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  "title": "यूपी के इस किसान ने रोज दो घंटे मेहनत कर केले की खेती से कमाए लाखों रुपये, जानें राजकुमार यादव की सफलता की कहानी",
  "summary": "मऊ जिले के नौसेमर घाट के किसान राजकुमार यादव पिछले 5 साल से केले की खेती कर रहे हैं और रोजाना सिर्फ 2 घंटे खेत में देकर 1 लाख रुपये की लागत पर 4 लाख रुपये तक का मुनाफा कमा रहे हैं।",
  "content": "उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के नौसेमर घाट में एक किसान ने पारंपरिक खेती छोड़कर केले की बागवानी को अपनी कमाई का जरिया बना लिया है। पिछले करीब 5 साल से केले की खेती कर रहे राजकुमार यादव अब हर साल इस फसल से लाखों रुपये कमा रहे हैं, वो भी सिर्फ रोजाना दो घंटे खेत में समय देकर।\n\nइंटरनेट पर वीडियो देखकर मिला आइडिया\nराजकुमार यादव बताते हैं कि केले की खेती करने का विचार उन्हें इंटरनेट से मिला। नेट पर केले की बागवानी से जुड़े वीडियो देखने के बाद उन्होंने इसे अपनाने का फैसला किया। शुरुआत में यह सिर्फ एक प्रयोग था, लेकिन धीरे-धीरे यही खेती उनकी आमदनी का मुख्य जरिया बन गई। उनका कहना है कि केले की खेती हर दूसरी फसल की तुलना में ज्यादा फायदेमंद साबित होती है। अगर कोई किसान मेहनत और लगन के साथ इस फसल पर ध्यान दे तो इसमें घाटे की गुंजाइश लगभग न के बराबर रहती है। केले के पौधे जुलाई से अगस्त के महीने में खेत में लगाए जाते हैं और इसके बाद फल आने में करीब 11 से 12 महीने का वक्त लगता है।\n\nमेड़बंदी विधि से हो रही खेती, कम है नुकसान का खतरा\nराजकुमार अपने खेत में मेड़बंदी विधि से केले की खेती करते हैं। इस तरीके में पौधों के सड़ने या गलने का डर नहीं रहता और उपज भी ज्यादा मिलती है। उनके मुताबिक अगर कोई किसान अपनी फसल को नौकरी की तरह गंभीरता से ले और रोजाना करीब 2 घंटे इसमें दे, तो पैदावार में साफ बढ़ोतरी देखी जा सकती है। केले की खेती ऐसी फसल है जिसमें हर दिन कुछ न कुछ काम करना पड़ता है, चाहे वह सिंचाई हो या पौधों की देखभाल। सही समय पर मेहनत करने वाले किसान इससे कम समय में ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं। हालांकि इस फसल में कीड़े लगने का खतरा ज्यादा रहता है, इसलिए समय-समय पर विशेष कीटनाशकों का छिड़काव करना जरूरी होता है, तभी पौधे और फल सुरक्षित रह पाते हैं।\n\n1 लाख की लागत में 4 लाख तक की कमाई\nराजकुमार यादव फिलहाल करीब 27 मंडा जमीन पर केले की खेती कर रहे हैं। इस खेती में उन्हें लगभग 1 लाख रुपये की लागत आई थी, जिसके बदले वह आसानी से 4 लाख रुपये तक का मुनाफा कमा लेते हैं। उन्होंने पिछले साल केले के पौधे लगाए थे और इस बार यह दूसरा मौका होगा जब वह इन्हीं पौधों से फल की कटाई करेंगे। खास बात यह है कि इतनी बड़ी खेती के लिए भले ही कई हाथों की जरूरत पड़ती हो, लेकिन राजकुमार खुद रोजाना सिर्फ 2 घंटे ही अपने खेत को देते हैं। बाकी समय में वह कहीं और जाकर अपनी ड्यूटी भी करते हैं। इसके बावजूद वह केले की खेती से लाखों की कमाई कर पा रहे हैं।