# जेनरेटिव एआई ऐप के नए टूल ने खोला राज, क्या फेनिक्स और टायगा के गानों में हुआ कृत्रिम बुद्धिमत्ता का इस्तेमाल?

> म्यूजिक इंडस्ट्री में यह बहस तेज हो गई है कि क्या हिट गाना रबर्ज पूरी तरह से एआई जनरेटेड था, क्योंकि एक एआई म्यूजिक ऐप ने इन गानों को पकड़ने वाला नया डिटेक्टर लॉन्च कर दिया है।

**Type:** article · **Category:** तकनीक · **Published:** 2026-08-03 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/technology/did-an-ai-music-app-just-snitch-on-the-song-of-the-summer-13329 · **Language:** Hindi
**Tags:** एआई म्यूजिक, फेनिक्स फ्लेक्सिन, टायगा, म्यूजिक टेक, एआई डिटेक्टर, म्यूजिक इंडस्ट्री

जून महीने में रिलीज हुआ एक गाना इन दिनों बिलबोर्ड हॉट 100 चार्ट पर 58वें नंबर पर अपनी जगह बनाए हुए है और इसके म्यूजिक वीडियो को 7 मिलियन बार देखा जा चुका है। गाने के बोलों में पैसों और गहनों का जिक्र है और डिप्रेशन के साथ-साथ रईसी दिखाने वाले डबल मीनिंग शब्दों का इस्तेमाल किया गया है। लेकिन इस ट्रैक के साथ दो बड़े दिलचस्प पहलू जुड़े हुए हैं। पहला यह कि यह कोई पारंपरिक रैप गाना नहीं है, बल्कि एक सिंथ-पॉप धुन है जो अस्सी के दशक की याद दिलाती है। दूसरा यह कि जब से यह बाजार में आया है, तब से इस बात पर बहस छिड़ी हुई है कि इसे पूरी तरह या आंशिक रूप से एआई की मदद से तैयार किया गया था।

## एआई म्यूजिक ऐप के डिटेक्टर ने खोली पोल
यह विवाद तब अपने चरम पर पहुंच गया जब एक स्वतंत्र संगीत निर्माता ने दावा किया कि उसने यह पता लगा लिया है कि रैपर Fenix ने अपने गाने को किस तरह तैयार किया था। इसके अलावा यह भी सामने आया कि उसी लेबल के दूसरे कलाकार Tyga ने भी कम पहचानी जाने वाली एक एआई म्यूजिक ऐप का इस्तेमाल करके अस्सी के दशक की शैली वाले गाने बनाए हैं। अब उसी एआई म्यूजिक ऐप के निर्माताओं ने इन दोनों कलाकारों के गानों की पोल खोल दी है। इस ऐप में जोड़े गए नए बिल्ट-इन डिटेक्टर ने इन दोनों कलाकारों के गानों को एआई जनरेटेड होने का संकेत दिया है।

## आवाज में बदलाव और कलाकारों के दावे
दर्शकों और श्रोताओं को शुरुआत से ही इस गाने पर संदेह था क्योंकि यह उस शैली से अलग था जिसे यह कलाकार आम तौर पर अपनाता है और इसमें उसकी असली आवाज भी मेल नहीं खाती थी। Fenix Flexin पूर्वी हॉलीवुड में बड़े हुए हैं और जब उन्होंने दशक के अंत में Shoreline Mafia ग्रुप के साथ शुरुआत की थी, तो उनकी नाक से बोली जाने वाली अनूठी आवाज से उन्हें आसानी से पहचाना जा सकता था। हालांकि जून में आए उनके इस नए गाने में आवाज पूरी तरह से अलग और चमकदार सुनाई देती है। इन दावों के बीच कलाकारों और उनके निर्माता Purps on the Beat ने हर बार एआई के इस्तेमाल से इंकार किया है। Fenix ने एक साक्षात्कार में बताया था कि उन्होंने इसके बोल खुद बनाए थे और सोशल मीडिया पर लोगों को जवाब देते हुए कहा था कि उन्होंने इसमें किसी तकनीक का गलत इस्तेमाल नहीं किया है।

## निर्माता Medasin का बड़ा खुलासा
जब बहस थमती नहीं दिख रही थी, तब एक अन्य निर्माता Medasin ने एक वीडियो जारी करके दावा किया कि उन्होंने Fenix की तकनीक का राज़ पा लिया है। उनका कहना था कि इसके लिए लोकप्रिय टूल्स Suno या Udio का नहीं, बल्कि Treblo नाम की एक कम चर्चित ऐप का इस्तेमाल किया गया था। इस निर्माता ने अपने दावे को साबित करने के लिए बताया कि इस ऐप का नाम गाना रिलीज होने से कुछ दिन पहले तक Sonauto हुआ करता था। उन्होंने एक पुराने इंस्टाग्राम पोस्ट का स्क्रीनशॉट दिखाते हुए कहा कि उस फाइल के नाम में वही पुराना नाम जुड़ा हुआ था। इसके अलावा उन्होंने उसी ऐप पर समान प्रॉम्प्ट का इस्तेमाल करके बिल्कुल वैसा ही गाना बनाकर दिखाया जिसके बोल और संरचना काफी हद तक मिलते-जुलते थे।

