रिटायरमेंट के बाद बहनों ने छेड़ा नया अध्याय, 88 और 78 की उम्र में अचार से बना डाला लाखों का फैनबेस इंदौर की दो सगी बहनें सुमन और कुसुम ने रिटायरमेंट के बाद अपना हैंडमेड अचार ब्रांड सुकु सीक्रेट शुरू किया, जिसे आज इंस्टाग्राम, यूट्यूब और फेसबुक पर लाखों लोग फॉलो कर रहे हैं। जिस उम्र में ज्यादातर लोग आराम फरमाना चाहते हैं और नई शुरुआत का ख्याल तक मन में नहीं लाते, ठीक उसी मोड़ पर दो सगी बहनों ने अपने पुराने शौक को एक कामयाब बिजनेस में बदल दिया। 88 साल की सुमन और 78 साल की कुसुम आज सिर्फ अचार नहीं बना रहीं, बल्कि लाखों लोगों को यह भरोसा भी दिला रही हैं कि सपनों की कोई उम्र नहीं होती। उनकी मेहनत और जज्बे की यह कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और इंस्टाग्राम से लेकर यूट्यूब तक हर कोई इन दोनों की तारीफ करते नहीं थक रहा। दोनों बहनों ने अपने अचार ब्रांड का नाम रखा है सुकु सीक्रेट। यह नाम भी बड़ा दिलचस्प है, सुकु यानी सुमन और कुसुम, और सीक्रेट यानी उनका खास अचार, जिसका स्वाद लोगों की जुबान पर चढ़ चुका है। इंस्टाग्राम, यूट्यूब और फेसबुक पर लाखों लोग इन्हें फॉलो कर रहे हैं और अचार बनाने के गुर सीखने के साथ साथ बिजनेस के आइडिया भी उठा रहे हैं। परिवार की फरमाइश से मिला बिजनेस का आइडिया सुमन और कुसुम को अचार बनाने का शौक बचपन से रहा है। दोनों बहनें मिलकर तरह तरह के अचार तैयार करती थीं, लेकिन यह सब सिर्फ अपने परिवार तक ही सीमित था। घर के लोग अक्सर फरमाइश करते थे कि उनके लिए भी अचार बनाकर भेजा जाए। यहीं से एक दिन दोनों के मन में विचार आया कि जब अपने घरवालों को इतना पसंद है, तो क्यों न इसे एक बिजनेस की शक्ल दे दी जाए। उनका मानना था कि अब तक परिवार को खिलाया, अब दुनिया को अपने हाथों का स्वाद चखाने का वक्त आ गया है। इसी दौरान सुमन, जो मध्य प्रदेश के इंदौर में एजुकेशन डिपार्टमेंट में काम करती थीं, रिटायर हो गईं। दूसरी तरफ कुसुम अपने पति का कारोबार संभाल रही थीं। जब बड़ी बहन ने नई राह चुनी, तो कुसुम ने भी पति का बिजनेस छोड़कर उनका पूरा साथ दिया और दोनों ने मिलकर अपना अचार ब्रांड खड़ा कर दिया। इस सफर में उनकी बेटी वैशाली ने अहम भूमिका निभाई, जिन्होंने मार्केटिंग की कमान संभाली। नतीजा यह रहा कि आज उनके ब्रांड को इंस्टाग्राम, यूट्यूब और फेसबुक पर लाखों लोग फॉलो कर रहे हैं। पूरी तरह ऑर्गेनिक और हाथों से तैयार दोनों बहनों का दावा है कि उनके सभी अचार पूरी तरह ऑर्गेनिक और हाथों से बने होते हैं। इसकी तैयारी का तरीका भी बेहद पारंपरिक है। सबसे पहले हर तरह के अचार को धोया जाता है, फिर सुखाया जाता है और अच्छे से साफ किया जाता है। इसके बाद मसालों को भूनकर उसमें मिलाया जाता है, तेल डाला जाता है और आखिर में इसे धूप में रखकर पूरी तरह तैयार किया जाता है। पैकेजिंग तक का काम घर पर ही होता है, इसलिए यह अचार सही मायनों में हाथों का बना हुआ है। इसमें किसी भी तरह का केमिकल या