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  "type": "article",
  "title": "सिरोही की 18 महिलाओं ने पेश की आत्मनिर्भरता की मिसाल, नमकीन और मिठाइयां बेचकर संवार रहीं भविष्य",
  "summary": "राजस्थान के सिरोही जिले के आबूरोड में कर्म शक्ति स्वयं सहायता समूह से जुड़ी 18 महिलाओं ने प्रोफेशनल हलवाइयों से ट्रेनिंग लेकर नमकीन और मिठाई का कारोबार शुरू किया है। ये महिलाएं बस स्टैंड और शांतिकुंज पार्क के सामने दुकानें चलाकर अपने उत्पादों की बिक्री कर रही हैं।",
  "content": "राजस्थान के सिरोही जिले के अंतर्गत आने वाले आबूरोड शहर और आसपास के इलाकों में रहने वाली करीब 18 महिलाओं ने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर खुद का रोजगार शुरू किया है। इन महिलाओं ने कुशल और अनुभवी हलवाइयों से विधिवत ट्रेनिंग लेकर पारंपरिक राजस्थानी नमकीन, मठरी, शक्करपारे और विभिन्न प्रकार की मिठाइयां तैयार करना सीखा है, जिसके बाद वे अब सफलतापूर्वक अपना खुद का व्यवसाय चला रही हैं।\n\nयह पूरा उपक्रम कर्म शक्ति स्वयं सहायता समूह के बैनर तले संचालित हो रहा है, जिससे जुड़ी ये सभी 18 महिलाएं कारोबार को आगे बढ़ाने में जुटी हैं। शुरुआत में इन महिलाओं ने लगभग 10 दिनों तक कड़ा प्रशिक्षण प्राप्त किया, जिसमें पापड़ी, शकरपारे, मठरी, राजस्थानी नमकीन के अलावा काजू कतली और डिब्बा बंद होने वाली अन्य स्वादिष्ट मिठाइयों को बनाने की कला सीखी।\n\nआकर्षक पैकेजिंग और बाजारों में उपलब्धता\nविभिन्न प्रकार के खाद्य उत्पाद तैयार करने के बाद महिलाओं ने इनकी सुंदर और आधुनिक पैकिंग पर विशेष ध्यान दिया है। बाजार में इन महिलाओं द्वारा बनाए जा रहे स्नैक्स और मिठाइयों को उपभोक्ताओं से काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने और महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से कर्म शक्ति समूह ने यह सराहनीय कदम उठाया है। इस पूरे प्रयास में स्थानीय आबूरोड नगरपालिका की ओर से भी महिलाओं को भरपूर सहयोग प्रदान किया जा रहा है।\n\nसमूह की सदस्य हिमांशी ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि महिलाएं आबूरोड शहर में दो प्रमुख स्थानों पर काउंटर लगाकर अपने उत्पादों की बिक्री कर रही हैं। ये दुकानें आबूरोड बस स्टैंड के ठीक सामने और शांतिकुंज पार्क के आगे संचालित की जा रही हैं। सभी महिलाएं मिलकर रोजाना ताजा स्नैक्स और मिठाइयां तैयार करती हैं और फिर त्योहारों के सीजन के मद्देनजर इन्हें आकर्षक ढंग से पैक करके बिक्री केंद्रों तक पहुंचाती हैं। इन दुकानों पर खुद महिलाएं ही काउंटर संभालती हैं और ग्राहकों से रूबरू होती हैं।\n\nत्योहारी सीजन के खास पैक और बिजनेस के टिप्स\nइन दुकानों पर नमकीन और मिठाइयों की मांग हमेशा बनी रहती है, जिसमें खासतौर पर राजस्थानी मूंग मोठ नमकीन को ग्राहकों द्वारा बेहद पसंद किया जा रहा है। इसके अलावा दीपावली के पावन अवसर पर घरों में आने वाले मेहमानों के स्वागत के लिए काजू कतली, रसगुल्ला और अन्य पारंपरिक मिठाइयां भी यहां आसानी से उपलब्ध कराई जा रही हैं।