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  "type": "article",
  "title": "सेंटर फॉर ह्यूमन टेक्नोलॉजी ने कर्मचारियों को हटाया, अब संस्थापकों के नेतृत्व में नए सिरे से काम करने की तैयारी",
  "summary": "सोशल मीडिया की लत के खिलाफ कानूनी मोर्चों पर बड़ी जीत हासिल करने के बाद सेंटर फॉर ह्यूमन टेक्नोलॉजी ने अपने ज्यादातर कर्मचारियों को हटा दिया है। यह गैर-लाभकारी संगठन अब एआई जोखिमों पर संस्थापकों के जरिए जन-जागरूकता फैलाने पर ध्यान देगा।",
  "content": "सोशल मीडिया की लत और स्क्रीन टाइम के दुष्प्रभावों के खिलाफ वैश्विक स्तर पर आवाज उठाने वाले गैर-लाभकारी संगठन सेंटर फॉर ह्यूमन टेक्नोलॉजी में एक बड़ा संगठनात्मक फेरबदल हुआ है। इस संस्थान ने अपने अधिकांश कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है और अब अपना पूरा ध्यान पूरी तरह से संस्थापकों द्वारा संचालित अभियानों पर केंद्रित करने का निर्णय लिया है। यह कदम ऐसे समय में सामने आया है जब संगठन को बड़ी सोशल मीडिया कंपनियों के खिलाफ अदालती लड़ाई में उल्लेखनीय कानूनी सफलताएं हासिल हुई थीं। इन मुकदमों में संस्थान के उस शोध का मुख्य आधार बनाया गया था, जिसमें दावा किया गया था कि प्लेटफॉर्म जानबूझकर बच्चों को स्क्रीन से चिपकाए रखने के लिए तैयार किए गए हैं।\n\nसंगठन से बाहर किए गए नौ प्रमुख लोगों में कार्यकारी निदेशक जूली गुइराडो और रणनीति की वरिष्ठ निदेशक कैमिल कार्लटन शामिल हैं। इस बड़े बदलाव के साथ ही संगठन अब मुकदमेबाजी में तकनीकी सहायता देने और कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई उपकरणों के मूल्यांकन जैसे जटिल शोध कार्यों को पूरी तरह बंद कर रहा है। संगठन के निदेशक मंडल का मानना है कि एक ही समय में नीतिगत शोध पत्र तैयार करने वाला थिंक टैंक बने रहना और साथ ही साथ संस्थापक के चेहरे पर टिकी वकालत चलाना, संसाधनों को बहुत अधिक बिखेर रहा था।\n\nसंस्थापक-केंद्रित रणनीति और एआई जोखिमों पर नया रुख\nसंगठन के निदेशक मंडल ने हाल ही में स्पष्ट किया कि आने वाले समय में संस्थान अपने संस्थापकों के नेतृत्व में व्यापक जन-शिक्षा, लक्षित ब्रीफिंग और पर्दे के पीछे निजी समन्वय जैसे कार्यक्रमों को आगे बढ़ाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य व्यापक जनसमूह तक पहुंच बनाना और नीति-निर्माताओं के साथ संवाद स्थापित करना है। संस्थान ने हालांकि छंटनी से प्रभावित कुल कर्मचारियों की पूरी संख्या का खुलासा नहीं किया, लेकिन नीति और तकनीकी मूल्यांकन से जुड़ी इकाइयों को समाप्त करने की पुष्टि कर दी है।\n\nबोर्ड के अध्यक्ष प्रेमल शाह ने इस निर्णय का बचाव करते हुए कहा कि तेजी से बढ़ते एआई जोखिमों के इस दौर में संगठन को किसी एक ठोस रणनीति पर टिकना जरूरी था। उनका कहना था कि संगठन ने वही रास्ता चुना है जिसे वह सबसे बेहतर ढंग से करता आया है, ताकि समय की मांग को पूरा किया जा सके। ट्रिस्टन हैरिस हाल के वर्षों में उन्नत कृत्रिम बुद्धिमत्ता के खतरों को लेकर लगातार चेतावनी देते रहे हैं। उनका मानना है कि यदि इस तकनीक पर तुरंत कड़ा नियंत्रण नहीं किया गया तो यह मानव नियंत्रण से बाहर हो सकती है। ट्रिस्टन हैरिस ने हाल ही में एनबीसी न्यूज से बातचीत करते हुए कहा था कि अगर सही समय पर कड़े कदम नहीं उठाए गए तो बहुत देर हो जाएगी।