टिफिन सेंटर बंद हुआ तो रायपुर की सपना गुप्ता ने पराठों से खड़ा किया लाखों का सफर, रोज बिकते हैं 150 आलू पराठे रायपुर की सपना गुप्ता ने कोरोना काल में टिफिन का काम बंद होने के बाद जयस्तंभ चौक पर 'पराठा जंक्शन' शुरू किया, जहां 50 रुपये का आलू पराठा सबसे बड़ी पहचान बन गया है। कोरोना महामारी ने जब कई छोटे धंधों पर ताला लगवा दिया, तब रायपुर की सपना गुप्ता ने हालात के आगे झुकने की बजाय एक नई शुरुआत कर दी। जिस दौर में लोग रोजगार बचाने की जद्दोजहद में थे, उसी समय उन्होंने पराठों का एक ऐसा ठिकाना खड़ा किया, जो आज शहर की सुबह की पहचान बन चुका है। जयस्तंभ चौक पर उनका 'पराठा जंक्शन' अब हर सुबह गर्मागर्म पराठों की खुशबू से भर जाता है, और यहां का 50 रुपये प्लेट वाला आलू पराठा लोगों की सबसे बड़ी पसंद है। सपना गुप्ता पिछले चार साल से इस स्टार्टअप को चला रही हैं। इससे पहले उनका टिफिन सेंटर था, लेकिन महामारी के दौरान बने हालात ने उन्हें वह काम समेटने पर मजबूर कर दिया। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी और शहर में कुछ नया करने की ठान ली। एक कमी में दिखा मौका सपना ने गौर किया कि जयस्तंभ चौक के इलाके में सुबह के वक्त पराठों की कोई ढंग की स्टॉल नहीं थी। बस यही खाली जगह उनके कारोबार का आधार बन गई। बहुत सीमित साधनों के साथ उन्होंने पराठा जंक्शन की नींव रखी। शुरुआती दिन आसान नहीं थे, ग्राहक जोड़ने और काम को जमाने में कई दिक्कतें आईं, मगर लगातार मेहनत और स्वाद की क्वालिटी ने धीरे धीरे लोगों का भरोसा जीत लिया। छह तरह के पराठे, सबसे आगे आलू आज इस स्टॉल पर छह किस्म के पराठे बनते हैं, आलू पराठा, पनीर पराठा, गोभी पराठा, मेथी पराठा, लच्छा पराठा और प्लेन पराठा। इन सबमें सबसे ज्यादा मांग आलू पराठे की ही रहती है। सपना के मुताबिक रोजाना 150 से ज्यादा आलू पराठे बिक जाते हैं, जबकि पनीर पराठे की खपत 25 तक पहुंच जाती है। सिर्फ पांच घंटे का कारोबार इस स्टार्टअप की सबसे दिलचस्प बात इसका समय है। पराठा जंक्शन सिर्फ सुबह 5 बजे से 10 बजे तक, यानी महज पांच घंटे के लिए ही खुलता है। इसी थोड़े से वक्त में बड़ी तादाद में नौकरीपेशा लोग, विद्यार्थी, मॉर्निंग वॉक करने वाले और नाश्ते के शौकीन यहां जुट जाते हैं। ताजे और चटपटे पराठों की वजह से यह जगह अब स्थानीय लोगों के लिए सुबह के नाश्ते का पसंदीदा अड्डा बन चुकी है। इसका आप पर असर • भारत में: यह कहानी उन छोटे उद्यमियों के लिए मिसाल है कि सीमित पूंजी और सही मौके की पहचान से भी लाखों का कारोबार खड़ा किया जा सकता है। • रायपुर में: सुबह की सैर या दफ्तर जाने वाले लोग जयस्तंभ चौक पर 5 से 10 बजे के बीच 50 रुपये में गर्म आलू पराठे का नाश्ता कर सकते हैं। सवाल-जवाब 1. पराठा जंक्शन कहां है? यह रायपुर के जयस्तंभ चौक पर लगने वाला एक फूड स्टॉल है। 2. इसे कौन चलाता है? रायपुर की महिला उद्यमी सपना गुप्ता इसे पिछले चार साल से चला रही हैं। 3. यहां का सबसे लोकप्रिय पराठा कौन सा है? 50 रुपये प्लेट वाला आलू पराठा सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है। 4. पराठा जंक्शन किस समय खुलता है? यह सिर्फ सुबह 5 बजे से 10 बजे तक, यानी पांच घंटे के लिए खुलता है। 5. यहां कितने तरह के पराठे मिलते हैं? छह तरह के, आलू, पनीर, गोभी, मेथी, लच्छा और प्लेन पराठा। 6. रोजाना कितने पराठे बिकते हैं? रोज 150 से ज्यादा आलू पराठे और 25 तक पनीर पराठे बिक जाते हैं। 7. सपना गुप्ता ने यह काम क्यों शुरू किया? कोरोना काल में उनका टिफिन सेंटर बंद हो गया था, इसके बाद उन्होंने यह नया कारोबार शुरू किया। प्रेरणा और सबक • हार मत मानो: टिफिन सेंटर बंद होने के बाद सपना ने रुकने की बजाय नई राह चुनी, यही मोड़ उनके सफर का आधार बना। • कमी में मौका ढूंढो: उन्होंने देखा कि चौक पर सुबह पराठों की स्टॉल नहीं है, और इसी खाली जगह को कारोबार बना दिया। • छोटे से शुरू करो: बेहद सीमित संसाधनों के साथ शुरुआत की और काम को धीरे धीरे बढ़ाया। • क्वालिटी पर टिके रहो: लगातार अच्छे स्वाद ने ही लोगों का भरोसा जीता और भीड़ बढ़ाई। • फोकस रखो: सिर्फ पांच घंटे के तय समय में काम को केंद्रित रखकर उन्होंने एक मजबूत पहचान बनाई। https://trendkia.com/success-stories/tiphina-sentara-bnda-hua-to-raipur-ki-sapna-gupta-ne-parathon-se-khara-kiya-lakhon-ka-saphara-roja-bikate-hain-150-alu-parathe-11378 TrendKia — Har trend, sabse pehle.