रांची की मनीषा ने महामारी के दौर में शुरू किया कॉटन का कारोबार, आज 25 से ज्यादा उत्पादों की है धूम झारखंड के रांची शहर की रहने वाली मनीषा पोद्दार ने कोविड काल में मिले बिजनेस आइडिया से कॉटन आधारित उत्पादों का सफल कारोबार खड़ा किया है। आज वह अपने अनूठे डिजाइनों के दम पर बेडशीट और हैंडबैग समेत 25 से अधिक उत्पाद बेच रही हैं। रांची की रहने वाली मनीषा पोद्दार आज कॉटन के कारोबार में एक जानी-पहचानी पहचान बन चुकी हैं। वह कॉटन से जुड़े 25 से अधिक विभिन्न प्रकार के आइटम तैयार करवाती हैं, जिनमें रोजमर्रा के इस्तेमाल से लेकर सजावट और जरूरत के कई सामान शामिल हैं। उनके द्वारा बनवाए जाने वाले उत्पादों में मुख्य रूप से बेडशीट, पिलो कवर, हैंडबैग और कूज़ीन जैसी तमाम चीजें शामिल हैं। इन सभी उत्पादों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये पूरी तरह से कस्टमाइज्ड होते हैं और ग्राहकों की पसंद के अनुसार ढाले जाते हैं। उनके पास काम करने वाले कुशल कारीगर इन तमाम चीजों को बहुत बारीकी से तैयार करते हैं। कारोबार की शुरुआत और पारिवारिक सहयोग मनीषा पिछले 8 सालों से इस काम को लगातार आगे बढ़ा रही हैं और इस सफर में उन्हें अपने बच्चों के साथ-साथ पूरे परिवार का भरपूर सहयोग मिलता रहा है। उन्होंने बताया कि वह शुरू से ही केवल कॉटन के कपड़े पहनना पसंद करती थीं और उनका यह हल्का कॉटन हर मौसम यानी साल के 12 महीने अपनी मांग बनाए रखता है। वर्तमान में सर्दियों का मौसम चल रहा है, इसलिए इस दौरान उनके पास रजाई कवर की एक बेहद खूबसूरत और आकर्षक रेंज ग्राहकों को लुभाने के लिए उपलब्ध है। उनके इस बिजनेस की शुरुआत भले ही एक छोटे विचार से हुई थी, लेकिन आज यह काफी शानदार मुकाम हासिल कर चुका है। महामारी के खालीपन से उपजा शानदार बिजनेस आइडिया इस कारोबार की प्रेरणा के बारे में बात करते हुए मनीषा बताती हैं कि उन्हें यह आइडिया कोविड के समय आया था। वह एक ऐसा दौर था जब देश भर में लोग अपने घरों के अंदर बंद थे और किसी के पास करने के लिए कोई बाहरी काम नहीं बचा था। उस दौरान लोग केवल ऑनलाइन इंटरनेट और सोशल मीडिया चलाने में अपना समय बिता रहे थे। ऐसे कठिन समय में उन्होंने गहराई से सोचा और अंततः ऑनलाइन माध्यम से अपना खुद का बिजनेस शुरू करने का पक्का फैसला लिया। इसके बाद उन्होंने राजस्थान के कुशल कारीगरों के साथ संपर्क साधा और उनके जरिए अपने उत्पादों का निर्माण करवाना शुरू किया। अनूठे डिजाइन और वफादार ग्राहक वह अपने खुद के नए और मौलिक डिजाइन उन कारीगरों को समझाती हैं और वे कारीगर उन डिजाइनों के मुताबिक सामान तैयार करके उनके पास भेजते हैं। उनके ये डिजाइन इतने अनूठे होते हैं कि ऐसे पैटर्न बाजार में अन्य किसी जगह पर देखने को नहीं मिलते हैं। कोविड के उस दौर में घर पर बैठकर उन्होंने यही सब रचनात्मक कार्य किए, जिसकी बदौलत उनके पास ग्राहकों का एक बड़ा दायरा तैयार हो गया। आज स्थिति यह है कि उनके वे शुरुआती