\n\nसंस्थान ने एआई के अनियंत्रित विकास को रोकने के लिए एक बड़े वैश्विक ज्ञापन पर हस्ताक्षर जुटाने का अभियान चलाया था और अमेरिकी संसद में चैटबॉट्स के खतरों पर सुनवाई आयोजित कराने में अहम भूमिका निभाई थी। इसके अलावा संगठन ने एआई प्रयोगशालाओं की डिजाइनिंग पर सवाल उठाने वाले मुकदमों और जांचों में भी कानूनी सलाह दी थी। इनमें ओपनएआई के खिलाफ दायर वह चर्चित मुकदमा भी शामिल है, जिसमें चैटजीपीटी से बातचीत के बाद एक किशोर द्वारा आत्महत्या किए जाने पर परिजनों ने कानूनी दावा ठोका था। ट्रिस्टन हैरिस पिछले महीने नेटफ्लिक्स पर जारी वृत्तचित्र द एआई डॉक में भी नजर आए थे, जिसमें जनता से अपील की गई थी कि वे संसद पर इस तकनीक के खतरों से सुरक्षा नियम बनाने का दबाव डालें।\n\nसंगठन के भीतर प्राथमिकताओं को लेकर वर्षों से जारी खींचतान\nसाल 2017 में स्थापित हुआ सेंटर फॉर ह्यूमन टेक्नोलॉजी एआई नीतियों और प्राथमिकताओं को तय करने के लिए फंडिंग और ध्यान आकर्षित करने के मामले में कई पुराने और नए गैर-लाभकारी समूहों से मुकाबला करता रहा है। ओपनएआई और अन्य प्रयोगशालाओं के एआई एजेंटों से जुड़े साइबर हमलों ने यह मांग फिर तेज कर दी है कि टेक डेवलपर्स को सिस्टम की विफलताओं के लिए कानूनी रूप से जिम्मेदार ठहराया जाए। लगभग 60 लाख डॉलर के वार्षिक बजट और इतनी ही आरक्षित धनराशि वाले इस संस्थान को संपन्न परिवारों और परोपकारी फाउंडेशनों से वित्तीय मदद मिलती रही है।\n\nहालांकि, अब जब संगठन ट्रिस्टन हैरिस की व्यक्तिगत छवि पर पूरी तरह दांव लगा रहा है, तो कुछ पूर्व कर्मियों को यह चिंता सता रही है कि लोकतंत्र और नागरिक स्वतंत्रताओं पर एआई के तात्कालिक प्रभावों से ध्यान भटक सकता है। शुरुआती दिनों में संगठन को सोशल मीडिया रणनीति पर सलाह देने वाली गेल बार्न्स का कहना है कि बोर्ड उन प्रयासों को बंद कर रहा है जो ट्रिस्टन हैरिस की लोकप्रियता को कंपनियों के भीतर वास्तविक और स्थायी बदलाव के दबाव में बदलने के लिए तैयार किए गए थे।\n\nगेल बार्न्स का मानना है कि इस कदम को समझदारी माना जाए या पीछे हटना, यह इस बात पर निर्भर करता है कि एआई के सामने मुख्य अड़चन क्या है। क्या अड़चन यह है कि लोगों ने अभी तक तर्क सुना नहीं है, या फिर यह कि तर्क के पास संस्थागत ताकत नहीं बची है। संगठन ने जनसंचार के पहले रास्ते को प्राथमिकता दी है। ट्रिस्टन हैरिस को मीडिया और नीतिगत मंचों पर प्रभावशाली बयानों के लिए जाना जाता है। उनके पूर्व सहयोगियों का मानना है कि वे बेहद कुशल वक्ता हैं और उन्होंने अपनी प्रतिभा का उपयोग सिलिकॉन वैली के कामकाज के तरीकों पर सवाल उठाने में किया।