ऐपल के पहले फोल्डेबल फोन की अंदरूनी डिस्प्ले में आई खराबी, कंपनी बदलेगी प्रभावित डिवाइस भारत में लगभग ₹3 लाख की कीमत वाले ऐपल iPhone Duo की स्क्रीन पर इस्तेमाल के कुछ ही दिनों में दरारें दिखने लगी हैं। ऐपल ने डिस्प्ले की इस परेशानी को स्वीकार करते हुए प्रभावित ग्राहकों को बदलाव के लिए संपर्क करने को कहा है। स्मार्टफोन बाजार में पेश किए गए ऐपल के पहले फोल्डेबल हैंडसेट iPhone Duo को लेकर शुरुआती खरीदारों की मुश्किलें अचानक बढ़ गई हैं। इस अल्ट्रा-प्रीमियम डिवाइस को अनबॉक्स करने और इस्तेमाल शुरू करने के कुछ घंटों अथवा चंद दिनों के भीतर ही कई उपयोगकर्ताओं को मुख्य स्क्रीन पर गंभीर दरारें दिखाई देने लगी हैं। तकनीकी दिग्गज ऐपल ने भी अब आधिकारिक तौर पर इस खराबी की मौजूदगी को स्वीकार कर लिया है और दिक्कतों से जूझ रहे ग्राहकों को अपनी सर्विस टीम से संपर्क कर नया हैंडसेट लेने का परामर्श दिया है। फोल्ड होने वाले हिस्से और डिस्प्ले के पैटर्न में दिख रहा नुकसान उपयोगकर्ताओं द्वारा साझा की गई जानकारियों के मुताबिक, नुकसान मुख्य रूप से डिवाइस की भीतरी मुड़ने वाली स्क्रीन पर केंद्रित है। फोल्डिंग हिंज वाले हिस्से के ठीक ऊपर एक स्पष्ट वर्टिकल रेखा उभरती दिखाई दे रही है। इसके साथ ही, स्क्रीन के दाईं तरफ से कुछ हॉरिजॉन्टल रेखाएं भी खिंचती नजर आ रही हैं, जो डिस्प्ले के मध्य भाग से नीचे की ओर एक निश्चित बिंदु पर आकर आपस में जुड़ जाती हैं। डिवाइस की शुरुआती समीक्षाओं में विश्लेषकों ने बड़े बुक-स्टाइल डिस्प्ले के अनुकूल पर्याप्त ऐप्स न होने पर सवाल उठाए थे, मगर स्क्रीन पर आ रही ये भौतिक दरारें अब सॉफ्टवेयर की कमियों से कहीं आगे बढ़कर एक बड़े हार्डवेयर संकट के रूप में तब्दील हो गई हैं। जांच के बाद आधिकारिक तौर पर आई कंपनी की प्रतिक्रिया ब्लूमबर्ग के पत्रकार मार्क गुरमन ने पूर्व में इस बात की जानकारी दी थी कि ऐपल के इंजीनियर इस रहस्यमयी टूट-फूट की जांच में जुटे हैं। उस शुरुआती दौर में ऐपल ने अपने आधिकारिक रिटेल स्टोर्स या ग्राहक सेवा प्रतिनिधियों को इससे निपटने के लिए कोई ठोस निर्देश जारी नहीं किए थे। अब कंपनी ने चुप्पी तोड़ते हुए माना है कि आईफोन डुओ के कुछ हैंडसेट्स की आंतरिक डिस्प्ले इस खराबी से प्रभावित हुई है। कंपनी ने ग्राहकों से अपील की है कि जिन लोगों के डिस्प्ले में इस प्रकार की लकीरें या दरारें बन रही हैं, वे तुरंत AppleCare के पास जाएं और रिप्लेसमेंट की प्रक्रिया शुरू कराएं। हालांकि ऐपल ने अभी तक इस खराबी के मूल कारण को सार्वजनिक नहीं किया है और न ही यह स्पष्ट किया है कि कुल कितने प्रतिशत या कितनी संख्या में हैंडसेट इस फॉल्ट की चपेट में आए हैं। बिना वारंटी सुरक्षा के रिपेयरिंग पर भारी भरकम खर्च डिस्प्ले रिप्लेसमेंट का यह निर्देश खरीदारों के लिए