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  "type": "article",
  "title": "पूर्णिया के एम एच रहमान की 50 साल पुरानी एचएमटी कोहिनूर घड़ी आज भी दे रही सटीक समय",
  "summary": "पूर्णिया के एम एच रहमान को 1976 में मंगनी पर मिली एचएमटी कोहिनूर घड़ी 50 साल बाद भी बिना किसी सर्विस के सही समय दिखा रही है, जिसे वे 100 साल तक सहेज कर रखना चाहते हैं।",
  "content": "शादी और मंगनी से जुड़ी यादें हर किसी के जीवन में खास जगह रखती हैं, लेकिन पूर्णिया जिले के निवासी और स्थानीय एथलेटिक संघ के अध्यक्ष एम एच रहमान के लिए 1976 में मिली एक घड़ी आज भी उनके वैवाहिक जीवन का सबसे अनमोल प्रतीक बनी हुई है। पांच दशक पहले मंगनी की रस्म के दौरान उनके ससुराल वालों ने उन्हें एचएमटी कोहिनूर ब्रांड की एक चाबी वाली घड़ी उपहार में दी थी। आज 50 साल बीत जाने के बाद भी यह घड़ी बिना किसी खराबी के बिल्कुल सटीक समय बता रही है और विंटेज गुणवत्ता की एक अद्भुत मिसाल बनी हुई है।\n\n1976 में 120 से 150 रुपये की मंगनी का उपहार\nशादी-विवाह के दौरान मिलने वाली हर चीज इंसान को अपने शादीशुदा जीवन की पुरानी यादों से जोड़े रखती है। एम एच रहमान की जब 1976 में शादी तय हुई थी, तब मंगनी की रस्म के दौरान उनके ससुराल पक्ष की ओर से यह एचएमटी कोहिनूर घड़ी भेंट की गई थी। उस दौर में इस घड़ी की बाजार कीमत महज 120 रुपये से लेकर 150 रुपये के बीच हुआ करती थी। हालांकि उस समय के लिहाज से यह एक कीमती तोहफा था, लेकिन रहमान के लिए इसका भावनात्मक मूल्य कीमत से कहीं अधिक था। पिछले 50 वर्षों से उन्होंने इस घड़ी को अपनी शादी की सबसे अनमोल याद के रूप में संभाल कर रखा है।\n\n50 सालों में एक बार भी सर्विस सेंटर जाने की जरूरत नहीं पड़ी\nइस घड़ी की सबसे हैरान कर देने वाली बात इसकी बेजोड़ कार्यप्रणाली है। पिछले पांच दशकों के दौरान इस घड़ी को एक बार भी किसी सर्विस सेंटर या मरम्मत की दुकान पर ले जाने की आवश्यकता नहीं पड़ी है। यह घड़ी पूरी तरह से पारंपरिक चाबी प्रणाली पर काम करती है। इसे 24 घंटे में सिर्फ एक बार चाबी देकर छोड़ दिया जाता है, जिसके बाद इसके अंदर के गियर खुद ब खुद चलते रहते हैं। 50 साल लगातार इस्तेमाल के बाद भी यह घड़ी आज की आधुनिक घड़ियों की तरह ही बिल्कुल सही और सटीक समय दर्शाती है।\n\nआने वाली पीढ़ियों के लिए गुणवत्ता और यादों को सहेजने का संदेश\nएम एच रहमान का मानना है कि यह घड़ी केवल समय देखने का जरिया नहीं है, बल्कि उस दौर की कंपनियों के निर्माण मानकों और मॉडल की बेहतरीन गुणवत्ता को भी दर्शाती है। उनका कहना है कि कंपनी द्वारा बनाई गई हजारों घड़ियों में से शायद कोई एक ही पीस ऐसा तैयार हुआ होगा, जो बिना सर्विस के 50 सालों तक लगातार सही समय दिखाता रहे। वह चाहते हैं कि आने वाली नई पीढ़ियां इस घड़ी के जरिए पुरानी कारीगरी और शादी की यादों को सहेजने के महत्व को समझें। रहमान का संकल्प है कि जब तक वह जीवित हैं, इस घड़ी को लगभग 100 सालों तक सुरक्षित रखेंगे ताकि एक अनोखा रिकॉर्ड बन सके और लोग अपनी शादी से जुड़ी वस्तुओं को हमेशा सहेज कर रखने के लिए प्रेरित हो सकें।\n\nइसका आप पर असर\n• भारत में: यह कहानी दर्शाती है कि विंटेज मैकेनिकल वस्तुओं और पारिवारिक धरोहरों की उचित देखभाल से उन्हें दशकों तक कार्यात्मक बनाए रखा जा सकता है।\n• पूर्णिया में: स्थानीय एथलेटिक संघ के अध्यक्ष की यह अनूठी पहल लोगों को अपनी शादी की पुरानी यादों और उपहारों को सहेजने के लिए प्रेरित कर रही है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. एम एच रहमान को यह एचएमटी कोहिनूर घड़ी कब और किस मौके पर मिली थी?\nएम एच रहमान को यह एचएमटी कोहिनूर घड़ी 1976 में उनकी शादी से पहले मंगनी की रस्म के दौरान उनके ससुराल वालों की तरफ से उपहार में मिली थी।\n\n2. 1976 में इस घड़ी की कीमत कितनी थी?\n1976 में मंगनी के समय इस एचएमटी कोहिनूर घड़ी की बाजार कीमत 120 रुपये से 150 रुपये के बीच हुआ करती थी।\n\n3. क्या 50 सालों के दौरान इस घड़ी की कभी मरम्मत या सर्विसिंग कराई गई है?\nनहीं, 50 सालों के लंबे समय में इस घड़ी को एक बार भी किसी सर्विस सेंटर या मरम्मत की दुकान पर ले जाने की जरूरत नहीं पड़ी है।\n\n4. यह घड़ी किस तरह काम करती है और इसे कैसे चालू रखा जाता है?\nयह घड़ी मैकेनिकल चाबी प्रणाली पर काम करती है, जिसे 24 घंटे में एक बार चाबी देकर छोड़ दिया जाता है और यह अपने आप सही समय बताती रहती है।\n\n5. एम एच रहमान इस घड़ी को कितने वर्षों तक संभाल कर रखने का लक्ष्य रखते हैं?\nएम एच रहमान का लक्ष्य इस घड़ी को लगभग 100 वर्षों तक संभाल कर रखने का है ताकि एक नया रिकॉर्ड बन सके और लोग शादी की यादों को सहेजने के लिए प्रेरित हों।\n\nप्रेरणा और सबक\n• चीजों की कद्र और देखभाल: सही रख-रखाव और देखभाल से सामान्य से सामान्य वस्तु भी आधी सदी तक सुरक्षित रह सकती है।\n• यादों और रिश्तों का सम्मान: शादी या मंगनी जैसे जीवन के महत्वपूर्ण पड़ावों से जुड़े उपहारों को सहेजना भावनात्मक रिश्तों को मजबूत बनाता है।\n• अनुशासन और निरंतरता: हर 24 घंटे में घड़ी में नियमित चाबी देने का नियम अनुशासन और प्रतिबद्धता का सुंदर उदाहरण प्रस्तुत करता है।",
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  "category": "सक्सेस स्टोरी",
  "publishedAt": "2026-07-31",
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    "एम एच रहमान",
    "पूर्णिया",
    "एचएमटी कोहिनूर",
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    "बिहार समाचार",
    "शादी का उपहार"
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  "site": "TrendKia"
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