# यूट्यूब से रेसिपी सीखकर अभिषेक साहू ने शुरू किया सैंडविच का काम, भोपाल में अब हर महीने 25 लाख रुपये का टर्नओवर

> भोपाल में साइबर कैफे बंद होने के बाद अभिषेक साहू ने 30 हजार रुपये का कर्ज लेकर ठेले पर सैंडविच बेचना शुरू किया था। यूट्यूब से कुकिंग सीखकर शुरू हुआ यह वेंचर अब हरिहर सैंडविच के नाम से मशहूर है और महीने में 25 लाख रुपये का कारोबार कर रहा है।

**Type:** article · **Category:** सक्सेस स्टोरी · **Published:** 2026-09-02 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/success-stories/yutyuba-se-resipi-sikhakara-abhishek-sahu-ne-shuru-kiya-saindavicha-ka-kama-bhopal-men-aba-hara-mahine-25-lakha-rupaye-ka-tarnaova-26511 · **Language:** Hindi
**Tags:** अभिषेक साहू, हरिहर सैंडविच, भोपाल, बिजनेस सक्सेस स्टोरी, यूट्यूब कुकिंग, स्ट्रीट फूड बिजनेस, स्टार्टअप

भोपाल में असफलता के बाद मिली शानदार सफलता की एक प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जहाँ अभिषेक साहू ने अपने पुराने बिजनेस की नाकामी को पीछे छोड़ते हुए खाने-पीने के क्षेत्र में अपनी खास पहचान बनाई है। करीब 15 साल पहले भोपाल आए अभिषेक साहू ने शुरुआत में इंटरनेट सेवाएं देने के लिए एक साइबर कैफे खोला था। हालांकि, उनका यह पहला व्यावसायिक प्रयास लंबे समय तक नहीं चल सका और मात्र एक साल के भीतर ही यह साइबर कैफे पूरी तरह बंद हो गया। इस बड़े झटके के बावजूद अभिषेक साहू ने हिम्मत नहीं हारी और एक बिल्कुल नए क्षेत्र में कदम रखने का फैसला किया, जिसने आगे चलकर उनकी किस्मत ही बदल दी।

## साइबर कैफे की नाकामी और नए सफर की शुरुआत
व्यावसायिक दुनिया में पहली बार असफलता का स्वाद चखने के बाद अभिषेक साहू के पास वित्तीय संसाधनों की काफी कमी थी। लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय भोजन और स्ट्रीट फूड के बाजार में संभावनाएं तलाशना सही समझा। 15 साल पहले जब वह भोपाल आए थे, तब उनके पास खान-पान के कारोबार का कोई पुराना अनुभव नहीं था। पहला उपक्रम बंद होने पर उन्होंने जोखिम उठाया और ₹30,000 का छोटा सा लोन लिया। इस सीमित वित्तीय मदद के सहारे उन्होंने किसी महंगे कुकिंग स्कूल या ट्रेनिंग सेंटर जाने के बजाय तकनीक का सहारा लिया और डिजिटल माध्यम से सैंडविच बनाना सीखने का मन बनाया।

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## यूट्यूब को बनाया गुरु और ठेले से शुरू किया कारोबार
अभिषेक साहू ने अपने नए काम के लिए किसी पेशेवर शेफ से ट्रेनिंग नहीं ली, बल्कि यूट्यूब को ही अपना मुख्य मार्गदर्शक बनाया। उन्होंने इंटरनेट पर उपलब्ध वीडियो देखकर विभिन्न प्रकार के सैंडविच की रेसिपी सीखी और बार-बार अभ्यास करके स्वाद में महारत हासिल की। जब उन्हें अपने बनाए सैंडविच के स्वाद और गुणवत्ता पर पूरा भरोसा हो गया, तब उन्होंने एक छोटे से ठेले के माध्यम से सैंडविच बेचने का काम शुरू किया। शुरुआत में बहुत सीमित साधनों के साथ शुरू हुआ यह ठेला धीरे-धीरे स्थानीय लोगों का ध्यान आकर्षित करने लगा और बेहतरीन स्वाद की वजह से ग्राहकों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ने लगी।

## हरिहर सैंडविच की लोकप्रियता और घंटों का वेटिंग टाइम
सैंडविच के स्वाद में निरंतरता बनाए रखने के कारण अभिषेक साहू के इस उपक्रम को स्थानीय स्तर पर भारी सफलता मिलने लगी। उन्होंने अपने खाद्य व्यवसाय का नाम हरिहर सैंडविच रखा। जैसे-जैसे लोगों को उनके सैंडविच का स्वाद पसंद आने लगा, दुकान के सामने ग्राहकों की लंबी लाइनें लगने लगीं। मौजूदा समय में स्थिति यह है कि सैंडविच पाने के लिए ग्राहकों को 30 मिनट से लेकर 50 मिनट तक का लंबा इंतजार करना पड़ता है। इसके बावजूद, लोग बिना किसी शिकायत के अपनी बारी आने तक खुशी-खुशी इंतजार करते हैं। सोशल मीडिया पर भी इस दुकान की चर्चा तेजी से फैली, जिससे इसकी लोकप्रियता में भारी उछाल आया।

