देशमुख के पास 40 एकड़ खेती है, जिसमें वह एक साथ कई फसलें उगाते हैं। केला, कपास, गन्ना, मक्का, चना, सोयाबीन, तुवर के साथ-साथ कई तरह की सब्जी-भाजी उनके खेत की रौनक हैं। इसी विविधता की वजह से वह हर साल 6 से 7 लाख रुपए तक कमा लेते हैं।

## नौकरी छोड़कर खेत की राह पकड़ी
किशोर देशमुख ने एमकॉम की पढ़ाई पूरी की और इसके बाद उन्हें एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी भी मिल गई। लेकिन कुछ समय बाद उन्होंने नौकरी छोड़ दी और पूरी तरह खेती में उतर गए। आज वह अपने 40 एकड़ खेत में परंपरागत तरीके से हटकर मिक्स खेती कर रहे हैं। एक ही जमीन पर करीब 12 अलग-अलग फसलें लगाने से उत्पादन भी अच्छा होता है और कमाई लाखों में पहुंच जाती है।

## इन फसलों को देते हैं प्राथमिकता
किशोर देशमुख बताते हैं कि वह अपने खेत में केला, कपास, गन्ना, मक्का, चना, तुवर और सोयाबीन के अलावा कई तरह की सब्जियां उगाते हैं। इनमें भिंडी, लौकी, गिलकी, टमाटर, करेला, मिर्ची, पालक, मेथी और कोथमीर शामिल हैं। उनका कहना है कि कम लागत में इन फसलों से अच्छी कमाई हो जाती है। वह करीब 30 साल से खेती के इस काम में जुटे हुए हैं।

## दूसरों को भी दे रहे रोजगार
किशोर देशमुख सिर्फ अपनी कमाई तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अपने इलाके के 10 से 15 लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं। हालांकि खेती में सब कुछ हमेशा एक जैसा नहीं रहता। कभी-कभी कमाई इससे ज्यादा भी हो जाती है, लेकिन तेज हवा, आंधी और बारिश से जब नुकसान होता है तो सालाना औसत 6 से 7 लाख रुपए के आसपास ही बैठ जाता है।

## इसका आप पर असर
- **भारत में:** यह कहानी दिखाती है कि एक ही खेत में 12 तरह की फसलें लगाने से लागत कम और कमाई ज्यादा हो सकती है, जिससे देशभर के किसान अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं।
- **मध्य प्रदेश में:** बुरहानपुर जैसे इलाकों में मिक्स खेती अपनाने से किसान सालाना लाखों कमाने के साथ-साथ गांव के 10 से 15 लोगों को रोजगार भी दे सकते हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. किशोर देशमुख कौन हैं?
वह मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के शाहपुर गांव के किसान हैं, जो 40 एकड़ में मिक्स खेती कर रहे हैं।

### 2. वह हर साल कितनी कमाई करते हैं?
वह हर साल खेती से 6 से 7 लाख रुपए तक कमा लेते हैं।

### 3. उन्होंने पढ़ाई के बाद क्या किया था?
एमकॉम की पढ़ाई के बाद उन्हें एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी मिली थी, जिसे छोड़कर वह खेती करने लगे।

### 4. वह अपने खेत में कौन-कौन सी फसलें लगाते हैं?
वह केला, कपास, गन्ना, मक्का, चना, तुवर, सोयाबीन के साथ भिंडी, लौकी, गिलकी, टमाटर, करेला, मिर्ची, पालक, मेथी और कोथमीर जैसी करीब 12 फसलें उगाते हैं।

### 5. वह कितने लोगों को रोजगार दे रहे हैं?
वह अपने इलाके के 10 से 15 लोगों को रोजगार दे रहे हैं।

### 6. शाहपुर गांव कहां है?
शाहपुर गांव बुरहानपुर जिला मुख्यालय से करीब 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

### 7. वह कितने समय से खेती कर रहे हैं?
वह करीब 30 साल से खेती कर रहे हैं।

### 8. कमाई कभी-कभी कम क्यों हो जाती है?
तेज हवा, आंधी और बारिश से नुकसान होने पर सालाना औसत कमाई 6 से 7 लाख रुपए के आसपास ही रह जाती है।

## प्रेरणा और सबक
किशोर देशमुख की कहानी से किसान और युवा कई अहम सबक ले सकते हैं:

- **सुरक्षित नौकरी छोड़ने का साहस:** एमकॉम और प्राइवेट नौकरी के बाद भी उन्होंने अपने मन की राह चुनी और खेती को अपना करियर बनाया।
- **एक की जगह कई फसलें:** 40 एकड़ में सिर्फ एक फसल पर निर्भर रहने की बजाय 12 तरह की फसलें लगाने से जोखिम बंटता है और कमाई बढ़ती है।
- **कम लागत, ज्यादा मुनाफा:** सब्जियों जैसी कम लागत वाली फसलें जोड़कर उन्होंने मुनाफा बढ़ाया।
- **लंबे समय तक टिके रहना:** 30 साल की लगातार मेहनत ने ही उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया।
- **अकेले नहीं, साथ बढ़ना:** अपनी सफलता के साथ उन्होंने 10 से 15 लोगों को रोजगार देकर पूरे इलाके को फायदा पहुंचाया।

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