# दूरसंचार विभाग की नई पहल, 9 से अधिक सिम रखने वालों की फोटो डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म पर होगी दर्ज

> साइबर अपराधों पर रोक लगाने के लिए दूरसंचार विभाग ने सिम नियमों को कड़ा किया है। 9 से अधिक एक्टिव कनेक्शन वाले ग्राहकों की फोटो डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म पर अपलोड होगी ताकि फर्जी सिम की बिक्री पर पूरी तरह रोक लग सके।

**Type:** article · **Category:** तकनीक · **Published:** 2026-08-19 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/technology/durasnchara-vibhaga-ki-nai-pahala-9-se-adhika-sima-rakhane-valon-ki-photo-digital-intelligence-platform-para-hogi-darja-18345 · **Language:** Hindi
**Tags:** दूरसंचार विभाग, सिम कार्ड नियम, डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म, साइबर अपराध, जियो, एयरटेल, वोडाफोन-आइडिया

देश में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों और फर्जी सिम के जरिए होने वाली वित्तीय धोखाधड़ी पर लगाम लगाने के लिए दूरसंचार विभाग ने एक बेहद महत्वपूर्ण और कड़ा कदम उठाया है। सिम कार्ड जारी करने और उन्हें सक्रिय रखने से जुड़े नियमों को अत्यधिक सख्त बनाया जा रहा है ताकि अपराधियों और जालसाजों तक फर्जी मोबाइल नंबरों की पहुंच को पूरी तरह से समाप्त किया जा सके। नए नियम के तहत किसी भी एक नागरिक के नाम पर जारी होने वाले कुल मोबाइल कनेक्शनों की संख्या को स्पष्ट रूप से सीमित कर दिया गया है। तय सीमा से अधिक सिम कार्ड रखने वाले लोगों पर अब सरकार और टेलीकॉम कंपनियां सीधे डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म के जरिए नजर रखेंगी।

## कनेक्शन सीमा और राज्यों के अनुसार विशेष नियम
दूरसंचार विभाग द्वारा निर्धारित किए गए नए दिशानिर्देशों के मुताबिक, सामान्य परिस्थितियों में देश का कोई भी व्यक्ति अपने नाम पर अधिकतम 9 सिम कार्ड ही हासिल कर सकता है। इस सीमा से अधिक मोबाइल नंबर किसी भी स्थिति में किसी उपभोक्ता को जारी नहीं किए जाएंगे। हालांकि, देश के भौगोलिक और सुरक्षा परिदृश्य को देखते हुए कुछ राज्यों में इस सीमा को और भी कम रखा गया है। जम्मू-कश्मीर, असम और पूर्वोत्तर के राज्यों में यह अधिकतम सीमा सिर्फ 6 सिम कार्ड प्रति व्यक्ति तय की गई है। सरकार का स्पष्ट तौर पर मानना है कि एक ही व्यक्ति के नाम पर बड़ी संख्या में सिम कार्ड एक्टिव रहने से फर्जी गतिविधियों, अवैध कॉल और साइबर अपराधों को बढ़ावा मिलता है, इसलिए इस पर सख्त सीमा लगाना अनिवार्य हो गया था।

## डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म पर अपलोड होगी फोटो
फर्जी सिम कार्ड बनाने और उन्हें अवैध तरीके से बेचने वाले गिरोहों पर शिकंजा कसने के लिए इसी हफ्ते से एक नई डिजिटल निगरानी व्यवस्था की शुरुआत की जा रही है। इस व्यवस्था के अंतर्गत जिन उपभोक्ताओं के नाम पर पहले से ही 9 सिम कार्ड चालू हैं, उनकी फोटो को डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म के डेटाबेस में अपलोड किया जाएगा। यह प्लेटफॉर्म एक अत्याधुनिक डिजिटल निगरानी प्रणाली के रूप में काम करता है, जो देश भर में हर नागरिक के नाम पर चल रहे कुल मोबाइल कनेक्शनों की संख्या का वास्तविक हिसाब-किताब रखता है।

डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म पर दर्ज फोटो और विवरण देश की सभी प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों जैसे जियो, एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया के साथ-साथ संबंधित सरकारी विभागों और जांच अधिकारियों को स्पष्ट रूप से दिखाई देंगे। जब भी कोई व्यक्ति नया मोबाइल सिम लेने के लिए आवेदन करेगा, तो टेलीकॉम कंपनियां इस प्लेटफॉर्म पर मौजूद डेटा देखकर तुरंत पहचान लेंगी कि संबंधित ग्राहक अपनी निर्धारित सीमा पूरी कर चुका है या नहीं। यदि किसी व्यक्ति के नाम पर पहले से 9 कनेक्शन सक्रिय हैं, तो उसे नया सिम कार्ड बिल्कुल भी जारी नहीं किया जाएगा।