प्रिजर्वेटिव नहीं डाला जाता। शायद यही वजह है कि यह अचार बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर उम्र के लोगों को खूब भा रहा है। उनके पास नींबू की चटनी और आम के अचार के साथ साथ हरी मिर्च और लहसुन का अचार भी मौजूद है। कीमत की बात करें तो यह 200 रुपए से लेकर 600 रुपए तक है। दोनों बहनें अब घर पर ही कच्चा तेल बनाने की विधि सीख रही हैं। जैसे ही यह हुनर उनके हाथ आ जाएगा, वे अचार में बाहर के तेल का इस्तेमाल भी पूरी तरह बंद कर देंगी। इसका आप पर असर • प्रेरणा चाहने वालों के लिए: यह कहानी बताती है कि नया बिजनेस शुरू करने की कोई उम्र तय नहीं होती, रिटायरमेंट के बाद भी अपने हुनर से पहचान बनाई जा सकती है। • छोटे कारोबारियों के लिए: बिना केमिकल और प्रिजर्वेटिव वाला हैंडमेड प्रोडक्ट और सोशल मीडिया मार्केटिंग मिलकर घर से ही लाखों की पहुंच बना सकते हैं। सवाल-जवाब 1. सुकु सीक्रेट ब्रांड किसने शुरू किया? इसे इंदौर की दो सगी बहनों 88 साल की सुमन और 78 साल की कुसुम ने शुरू किया, और उनकी बेटी वैशाली ने मार्केटिंग संभाली। 2. ब्रांड का नाम सुकु सीक्रेट क्यों रखा गया? सुकु सुमन और कुसुम के नामों से बना है, और सीक्रेट का मतलब उनका खास अचार है। 3. उनके पास किस तरह के अचार मिलते हैं? उनके पास नींबू की चटनी, आम का अचार, हरी मिर्च का अचार और लहसुन का अचार मौजूद है। 4. अचार की कीमत कितनी है? उनके अचार की कीमत 200 रुपए से लेकर 600 रुपए तक है। 5. क्या उनका अचार केमिकल से बना होता है? नहीं, उनका अचार पूरी तरह ऑर्गेनिक और हाथों से बना होता है और इसमें कोई केमिकल या प्रिजर्वेटिव नहीं डाला जाता। 6. अचार बनाने की प्रक्रिया क्या है? पहले अचार को धोया, सुखाया और साफ किया जाता है, फिर भुने मसाले और तेल डालकर उसे धूप में रखकर तैयार किया जाता है, और पैकेजिंग भी घर पर ही होती है। 7. दोनों बहनें आगे क्या बदलाव करने वाली हैं? वे घर पर ही कच्चा तेल बनाने की विधि सीख रही हैं, ताकि आगे अचार में बाहर के तेल का इस्तेमाल पूरी तरह बंद किया जा सके। प्रेरणा और सबक • उम्र को बहाना न बनाएं: 88 और 78 की उम्र में शुरुआत करके दोनों बहनों ने दिखाया कि जज्बा हो तो देर कभी नहीं होती। • अपने शौक को कमाई में बदलें: बचपन का अचार बनाने का शौक ही उनके सफल ब्रांड की नींव बना। • परिवार के फीडबैक को गंभीरता से लें: घरवालों की लगातार फरमाइश ने ही उन्हें बिजनेस का भरोसा और आइडिया दिया। • क्वालिटी से समझौता न करें: पूरी तरह ऑर्गेनिक, हाथों से बना और बिना केमिकल वाला प्रोडक्ट ही ग्राहकों का दिल जीत रहा है। • नई पीढ़ी का साथ लें: बेटी वैशाली की मार्केटिंग ने ब्रांड को लाखों लोगों तक पहुंचाया, अनुभव और नए हुनर का मेल कामयाबी लाया। https://trendkia.com/success-stories/ritayaramenta-ke-bada-bahanon-ne-chhera-naya-adhyaya-88-aura-78-ki-umra-men-achara-se-bana-dala-lakhon-ka-phainabesa-5073 TrendKia — Har trend, sabse pehle.