विराट कोहली के घर पहुंचे छोले भटूरे ने बदली दो भाइयों की किस्मत, भारी कर्ज से निकलकर बनाया 2 करोड़ रुपये का कारोबार भारी कर्ज और मंदी के कारण बंद होने की कगार पर पहुंचे जसपाल सिंह खालसा और महेंद्र सिंह खालसा के भोजनालय को एक फोन कॉल और सोशल मीडिया पोस्ट ने नई जिंदगी दे दी। मुंबई में खानपान का व्यवसाय शुरू करने वाले दो भाइयों की संघर्ष भरी यात्रा उस समय पूरी तरह बदल गई, जब उनका काम बंद होने के कगार पर पहुंच चुका था। जसपाल सिंह खालसा और महेंद्र सिंह खालसा ने अपने पारंपरिक स्वाद को शहर के लोगों तक पहुंचाने के लिए अक्टूबर 2021 में 'दिल्ली से' नाम से अपने पहले रेस्टोरेंट की शुरुआत की थी। यह शुरुआती प्रतिष्ठान महज 250 वर्ग फुट की एक छोटी सी जगह में था, जिसमें सिर्फ 3 टेबल और 9 कुर्सियां रखी गई थीं। नए काम में शुरुआत अच्छी दिखने के बावजूद कुछ ही महीनों में व्यापार की स्थिति खराब होने लगी। जनवरी 2022 तक आते-आते दैनिक बिक्री इतनी घट गई कि दोनों भाइयों के ऊपर 18 लाख रुपये का बड़ा कर्ज चढ़ गया और रोजमर्रा के खर्चे निकालना भी कठिन हो गया। संकट का दौर और बंदी का फैसला लगातार गिरती बिक्री और बढ़ते कर्ज के बोझ तले दबे दोनों भाई लगभग हिम्मत हार चुके थे। साल 2022 के शुरुआती महीनों में उन्होंने तय कर लिया था कि अब इस घाटे वाले भोजनालय को आगे चलाना संभव नहीं है। उस समय उनकी योजना थी कि रसोई में जितना राशन और कच्चा सामान बचा है, बस उसी से कुछ दिन काम चलाएंगे और फिर दुकान पर ताला लगा देंगे। वे आधा किलो छोले भिगोकर दिन की शुरुआत करते थे, लेकिन ग्राहक न के बराबर आते थे। आर्थिक तंगी और अनिश्चित भविष्य के बीच दोनों केवल बचे हुए स्टॉक के खत्म होने का इंतजार कर रहे थे ताकि अपनी देनदारियों से बाहर निकल सकें। कॉमेडियन के आगमन से शुरू हुई हलचल सितंबर 2022 में चेंबूर कैंप स्थित उनके आउटलेट पर अचानक एक ग्राहक पहुंचा, जिसके आने की दोनों भाइयों को कोई खास उम्मीद नहीं थी। यह ग्राहक मशहूर कॉमेडियन अभिषेक उपमन्यु थे। उस समय जसपाल और महेंद्र उन्हें पहचान नहीं पाए और उन्हें एक सामान्य ग्राहक समझकर छोले भटूरे परोसे। अभिषेक उपमन्यु को वहां का स्वाद बेहद पसंद आया और उन्होंने अपने अनुभव का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया। दोनों भाइयों को इस बात का अहसास तब हुआ जब उनके इंस्टाग्राम के जरिए उन्हें वीडियो के बारे में पता चला। इस वीडियो के सामने आते ही चेंबूर आउटलेट पर ग्राहकों की आवाजाही अचानक बढ़ने लगी, जिसने ढहते हुए काम को एक सहारा दिया। क्रिकेटर के घर से आई कॉल और इंस्टाग्राम पोस्ट का असर असली मोड़ तब आया जब 5 अक्टूबर 2022 को रेस्टोरेंट के फोन पर एक अप्रत्याशित कॉल आई। कॉल करने वाले ने विराट कोहली के घर के लिए दो प्लेट छोले भटूरे भेजने का ऑर्डर दिया। शुरुआत में दोनों भाइयों को लगा कि कोई उनके साथ मजाक या धोखाधड़ी कर रहा है। जब डिलीवरी सफलतापूर्वक सेलिब्रिटी के पते पर पहुंचाई गई, तो उसके कुछ ही समय बाद अनुष्का शर्मा ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर इस खाने की तारीफ की। उन्होंने लिखा कि इन छोले भटूरों में उन्हें बिल्कुल घर जैसा असली स्वाद मिला। इस एक सोशल मीडिया पोस्ट ने मिनटों में चमत्कार कर दिखाया। 