# ब्राजील में लूला बनाम बोलसोनारो चुनावी घमासान पर मेटा ने दी सफाई, अदालत ने दिया बराबरी का आदेश

> ब्राजील की चुनावी अदालत ने लूला डा सिल्वा और फ्लावियो बोलसोनारो के साथ समान बर्ताव का निर्देश दिया, जिसके बाद मेटा ने पक्षपात के आरोपों को खारिज करते हुए तकनीकी गड़बड़ी बताया।

**Type:** article · **Category:** तकनीक · **Published:** 2026-10-16 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/technology/brazil-men-lula-banama-bolsonaro-chunavi-ghamasana-para-meta-ne-di-saphai-adalata-ne-diya-barabari-ka-adesha-48443 · **Language:** Hindi
**Tags:** मेटा, ब्राजील चुनाव, लूला डा सिल्वा, फ्लावियो बोलसोनारो, सोशल मीडिया, इंस्टाग्राम, एल्गोरिदम

ब्राजील के आगामी 25 अक्टूबर को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के रनऑफ से पहले सोशल मीडिया मंचों की निष्पक्षता को लेकर विवाद तेज हो गया है। ब्राजील की चुनावी अदालत ने तकनीकी दिग्गज मेटा को निर्देश दिया है कि वह देश के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला डा सिल्वा और उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी फ्लावियो बोलसोनारो के बीच डिजिटल प्रचार में पूरी तरह समान व्यवहार सुनिश्चित करे। इस सख्त न्यायिक निर्देश के सामने आने के बाद मेटा ने शुक्रवार को अपने मंचों पर किसी भी तरह के राजनीतिक पक्षपात के दावों को सिरे से खारिज कर दिया। लूला के चुनावी अभियान दल ने आरोप लगाया था कि मेटा के एल्गोरिदम और कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI से जुड़े नियंत्रण अनुचित तरीके से उनकी पहुंच को बाधित कर रहे हैं, जिसका सीधा फायदा उनके विपक्षी उम्मीदवार को मिल रहा है।

## लूला अभियान के गंभीर आरोप और मेटा का तकनीकी स्पष्टीकरण
इस कानूनी विवाद के केंद्र में मेटा के प्रमुख प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम, फेसबुक और व्हाट्सएप हैं। लूला के प्रचार अभियान का दावा था कि मेटा की प्रणालियां फ्लावियो बोलसोनारो के पक्ष में झुकी हुई हैं और सत्तारूढ़ खेमे के पोस्ट को बूस्ट करने तथा उनकी विजिबिलिटी बढ़ाने वाले उपकरणों को तकनीकी सीमाओं के नाम पर रोका जा रहा है। इन आरोपों पर अपना पक्ष रखते हुए मेटा ने कहा कि सामने आई विसंगतियां वास्तव में वैश्विक तकनीकी त्रुटियों, ऑनलाइन धोखाधड़ी विरोधी सुरक्षा जांचों और नियामकीय अनुपालन से जुड़े नियमित कार्यों का परिणाम थीं। कंपनी ने जोर देकर कहा कि उसकी प्रणाली राजनीतिक विचारधारा के आधार पर सामग्री की रैंकिंग तय नहीं करती और सभी उपयोगकर्ताओं तथा राजनीतिक दलों पर नियम एक समान रूप से लागू होते हैं।

कंपनी ने बताया कि अक्टूबर के शुरुआती हिस्से में दो बड़े तकनीकी व्यवधान पैदा हुए थे। पहले व्यवधान के तहत दुनिया भर के 100 से अधिक देशों में इंस्टाग्राम रील्स के व्यू काउंट कुछ समय के लिए फ्रीज हो गए थे, हालांकि इस अवधि के दौरान भी वीडियो का सामान्य वितरण बिना किसी रुकावट के जारी रहा। दूसरा तकनीकी दोष उस विशिष्ट फीचर में आया जो मौजूदा इंस्टाग्राम पोस्ट से सीधे विज्ञापन तैयार करता है। मेटा के अनुसार यह गड़बड़ी केवल एक दिन तक रही और उसके बाद सिस्टम को पूरी तरह ठीक कर दिया गया।

