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  "title": "दो बच्चों की मां प्रीति कुमारी ने रचा इतिहास, शादी के 9 साल बाद बनीं फार्मासिस्ट",
  "summary": "मुजफ्फरपुर की प्रीति कुमारी ने घरेलू जिम्मेदारियों और नौकरी के बीच खुद को साबित करते हुए पहली बार में ही BTSC फार्मासिस्ट परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है।",
  "content": "मुजफ्फरपुर जिले के कुढ़नी प्रखंड के रघुनाथपुर मधुबन गांव की निवासी प्रीति कुमारी ने यह सिद्ध कर दिया है कि दृढ़ निश्चय के सामने पारिवारिक उलझनें बाधा नहीं बन सकतीं। शादी के नौ वर्ष बाद और दो बच्चों की परवरिश के साथ-साथ निजी क्षेत्र की नौकरी संभालते हुए उन्होंने BTSC (बिहार तकनीकी सेवा आयोग) फार्मासिस्ट परीक्षा में सफलता हासिल की है। अब उनकी नियुक्ति सारण सदर अस्पताल में फार्मेसी ऑफिसर के रूप में हुई है, जो उनके निरंतर प्रयासों का फल है।\n\nजिम्मेदारियों के बीच सपनों की उड़ान\nवर्ष 2017 में नवीन कुमार के साथ विवाह के बाद प्रीति कुमारी के जीवन में जिम्मेदारियों का दायरा बढ़ गया। उन्होंने एक बेटा और एक बेटी की मां होने के साथ-साथ परिवार की देखरेख की मुख्य भूमिका निभाई। अपनी जीविका के लिए वे पटना के महावीर आरोग्य संस्थान में भेषज प्रभारी के रूप में कार्यरत थीं। नौकरी और घर के कामकाज के बावजूद उन्होंने सरकारी पद प्राप्त करने का अपना लक्ष्य कभी ओझल नहीं होने दिया। उन्होंने बाहरी कोचिंग का सहारा लेने के बजाय स्वयं अध्ययन यानी सेल्फ स्टडी को अपनी तैयारी का आधार बनाया।\n\nअनुशासन और मेहनत का परिणाम\nप्रीति के लिए नौकरी और मातृत्व के बीच पढ़ाई का समय जुटाना काफी चुनौतीपूर्ण था। उन्होंने बताया कि इस बाधा को पार करने के लिए उन्होंने अपनी जीवनशैली में बदलाव किया। वे रोज सुबह चार बजे भोर में उठ जाती थीं ताकि दिन की शुरुआत अपनी पढ़ाई से कर सकें। उनका अनुशासन और अटूट आत्मविश्वास ही था कि उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में फार्मासिस्ट की परीक्षा उत्तीर्ण कर ली। नौ साल के संघर्ष के बाद जब परिणाम आया, तो उनकी मेहनत अंततः सफल रही।\n\nपरिवार का साथ और भविष्य का संकल्प\nअपनी इस उपलब्धि का पूरा श्रेय प्रीति अपने पति नवीन कुमार और अपने पूरे परिवार को देती हैं। उनका मानना है कि यदि परिवार का सकारात्मक सहयोग नहीं मिलता, तो इस मुकाम तक पहुंचना उनके लिए अत्यंत कठिन होता। नियुक्ति के बाद अब वे सारण सदर अस्पताल में अपनी सेवाएं पूरी निष्ठा के साथ देना चाहती हैं। साथ ही, वे अन्य महिलाओं के लिए एक प्रेरणा स्रोत बनना चाहती हैं ताकि अधिक से अधिक महिलाएं अपने करियर और सपनों के लिए संघर्ष करने का साहस जुटा सकें। जैसे ही उनके चयन की जानकारी उनके पैतृक गांव रघुनाथपुर मधुबन में फैली, पूरा क्षेत्र खुशी से झूम उठा और परिजनों ने मिठाई खिलाकर अपनी प्रसन्नता जाहिर की।\n\nइसका आप पर असर\nभारत में: यह कहानी उन कामकाजी महिलाओं के लिए एक उदाहरण है जो पारिवारिक दायित्वों के बीच अपने करियर के लक्ष्यों को बनाए रखती हैं।\n\nमुजफ्फरपुर में: स्थानीय युवाओं के लिए, विशेषकर उन लोगों के लिए जो सरकारी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, यह अनुशासन की शक्ति का एक प्रेरणादायक संदेश है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. प्रीति कुमारी को कौन सी सरकारी नौकरी मिली है?\nप्रीति कुमारी ने BTSC फार्मासिस्ट (फार्मेसी ऑफिसर) की परीक्षा पास की है और उनकी नियुक्ति सारण सदर अस्पताल में हुई है।\n\n2. प्रीति कुमारी ने अपनी तैयारी के लिए कोचिंग का सहारा लिया था?\nनहीं, उन्होंने किसी भी बाहरी कोचिंग का सहारा नहीं लिया था। उन्होंने सेल्फ स्टडी यानी स्वयं अध्ययन के दम पर यह परीक्षा पास की।\n\n3. प्रीति अपनी सफलता का श्रेय किसे देती हैं?\nप्रीति अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपने पति नवीन कुमार और अपने पूरे परिवार को देती हैं।\n\n4. प्रीति का पढ़ाई के लिए डेली रूटीन क्या था?\nअपनी नौकरी और बच्चों की जिम्मेदारियों के बीच समय निकालने के लिए प्रीति रोज सुबह चार बजे उठकर पढ़ाई करती थीं।\n\nप्रेरणा और सबक\nसफलता और सीख:\n\n• नियमितता: प्रीति ने सुबह 4 बजे उठकर पढ़ाई करने की दिनचर्या बनाई, जो अनुशासन को दर्शाती है।\n• सीमित संसाधनों का उपयोग: उन्होंने कोचिंग के बजाय सेल्फ स्टडी पर ध्यान दिया, जो आत्मविश्वास को बढ़ाता है।\n• परिवार का महत्व: सफल होने के लिए परिवार का सहयोग और उनके साथ तालमेल बिठाना अत्यंत आवश्यक है।\n• लक्ष्य पर ध्यान: अपनी निजी नौकरी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बावजूद उन्होंने अपने सरकारी नौकरी के लक्ष्य को नहीं छोड़ा।",
  "url": "https://trendkia.com/success-stories/preeti-kumari-pharmacist-btsc-success-story-7429",
  "category": "सक्सेस स्टोरी",
  "publishedAt": "2026-07-13",
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    "प्रीति कुमारी",
    "BTSC फार्मासिस्ट",
    "मुजफ्फरपुर समाचार",
    "सफलता की कहानी",
    "सरकारी नौकरी",
    "महिला प्रेरणा"
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  "site": "TrendKia"
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