\n\nसिलिकॉन वैली की अंतर्कथा और द सोशल डिलेमा का असर\nट्रिस्टन हैरिस ने इस संस्थान की स्थापना आजा रास्किन और रैंडी फर्नांडो के साथ मिलकर की थी। आजा रास्किन को इनफिनिट स्क्रॉल फीचर के आविष्कारक के रूप में जाना जाता है, जबकि रैंडी फर्नांडो एनवीडिया में डेवलपर एजुकेशन से जुड़े रहे थे। संस्थान का मूल उद्देश्य तकनीकी कंपनियों को उनके उत्पादों के सामाजिक दुष्प्रभावों के प्रति जवाबदेह बनाना था। शुरुआती दिनों में संस्थान का ध्यान राजनीतिक ध्रुवीकरण और किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य पर केंद्रित था। ट्रिस्टन हैरिस द्वारा इन समस्याओं को समझाने के लिए गढ़े गए शब्दों को पूरे सिलिकॉन वैली में व्यापक रूप से अपनाया गया।\n\nइस साल अदालती दस्तावेजों में सामने आए मेटा के आंतरिक रिकॉर्ड से पता चला कि कंपनी के शोधकर्ता 2018 में ही ट्रिस्टन हैरिस से संपर्क साधने पर विचार कर रहे थे। उस समय यह चेतावनी मुख्यधारा में आ रही थी कि मोबाइल ऐप्स को जानबूझकर लत लगाने वाले तरीके से डिजाइन किया गया है। साल 2020 में नेटफ्लिक्स पर आई डॉक्यूमेंट्री द सोशल डिलेमा ने ट्रिस्टन हैरिस की राष्ट्रीय पहचान को कई गुना बढ़ा दिया। तकनीकी क्षेत्र में जवाबदेही तय करने वाले एक अन्य गैर-लाभकारी संगठन के प्रमुख ने स्वीकार किया कि इस वृत्तचित्र ने टेक अकाउंटेबिलिटी को एक सशक्त आंदोलन बनाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी।\n\nमगर संगठन के भीतर प्राथमिकताओं को लेकर ट्रिस्टन हैरिस और उनकी टीम के बीच मतभेद गहराते रहे। विवाद इस बात पर था कि ध्यान उपभोक्ताओं पर दिया जाए, तकनीकी कंपनियों पर या फिर कानून निर्माताओं पर। पूर्व कर्मियों के अनुसार, तेजी से बदलते निर्णयों और संस्था के अस्थिर माहौल के कारण कई सहयोगियों में निराशा बढ़ रही थी। प्रेमल शाह ने हालांकि इस असंतोष के दावों को खारिज करते हुए कहा कि मिशन की गंभीरता के कारण संस्थान का काम हमेशा तेज गति से चलता रहा है।\n\nआंतरिक परियोजनाएं और प्रबंधन शैली के टकराव\nसंस्थान ने एक समय ऐसे तकनीकी कर्मचारियों के लिए ऑनलाइन पाठ्यक्रम शुरू किया था जो अधिक मानवीय और नैतिक सिस्टम बनाना सीखना चाहते थे। इसमें हजारों लोगों ने हिस्सा लिया, लेकिन ट्रिस्टन हैरिस का ध्यान एआई पर केंद्रित होने के बाद इसे बंद कर दिया गया। इसी तरह स्क्रीन टाइम को समझने के लिए शिक्षकों के लिए संसाधन तैयार करने की एक अन्य योजना भी ठंडे बस्ते में डाल दी गई। कुछ पूर्व कर्मियों ने आरोप लगाया कि संगठन धीरे-धीरे ट्रिस्टन हैरिस की व्यक्तिगत आवाज को दुनिया तक पहुंचाने का जरिया बनता चला गया।\n\nट्रिस्टन हैरिस और आजा रास्किन के पॉडकास्ट और वीडियो काफी लोकप्रिय रहे और उन्हें बड़े अमेरिकी सांसदों और टेक कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों से निजी बैठकों का अवसर मिला। कुछ पूर्व कर्मियों का मानना था कि संगठन ने बुनियादी स्तर पर जमीनी सक्रियता के बजाय केवल प्रभावशाली और शक्तिशाली लोगों तक पहुंच बनाने की रणनीति अपनाई, जो उनके विचार में उचित नहीं थी। इसके विपरीत प्रेमल शाह का तर्क है कि व्यापक जनसंचार के जरिए जमीनी दबाव बनता है, जो अंततः नीति निर्माताओं को कदम उठाने के लिए बाध्य करता है। उन्होंने ट्रिस्टन हैरिस को उन गिने-चुने लोगों में से एक बताया जो हर राजनीतिक विचारधारा के बड़े दर्शकों से प्रभावी संवाद कर सकते हैं।