इसलिए भी बड़ी राहत माना जा रहा है क्योंकि इस मॉडल की स्क्रीन को ठीक कराने की लागत बेहद भारी है। अगर किसी ग्राहक के पास एक्टिव AppleCare+ कवरेज मौजूद नहीं है, तो भारत में केवल आंतरिक डिस्प्ले बदलवाने का खर्च लगभग ₹1.5 लाख तक बैठता है। अमेरिकी बाजार में इसी मरम्मत के लिए $999 वसूले जा रहे हैं। इसका सीधा अर्थ यह है कि बिना सुरक्षा प्लान के केवल स्क्रीन ठीक कराने पर ही फोन की पूरी रिटेल कीमत का करीब आधा हिस्सा खर्च करना पड़ सकता है। इसलिए कंपनी द्वारा सीधे रिप्लेसमेंट का रास्ता खोलना प्रभावित ग्राहकों के लिए बड़ी वित्तीय राहत साबित हो सकता है। हिंज और स्क्रीन के संपर्क दबाव पर विशेषज्ञों का संदेह तकनीकी गैजेट्स के पुर्जों को अलग कर उनकी मरम्मत का विश्लेषण करने वाली स्वतंत्र फर्म iFixit ने इस बात का तकनीकी परीक्षण किया है कि आखिर स्क्रीन इतनी जल्दी क्यों टूट रही है। संस्था के अनुसार, यह पूरी समस्या फोन के हिंज मैकेनिज्म और फोल्डिंग प्रक्रिया के तालमेल से जुड़ी हो सकती है। विशेषज्ञ आकलन के मुताबिक, जब स्क्रीन को मोड़ा जाता है, तो डिस्प्ले का लचीला हिस्सा अंदरूनी सपोर्ट बार के संपर्क में आता है। इस प्रक्रिया में एक अत्यंत संकीर्ण हिस्से पर अत्यधिक दबाव केंद्रित हो सकता है। निरंतर मुड़ने और दबाव के इसी असंतुलन की वजह से स्क्रीन के उस खास बिंदु पर दरारें विकसित होने का जोखिम बढ़ जाता है। हालांकि यह केवल तकनीकी जानकारों की आशंका है और ऐपल की तरफ से आधिकारिक पुष्टि आना अभी बाकी है। कंपनी ने उपयोगकर्ताओं को आगाह किया है कि स्क्रीन पर कोई भी लकीर दिखने पर वे बिना देर किए सीधे AppleCare के पास पहुंचे। इसका आप पर असर यह तकनीकी खराबी ₹3 लाख के प्रीमियम फोन का उपयोग करने वाले ग्राहकों के लिए भारी आर्थिक और व्यावहारिक परेशानी खड़ी कर सकती है। • भारत में खरीदारों पर असर: करीब ₹3 लाख खर्च करने वाले भारतीय ग्राहकों को बिना अतिरिक्त सुरक्षा प्लान के ₹1.5 लाख का भारी रिपेयरिंग बिल झेलना पड़ सकता है। जिन खरीदारों की डिवाइस में दरारें आ रही हैं, उन्हें तुरंत अधिकृत सर्विस सेंटर से संपर्क कर रिप्लेसमेंट हासिल करना चाहिए। • वैश्विक उपयोगकर्ताओं पर असर: अमेरिका में स्क्रीन ठीक कराने की आधिकारिक लागत $999 तय है, जो उपकरण की कुल कीमत का एक बड़ा हिस्सा है। उपयोगकर्ताओं को बिना देर किए अपनी वारंटी स्थिति जांचने और रिप्लेसमेंट प्रक्रिया शुरू करने की जरूरत है। • हैंडलिंग और सावधानी: जब तक कंपनी कोई स्थायी हार्डवेयर समाधान नहीं देती, ग्राहकों को डिवाइस को अत्यधिक सावधानी से खोलना और बंद करना होगा। डिस्प्ले पर किसी भी असामान्य रेखा या दबाव के बिंदु को नजरअंदाज न करें और सीधे कस्टमर सपोर्ट से बात करें। • वारंटी और प्रोटेक्शन प्लान: इस घटनाक्रम के बाद डिवाइस मालिकों