30 मिनट में उमड़ी भीड़ और भारी मांग अनुष्का शर्मा के पोस्ट साझा करने के महज 30 मिनट के भीतर चेंबूर स्थित छोटी सी दुकान पर भारी भीड़ जमा हो गई। देखते ही देखते काउंटर पर रखा सारा खाना खत्म हो गया। जो दुकान पहले दिन भर में 8 किलो छोले की खपत के लिए जूझ रही थी, वहां मांग अचानक बढ़कर 100 किलो प्रतिदिन तक पहुंच गई। उस एक दिन के बाद से दोनों भाइयों को कभी पीछे मुड़कर नहीं देखना पड़ा और ग्राहकों की कतारें रोज का नियम बन गईं। कई इलाकों में विस्तार और 2 करोड़ का मुकाम सफलता के इस दौर के बाद दोनों भाइयों ने मुंबई और आसपास के प्रमुख इलाकों में अपना विस्तार किया। चेंबूर के मूल आउटलेट के अलावा अब वे मुलुंड, अंधेरी वेस्ट और वाशी में भी अपने केंद्र संचालित कर रहे हैं। जिस किचन में कभी आधा किलो छोले से शुरुआत होती थी, वहां अब रोजाना 125 किलो सूखे छोले इस्तेमाल किए जाते हैं, जो पकने और तैयार होने के बाद लगभग 1 टन तक पहुंच जाते हैं। आउटलेट्स पर रोजाना 3 प्लेट की विशेष बिक्री दर्ज की जाती है और कठिन दिनों में 18 लाख रुपये के कर्ज में डूबा यह उपक्रम आज हर महीने 2 करोड़ रुपये तक की कमाई करने वाला बड़ा ब्रांड बन चुका है। इसका आप पर असर इस सफलता की कहानी से छोटे उद्यमियों और आम उपभोक्ताओं के लिए सीधे व्यावहारिक सबक और प्रभाव सामने आते हैं। • भारत में: डिजिटल उपस्थिति और सोशल मीडिया रिव्यू किसी भी स्थानीय छोटे कारोबार की दिशा रातों-रात बदल सकते हैं। छोटे दुकानदारों के लिए पारंपरिक विज्ञापनों पर बड़ा खर्च करने के बजाय खाने की गुणवत्ता और प्रामाणिक स्वाद बनाए रखना सबसे प्रभावी रणनीति साबित हो सकता है। • मुंबई में: चेंबूर, मुलुंड, अंधेरी वेस्ट और वाशी जैसे इलाकों में रहने वाले खाने के शौकीनों को अब दिल्ली शैली के प्रामाणिक छोले भटूरे के कई विकल्प मिल रहे हैं। इसके चलते स्थानीय स्ट्रीट फूड मार्केट में गुणवत्ता और ब्रांडिंग को लेकर नई प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है। • छोटे कारोबारियों के लिए: भारी कर्ज और मंदी के समय तुरंत व्यापार बंद करने के बजाय अपने मुख्य उत्पाद की गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। सही समय पर सही ग्राहकों तक पहुंचने से असफल दिख रहा व्यवसाय भी करोड़ों के टर्नओवर में बदल सकता है। • खाद्य शौकीनों के लिए: सोशल मीडिया पर मिलने वाली प्रामाणिक सिफारिशें स्थानीय और छिपे हुए बेहतरीन भोजनालयों को खोजने में मददगार साबित होती हैं। उपभोक्ता अब बड़े होटलों के बजाय गुणवत्तापूर्ण और प्रामाणिक स्वाद वाले छोटे आउटलेट्स को प्राथमिकता दे रहे हैं। ऐसा क्यों हुआ यह आश्चर्यजनक व्यावसायिक बदलाव प्रामाणिक स्वाद, अचानक मिली सेलिब्रिटी पब्लिसिटी और सोशल मीडिया के दौर में मुंहजबानी प्रचार के तालमेल का सीधा परिणाम था। • शुरुआती विफलता का कारण: अक्टूबर 2021 में शुरू हुए 250 वर्ग फुट के छोटे आउटलेट पर फुटफॉल बहुत कम था, जिसके चलते जनवरी 2022 तक बिक्री तेजी से गिरी। सीमित जगह और कम प्रचार के कारण 18 लाख रुपये का कर्ज जमा हो गया, जिससे दुकान बंद करने का फैसला लेना पड़ा। • कॉमेडियन के वीडियो से बना आधार: सितंबर 2022 में चेंबूर कैंप आउटलेट पर