\n\nपौधे खरीदकर ही शुरू होती है यह खेती\nराजकुमार बताते हैं कि जो लोग भी केले की खेती शुरू करना चाहते हैं, उन्हें बाजार से पौधे लाकर अपने खेत में लगाने होंगे, क्योंकि इस फसल के बीज नहीं बल्कि तैयार पौधे ही मिलते हैं। एक बार पौधे लग जाने के बाद सिर्फ 11 से 12 महीने के इंतजार में किसान बंपर कमाई कर सकता है। राजकुमार की कहानी बताती है कि कम लागत, सही तरीका और रोजाना थोड़ी सी मेहनत मिलकर एक साधारण खेत को भी मुनाफे का बड़ा जरिया बना सकते हैं।\n\nइसका आप पर असर\n• भारत में: राजकुमार यादव की कहानी दिखाती है कि सीमित जमीन और करीब 1 लाख रुपये की लागत में भी केले जैसी बागवानी फसल से किसान लाखों का मुनाफा कमा सकते हैं, जो देशभर के छोटे किसानों के लिए एक व्यावहारिक मॉडल बन सकता है।\n• मऊ, उत्तर प्रदेश में: मऊ जिले के नौसेमर घाट जैसे इलाकों में परंपरागत फसलों की जगह केले की खेती अपनाने वाले किसानों को रोजाना सिर्फ 2 घंटे समय देकर 11 से 12 महीने में बंपर कमाई का मौका मिल सकता है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. राजकुमार यादव कहां के रहने वाले हैं?\nवह उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के नौसेमर घाट के रहने वाले हैं।\n\n2. राजकुमार यादव कितने साल से केले की खेती कर रहे हैं?\nवह पिछले करीब 5 साल से केले की खेती कर रहे हैं।\n\n3. उन्हें केले की खेती का आइडिया कहां से मिला?\nउन्हें यह आइडिया इंटरनेट पर केले की बागवानी से जुड़े वीडियो देखकर मिला।\n\n4. केले की खेती में उन्हें कितना निवेश करना पड़ा और कितना मुनाफा हो रहा है?\nउन्होंने करीब 1 लाख रुपये की लागत लगाई थी और इससे उन्हें 4 लाख रुपये तक का मुनाफा हो रहा है।\n\n5. केले के पौधे कब लगाए जाते हैं और फल आने में कितना समय लगता है?\nकेले के पौधे जुलाई से अगस्त महीने में लगाए जाते हैं और फल आने में करीब 11 से 12 महीने का समय लगता है।\n\n6. राजकुमार रोजाना कितना समय अपने केले के खेत में देते हैं?\nवह रोजाना सिर्फ करीब 2 घंटे अपने खेत में समय देते हैं।\n\n7. मेड़बंदी विधि क्या है और यह क्यों फायदेमंद है?\nयह केले की खेती करने की एक विधि है जिसमें पौधों के सड़ने-गलने का खतरा कम रहता है और फल भी ज्यादा लगते हैं।\n\n8. राजकुमार कितनी जमीन पर केले की खेती कर रहे हैं?\nवह करीब 27 मंडा जमीन पर केले की खेती कर रहे हैं।\n\nप्रेरणा और सबक\n• ऑनलाइन उपलब्ध जानकारी का सही इस्तेमाल करें, राजकुमार यादव ने केले की खेती का आइडिया इंटरनेट पर वीडियो देखकर हासिल किया।\n• बड़े समय की जगह रोजाना नियमित मेहनत मायने रखती है, सिर्फ 2 घंटे रोजाना देकर भी बड़ी कमाई संभव है।\n• सही तकनीक अपनाने से जोखिम घटता है, मेड़बंदी विधि अपनाकर उन्होंने पौधों के सड़ने-गलने का खतरा कम किया।\n• एक ही आय स्रोत पर निर्भर न रहें, राजकुमार खेती के साथ-साथ बाहर भी अपनी ड्यूटी करते हैं।\n• कम लागत में भी बड़ा मुनाफा संभव है, बशर्ते फसल को गंभीरता और नियमितता से समय दिया जाए।",
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  "category": "सक्सेस स्टोरी",
  "publishedAt": "2026-07-29",
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    "मऊ किसान",
    "राजकुमार यादव",
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