पंजाब के पर्ल कपूर बने भारत के सबसे युवा अरबपति, 27 साल की उम्र में खड़ी की 1.2 अरब डॉलर की टेक कंपनी पंजाब में जन्मे पर्ल कपूर ने महज तीन महीने के भीतर अपनी ब्लॉकचेन और एआई कंपनी को यूनिकॉर्न का दर्जा दिला दिया, जिससे उनकी निजी संपत्ति 9,129 करोड़ रुपये के पार पहुंच गई। भारतीय स्टार्टअप जगत में तेजी से बदलते दौर के बीच नई पीढ़ी के उद्यमी तकनीक के दम पर नए रिकॉर्ड स्थापित कर रहे हैं। पंजाब में जन्मे 27 वर्षीय युवा उद्यमी पर्ल कपूर ने केवल तीन महीनों के संक्षिप्त समय में अपनी तकनीकी कंपनी को एक अरब डॉलर से अधिक का मूल्यांकन दिलाकर यूनिकॉर्न क्लब में शामिल करा दिया। इतनी कम उम्र में इस वित्तीय मुकाम पर पहुंचने के बाद पर्ल कपूर को देश के सबसे युवा अरबपति के रूप में देखा जा रहा है। फोर्ब्स द्वारा उनकी कुल संपत्ति 1.1 अरब डॉलर यानी लगभग 10 हजार करोड़ रुपये आंकी गई है। उनके इस उपक्रम की असाधारण सफलता दर्शाती है कि आधुनिक समय में ब्लॉकचेन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सुरक्षा तकनीकों की मांग वैश्विक स्तर पर कितनी तेजी से बढ़ी है। लंदन से पढ़ाई और अहमदाबाद से तकनीकी संचालन पर्ल कपूर ने अपनी शुरुआती शिक्षा के बाद ब्रिटेन का रुख किया था। उन्होंने लंदन के क्वीन मैरी विश्वविद्यालय से इन्वेस्टमेंट बैंकिंग में एमएससी की उच्च डिग्री हासिल की। अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजार और आधुनिक तकनीक की समझ विकसित करने के उपरांत उन्होंने उद्यमिता के क्षेत्र में ठोस कदम बढ़ाया। मई 2023 के दौरान उन्होंने लंदन में जाइबर 365 टेक्नोलॉजी लिमिटेड की विधिवत नींव रखी। हालांकि कंपनी का पंजीकरण लंदन में हुआ था, लेकिन पर्ल कपूर ने इसके मुख्य तकनीकी संचालन और विस्तार के लिए भारत को प्राथमिकता दी। उन्होंने गुजरात के अहमदाबाद शहर से इस उपक्रम का कामकाज आगे बढ़ाया। यह फर्म ब्लॉकचेन तकनीक और साइबर सुरक्षा के लिए विशेष एआई इकोसिस्टम तैयार करने पर ध्यान केंद्रित करती है। अहमदाबाद से संचालित होकर यह उद्यम एशिया और भारत में सबसे तीव्र गति से आगे बढ़ने वाला स्टार्टअप बनकर उभरा है। सीरीज ए निवेश और कंपनी का बढ़ता मूल्यांकन जाइबर 365 में पर्ल कपूर की व्यक्तिगत हिस्सेदारी 90 प्रतिशत है। इसी इक्विटी के आधार पर उनकी खुद की निजी कुल संपत्ति करीब 9,129 करोड़ रुपये आंकी जाती है। स्थापना के केवल तीन महीने के भीतर संस्थान ने बाजार में अपनी मजबूत साख बना ली और इसका कुल मूल्यांकन 1 अरब डॉलर के पार चला गया। इस जबरदस्त रफ्तार और भविष्य की संभावनाओं को भांपते हुए लंदन स्थित उद्यम समूह स्राम एंड म्राम ग्रुप ने कंपनी में बड़ा वित्तीय निवेश किया। इस समूह ने सीरीज ए फंडिंग दौर के तहत 10 करोड़ डॉलर की भारी पूंजी लगाई। इस सौदे के तहत स्राम एंड म्राम ग्रुप ने कंपनी में 8.3 प्रतिशत की हिस्सेदारी हासिल की। दस करोड़ डॉलर की यह फंडिंग प्राप्त होते ही जाइबर 365 का कुल बाजार मूल्यांकन बढ़कर 1.2 अरब डॉलर यानी लगभग 10 हजार करोड़ रुपये के पार पहुंच गया। नौकरी से लेकर सफल स्टार्टअप तक का सफर पर्ल कपूर की यह बड़ी कामयाबी अचानक नहीं मिली, बल्कि इसके पीछे पेशेवर अनुभव और निरंतर प्रयोगों का लंबा सिलसिला रहा है। पूर्णकालिक संस्थापक बनने से पहले उन्होंने कॉरपोरेट क्षेत्र में विभिन्न वित्तीय भूमिकाएं निभाई थीं। वह एएमपीएम स्टोर में बतौर फाइनेंशियल एडवाइजर अपनी सेवाएं दे चुके थे। इसके