अभिषेक उपमन्यु के दौरे और उनके इंस्टाग्राम वीडियो ने भोजनालय को पहली बार व्यापक ऑनलाइन पहचान दिलाई। इस कंटेंट के जरिए रेस्टोरेंट की चर्चा तेजी से सेलिब्रिटी हलकों तक पहुंची। • सेलिब्रिटी अनुमोदन ने बदला रुख: 5 अक्टूबर 2022 को क्रिकेटर के घर दो प्लेट की डिलीवरी और उसके बाद अनुष्का शर्मा द्वारा इंस्टाग्राम स्टोरी पर घर जैसा स्वाद बताने से ब्रांड को तत्काल विश्वसनीयता मिली। इस पोस्ट के 30 मिनट के भीतर भारी मांग पैदा हुई, जिसने 8 किलो की बिक्री को 100 किलो में बदल दिया। सवाल-जवाब 1. दिल्ली से रेस्टोरेंट की शुरुआत कब और किसने की थी? इसकी शुरुआत अक्टूबर 2021 में जसपाल सिंह खालसा और महेंद्र सिंह खालसा नामक दो भाइयों ने की थी। 2. दुकान बंद करने की नौबत क्यों आ गई थी? जनवरी 2022 में बिक्री गिरने और दोनों भाइयों पर 18 लाख रुपये का कर्ज चढ़ जाने के कारण दुकान बंद करने का फैसला लिया गया था। 3. रेस्टोरेंट को पहली बड़ी डिजिटल पहचान कैसे मिली? सितंबर 2022 में कॉमेडियन अभिषेक उपमन्यु चेंबूर आउटलेट पहुंचे और उनके वीडियो के बाद ग्राहकों की संख्या बढ़ने लगी। 4. विराट कोहली के घर डिलीवरी कब हुई थी? विराट कोहली के घर दो प्लेट छोले भटूरे की डिलीवरी 5 अक्टूबर 2022 को की गई थी। 5. अनुष्का शर्मा ने इंस्टाग्राम पर क्या लिखा था? अनुष्का शर्मा ने इंस्टाग्राम स्टोरी साझा करते हुए लिखा था कि उन्हें इन छोले भटूरों में बिल्कुल घर जैसा टेस्ट लगा। 6. वर्तमान में दिल्ली से रेस्टोरेंट के आउटलेट कहां-कहां हैं? मूल चेंबूर आउटलेट के अलावा अब मुलुंड, अंधेरी वेस्ट और वाशी में भी इनके आउटलेट खुल चुके हैं। 7. आज के समय में रेस्टोरेंट की मासिक कमाई कितनी है? दोनों भाई आज अपने सभी आउटलेट्स से महीने का 2 करोड़ रुपये तक कमाते हैं। प्रेरणा और सबक जसपाल सिंह खालसा और महेंद्र सिंह खालसा की यह यात्रा दर्शाती है कि संकट के समय भी धैर्य और गुणवत्ता को बनाए रखना कैसे सफलता का मार्ग खोल सकता है। • गुणवत्ता से समझौता न करें: 18 लाख रुपये के कर्ज और दुकान बंद होने की स्थिति में भी दोनों भाइयों ने अपने छोले भटूरे के स्वाद और प्रामाणिकता में कोई कमी नहीं आने दी। उत्पाद की यही ताकत अंततः उनकी सबसे बड़ी पूंजी बनी। • हर ग्राहक को समान महत्व दें: भोजनालय के मालिकों ने जब अभिषेक उपमन्यु को खाना परोसा, तो वे उनकी पहचान से अनजान थे। प्रत्येक ग्राहक को सर्वोत्तम सेवा और भोजन देने की आदत ने ही उन्हें यह मुकाम दिलाया। • अंतिम क्षण तक प्रयास जारी रखें: जब सब कुछ खत्म मानकर केवल बचे हुए राशन के खत्म होने का इंतजार किया जा रहा था, तब भी वे मेहनत से काम करते रहे। विपरीत परिस्थितियों में डटे रहने से अप्रत्याशित अवसर सामने आ सकते हैं। • सफलता को व्यवस्थित विस्तार में बदलें: पब्लिसिटी मिलने के बाद दोनों भाइयों ने केवल एक दुकान तक सीमित रहने के बजाय मुलुंड, अंधेरी और वाशी में आउटलेट खोलकर अपने व्यवसाय को 2 करोड़ रुपये के मासिक स्तर तक पहुंचाया। https://trendkia.com/success-stories/virat-kohli-ke-ghara-pahunche-chhole-bhature-ne-badali-do-bhaiyon-ki-kismata-bhari-karja-se-nikalakara-banaya-2-karora-rupaye-ka-k-40793 TrendKia — Har trend, sabse pehle.