बेलगावी में रेफ्रिजरेटर धमाके से चार लोगों की मौत के बाद सामने आईं घरेलू लापरवाही की वजहें कर्नाटक के बेलगावी में फ्रिज फटने से चार लोगों की जान चली गई, जिसके बाद रेफ्रिजरेटर के रख-रखाव और वेंटिलेशन से जुड़ी जरूरी सावधानियां चर्चा में हैं। कर्नाटक के बेलगावी स्थित चावट गल्ली इलाके में सोमवार रात को एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहाँ एक मकान में भीषण आग लगने से एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई और दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। गणेश चतुर्थी के अवसर पर परिवार के सभी लोग घर पर मौजूद थे और रात के समय सो रहे थे, तभी अचानक हुए जोरदार धमाके के बाद आग पूरे घर में तेजी से फैल गई। शुरुआती जानकारी में आग लगने की वजह फ्रिज में हुए विस्फोट को बताया गया है, हालांकि पुलिस की ओर से हादसे के सही कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जा रही है। लगातार चलने वाले उपकरणों में इलेक्ट्रिकल खराबी का खतरा घर में मौजूद रेफ्रिजरेटर बिना रुके दिन-रात बिजली की सप्लाई पर चलता रहता है, जिसकी वजह से इसमें आंतरिक तकनीकी और इलेक्ट्रिकल खामियों की आशंका हमेशा बनी रहती है। उपकरण का प्लग ढीला या खराब होना, अंदरूनी वायरिंग का जल जाना, दीवार के सॉकेट में अचानक स्पार्किंग होना अथवा बिजली के सर्किट पर जरूरत से ज्यादा लोड पड़ना आग भड़कने के प्रमुख कारण बन सकते हैं। इसके अलावा आधुनिक रेफ्रिजरेटरों में ठंडक पैदा करने के लिए ज्वलनशील रेफ्रिजरेंट गैस का उपयोग किया जाता है, जिसके कारण गैस के किसी भी लीकेज की स्थिति में आग और धमाके का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है। वेंटिलेशन की कमी और दीवार से सटाकर रखने के नुकसान घरों में अक्सर जगह बचाने के चक्कर में फ्रिज को सीधे दीवार से चिपकाकर रख दिया जाता है, जो सुरक्षा के लिहाज से बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। रेफ्रिजरेटर के कंप्रेसर और मोटर बिना रुके लगातार काम करते हैं और इस प्रक्रिया में भारी मात्रा में गर्मी पैदा होती है, जिसे बाहर निकालने के लिए चारों तरफ हवा का उचित संचार जरूरी है। यदि उपकरण के पीछे और आसपास वेंटिलेशन के लिए पर्याप्त खाली जगह नहीं होगी, या फिर उसके पीछे अन्य घरेलू सामान ठूंस कर रखा जाएगा, तो मशीन के भीतर अत्यधिक गर्मी जमा होने लगेगी। उपकरण तैयार करने वाली कंपनी की गाइडलाइन के अनुसार निर्धारित दूरी बनाए रखना हमेशा सुरक्षित रहता है। एक्सटेंशन बोर्ड और मल्टी-प्लग के इस्तेमाल से बढ़ता लोड रेफ्रिजरेटर जैसे भारी बिजली खपत वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरण को कभी भी कमजोर एक्सटेंशन बोर्ड अथवा मल्टी-प्लग एडॉप्टर के सहारे नहीं चलाना चाहिए। ऐसे उपकरणों को हमेशा सीधे दीवार में लगे सही क्षमता वाले बड़े सॉकेट से ही जोड़ना सुरक्षित माना जाता है। सस्ते या घटिया एक्सटेंशन बोर्ड का उपयोग करने अथवा एक ही बोर्ड पर कई भारी उपकरणों को एक साथ चलाने से वायरिंग गर्म होकर ओवरलोड हो जाती है। यदि कभी भी प्लग या सॉकेट के आसपास