\n\nकुछ पूर्व कर्मियों ने यह भी आरोप लगाया कि संस्थापक सिलिकॉन वैली के अंदरूनी दायरे का हिस्सा बने रहना चाहते थे, इसलिए वे उन कंपनियों की खुली आलोचना करने से कतराते थे जहां वे या उनके करीबी संपर्क पहले काम कर चुके थे। हालांकि प्रेमल शाह ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि संगठन ने हमेशा कंपनियों के प्रति कड़ा रुख अपनाया है। वर्ष 2023 में एक स्टाफ रिट्रीट के दौरान व्यक्तिगत विश्वास बहाली से जुड़े अभ्यासों को लेकर कर्मचारियों में भारी असंतोष पैदा हुआ था, जिसके बाद स्वतंत्र बोर्ड सदस्यों के हस्तक्षेप से ट्रिस्टन हैरिस ने कार्यकारी निदेशक का पद छोड़कर अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली थी। प्रेमल शाह ने इस बात से इनकार किया कि हैरिस की भूमिका में बदलाव उस रिट्रीट की घटनाओं से जुड़ा था, बल्कि इसे काम करने के दृष्टिकोण में अंतर का परिणाम बताया।\n\nअदालती मुकदमों में मिली कामयाबी और भावी दिशा\nआंतरिक तनावों के बावजूद, टेक कंपनियों को कानूनी कटघरे में खड़ा करने की रणनीति बेहद असरदार साबित हुई थी। साल 2021 में अमेरिका भर के स्टेट अटॉर्नी जनरल ने मेटा के खिलाफ जांच शुरू की और बाद में किशोरों तथा अभिभावकों को गुमराह करने के आरोप में कंपनी पर मुकदमा दायर किया। इस साल मेटा कुछ मुकदमों को अरबों डॉलर चुकाकर निपटाने पर सहमत हुई। अदालती जूरी, जिसने आजा रास्किन की गवाही भी सुनी, ने अलग-अलग मामलों में कंपनी पर भारी जुर्माना तय किया। अन्य सोशल मीडिया कंपनियों ने भी इस साल इसी तरह के मुकदमों में समझौते किए हैं।\n\nएक अन्य गैर-लाभकारी संगठन के अधिकारी ने कहा कि अदालतों और विधानसभाओं में संस्थान का शांत रहकर किया गया तकनीकी काम बेहद सराहनीय था, और उससे पीछे हटना निराशाजनक है। उनका मानना था कि वास्तविक बदलाव संस्थागत और लोकतांत्रिक आंदोलनों से आता है, न कि केवल चर्चित चेहरों और बंद कमरों की बैठकों से। कुछ पूर्व कर्मचारी तंज कसते हुए कहते हैं कि यह संगठन अब सिर्फ ट्रिस्टन हैरिस की मदद करने वाला मंच बनता दिख रहा है, जबकि बोर्ड अध्यक्ष प्रेमल शाह का कहना है कि संगठन का एकमात्र संकल्प यह सुनिश्चित करना है कि आज की सबसे प्रभावशाली तकनीकें मानवता की सेवा करें।\n\nइसका आप पर असर\nयह पुनर्गठन डिजिटल सुरक्षा, सोशल मीडिया जवाबदेही और एआई नियमों की दिशा में काम करने वाले वैश्विक परिदृश्य को सीधे प्रभावित करता है।\n\n• आम उपयोगकर्ताओं के लिए: सोशल मीडिया कंपनियों के खिलाफ कानूनी और तकनीकी लड़ाई में स्वतंत्र विशेषज्ञों की मदद घट सकती है। इसका सीधा मतलब यह है कि बच्चों की सुरक्षा और स्क्रीन की लत पर लगाम लगाने के लिए अब तकनीकी शोध के बजाय केवल सार्वजनिक अभियानों पर निर्भर रहना पड़ेगा।\n• तकनीकी कर्मियों के लिए: नैतिक और मानवीय सॉफ्टवेयर डिजाइन सिखाने वाले मुफ्त प्रशिक्षण कार्यक्रम बंद हो गए हैं। जो डेवलपर्स अधिक सुरक्षित सिस्टम बनाना चाहते हैं, उन्हें अब अन्य स्वतंत्र संसाधनों और अकादमिक संस्थानों की ओर देखना होगा।