## परियोजना फाइल विवाद और डिलीट किया गया वीडियो
जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, Fenix ने अपनी इंस्टाग्राम प्रोफाइल पर एक वीडियो साझा किया जिसमें उन्होंने गाने की मूल प्रोजेक्ट फाइल दिखाई। उनका दावा था कि यह इस बात का सबूत है कि गाना स्टूडियो में शून्य से तैयार किया गया था। हालांकि अन्य संगीतकारों ने तुरंत उस फाइल पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह किसी मौजूदा गाने से अलग किए गए वोकल्स जैसी लगती है। कुछ ही घंटों बाद उस पोस्ट को डिलीट कर दिया गया और किसी भी पक्ष की तरफ से इस पर कोई सफाई नहीं दी गई। इसके तुरंत बाद उसी निर्माता ने एक और वीडियो जारी कर दावा किया कि Tyga की नई परियोजना में भी इसी तकनीक का उपयोग किया गया है।

## ऐप के सह-संस्थापक का बयान और नया डिटेक्टर
इस पूरे घटनाक्रम के बीच एआई ऐप के सह-संस्थापक Ryan Tremblay ने टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि किसी ने उनके मॉडल का उपयोग करके एक ऐसा संगीत तैयार किया है जिससे लाखों लोग जुड़ गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कंपनी को इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि ऐसा कोई गाना बिलबोर्ड चार्ट तक पहुंच जाएगा। इस बीच ऐप निर्माताओं ने एक नया डिटेक्टर पेज लाइव कर दिया है, जिसकी मदद से यह जांचा जा सकता है कि कोई गाना इसी ऐप से बना है या नहीं। इस डिटेक्टर में जब संदेहास्पद गानों को परखा गया, तो परिणाम में दोनों ही गानों को इसी तकनीक से बना हुआ पाया गया। डेवलपर्स का दावा है कि इस डिटेक्टर में गलत परिणाम आने की संभावना दस हजार में से एक से भी कम है।

## संगीत जगत में एआई के भविष्य पर बहस
इस तकनीक के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर श्रोताओं की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। एक तरफ जहां कई लोग इस बात से नाराज हैं कि कलाकारों ने सच्चाई छिपाई, वहीं दूसरी तरफ कुछ प्रशंसकों का कहना है कि उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि गाना किसने या किस तकनीक से बनाया है। इस पूरे विवाद पर राय रखते हुए तकनीक का खुलासा करने वाले निर्माता का कहना है कि वह संगीत में एआई के विरोधी नहीं हैं, लेकिन कलाकारों को अपने श्रोताओं के साथ पारदर्शी होना चाहिए ताकि लोग खुद सही फैसला ले सकें। उनका मानना है कि मानवीय भावनाओं और अनुभवों से जुड़े संगीत उद्योग में यह एक बेहद संवेदनशील मोड़ है।

## इसका आप पर असर
**पाठकों के लिए असर:**

- **एडिशनल टेक प्रभाव:** संगीत प्रेमियों और श्रोताओं को अब ऑनलाइन गानों की प्रामाणिकता जांचने के लिए नए एआई डिटेक्टर टूल्स का सामना करना पड़ेगा।
- **मनोरंजन उद्योग:** कलाकारों और रिकॉर्ड लेबल पर भविष्य में यह दबाव बढ़ सकता है कि वे अपने गानों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाली तकनीकों का खुलासा करें।

## सवाल-जवाब

### 1. रबर्ज गाना किस कलाकार द्वारा रिलीज किया गया था?
यह गाना फेनिक्स द्वारा जून में रिलीज किया गया था जो बिलबोर्ड चार्ट पर शामिल हुआ।

### 2. किस ऐप ने गानों के एआई होने का दावा किया?
ट्रेब्लो नामक एआई म्यूजिक ऐप ने अपने नए डिटेक्टर के जरिए इन गानों को चिह्नित किया है।

### 3. Medasin ने वीडियो में क्या दावा किया था?
उन्होंने दिखाया कि कैसे एक खास एआई ऐप का इस्तेमाल करके वैसे ही गाने और बोल तैयार किए जा सकते हैं।

### 4. ऐप के सह-संस्थापक रयान ट्रेम्बले ने क्या प्रतिक्रिया दी?
उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि उनके मॉडल का उपयोग करके ऐसा लोकप्रिय गाना बनाया गया है।

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