## मेटा AI की कार्यप्रणाली और सिफारिशों पर अदालत का फैसला
मेटा AI को लेकर उठे विवाद पर कंपनी ने स्पष्ट किया कि सिस्टम में मौजूद एक तकनीकी खामी के कारण कुछ इमेज प्रॉम्प्ट्स थोड़े समय के लिए ब्लॉक हो गए थे। मेटा के अनुसार जब सामान्य पहले नामों को चुनावी नंबरों के साथ मिलाकर सर्च किया गया, तो सिस्टम ने राष्ट्रपति लूला की छवियां बनाने पर रोक लगा दी। वहीं दूसरी ओर उपयोगकर्ता एक अतिरिक्त दिन तक फ्लावियो बोलसोनारो की छवियां तैयार करने में सक्षम रहे। मेटा का कहना है कि यह एक विशुद्ध तकनीकी और अस्थायी विसंगति थी, जिसे राजनीतिक इरादों से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।

हालांकि मेटा ने ब्राजील की चुनावी अदालत के उस अहम निष्कर्ष पर अपनी कोई विस्तृत व्याख्या प्रस्तुत नहीं की, जिसमें बोलसोनारो के इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप चैनलों को मिलने वाली एल्गोरिदम सिफारिशों को अवैध ठहराया गया था। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि चुनावी माहौल में प्रतिद्वंद्वी को एल्गोरिदम के जरिए अतिरिक्त दृश्यता या चैनल सिफारिशें देना कानूनन अनुचित है। मेटा के आधिकारिक बयान में इस बात का कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दिया गया कि ये सिफारिशें आखिर कैसे सक्रिय हुईं।

## कंपनी का रुख और आंतरिक संदेशों का खुलासा
मेटा ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि ब्राजील के मतदाता तथ्यों के हकदार हैं, न कि असंबंधित तकनीकी समस्याओं को मिलाकर गढ़ी गई किसी राजनीतिक कहानी के। कंपनी ने कहा कि वह अपने सभी नियमों को सख्ती से लागू करना जारी रखेगी, ब्राजील के चुनावी कानूनों का पालन करेगी और तकनीकी गलतियां सामने आने पर उन्हें तुरंत ठीक करके सभी उपयोगकर्ताओं के लिए एक समान अवसर सुनिश्चित करेगी।

> मेटा ब्राजील में सभी उम्मीदवारों, पार्टियों और राजनीतिक दृष्टिकोणों पर वही नियम लागू करता है, जो वह दुनिया भर के चुनावों में लागू करता है।
कंपनी ने आगे स्पष्ट किया कि वह किसी भी पक्ष को नुकसान पहुंचाने के लिए सामग्री को नहीं दबाती और न ही किसी को विशेष प्राथमिकता देती है। लूला अभियान द्वारा उठाए गए हर मामले के पीछे एक सीधा और दस्तावेजी तकनीकी कारण मौजूद है। इसी बीच सामने आए आंतरिक संदेशों की चर्चा में यह बात भी रेखांकित हुई कि मेटा के इंजीनियरों ने सत्तारूढ़ अभियान के कुछ पोस्ट बूस्ट न हो पाने की दिक्कतों को सिस्टम की स्वचालित त्रुटियों और एल्गोरिदम की सीमाओं से जुड़ा पाया था।

## नियामकीय सख्ती और अंतरराष्ट्रीय मिसालें
साल 2023 में सत्ता संभालने के बाद से ही राष्ट्रपति लूला ने दिग्गज टेक कंपनियों पर नियंत्रण कसने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। उनकी सरकार ने महिलाओं और नाबालिगों के डिजिटल संरक्षण, मंचों की कानूनी जवाबदेही और दुष्प्रचार रोकने के लिए कई प्रशासनिक आदेश जारी किए हैं। ब्राजील के सुप्रीम कोर्ट के साथ मिलकर अवैध सामग्री की रोकथाम के प्रयास किए गए हैं, जिसके तहत पिछले साल से गूगल, मेटा और टिकटॉक के लिए नफरती भाषण और नस्लवाद से जुड़े पोस्ट तुरंत हटाना अनिवार्य कर दिया गया है। डिजिटल मंचों पर यह सख्त रुख अमेरिकी राजनीति और भाषण की स्वतंत्रता से जुड़ी बहसों में भी चर्चा का विषय रहा है।