## 30 नवंबर 2026 तक रियल-टाइम चेकिंग व्यवस्था होगी अनिवार्य
सिम कार्ड एक्टिवेशन की इस पूरी प्रक्रिया को फुलप्रूफ और पारदर्शी बनाने के लिए समयसीमा भी निश्चित कर दी गई है। दूरसंचार विभाग ने पूरे वेरिफिकेशन प्रोसेस को 30 नवंबर 2026 तक अनिवार्य रूप से रियल-टाइम सिस्टम में शामिल करने का निर्देश दिया है। रियल-टाइम व्यवस्था लागू होने का मतलब यह है कि जब भी किसी नए सिम कार्ड का एक्टिवेशन किया जाएगा, उसी समय डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म से अपने आप जांच हो जाएगी कि उस आवेदक के नाम पर पहले से कितने मोबाइल कनेक्शन चल रहे हैं। यदि सिस्टम में यह पाया जाता है कि ग्राहक की सीमा पूरी हो चुकी है, तो नए सिम के एक्टिवेशन पर तुरंत रोक लगा दी जाएगी।

## साइबर क्राइम पर अंकुश और उपभोक्ताओं के लिए जरूरी सलाह
सरकार द्वारा उठाया गया यह बड़ा कदम मुख्य रूप से ऑनलाइन फ्रॉड और वित्तीय अपराधों को रोकने के लिए केंद्रित है। मौजूदा समय में साइबर अपराधी फर्जी सिम कार्ड का इस्तेमाल करके लोगों के बैंक खातों से OTP चुरा लेते हैं और खातों को खाली कर देते हैं। इसके अलावा कई तरह के ऑनलाइन स्कैम और अपराध भी फर्जी सिम के माध्यम से ही अंजाम दिए जाते हैं। अब एक व्यक्ति के पास सीमित संख्या में ही सिम रहने से ऐसे अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगेगा और अनावश्यक सिम कार्ड कम होने से पूरा टेलीकॉम सिस्टम अधिक सुरक्षित बनेगा।

इस नई व्यवस्था से आम नागरिकों को काफी राहत मिलेगी और उनका डिजिटल अनुभव अधिक सुरक्षित होगा। सरकार और टेलीकॉम कंपनियों ने ग्राहकों को यह सलाह दी है कि वे अपनी वास्तविक जरूरत के हिसाब से ही सिम कार्ड अपने पास रखें। यदि किसी व्यक्ति के पास अपनी आवश्यकता से अधिक सिम कार्ड हैं, तो उन्हें तुरंत संबंधित कंपनी के पास जाकर सरेंडर कर देना चाहिए। अत्यधिक सिम सरेंडर कर देने से भविष्य में नया सिम कार्ड लेते समय उपभोक्ता को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। टेलीकॉम कंपनियां भी अब इन नियमों का पूरी सख्ती से पालन करेंगी और नए सिम जारी करते समय अत्यधिक सतर्कता बरतेंगी।

## इसका आप पर असर
- **भारत में:** 9 से अधिक मोबाइल सिम रखने पर नया कनेक्शन नहीं मिलेगा और फोटो डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज होगी, जिससे साइबर फ्रॉड पर रोक लगेगी।
- **जम्मू-कश्मीर, असम और पूर्वोत्तर राज्यों में:** यहां सुरक्षा कारणों से प्रति व्यक्ति अधिकतम 6 सिम कार्ड की सीमा लागू रहेगी, जिससे अतिरिक्त सिम तुरंत सरेंडर करने होंगे।

## सवाल-जवाब

### 1. एक व्यक्ति अपने नाम पर अधिकतम कितने सिम कार्ड ले सकता है?
सामान्य मामलों में एक व्यक्ति अपने नाम पर अधिकतम 9 सिम कार्ड ले सकता है। हालांकि जम्मू-कश्मीर, असम और पूर्वोत्तर के राज्यों में यह सीमा 6 सिम कार्ड रखी गई है।

### 2. डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म पर किसकी फोटो अपलोड की जाएगी?
जिन उपभोक्ताओं के नाम पर 9 से अधिक active सिम कार्ड दर्ज हैं, उनकी फोटो निगरानी के लिए डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म पर डाली जाएगी।

### 3. क्या 9 से अधिक सिम होने पर नया सिम कार्ड मिलेगा?
नहीं, जब भी कोई उपभोक्ता 9 सिम की सीमा पार कर लेगा, तो टेलीकॉम कंपनियां इस प्लेटफॉर्म के जरिए पहचान करके नया सिम जारी करने से इनकार कर देंगी।

### 4. रियल-टाइम चेकिंग व्यवस्था कब से अनिवार्य होगी?
सिम कार्ड एक्टिवेशन के दौरान डिजिटल प्लेटफॉर्म से तुरंत जांच करने की रियल-टाइम व्यवस्था को 30 नवंबर 2026 तक अनिवार्य रूप से लागू करना होगा।

### 5. जरूरत से ज्यादा सिम होने पर उपभोक्ता को क्या करना चाहिए?
उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे अनावश्यक सिम कार्डों को संबंधित टेलीकॉम कंपनी के पास जाकर सरेंडर कर दें ताकि भविष्य में परेशानी न हो।

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