काले जलने के निशान नजर आएं या किसी तरह के सुलगने की गंध महसूस हो, तो उसे बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। चेतावनी के संकेतों और असामान्य लक्षणों की अनदेखी रेफ्रिजरेटर में किसी बड़ी खराबी से पहले अक्सर कुछ असामान्य संकेत दिखाई देते हैं, जिन्हें समय रहते पहचानना जरूरी होता है। यदि मशीन से अचानक अजीब आवाजें आने लगें, प्लग या सॉकेट असामान्य रूप से जरूरत से ज्यादा गर्म हो जाए, चटकने या स्पार्किंग की आवाज सुनाई दे, घर की एमसीबी बार-बार ट्रिप होने लगे या फिर जलने की दुर्गंध आए, तो उपकरण को चालू रखना खतरे से खाली नहीं है। ऐसी किसी भी स्थिति में तुरंत मुख्य बिजली सप्लाई को सुरक्षित रूप से बंद कर देना चाहिए और उपकरण की पूरी जांच करवानी चाहिए। धूल-गंदगी का जमाव और अनधिकृत मरम्मत का जोखिम रेफ्रिजरेटर के पिछले हिस्से में नियमित सफाई न होने के कारण जाली और मोटर के आसपास धूल तथा गंदगी की मोटी परत जम जाती है, जो गर्मी की निकासी को पूरी तरह बाधित कर देती है। इसलिए समय-समय पर पीछे के हिस्से की सफाई करना और निर्माता कंपनी के तय मानकों के अनुसार सर्विसिंग कराना आवश्यक है। यदि फ्रिज काफी पुराना हो चुका है या उसमें बार-बार खराबी आ रही है, तो स्थानीय स्तर पर कामचलाऊ जुगाड़ करने के बजाय किसी प्रशिक्षित तकनीशियन से ही उसकी जांच करवानी चाहिए। ज्वलनशील वस्तुओं की निकटता और घरेलू हस्तक्षेप फ्रिज के आसपास या उसके ठीक पीछे कागज, कपड़े, प्लास्टिक बैग जैसी तुरंत आग पकड़ने वाली चीजों का ढेर लगाना खतरनाक साबित हो सकता है। इसे कभी भी गैस चूल्हे, हीटर, रेडिएटर या सीधे तेज गर्मी वाली जगहों के करीब स्थापित नहीं किया जाना चाहिए। इसके अलावा त्योहारों या उत्सवों के दौरान फ्रिज के पास जलते हुए दीये, मोमबत्तियां या बिजली की सजावटी लड़ियां लगाने से आग लगने का अंदेशा बढ़ जाता है। रेफ्रिजरेटर के भीतर गैस पाइपलाइन, कंप्रेसर और जटिल विद्युत सर्किट होते हैं, इसलिए बिना तकनीकी ज्ञान के खुद वायरिंग खोलना या गैस से जुड़े पुर्जों के साथ छेड़छाड़ करना जानलेवा हो सकता है। यदि वायरिंग खराब दिखे, अधिक गर्मी पैदा हो या उपकरण लगातार ट्रिप करे, तो फौरन पेशेवर तकनीशियन की मदद लेनी चाहिए। इसका आप पर असर घरेलू इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के उपयोग में की जाने वाली मामूली लापरवाही गंभीर आग और जानमाल के नुकसान का कारण बन सकती है। • भारत में: रेफ्रिजरेटर को कभी भी सस्ते एक्सटेंशन बोर्ड या मल्टी-प्लग से न जोड़ें, बल्कि सीधे मजबूत 16 एम्पीयर के वॉल सॉकेट में लगाएं। इससे तारों पर अत्यधिक लोड और शॉर्ट सर्किट के खतरे से घर को सुरक्षित रखा जा सकता है। • कर्नाटक में: पुराने और लगातार खराब हो रहे घरेलू उपकरणों की मरम्मत के लिए स्थानीय अनधिकृत तकनीशियनों के बजाय अधिकृत सेवा केंद्रों का ही चयन करें। किसी भी असामान्य गंध या स्पार्किंग की स्थिति में तुरंत बिजली कनेक्शन बंद कर पेशेवर मदद लें। • वेंटिलेशन जांच: फ्रिज के पिछले हिस्से और दीवार के बीच कम से कम छह इंच की पर्याप्त दूरी हमेशा बनाए रखें। ऐसा करने