साथ ही उन्होंने एंटीयर सॉल्यूशंस में बिजनेस एडवाइजर के रूप में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। इन पदों पर कार्य करते हुए उन्होंने वित्तीय रणनीतियों और कारोबारी प्रबंधन की बारीकियों को समझा। उनके मन में नवाचार और अपना उद्यम शुरू करने की योजना पहले से चल रही थी। इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए उन्होंने फरवरी 2022 में पे टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड नाम से अपनी पहली कंपनी पंजीकृत की थी। उस शुरुआती प्रयास के ठीक एक वर्ष बाद मई 2023 में उन्होंने जाइबर 365 की शुरुआत की, जो आज ब्लॉकचेन और साइबर सुरक्षा तंत्र के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर विस्तार कर रही है। इसका आप पर असर पर्ल कपूर की यह उपलब्धि भारतीय तकनीकी स्टार्टअप जगत में युवाओं के लिए नए वित्तीय और पेशेवर अवसरों के द्वार खोलती है। • भारत में: यह विकास दर्शाता है कि देश में उच्च तकनीकी नवाचारों के लिए वैश्विक पूंजी की कोई कमी नहीं है। तकनीकी कौशल रखने वाले छात्र और पेशेवर अब देश में रहकर ही वैश्विक स्तर की ब्लॉकचेन और एआई कंपनियों के साथ जुड़ सकते हैं। • पंजाब और गुजरात में: पंजाब के युवाओं को पारंपरिक करियर से इतर आधुनिक वैश्विक तकनीक में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। इसके अलावा अहमदाबाद के तकनीकी बुनियादी ढांचे में अंतरराष्ट्रीय निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर बनेंगे। • उद्यमियों के लिए: प्रारंभिक स्तर के संस्थापकों को यह समझने का मौका मिलता है कि मजबूत तकनीकी उत्पाद पर काम करने से त्वरित फंडिंग हासिल की जा सकती है। केवल तीन महीने में यूनिकॉर्न बनने का यह उदाहरण नए कारोबारियों को वैश्विक मानकों पर काम करने की दिशा दिखाता है। • तकनीकी सुरक्षा क्षेत्र में: ब्लॉकचेन और एआई सुरक्षा की बढ़ती मांग से जुड़े समाधान विकसित करने वाली स्थानीय कंपनियों को अधिक निवेश आकर्षित करने में मदद मिलेगी। साइबर सुरक्षा में दक्ष भारतीय प्रतिभाओं की मांग उद्योग में और मजबूत होगी। ऐसा क्यों हुआ जाइबर 365 की त्वरित सफलता और पर्ल कपूर के अरबपति बनने के पीछे आधुनिक तकनीक की भारी मांग और सुनियोजित रणनीतिक कदम मुख्य वजह रहे हैं। • उभरती तकनीक का सही चयन: कंपनी ने पारंपरिक सॉफ्टवेयर के बजाय ब्लॉकचेन और साइबर सुरक्षा के एआई इकोसिस्टम पर काम करना चुना। आज वैश्विक स्तर पर डिजिटल धोखाधड़ी रोकने और विकेंद्रीकृत प्रणालियों को सुरक्षित बनाने के लिए ऐसे समाधानों की भारी मांग है। • मजबूत पेशेवर पृष्ठभूमि: पर्ल कपूर के पास क्वीन मैरी विश्वविद्यालय से इन्वेस्टमेंट बैंकिंग की डिग्री और एएमपीएम स्टोर तथा एंटीयर सॉल्यूशंस में एडवाइजर के तौर पर काम करने का अनुभव था। इस पृष्ठभूमि ने उन्हें वित्तीय प्रबंधन और वैश्विक निवेशकों से संवाद करने में महत्वपूर्ण बढ़त दिलाई। • विदेशी पूंजी का बड़ा निवेश: लंदन के स्राम एंड म्राम ग्रुप द्वारा 10 करोड़ डॉलर की सीरीज ए फंडिंग देने से कंपनी का मूल्यांकन तुरंत 1.2 अरब डॉलर तक पहुंच गया। इस संस्थागत समर्थन ने स्टार्टअप को महज तीन महीने में यूनिकॉर्न का दर्जा दिला दिया। • संस्थापक का इक्विटी नियंत्रण: अधिकांश स्टार्टअप्स में संस्थापक शुरुआती चरणों में ही अपनी ज्यादा हिस्सेदारी बेच देते हैं, लेकिन पर्ल कपूर ने कंपनी में 90 फीसदी हिस्सेदारी अपने पास बनाए रखी। इसी मजबूत शेयरधारिता के कारण कंपनी का मूल्यांकन बढ़ते ही उनकी निजी संपत्ति 9,129 करोड़ रुपये पहुंच गई। सवाल-जवाब 1. पर्ल कपूर कौन हैं? पर्ल कपूर पंजाब में जन्मे 27 वर्षीय भारतीय उद्यमी हैं, जिन्हें फोर्ब्स द्वारा 1.1 अरब डॉलर की कुल संपत्ति के साथ भारत का सबसे युवा अरबपति बताया गया है। 