के लिए AppleCare+ जैसे सुरक्षा प्लान लेना बेहद जरूरी हो गया है। बिना एक्टिव प्लान के स्क्रीन रिपेयर कराना आम उपभोक्ता के बजट पर सीधा झटका साबित हो सकता है। ऐसा क्यों हुआ ऐपल के पहले फोल्डेबल मॉडल की स्क्रीन में दरारें आने के पीछे आंतरिक इंजीनियरिंग और हिंज मैकेनिज्म का तनाव मुख्य वजह बनकर उभरा है। • हिंज और डिस्प्ले का संपर्क: स्वतंत्र टियरडाउन फर्म के मुताबिक, स्क्रीन मुड़ते समय अंदरूनी सपोर्ट बार के संपर्क में आती है जिससे एक निश्चित जगह पर बहुत ज्यादा दबाव बनता है। इस अत्यधिक दबाव और खिंचाव के चलते कांच के लचीले हिस्से पर दरारें विकसित होने की संभावना जताई गई है। • डिजाइन की जटिलता: बुक-स्टाइल फोल्डेबल स्क्रीन में दोनों हिस्सों को जोड़ने वाले हिंज पर लगातार यांत्रिक घर्षण होता है। शुरुआती यूनिट्स में इस दबाव को समान रूप से वितरित न कर पाना संभावित हार्डवेयर खामी का कारण बना हो सकता है। • आधिकारिक जांच का दायरा: ब्लूमबर्ग के मार्क गुरमन के अनुसार, कंपनी के इंजीनियर डिस्प्ले की खराबी के कारणों की जांच कर रहे हैं। हालांकि निर्माता ने अभी तक खराबी के तकनीकी कारणों और प्रभावित इकाइयों की सटीक संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। सवाल-जवाब 1. iPhone Duo की स्क्रीन में दरारें किस जगह पर आ रही हैं? दरारें मुख्य रूप से अंदरूनी डिस्प्ले के हिंज वाले हिस्से पर वर्टिकल लाइन के रूप में और दाईं ओर से नीचे की तरफ मिलती हॉरिजॉन्टल लाइनों के रूप में दिखाई दे रही हैं। 2. क्या ऐपल ने इस समस्या को आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया है? हाँ, ऐपल ने कुछ डिवाइसों की इंटरनल स्क्रीन में खराबी की बात स्वीकार की है और प्रभावित ग्राहकों को AppleCare के जरिए रिप्लेसमेंट लेने की सलाह दी है। 3. बिना AppleCare+ प्लान के भारत में स्क्रीन रिपेयर का खर्च कितना है? सक्रिय AppleCare+ प्लान न होने पर भारत में आंतरिक स्क्रीन ठीक कराने में लगभग ₹1.5 लाख का खर्च आ सकता है। 4. अमेरिका में इस डिवाइस की स्क्रीन रिपेयरिंग की लागत कितनी है? अमेरिका में बिना वारंटी सुरक्षा के स्क्रीन रिपेयर कराने पर करीब 999 डॉलर का खर्च आ सकता है। 5. विशेषज्ञों के अनुसार दरारें आने की संभावित तकनीकी वजह क्या है? iFixit के विश्लेषण के अनुसार, स्क्रीन मुड़ते समय अंदर मौजूद बार के संपर्क में आने से एक खास हिस्से पर अत्यधिक दबाव बढ़ सकता है, जिससे दरारें आ सकती हैं। 6. भारत में iPhone Duo की शुरुआती कीमत कितनी है? भारत में इस फोल्डेबल स्मार्टफोन की कीमत लगभग ₹3 लाख बताई गई है। https://trendkia.com/technology/apple-ke-pahale-pholdebala-phona-ki-andaruni-disple-men-ai-kharabi-knpani-badalegi-prabhavita-divaisa-52784 TrendKia — Har trend, sabse pehle.