से कंप्रेसर से निकलने वाली गर्मी आसानी से बाहर निकलती है और मशीन ज्यादा गर्म नहीं होती। • नियमित सफाई: उपकरण के पीछे जमा होने वाली धूल और गंदगी की जाली को हर कुछ महीनों में सुरक्षित रूप से साफ करें। इसके अलावा फ्रिज के आसपास कपड़े, कागज या ज्वलनशील सजावटी सामग्री रखने से पूरी तरह बचें। ऐसा क्यों हुआ कर्नाटक के बेलगावी में मकान के भीतर आग लगने और परिवार के सदस्यों के हताहत होने के पीछे रेफ्रिजरेटर में हुए अचानक धमाके को शुरुआती कारण माना गया है। पुलिस द्वारा हादसे के वास्तविक कारणों की विस्तृत पड़ताल की जा रही है। • संभावित इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट: फ्रिज लगातार बिजली पर चलता है और सॉकेट में स्पार्किंग, कमजोर वायरिंग या अत्यधिक वोल्टेज लोड से आग भड़क सकती है। यह चिंगारी उपकरण के अंदर मौजूद प्लास्टिक और पुर्जों को तेजी से अपनी चपेट में ले लेती है। • ज्वलनशील गैस लीकेज: आधुनिक कूलिंग सिस्टम में इस्तेमाल होने वाली रेफ्रिजरेंट गैस ज्वलनशील हो सकती है। गैस के रिसाव के दौरान यदि कोई इलेक्ट्रिकल स्पार्क उत्पन्न होता है, तो वह धमाके का रूप ले सकता है। • अत्यधिक गर्मी और वेंटिलेशन का अभाव: दीवार से सटाकर रखने या धूल जमने से कंप्रेसर की गर्मी बाहर नहीं निकल पाती। तापमान खतरनाक स्तर तक बढ़ जाने से उपकरण के संवेदनशील हिस्से जलने लगते हैं। • आधिकारिक जांच जारी: घटना के समय परिवार के लोग सो रहे थे और आग तेजी से फैली, जिससे उन्हें संभलने का मौका नहीं मिला। पुलिस अभी इस बात की तकनीकी पड़ताल कर रही है कि विस्फोट आंतरिक गैस के दबाव से हुआ या बाहरी सर्किट खराबी से। सवाल-जवाब 1. बेलगावी में हुए हादसे में कितने लोगों की जान गई? इस हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की मृत्यु हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए। 2. घटना के समय परिवार के लोग क्या कर रहे थे? परिवार गणेश चतुर्थी के अवसर पर घर में मौजूद था और रात के समय सभी सदस्य सो रहे थे। 3. फ्रिज को दीवार से सटाकर रखना जोखिम भरा क्यों है? फ्रिज के कंप्रेसर और मोटर से निकलने वाली गर्मी को बाहर निकलने के लिए हवा की जरूरत होती है; जगह न होने पर उपकरण ज्यादा गर्म हो जाता है। 4. फ्रिज में आग लगने की मुख्य तकनीकी वजहें क्या हो सकती हैं? ढीला प्लग, खराब वायरिंग, सॉकेट में स्पार्किंग, सर्किट ओवरलोड और ज्वलनशील रेफ्रिजरेंट गैस का रिसाव आग लगने की मुख्य वजहें हो सकती हैं। 5. किन संकेतों को देखकर फ्रिज की तुरंत जांच करवानी चाहिए? अजीब आवाजें आना, असामान्य गर्मी, स्पार्किंग, बार-बार एमसीबी का ट्रिप होना और जलने की गंध आने पर तुरंत जांच करवानी चाहिए। 6. क्या रेफ्रिजरेटर को एक्सटेंशन बोर्ड पर चलाना सुरक्षित है? नहीं, फ्रिज जैसे भारी इलेक्ट्रॉनिक सामान को हमेशा सीधे उपयुक्त वॉल सॉकेट में ही लगाना सुरक्षित होता है। https://trendkia.com/technology/belagavi-men-rephrijaretara-dhamake-se-chara-logon-ki-mauta-ke-bada-samane-ain-gharelu-laparavahi-ki-vajahen-34156 TrendKia — Har trend, sabse pehle.