ब्राजील का यह कानूनी घटनाक्रम अन्य देशों की अदालती कार्रवाइयों की याद दिलाता है। जर्मनी की संवैधानिक अदालत ने साल 2019 में राजनीतिक समानता के मानकों का हवाला देते हुए फेसबुक को एक राजनीतिक दल का ब्लॉक किया गया पेज बहाल करने का आदेश दिया था। वहीं रोमानिया को पांच साल बाद 2024 के राष्ट्रपति चुनाव के दौरान एक गंभीर संकट का सामना करना पड़ा था, जब टिकटॉक पर छिपे हुए प्रसार और बॉट नेटवर्क के जरिए कैलिन जॉर्जेसकु को अनुचित लाभ पहुंचाने के आरोप में मतदान ही रद्द कर दिया गया था। इसके बाद रोमानिया ने चुनावी पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सभी राजनीतिक संदेशों पर ट्रैकिंग कोड अनिवार्य करने वाले आपातकालीन नियम लागू किए थे।

## अवैध विज्ञापनों पर शोध अध्ययन का दबाव
ब्राजील में मेटा पर दबाव केवल चुनावी अभियान के आरोपों तक सीमित नहीं है। फेडरल यूनिवर्सिटी ऑफ रियो डी जेनेरो के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि मेटा के मंचों पर जुलाई से सितंबर के बीच कम से कम 1,613 अनियमित राजनीतिक विज्ञापनों को चलने की अनुमति दी गई। इन विज्ञापनों को लगभग 171 मिलियन बार देखा गया और इस प्रचार से लगभग 2 मिलियन रियास यानी 400,000 अमेरिकी डॉलर का राजस्व जुटाया गया, जिसका मुख्य वित्तपोषण संयुक्त राज्य अमेरिका से हुआ था।

ब्राजील के कानून के तहत पंजीकृत राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों या आधिकारिक गठबंधनों के अलावा किसी भी बाहरी इकाई द्वारा चुनावी विज्ञापन खरीदना पूरी तरह प्रतिबंधित है। रियो के शोधकर्ताओं का तर्क है कि ब्राजील के भीतर या विदेश से किसी भी व्यावसायिक कंपनी को चुनावी अभियान को प्रभावित करने वाले विज्ञापन खरीदने की छूट नहीं होनी चाहिए। इस तरह की गतिविधियां चुनावी कानूनों की अनदेखी की ओर इशारा करती हैं। अब 25 अक्टूबर के महत्वपूर्ण मतदान से पहले ब्राजील की चुनावी अदालत का यह निर्देश सोशल मीडिया मंचों पर पारदर्शी और निष्पक्ष व्यवस्था बनाए रखने के लिहाज से बेहद निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है।

## इसका आप पर असर
ब्राजील के इस न्यायिक आदेश से वैश्विक सोशल मीडिया मंचों पर चुनावी सामग्री और एल्गोरिदम की निगरानी को लेकर नियम सख्त होंगे।

- **वैश्विक उपयोगकर्ताओं पर:** अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोशल मीडिया मंचों को राजनीतिक विज्ञापनों और सामग्री सिफारिशों में अधिक पारदर्शिता दिखानी होगी। आने वाले समय में चुनावी प्रक्रियाओं के दौरान तकनीकी मंचों पर राजनीतिक विज्ञापनों और AI टूल्स के उपयोग पर अतिरिक्त जांच देखने को मिल सकती है।
- **ब्राजील के नागरिकों पर:** 25 अक्टूबर के मतदान तक ब्राजील के मतदाताओं को दोनों प्रमुख उम्मीदवारों की डिजिटल सामग्री समान रूप से देखने को मिलेगी। अदालत के आदेश के बाद अवैध विज्ञापनों और अनधिकृत राजनीतिक प्रचार सामग्री पर तुरंत रोक लगाई जाएगी।
- **डिजिटल विज्ञापनदाताओं के लिए:** चुनावी अभियानों में केवल पंजीकृत उम्मीदवार और पार्टियां ही वैध तरीके से विज्ञापन चला सकेंगे। तीसरे पक्षों या विदेशों से की जाने वाली राजनीतिक फंडिंग और स्पॉन्सर्ड पोस्ट्स पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
- **टेक कंपनियों के लिए:** तकनीकी त्रुटियों या एल्गोरिदम सीमाओं की आड़ में चुनावी पक्षपात के आरोपों से बचना संभव नहीं होगा। मंचों को सरकारी दिशा-निर्देशों और कानूनी आदेशों के अनुसार निष्पक्ष संचालन के साक्ष्य प्रस्तुत करने होंगे।