\n• एआई नीति निर्माण पर: संस्था अब अदालतों और नीतिगत दस्तावेजों के बजाय बड़े भाषणों और वृत्तचित्रों पर ध्यान केंद्रित करेगी। इससे टेक कंपनियों की जवाबदेही तय करने वाले कानूनी मुकदमों को मिलने वाला प्रत्यक्ष तकनीकी समर्थन सीमित हो सकता है।\n• सिलिकॉन वैली की जवाबदेही: आंतरिक शोध और मुकदमों के बजाय हाई-प्रोफाइल बैक-रूम वार्ताओं को प्राथमिकता दी जाएगी। टेक कंपनियों पर वास्तविक जवाबदेही तय करने के नियम बनाने में कानूनी गति धीमी पड़ सकती है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह रणनीतिक बदलाव संगठन के आंतरिक मतभेदों, वित्तीय और कार्यबल संसाधनों के अत्यधिक बिखराव तथा एआई के बढ़ते खतरों के बीच प्राथमिकताओं को फिर से तय करने के कारण हुआ है।\n\n• संसाधनों का अत्यधिक बिखराव: संगठन एक साथ थिंक टैंक और अभियान दल दोनों की भूमिका निभाने में असमर्थ हो रहा था। निदेशक मंडल ने माना कि दोनों काम एक साथ चलाने से संगठन की क्षमताएं बंट रही थीं, इसलिए उन्होंने संस्थापक-केंद्रित प्रचार मॉडल को चुना।\n• एआई प्राथमिकताओं का उभार: सोशल मीडिया की लत से ध्यान हटकर अब उन्नत कृत्रिम बुद्धिमत्ता के अस्तित्व संबंधी खतरों पर चला गया है। संस्थापकों का मानना है कि इस समय एआई के जोखिमों पर वैश्विक स्तर पर ध्यान आकर्षित करना सबसे बड़ा लक्ष्य होना चाहिए।\n• आंतरिक कार्यशैली और असंतोष: बदलती प्राथमिकताओं और कार्य संस्कृति को लेकर कर्मचारियों और संस्थापकों के बीच लंबे समय से तनाव था। इसके चलते प्रमुख निदेशकों सहित कर्मचारियों को बाहर किया गया और संचालन पूरी तरह संस्थापकों के हाथ में सौंप दिया गया।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. सेंटर फॉर ह्यूमन टेक्नोलॉजी ने कर्मचारियों की छंटनी क्यों की?\nनिदेशक मंडल ने पाया कि एक साथ थिंक टैंक और जन-वकालत समूह चलाना संसाधनों को बहुत अधिक बिखेर रहा था, इसलिए उन्होंने संस्थापकों के नेतृत्व में एआई जागरूकता पर ध्यान केंद्रित करने का फैसला किया।\n\n2. संगठन के किन प्रमुख अधिकारियों ने पद छोड़ा है?\nकार्यकारी निदेशक जूली गुइराडो और रणनीति की वरिष्ठ निदेशक कैमिल कार्लटन सहित कुल नौ कर्मचारियों ने संगठन छोड़ा है।\n\n3. संगठन अब कौन से कार्य बंद कर रहा है?\nसंगठन अब अदालती मुकदमों में तकनीकी सहायता देने, एआई उपकरणों का तकनीकी मूल्यांकन करने और नीतिगत शोध पत्र तैयार करने का काम बंद कर रहा है।\n\n4. सेंटर फॉर ह्यूमन टेक्नोलॉजी का वार्षिक बजट कितना है?\nसंगठन का वार्षिक बजट लगभग 60 लाख डॉलर है और इसके पास इतनी ही धनराशि वित्तीय आरक्षित कोष में रखी हुई है।\n\n5. ट्रिस्टन हैरिस की नई भूमिका और कार्ययोजना क्या है?\nट्रिस्टन हैरिस अध्यक्ष के रूप में जन-शिक्षा, मीडिया अभियानों, सम्मेलनों और प्रभावशाली नीति-निर्माताओं के साथ निजी बैठकों के जरिए एआई जोखिमों पर ध्यान केंद्रित करेंगे।",
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  "publishedAt": "2026-10-08",
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