ग्राहक उनके पेटेंट और वफादार ग्राहक बने हुए हैं। यही नहीं, अब उन्हें अपने आसपास के पड़ोसी राज्यों से भी लगातार आर्डर मिलने लगे हैं और सोशल मीडिया के जरिए भी उनके पास ग्राहकों की लंबी कतार लग गई है। त्वचा के लिए कॉटन के बेशकीमती फायदे त्वचा और सेहत की बात करते हुए मनीषा का कहना है कि कॉटन हमारी त्वचा के लिए बहुत अधिक गुणकारी होता है। ठंड के दिनों में यह शरीर के तापमान को बेहतरीन तरीके से मेंटेन रखता है, जबकि गर्मी के मौसम में यह शरीर को ठंडक का अहसास कराता है। कई लोग सिंथेटिक या अन्य प्रकार के फैब्रिक वाले कपड़े पहनते हैं जो देखने में तो सुंदर और आकर्षक लग सकते हैं, लेकिन त्वचा के लिए बिल्कुल भी सही नहीं होते हैं। यदि किसी व्यक्ति को त्वचा से जुड़ी कोई एलर्जी या समस्या है, तो उसके लिए कॉटन सबसे उत्तम विकल्प है। इसके अलावा कॉटन पूरी तरह से पर्यावरण के अनुकूल यानी इको-फ्रेंडली भी होता है, इसलिए वह हमेशा लोगों को यही सलाह देती हैं कि वे ज्यादा से ज्यादा कॉटन के उत्पादों का इस्तेमाल करें और इसे बढ़ावा दें। सवाल-जवाब 1. मनीषा पोद्दार कॉटन का बिजनेस कहां से चलाती हैं? मनीषा पोद्दार झारखंड की राजधानी रांची से अपना यह कॉटन कारोबार संचालित करती हैं। 2. वह कॉटन के कितने उत्पाद तैयार करवाती हैं? वह कॉटन के बेडशीट, पिलो कवर, हैंडबैग और कूज़ीन समेत 25 से अधिक उत्पाद तैयार करवाती हैं। 3. इस बिजनेस की शुरुआत कब हुई थी? इस बिजनेस की शुरुआत कोविड के दौरान हुई थी और वह पिछले 8 सालों से इस क्षेत्र में काम कर रही हैं। 4. उनके उत्पाद कहां तैयार किए जाते हैं? उनके सभी उत्पाद राजस्थान के कारीगरों द्वारा उनके द्वारा बताए गए कस्टमाइज्ड डिजाइनों पर तैयार किए जाते हैं। 5. त्वचा के लिए कॉटन क्यों फायदेमंद माना जाता है? कॉटन पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ-साथ ठंड में तापमान को मेंटेन रखता है और गर्मी में ठंडक देता है जिससे एलर्जी जैसी समस्याएं नहीं होती हैं। प्रेरणा और सबक मनीषा पोद्दार की यह यात्रा उन लोगों के लिए एक बेहतरीन मिसाल है जो संकट के समय को अवसर में बदलना चाहते हैं। घर की चारदीवारी से शुरू हुआ यह काम आज एक बड़े मुकाम पर है। • संकट को अवसर बनाएं: कोविड जैसे कठिन समय का सदुपयोग करके एक नया और रचनात्मक व्यावसायिक विचार शुरू किया जा सकता है। • मौलिकता रखें: बाजार में अपनी अलग पहचान बनाने के लिए अपने खुद के अनूठे डिजाइन और पैटर्न तैयार करें। • पारिवारिक सहयोग लें: व्यवसाय को आगे बढ़ाने में परिवार के सदस्यों का साथ और उनका श्रम बेहद मददगार साबित होता है। • गुणवत्ता पर ध्यान दें: ग्राहकों की सेहत और पर्यावरण के अनुकूल उत्पादों को चुनकर एक वफादार और स्थायी ग्राहक वर्ग तैयार किया जा सकता है। https://trendkia.com/success-stories/ranchi-ki-manisha-ne-mahamaari-ke-daur-mein-shuru-kiya-cotton-ka-karobar-52437 TrendKia — Har trend, sabse pehle.