## ऐसा क्यों हुआ
यह विवाद तब शुरू हुआ जब ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा के चुनाव प्रचार दल ने मेटा पर तकनीकी माध्यमों से अपने प्रतिद्वंद्वी को अनुचित लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया। इसके बाद चुनावी अदालत ने दखल देते हुए समान व्यवहार का आदेश जारी किया।

- **लूला अभियान की शिकायत:** लूला के प्रचार दल ने आरोप लगाया कि इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पर उनके पोस्ट की पहुंच सीमित की जा रही थी जबकि विपक्षी उम्मीदवार को सिफारिशें मिल रही थीं। इस असमानता को दूर करने के लिए अभियान दल ने अदालत में औपचारिक कानूनी याचिका दायर की।
- **तकनीकी त्रुटियां और AI नियंत्रण:** मेटा के मंचों पर अक्टूबर की शुरुआत में रील्स व्यू काउंट और विज्ञापन निर्माण टूल में वैश्विक स्तर पर तकनीकी खराबी आई थी। इसके अलावा मेटा AI में नामों और चुनावी नंबरों के संयोजन से जुड़ी खामी के कारण राष्ट्रपति की तस्वीरें ब्लॉक हो गईं।
- **अवैध विज्ञापनों का प्रसार:** रियो डी जेनेरो के शोध में यह साबित हुआ कि 1,613 अनधिकृत राजनीतिक विज्ञापनों को लाखों बार दिखाया गया और इसके लिए विदेशी फंडिंग स्वीकार की गई। ब्राजील के सख्त चुनावी नियमों के उल्लंघन ने अदालत को सख्त कदम उठाने के लिए प्रेरित किया।

## सवाल-जवाब

### 1. ब्राजील की चुनावी अदालत ने मेटा को क्या आदेश दिया है?
अदालत ने मेटा को निर्देश दिया है कि वह राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा और उनके प्रतिद्वंद्वी फ्लावियो बोलसोनारो के साथ मंच पर पूरी तरह समान और निष्पक्ष व्यवहार करे।

### 2. लूला के चुनावी अभियान ने मेटा पर क्या आरोप लगाए थे?
लूला अभियान ने दावा किया था कि मेटा के एल्गोरिदम और AI टूल्स उनकी पहुंच सीमित कर रहे हैं और बोलसोनारो के पक्ष में काम कर रहे हैं।

### 3. मेटा ने इन आरोपों के जवाब में क्या तकनीकी कारण बताए?
मेटा ने कहा कि रील्स व्यू काउंट फ्रीज होना और विज्ञापन टूल में रुकावट वैश्विक तकनीकी गड़बड़ी और सुरक्षा जांचों का परिणाम थे, जिनका राजनीति से कोई संबंध नहीं है।

### 4. ब्राजील में अगले चरण का मतदान कब होना तय है?
ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव का रनऑफ मुकाबला 25 अक्टूबर को आयोजित किया जाना निर्धारित है।

### 5. रियो डी जेनेरो के अध्ययन में राजनीतिक विज्ञापनों को लेकर क्या खुलासा हुआ?
शोधकर्ताओं ने पाया कि मेटा ने 1,613 अनियमित विज्ञापनों को अनुमति दी, जिन्हें 171 मिलियन व्यूज मिले और लगभग 400,000 डॉलर का राजस्व उत्पन्न हुआ।

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