2. पर्ल कपूर की कंपनी का क्या नाम है और यह क्या काम करती है? उनकी कंपनी का नाम जाइबर 365 टेक्नोलॉजी लिमिटेड है, जो ब्लॉकचेन तकनीक और साइबर सुरक्षा के लिए एआई इकोसिस्टम पर काम करती है। 3. जाइबर 365 का मुख्यालय और संचालन कहां से होता है? कंपनी की स्थापना मई 2023 में लंदन में की गई थी, लेकिन इसका मुख्य संचालन भारत में गुजरात के अहमदाबाद शहर से होता है। 4. जाइबर 365 का वर्तमान मूल्यांकन कितना है? सीरीज ए फंडिंग में 10 करोड़ डॉलर का निवेश मिलने के बाद जाइबर 365 का कुल बाजार मूल्यांकन 1.2 अरब डॉलर यानी करीब 10 हजार करोड़ रुपये पहुंच गया है। 5. कंपनी में किस बड़े निवेशक ने पूंजी लगाई है? लंदन स्थित स्राम एंड म्राम ग्रुप ने सीरीज ए फंडिंग राउंड के तहत 10 करोड़ डॉलर का निवेश करके कंपनी में 8.3 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की है। 6. जाइबर 365 में पर्ल कपूर की व्यक्तिगत हिस्सेदारी कितनी है? पर्ल कपूर के पास कंपनी की 90 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जिसके आधार पर उनकी व्यक्तिगत नेट वर्थ करीब 9,129 करोड़ रुपये आंकी गई है। 7. पर्ल कपूर ने कहां से शिक्षा प्राप्त की है? उन्होंने लंदन के क्वीन मैरी विश्वविद्यालय से इन्वेस्टमेंट बैंकिंग विषय में एमएससी की डिग्री हासिल की है। 8. जाइबर 365 से पहले पर्ल कपूर ने कौन सी कंपनी शुरू की थी? उद्यमिता के क्षेत्र में कदम रखते हुए उन्होंने फरवरी 2022 में पे टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड नाम से अपनी पहली कंपनी बनाई थी। प्रेरणा और सबक पर्ल कपूर की यह प्रेरक यात्रा दिखाती है कि सही शिक्षा, तकनीकी दूरदर्शिता और अपने काम पर नियंत्रण बनाए रखने से कम उम्र में भी असाधारण सफलता हासिल की जा सकती है। • भविष्य की तकनीक को पहचानना: सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि आप किस क्षेत्र का चुनाव करते हैं। पर्ल कपूर ने ब्लॉकचेन और एआई जैसे भविष्योन्मुखी क्षेत्रों को चुना, जिनकी आने वाले समय में दुनिया भर में सबसे अधिक मांग है। • व्यवसाय शुरू करने से पहले अनुभव लेना: सीधे बड़ा जोखिम उठाने से पहले उन्होंने विभिन्न कंपनियों में एडवाइजर के रूप में काम कर वित्तीय और कारोबारी अनुभव हासिल किया। यह अनुभव नए उद्यमियों के लिए अपनी समझ मजबूत करने का बेहतरीन रास्ता है। • असफलता से न डरकर दोबारा शुरुआत करना: फरवरी 2022 में अपनी पहली कंपनी बनाने के बाद उन्होंने सीखना जारी रखा और एक साल बाद नए रूप में जाइबर 365 शुरू किया। निरंतर प्रयास ही अंततः बड़ी सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है। • अपनी हिस्सेदारी का मूल्य समझना: बाहरी निवेश लेते समय अपने उद्यम पर 90 फीसदी हिस्सेदारी सुरक्षित रखना यह सिखाता है कि संस्थापक को अपने विचार और कंपनी के स्वामित्व पर पूरा भरोसा होना चाहिए। https://trendkia.com/success-stories/punjab-ke-pearl-kapur-bane-india-ke-sabase-yuva-arabapati-27-sala-ki-umra-men-khari-ki-1-2-araba-dolara-ki-teka-knpani-41582 TrendKia — Har trend, sabse pehle.