## बिक्री के आंकड़े और सालाना ₹3 करोड़ का कारोबार
हरिहर सैंडविच की मौजूदा बिक्री के आंकड़े काफी प्रभावशाली हैं। सामान्य कार्यदिवसों में यहाँ हर रोज 600 से अधिक सैंडविच बिक जाते हैं, जबकि वीकेंड के दौरान यह बिक्री बढ़कर लगभग 1,000 सैंडविच प्रतिदिन तक पहुंच जाती है। इस भारी बिक्री के दम पर अभिषेक साहू का यह व्यवसाय हर महीने लगभग ₹25 लाख का कारोबार कर रहा है। 1 सितंबर 2026 को एक्स पर सोशल मीडिया इंफ्ल्यूएंशर प्रथम (@CapitalLens_) द्वारा साझा की गई जानकारी के बाद इस सफलता की इंटरनेट पर खूब चर्चा हो रही है। सोशल मीडिया पर लोग उनके इस सफर की तारीफ कर रहे हैं और टिप्पणी करते हुए लिख रहे हैं कि महज ₹30,000 के शुरुआती निवेश से हर महीने ₹25 लाख यानी सालाना ₹3 करोड़ का टर्नओवर खड़ा करना एक अद्भुत उपलब्धि है।

## इसका आप पर असर
अभिषेक साहू की यह कहानी यह दर्शाती है कि कम पूंजी और बिना किसी औपचारिक ट्रेनिंग के भी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की मदद से एक सफल व्यवसाय खड़ा किया जा सकता है।

- **भारत में:** डिजिटल माध्यमों और यूट्यूब जैसी मुफ्त प्लेटफॉर्म्स के जरिए कोई भी व्यक्ति बिना भारी खर्च के नया हुनर सीखकर स्वरोजगार शुरू कर सकता है। इससे युवाओं को कम वित्तीय जोखिम में अपना काम शुरू करने की प्रेरणा मिलती है।
- **भोपाल में:** स्थानीय खाद्य प्रेमियों को बेहतरीन गुणवत्ता वाले सैंडविच का नया ठिकाना मिला है, जिससे शहर के स्ट्रीट फूड कल्चर को भी बढ़ावा मिल रहा है।

## सवाल-जवाब

### 1. अभिषेक साहू ने अपने सैंडविच बिजनेस की शुरुआत कितने पैसों से की थी?
उन्होंने ₹30,000 का लोन लेकर ठेले पर सैंडविच बेचने का काम शुरू किया था।

### 2. अभिषेक साहू के सैंडविच ब्रांड का क्या नाम है?
उनके सैंडविच आउटलेट का नाम हरिहर सैंडविच है।

### 3. सैंडविच बनाने की रेसिपी अभिषेक साहू ने कहाँ से सीखी?
उन्होंने किसी कुकिंग स्कूल जाने के बजाय यूट्यूब से सैंडविच बनाना सीखा।

### 4. हरिहर सैंडविच का वर्तमान में हर महीने का कितना टर्नओवर है?
हरिहर सैंडविच का मासिक टर्नओवर लगभग ₹25 लाख है।

### 5. हरिहर सैंडविच पर प्रतिदिन कितने सैंडविच बिकते हैं?
सामान्य दिनों में 600 से अधिक और वीकेंड पर लगभग 1,000 सैंडविच रोज बिकते हैं।

## प्रेरणा और सबक
अभिषेक साहू की यात्रा से नए उद्यमियों के लिए कई महत्वपूर्ण व्यावहारिक सीख मिलती हैं।

- **असफलता अंत नहीं है:** पहला बिजनेस बंद होना करियर का अंत नहीं होता, बल्कि यह नए रास्ते तलाशने का अवसर दे सकता है।
- **मुफ्त संसाधनों का उपयोग:** महंगी ट्रेनिंग के बिना भी इंटरनेट और यूट्यूब जैसे साधनों से पेशेवर स्तर का हुनर सीखा जा सकता है।
- **छोटी शुरुआत से बड़ा लक्ष्य:** ₹30,000 के छोटे कर्ज और ठेले से शुरू हुआ काम भी लगन और निरंतरता के बल पर करोड़ों के टर्नओवर में बदल सकता है।

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