\n\nदीपावली के त्योहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए महिलाओं ने पांच तरह की चुनिंदा मिठाइयों और स्नैक्स को मिलाकर एक स्पेशल दीपावली पैक भी तैयार किया है। इसके अलावा दुकान पर 10 से अधिक प्रकार की नमकीन और कई वैरायटी के स्नैक्स बेचे जा रहे हैं। इन उत्पादों की शुरुआती कीमत डेढ़ सौ रुपये से शुरू होकर 500 रुपये तक तय की गई है। व्यवसाय से जुड़ी महिलाओं का यह भी कहना है कि यदि कोई अन्य व्यक्ति भी इस तरह का काम शुरू करना चाहता है, तो वह शुरुआती स्तर पर करीब एक लाख रुपये का निवेश करके और मिठाइयां व स्नैक्स बनाने की कला सीखकर इस कारोबार को आसानी से शुरू कर सकता है।\n\nइसका आप पर असर\nयह पहल आबूरोड और आसपास की महिलाओं के लिए आजीविका के नए रास्ते खोलती है और स्थानीय स्तर पर रोजगार को बढ़ावा देती है।\n\n• भारत में: यह मॉडल देश भर के अन्य स्वयं सहायता समूहों को पारंपरिक खाद्य उत्पादों के जरिए आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा देता है।\n• सिरोही में: स्थानीय निवासियों को इस त्योहारी सीजन में किफायती दरों पर शुद्ध और पारंपरिक राजस्थानी नमकीन व मिठाइयां उपलब्ध हो रही हैं।\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह व्यवसायिक पहल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उनके कौशल को बाजार से जोड़ने के उद्देश्य से शुरू की गई है।\n\n• प्रशिक्षण और सहयोग: नगरपालिका के सहयोग से महिलाओं को पेशेवर हलवाइयों द्वारा विशेष प्रशिक्षण दिया गया ताकि वे गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार कर सकें।\n• त्योहारी मांग: दीपावली के दौरान पारंपरिक नमकीन और मिठाइयों की भारी मांग को भुनाने के लिए इस समूह ने विशेष पैकेज तैयार किए हैं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. इस व्यवसाय से कितनी महिलाएं जुड़ी हुई हैं?\nइस व्यवसाय से आबूरोड की कर्म शक्ति स्वयं सहायता समूह की करीब 18 महिलाएं जुड़ी हुई हैं।\n\n2. महिलाओं ने यह काम कैसे सीखा?\nइन महिलाओं ने प्रशिक्षित हलवाइयों से करीब 10 दिनों तक नमकीन, मठरी, शक्करपारे और मिठाइयां बनाना सीखा है।\n\n3. उत्पादों की बिक्री के लिए दुकानें कहाँ लगाई गई हैं?\nये दुकानें आबूरोड बस स्टैंड के सामने और शांतिकुंज पार्क के आगे संचालित की जा रही हैं।\n\n4. दीपावली पैक की कीमत कितनी है?\nदीपावली स्पेशल पैक और अन्य स्नैक्स की शुरुआती कीमत डेढ़ सौ रुपये से 500 रुपये तक रखी गई है।\n\n5. इस बिजनेस को शुरू करने में कितना निवेश करना पड़ सकता है?\nछोटे स्तर पर इस काम को शुरू करने के लिए लगभग एक लाख रुपये का निवेश करना पड़ सकता है।\n\nप्रेरणा और सबक\nआबूरोड की इन 18 महिलाओं की यात्रा यह साबित करती है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और सही कौशल प्रशिक्षण से छोटे स्तर पर भी बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।\n\n• कौशल विकास: पेशेवर प्रशिक्षण लेकर किसी भी पारंपरिक कला को एक सफल व्यवसाय में बदला जा सकता है।\n• सामूहिक प्रयास: स्वयं सहायता समूह के माध्यम से जुड़कर महिलाएं बड़े पैमाने पर आर्थिक स्वतंत्रता हासिल कर सकती हैं।\n• पैकेजिंग और मार्केटिंग: उत्पादों की सुंदर पैकेजिंग और सही जगह पर काउंटर लगाने से ग्राहकों को आकर्षित किया जा सकता है।",
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  "category": "सक्सेस स्टोरी",
  "publishedAt": "2026-11-07",
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